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July 7, 2025

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Bihar News: मुजफ्फरपुर में 60 हजार होल्डिंग, महज 19 में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

देवेश कुमार/ Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर में जल संरक्षण की दिशा में लोगों की उदासीनता ने एक चौंकाने वाला सच उजागर किया है. नगर निगम ने राज्य प्रशासन को एक रिपोर्ट भेजी है. इसके मुताबिक, शहर की लगभग 60 हजार निजी होल्डिंग में से महज 19 घरों में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (वर्षा जल संचयन प्रणाली) लगी हुई है. यह स्थिति तब है, जब प्रशासन इस महत्वपूर्ण प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए होल्डिंग टैक्स में 05 फीसदी की अतिरिक्त छूट दे रही है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (30 जून तक) में होल्डिंग टैक्स जमा करने वालों को 05 प्रतिशत की सामान्य छूट का प्रावधान किया था. मुजफ्फरपुर में जल संरक्षण की अनदेखी जिन घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है, उन्हें 05 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलनी थी. यानी, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाले लोग 30 जून तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर कुल 10 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकते थे. हालांकि, इस आकर्षक छूट का लाभ उठाने वालों की संख्या बेहद निराशाजनक रही. रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर में सिर्फ 19 लोगों ने ही अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होने का दावा करते हुए इस अतिरिक्त छूट का लाभ लिया. यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद, लोग अब भी बारिश के अनमोल पानी को नालियों में बहाना पसंद कर रहे हैं. 600 के आसपास बने हैं प्रशासनी बिल्डिंग शहर में लगभग 60 हजार निजी होल्डिंग के अलावा लगभग 600 प्रशासनी इमारतें भी हैं. ऐसे में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की यह दयनीय स्थिति भविष्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है. खासकर, तब जब भूजल स्तर को बनाए रखना शहर के लिए बेहद जरूरी है. इस बार 50 फीट तक मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र का भू-जल स्तर पहुंच चुका है. आने वाले दिनों में बड़ा पेयजल संकट होगा. बावजूद, लोग वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनदेखी कर रहे हैं. पेयजल संकट से निपटने के लिए जरूरी है वाटर हार्वेस्टिंग वाटर हार्वेस्टिंग या वर्षा जल संचयन वर्तमान समय में बहुत जरूरी है. क्योंकि, यह पानी की कमी को दूर करने, भूजल स्तर को बढ़ाने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को कम करने में मदद करता है. पर्यावरण को बचाने में भी काफी सहायक है. मुजफ्फरपुर शहर का भू-जल स्तर जिस कदर से नीचे जा रहा है. यहां के लिए हर घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना बेहद जरूरी है. Also Read: कैमूर में झाड़-फूंक के चक्कर में तीन की मौत, सिविल सर्जन ने कहा- सांप काट ले तो तुरंत पहुंचे अस्पताल The post Bihar News: मुजफ्फरपुर में 60 हजार होल्डिंग, महज 19 में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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RSS: मातृभाषा में मिले प्राथमिक शिक्षा 

