नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में ड्रग्स डी-एडिक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अवसाद (डिप्रेशन), चिंता (एंग्ज़ायटी), उन्माद (मेनिया) तथा अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, उनके लक्षण, बचाव और उपचार पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में सदर अस्पताल, समस्तीपुर के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कुमार उत्कर्ष ने अपने संबोधन में कहा, “नशे की लत न केवल शारीरिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी और मेनिया जैसी स्थितियां समय रहते पहचान और उपचार की मांग करती हैं। आत्म-जागरूकता, सकारात्मक दिनचर्या और विशेषज्ञ की सलाह इन समस्याओं से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।”
ब्लॉक हेल्थ मैनेजर फिरदौस आलम ने प्रशासन द्वारा संचालित नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए छात्रों को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. एम. तुगनायत ने अपने संबोधन में कहा, “युवा पीढ़ी का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को सही मार्गदर्शन और नकारात्मक आदतों से दूरी बनाने में सहायक होते हैं।”
कार्यक्रम का सफल संचालन समन्वयक स्वाति कृष्णा ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रमुख कुमार सागर वार्डन आशीष कुमार एवं कॉलेज के सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे और उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

