Vijay Sinha: बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के तौर पर अपने 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. सोमवार को पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने विभाग की 34 प्रमुख उपलब्धियों को गिनाया.
सिन्हा ने कहा कि इन 100 दिनों में राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर खास जोर दिया गया. अब जमीन से जुड़ी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं.
बिहार भूमि पोर्टल से ऑनलाइन हुई जमीन की सेवाएं
डिप्टी CM ने बताया कि विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि बिहारभूमि पोर्टल को मजबूत बनाना है. अब जमीन से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं. इससे आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं. साथ ही दलाल और मुंशी प्रथा पर भी सख्ती की गई है. उन्होंने कहा कि भू-माफिया के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
शिकायतों के लिए शुरू हुआ ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जमीन से जुड़े मामलों की शिकायत और समाधान के लिए 12 दिसंबर से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है. इस पहल के जरिए लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जा रहा है और उनका त्वरित समाधान करने की कोशिश की जा रही है.
जमीन की मापी के लिए तय की गई समय सीमा
राजस्व विभाग ने जमीन की मापी के लिए भी समय सीमा तय की है. अब अविवादित जमीन की मापी 7 दिनों के भीतर और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था लागू की गई है. इससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
14 दिनों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी
सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर लंबित मामलों को सलटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. अब जिन मामलों में कोई आपत्ति नहीं होती, उनमें 14 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है.
भूमि विवाद में पुलिस का दखल खत्म
डिप्टी CM ने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका समाप्त कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामले राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं. इसलिए जमीन पर कब्जा दिलाना या निर्माण कराना पुलिस का काम नहीं है.
‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ की शुरुआत
जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए विभाग ने ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया है. इसके तहत पात्र लोगों को उनकी जमीन का अधिकार दिलाने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को दी गई है.
पारिवारिक बंटवारा और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन सुविधा
विभाग ने पारिवारिक बंटवारा पोर्टल भी शुरू किया है. अब लोग पारिवारिक बंटवारा और दाखिल-खारिज के लिए एक साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इससे प्रक्रिया पहले से आसान और तेज हो गई है.
46 लाख आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य
राजस्व महा-अभियान के तहत विभाग को करीब 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 31 मार्च तक सभी आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है. इनमें लगभग 40 लाख आवेदन परिमार्जन से जुड़े हैं. परिमार्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी हिस्सेदारों के नाम स्वतः अलग-अलग दाखिल-खारिज हो जाएंगे.
अन्य उपलब्धियों की लिस्ट
- राजस्व अभिलेखों की ऑनलाइन नकल
- चिरकुट फाइल से नकल निकालने की व्यवस्था समाप्त
- डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति को वैधानिक मान्यता
- फर्जी कागजात लगाने वालों पर प्राथमिकी अनिवार्य
- एक जैसे मामलों में एक जैसा न्याय सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी
- उद्योगों के लिए सभी जिलों में लैंड बैंक
- कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल
डिप्टी CM ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जमीन से जुड़े कामों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है.
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