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक रविवार को संपन्न हुई. बैठक में जहां संगठनात्मक मामलों और संघ के शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर चर्चा की गई, वहीं संगठन ने देश के सामने मौजूद विभिन्न आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका और बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और हिंदुओं पर हमले पर भी चर्चा की गयी. बैठक में देश के अलग अलग हिस्सों से लोग आए थे. जिसमें सभी विषयों पर चर्चा हुई है. हालांकि बैठक का मुख्य उद्देश्य संघ शताब्दी वर्ष था जिसको लेकर ज्यादा चर्चा हुई. इसके साथ ही राष्ट्रीय भाषा विवाद सहित संघ से जुड़ने, संघ को जानने में युवा वर्ग के उत्साह पर भी चर्चा की गयी. संघ के शताब्दी वर्ष जो 2 अक्टूबर से शुरू होकर पूरे साल चलेगा उस पर विस्तार से चर्चा हुई. संघ के स्थापना वर्ष को लेकर पूरे साल भर तक विभिन्न प्रदेशों में चलने वाले कार्यक्रम की भी रूपरेखा पर भी मंथन किया गया. शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल और शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिंदू सम्मेलनों को आयोजन किया जायेगा. देश के विभिन्न प्रांतों की स्थिति पर चर्चा शताब्दी वर्ष के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम देश के चाऱ प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु में आयोजित होंगे. जिसमें समाज के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. सोमवार को आरएसएस की ओर से एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया गया, जिसमें अखिल हिंदुस्तानीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने  बैठक के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि तीन दिन तक चलने वाले प्रांत प्रचारकों की बैठक में तीन तरह के मुद्दों पर चर्चा की गई. जिनमें पहला संघ कार्य विस्तार, दूसरा शताब्दी वर्ष समारोह और तीसरा देश के विभिन्न प्रांतों की स्थिति पर चर्चा की गई. आंबेकर ने कहा कि बैठक में मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए संघ के प्रयास और उनके द्वारा समाज में की गयी सकारात्मक कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गयी .मणिपुर में चीजें पहले से काफी ठीक हुई हैं. मणिपुर के अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में संघ द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि  इसके साथ ही भाषा विवाद पर भी चर्चा की गई. संघ का हमेशा से मानना रहा है कि हिंदुस्तान की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषा हैं और सभी लोग पहले से अपनी भाषा में शिक्षा लेते हैं. संघ में पहले से ये बात स्थापित है. पंच निष्ठा शताब्दी वर्ष के निमित्त संघ ने समाज के समक्ष पंच परिवर्तन का विचार रखा है, इसके अंतर्गत संपूर्ण समाज की सहभागिता से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना लक्ष्य है. सामाजिक समरसता के तहत समाज में सद्भाव बढ़े, परिवारों की पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली बने, स्व-बोध का गौरव, कुटुंब में आत्मीयता व संस्कारों का वर्धन, नागरिक कर्तव्यों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़े. इसके लिए संघ के स्वयंसेवक समाज की सहभागिता से आगे बढ़ेंगे.संघ शिक्षा वर्ग पर भी बैठक में चर्चा की गई.  40 वर्ष से नीचे के 75 वर्ग लगाए गए हैं .17690 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण लिया इसमें 8812 जगहों से शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था.  40 से 60 आयु वर्ग के 25 शिक्षा वर्ग लगे हैं जिसमें 4270 लोगों ने प्रशिक्षण लिया.उन्होंने कहा कि जीवन की प्रगति आर्थिक या एक तरफ नहीं बल्कि हॉलिस्टिक रूप से हो इसपर रणनीति बनाई गई है. The post RSS: मातृभाषा में मिले प्राथमिक शिक्षा  appeared first on Naya Vichar.

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Vidur Niti: विदुर नीति के ये 6 सबक आपको देंगे हर मुश्किल में सहारा

Vidur Niti: अक्सर ऐसा होता है कि जब हमारा बुरा वक्त आता है तो हम घबरा जाते हैं और सोचने लगते हैं कि अब क्या करें. जीवन में चुनौतियां और मुश्किलों का दौर सभी के जीवन में आता हैं लेकिन इनसे निपटने का तरीका हर किसी का अलग होता है. महाहिंदुस्तान काल के महान ज्ञानी और दूरदर्शी विदुर जी ने अपनी विदुर नीति में कुछ ऐसे अनमोल सूत्र बताए हैं जो हमें ऐसे मुश्किल समय में भी शांत रहने और सही राह खोजने में मदद करते हैं. ताे चलिए जानते है उन आसान ट्रिक्स के बारे में. धैर्य और शांति बनाए रखें: विदुर नीति का पहला पाठ है कि बुरे वक्त में भी धैर्य न खोएं. जब सब कुछ गलत हो रहा हो तो शांत रहना मुश्किल लगता है पर यही वो समय है जब आपको स्थिर दिमाग से सोचना चाहिए. हड़बड़ी में लिए गए फैसले अक्सर स्थिति को और खराब करते हैं. कर्मों पर ध्यान दें : विदुर जी हमेशा कर्मों की शक्ति पर जोर देते हैं. उनका मानना है कि आपके वर्तमान कर्म ही आपके भविष्य को आकार देते हैं. इसलिए मुश्किल समय में भी अच्छे काम करते रहें ईमानदारी न छोड़ें और दूसरों का भला सोचें. आलस्य और लापरवाही छोड़ें: जब मुश्किलें आती हैं, तो कई लोग हिम्मत हारकर काम करना छोड़ देते हैं या आलसी हो जाते हैं. विदुर नीति इसके बिल्कुल खिलाफ है. वे कहते हैं कि ऐसे समय में भी सक्रिय रहें अपने कर्तव्यों का पालन करें और मेहनत से पीछे न हटें. यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है जो आपको मुश्किलों से बाहर निकालेगी. सही संगति चुनें: बुरे वक्त में गलत सलाह या गलत लोगों का साथ आपकी स्थिति को और बिगाड़ सकता है. विदुर जी सलाह देते हैं कि ऐसे समय में समझदार, नेक और सकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहें. वे आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं आपका हौसला बढ़ा सकते हैं और आपको गलति करने से रोक सकते हैं. Also Read : Vidur Niti: अगर जीवन में चाहिये पैसा और सफलता, तो इन बातों को किसी से न कहें Also Read : Vidur Niti: विदुर नीति के अनुसार, ये 5 गुण अपनाकर आप पा सकते हैं मां लक्ष्मी की कृपा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vidur Niti: विदुर नीति के ये 6 सबक आपको देंगे हर मुश्किल में सहारा appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बीएड, एमएड और बीपीएड एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट रद्द, प्रथम राउंड की ऑनलाइन काउंसेलिंग प्रक्रिया भी स्थगित

JCECEB Result 2025: रांची, राणा प्रताप-झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) ने बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश परीक्षा-2025 का प्रकाशित परीक्षाफल (रिजल्ट) रद्द कर दिया है. इसके अलावा उस परीक्षाफल के आधार पर सात जुलाई से शुरू होनेवाली प्रथम राउंड की ऑनलाइन काउंसेलिंग की प्रक्रिया भी स्थगित करने की घोषणा की है. इस संबंध में पर्षद की उपपरीक्षा नियंत्रक रंजीता हेंब्रम के हस्ताक्षर से अति आवश्यक सूचना जारी की गयी है. प्रथम राउंड की ऑनलाइन काउंसेलिंग की प्रक्रिया भी स्थगित झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद की ओर से चार जुलाई को बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश परीक्षा-2025 का परीक्षाफल और परीक्षाफल के आधार पर प्रथम राउंड की काउंसेलिंग का कार्यक्रम जारी किया गया था. सोमवार से काउंसेलिंग की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन पर्षद ने परीक्षाफल को ही रद्द कर दिया. प्रकाशित परीक्षाफल की सूची में बीएड के 45084, एमएड के 608 तथा बीपीएड के 487 अभ्यर्थियों के परीक्षाफल का विवरण दिया गया है. प्रथम राउंड की ऑनलाइन काउंसेलिंग की प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गयी. ये भी पढ़ें: Cancelled Trains List: जुलाई, अगस्त और सितंबर में और ट्रेनें हुईं रद्द, टाटानगर नहीं आएगी ये ट्रेन, देखें पूरी लिस्ट पर्षद ने अभ्यर्थियों को दी थी ये सुविधा छह जुलाई से अभ्यर्थियों को आंसर ओएमआर शीट की स्कैन कॉपी भी डाउनलोड करने की पर्षद ने सुविधा दी थी. पर्षद का कहना था कि परीक्षाफल को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ओएमआर शीट वेबसाइट पर अपलोड किया गया है. ये भी पढ़ें: Jharkhand Naxal: झारखंड में भाकपा माओवादियों की साजिश फिर नाकाम, 16 IED बम बरामद ये भी पढ़ें: Good News: ‘शिबू सोरेन की तबीयत पहले से बेहतर’ JMM विधायकों से दिल्ली में बोले झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ये भी पढ़ें: Shravani Mela 2025: झारखंड के बाबाधाम में नो VIP ट्रीटमेंट, 2 दिन नो शीघ्र दर्शनम, तैयारी की समीक्षा कर बोले पर्यटन मंत्री The post झारखंड में बीएड, एमएड और बीपीएड एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट रद्द, प्रथम राउंड की ऑनलाइन काउंसेलिंग प्रक्रिया भी स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इस जिले को मिली नई रेल लाइन और एम्स स्टेशन की सौगात, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की घोषणा

Bihar News: बिहार का समस्तीपुर रेलवे मंडल जल्द ही विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा. सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समस्तीपुर में कई नई परियोजनाओं की घोषणा की और मौजूदा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. इस अवसर पर उन्होंने समस्तीपुर रेलवे मंडल कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विस्तृत योजना प्रस्तुत की. समस्तीपुर से दरभंगा तक दोहरीकरण और नई रेल लाइन रेल मंत्री ने बताया कि लहेरियासराय-सहरसा (110 किमी) और लहेरियासराय-मुजफ्फरपुर (67 किमी) के बीच नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी है. इसके साथ ही हसनपुर-सकरी रेल परियोजना को तेज़ी से पूरा करने और समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के दोहरीकरण को प्राथमिकता देने की बात कही. दरभंगा एम्स के पास नए एम्स स्टेशन के निर्माण की घोषणा भी की गई, जिससे वहां आने-जाने वाले मरीजों और यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी. कर्पूरीग्राम को दी 18.33 करोड़ की परियोजनाएं कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि रहे कर्पूरीग्राम स्टेशन के विकास के लिए रेल मंत्री ने करीब 18.33 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया. इन योजनाओं में शामिल हैं: 6.66 करोड़ की लागत से दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, ब्रेल साइनेज, और विशेष टॉयलेट 1 करोड़ की लागत से स्टेशन पर IP आधारित डिजिटल निगरानी प्रणाली (CCTV कैमरा) 4.57 करोड़ की लागत से फुटओवर ब्रिज का निर्माण (नवगछिया, बरौनी, सेमापुर और कुरसेला में भी इसी राशि से निर्माण) 4.57 करोड़ की लागत से स्टेशन तक एप्रोच रोड का चौड़ीकरण 15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित रेल अंडरपास 7.92 लाख की लागत से सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट्स यात्रियों की सुविधा के लिए ओपन एयर वेटिंग हॉल, जिसमें Wi-Fi, शुद्ध पानी, आरामदायक सीटें, इलेक्ट्रिक पंखे, चार्जिंग पॉइंट और फूड स्टॉल होंगे. समस्तीपुर मंडल को मिलेगी नई पहचान रेल मंत्री ने कहा कि यह प्रयास समस्तीपुर मंडल को विश्वस्तरीय रेलवे सुविधा में तब्दील करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. सांसद शांभवी, कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, और अन्य स्थानीय नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने बताया कि लाइट ओवरब्रिज और यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी ताकि बढ़ती आबादी को आवागमन में परेशानी न हो. Also Read: बिहार के फेमस ‘स्नेक मैन’ को वैशाली में कोबरा ने काटा, मौत का Live Video आया सामने The post बिहार के इस जिले को मिली नई रेल लाइन और एम्स स्टेशन की सौगात, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: डाइनिंग टेबल पर रखी ये चीजें बनती हैं वास्तु दोष का कारण, जानें क्या कहता है शास्त्र

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी ज्यादा बताया गया है. जब आप वास्तु शास्त्र में बताये गए नियमों का पालन सही तरीके से करते हैं तो ऐसे में इसके जो परिणाम होते हैं वे बेहद ही शुभ और समृद्ध होते हैं. वहीं, जब इन नियमों को नजरअंदाज किया जाता है तो इसके परिणाम भी नकारात्मक हो सकते हैं. हमारे वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चीजों का भी जिक्र मिलता है जिन्हें हमें गलती से भी घर के डाइनिंग टेबल में नहीं रखना चाहिए. डाइनिंग टेबल में रखी ये चीजें आपके जीवन में और घर में वास्तु दोष लगने का कारण बन सकते हैं. मान्यताओं के अनुसार जब आप डाइनिंग टेबल पर इनमें से कोई भी चीज रखते हैं तो यह आपके सेहत के बिगड़ने से लेकर पैसों से जुड़ी समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं. कई बार तो यह आपकी शादीशुदा जिंदगी को तहस-नहस करने की भी काबिलियत रखते हैं. तो चलिए उन चीजों के बारे में जानते हैं जिन्हें आपको गलती से भी डाइनिंग टेबल पर नहीं रखना चाहिए. बाहर से लाकर न रखें ये चीजें आपको डाइनिंग टेबल में गलती से भी या फिर भूलकर भी बाहर से लाकर बैग, पोछा करने वाली चीजें या फिर किताबों को नहीं रखना चाहिए. डाइनिंग टेबल पर रखी ये चीजें कई तरह की समस्याओं का कारण बनती है. जब आप इन्हें डाइनिंग टेबल पर रखते हैं तो यह आपके जीवन में निगेटिविटी लेकर आते हैं. ये भी पढ़ें: Vastu Tips: रात को सोते समय क्यों आपको तकिये के नीचे रखना चाहिए नमक? फायदे जान उड़ जाएंगे आपके होश ये भी पढ़ें: Vastu Tips: भूलकर भी घर की इन जगहों पर न रखें डस्टबिन, टूट सकता है मुसीबतों का पहाड़ डाइनिंग टेबल पर न रखें दवाई वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको घर के डाइनिंग टेबल पर कभी भी दवाई को लाकर नहीं रखना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो इसका असर सिर्फ उस इंसान पर नहीं पड़ता है बल्कि परिवार के बाकी सदस्यों पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ता है. आपको इस बात का भी खास ख्याल रखना चाहिए कि भोजन करने के बाद आप डाइनिंग टेबल पर कटलरी का सामान न रखें। इन्हें जल्दी हो सके उसे यहां से हटा दें. चाबी रखने से बचें अगर आपकी यह आदत है कि आप गाड़ी की या फिर घर की चाबियों को डाइनिंग टेबल पर रख देते हैं तो यह आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके जीवन पर इसका काफी बुरा और निगेटिव असर पड़ सकता है. आपको इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि आप डाइनिंग टेबल पर किसी भी तरह की कोई गंदी चीज न रख दें. न रखें नुकीली चीजें वास्तु के जानकारों के अनुसार आपको डाइनिंग टेबल पर गलती से भी नुकीली चीजें जैसे कि कैंची या फिर चाकू को वहां पर नहीं रखना चाहिए. अगर आप एक बेहतर और खुशहाल जीवन चाहते हैं तो आपको इस तरह की चीजों को डाइनिंग टेबल से हटा देना चाहिए. ये भी पढ़ें: Vastu Tips: गिफ्ट में इन चीजों को देने वाला जीता है सुख-समृद्धि से भरा हुआ जीवन, वास्तु शास्त्र में किया गया है खुलासा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vastu Tips: डाइनिंग टेबल पर रखी ये चीजें बनती हैं वास्तु दोष का कारण, जानें क्या कहता है शास्त्र appeared first on Naya Vichar.

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उग्रवादी संगठन पीएलएफआई को तगड़ा झटका, 4 सदस्यों को हथियार के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार

PLFI News| खूंटी, चंदन सिंह : झारखंड में प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) को खूंटी पुलिस ने तगड़ा झटका दिया है. उसके 4 सदस्यों को हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान खूंटी के मान्हू गांव निवासी पवन लोहरा, जमुआदाग निवासी विक्की लोहरा और अर्जुन लोहरा उर्फ ईश्वर उर्फ पेचा तथा बिरहू गांव निवासी अर्पित केरकेट्टा के रूप में हुई है. बिरहू उरांव टोली में प्रशासनी स्कूल के पास से हुई गिरफ्तारी पुलिस ने उनके पास से एक देसी पिस्टल, 8 गोलियां, 2 लोडेड मैगजीन, एक चाकू, एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की है. इसकी जानकारी सोमवार को एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी. उन्होंने बताया कि खूंटी थाना क्षेत्र के बिरहू उरांव टोली स्थित प्रशासनी स्कूल के पास कुछ लोग हथियार के साथ किसी घटना को अंजाम देने के नीयत से इकट्ठा हुए थे. PLFI News: उग्रवादियों को न्यायिक हिरासत में भेजा सूचना के आधार पर एक छापेमारी टीम ने छापेमारी कर सभी 4 आरोपियों को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने चारों आरोपियों को सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इन उग्रवादियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में खूंटी थाना प्रभारी मोहन कुमार, पुअनि सीताराम डांगी, मंटु कुमार, अरुण कुमार, मणि दीप, चंदन कुमार और सशस्त्र बल शामिल थे. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सिग्नल ऐप से पीएलएफआई के संपर्क में थे चारों एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि पीएलएफआई का सदस्य होने के आरोप में जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे सिग्नल मोबाइल ऐप के माध्यम से पीएलएफआई के संपर्क में रहते थे. ऐप के माध्यम से ही वे पीएलएफआई के उग्रवादियों से बातचीत करते थे और उनसे निर्देश लेते थे. लेवी वसूलने और संगठन के नाम पर दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी करते थे. रांची-खूंटी रोड पर हिंदुस्तान टाईल्स के बाहर चलायी थी गोली गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कई अलग-अलग कांडों का उद्भेदन भी किया है. एसपी ने बताया कि विक्की लोहरा और पवन लोहरा रांची-खूंटी मेन रोड पर स्थित मेसर्स हिंदुस्तान टाईल्स नामक प्रतिष्ठान के बाहर धमकी भरा पत्र फेंकने और रंगदारी के उद्देश्य से गोली चलायी थी. इसे भी पढ़ें : Happy Birthday MSD: तू मुझे स्ट्राइक दे, मैं मारूंगा…, कहकर शब्बीर के साथ धोनी ने रांची में स्पोर्ट्सी 376 रन की ऐतिहासिक पारी जमीन कारोबारी मंटू महतो पर भी की थी फायरिंग एसपी ने कहा कि तुपुदाना थाना क्षेत्र के पुगरू गांव में जमीन कारोबारी मंटू महतो के घर पर भी इन्होंने फायरिंग की थी. जमीन खरीदने पर उनसे रंगदारी मांगी थी. विक्की लोहरा ने सुखदेव नगर रांची से टीवीएस अपाची बाइक की चोरी की थी. पवन लोहरा पर छत्तीसगढ़ में भी 21 जनवरी को विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है. इसे भी पढ़ें पलामू के गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प के बाद 48 घंटे के लिए निषेधाज्ञा लागू रामगढ़ खदान हादसे में 4 लोगों की मौत के बाद सीसीएल के 4 अफसरों पर केस दर्ज हजारीबाग में मुहर्रम जुलूस में आग का करतब दिखाते 15 लोग झुलसे Monsoon Bomb: झारखंड में फटेगा मानसून ‘बम’, भारी बारिश से 12 जिलों में तबाही मचायेगी बाढ़, IMD का अलर्ट The post उग्रवादी संगठन पीएलएफआई को तगड़ा झटका, 4 सदस्यों को हथियार के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Homemade Chilli Powder: बिना मिलावट,घर पर बनाएं शुद्ध और खुशबूदार लाल मिर्च पाउडर

Homemade Chilli Powder: आजकल मिलावटी मसालों की बढ़ती शिकायतों ने हर गृहिणी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बाजार में मिलने वाले मसाले शुद्ध है या नहीं. खासकर लाल मिर्च पाउडर जो हर रसोई की जान है. हम आपको बताने जा रहें हैं एक ऐसा तरीका जिससे आप बिना किसी झंझट के सिर्फ 5 मिनट में घर पर ही शुद्ध, ताजा और खुशबूदार लाल मिर्च पाउडर तैयार कर सकती है. इस रेसिपी में न कोई केमिकल है न कोई कलर सिर्फ असली स्वाद और सेहत. सामग्री सूखी साबुत लाल मिर्च – 250 ग्राम (कश्मीरी या बायडगी, हल्की तीखी और रंगीन मिर्च) साफ और सूखा कपड़ा एयरटाइट डिब्बा (स्टोर करने के लिए) घर पर कैसे बनाएं लाल मिर्च पाउडर मिर्च की सफाई: सबसे पहले मिर्च को अच्छे से साफ करें. डंठल निकाल दें और अगर चाहें तो बीच में से काटकर बीज भी निकाल सकते हैं. धूप में सुखाना: मिर्च को साफ कपड़े पर 2–3 दिन तक धूप में अच्छे से सुखाएं जब तक वो बिल्कुल कुरकुरी न हो जाए. भूनना (जरुरत के अनुसार): अगर मौसम में धूप न हो तो आप मिर्च को 2–3 मिनट तक धीमी आंच पर एक कड़ाही में सूखा भून सकते हैं. इससे नमी खत्म हो जाती है. मिक्सर में पीसना: ठंडी हो चुकी मिर्च को मिक्सर में डालें और बारीक पाउडर बनने तक पीसें. ध्यान रखें मिक्सर का ढक्कन कसकर बंद हो ताकि मिर्च की धूल न उड़े. छानना: पिसे हुए पाउडर को एक छलनी से छान लें ताकि कोई मोटे टुकड़े न रह जाएं. स्टोरेज: पाउडर को पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में भरें. सूखी और ठंडी जगह पर रखें. Also Read : Moringa Paratha Recipe: सहजन के पत्तों से बनाएं टेस्टी और हेल्दी पराठा,नोट करें रेसिपी Also Read : Leftover Rice Recipes: बचे हुए चावल से बनाएं क्रिस्पी कटलेट्स,कुछ मिनटों में होगा तैयार Also Read :Mango Pickle Recipe: कच्चे आम से ऐसे बनाएं चटपटा अचार,हर कोई मांगेगा बार-बार Also Read :Jaggery Tamarind Chutney Recipes: बिना खजूर के ऐसे बनायें गुड़-इमली की खट्टी-मीठी चटनी,जानें बनाने की सरल रेस्पी The post Homemade Chilli Powder: बिना मिलावट,घर पर बनाएं शुद्ध और खुशबूदार लाल मिर्च पाउडर appeared first on Naya Vichar.

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Judge Cash Row: न्यायाधीश के आवास पर नकदी मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण

Judge Cash Row: देश में राष्ट्रपति और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति संविधान को सुरक्षित और बचाने की शपथ लेते हैं. जबकि उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधानसभा के सदस्य, न्यायाधीश संविधान को मानने की शपथ लेते हैं. यही नहीं राष्ट्रपति और राज्यपाल पर पद पर रहते हुए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है. ऐसे में संस्थान के भीतर की कमी के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. देश में न्यायपालिका के प्रति लोगों में काफी भरोसा है. अन्य किसी भी संस्थान से अधिक भरोसा लोग न्यायपालिका पर करते हैं. लेकिन अगर लोगों का भरोसा न्यायपालिका के प्रति कमजोर हो जाए तो देश को कई चुनौतियों का सामना करना है. सोमवार को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज के कार्यक्रम को संबोधित करते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि हाल की कुछ घटना से देश के 140 करोड़ लोग विचलित हैं. संविधान तभी सशक्त और मजबूत होगा जब लोकतंत्र के चारों स्तंभ मिलकर काम करें. लेकिन अगर कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका अलग-अलग तरीके से काम करें तो हालात चिंताजनक हो सकता है. विषय यह नहीं है कि कौन सुप्रीम है. संविधान के अनुसार हर संस्थान के काम करने का अधिकार सुनिश्चित किया गया है. लेकिन न्यायपालिका के लिए कुछ समाचारें परेशान करने वाली है.  उपराष्ट्रपति ने कहा कि न्यायाधीश के आधिकारिक आवास से नकदी मिलने की आपराधिक जांच होनी चाहिए. अगर नकदी बरामद हुई थी तो शासन-व्यवस्था को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी. इसे आपराधिक मामले के तौर पर निपटा जाता. दोषी लोगों का पता लगाकर उन्हें सजा दी जाती. लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की गयी है.  केंद्र प्रशासन के हाथ हैं बंधे उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस मामले में केंद्र प्रशासन कुछ नहीं कर सकती है. इसकी वजह है 90 के दशक में दिया गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला. न्यायपालिका काे स्वतंत्र होना चाहिए. न्यायाधीश जटिल मामलों की सुनवाई करते हैं और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए. न्यायाधीशों को झूठे मामले से बचाने के लिए तंत्र होना चाहिए. लेकिन कुछ बातें परेशान करने वाली है. 14-15 मार्च को एक घटना होती है. लेकिन एक हफ्ते बाद यह मामला सामने आता है. सवाल है कि क्या इस बात की जानकारी पहले किसी को थी. आग लगने का मामला था तो अग्निशमन विभाग के अधिकारी और सिस्टम को इस बात की जानकारी होगी. पैसे मिलने की बात को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया. क्या ऐसे और भी मामले सामने आते रहे है या यह एक अकेला मामला है. ऐसे में न्यायाधीश के आवास पर पैसा मिलने के मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह संविधान और लोकतंत्र की साख का मामला है. कानून के समक्ष सभी बराबर है और इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि आखिर इतना पैसा कहां से आया? क्या यह काला धन है. तह तक जाकर मामले की जांच होनी चाहिए. सेवानिवृति के बाद न्यायाधीशों को पद नहीं लेना चाहिए. कई प्रशासनी कर्मचारियों के मामले में यह नियम है. गौरतलब है कि न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने के बाद वहां बड़ी मात्रा में अघोषित नकदी बरामद होने के बाद संसद में महाभियोग लाने की प्रक्रिया चल रही है. The post Judge Cash Row: न्यायाधीश के आवास पर नकदी मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण appeared first on Naya Vichar.

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बेन स्टोक्स को ढूंढना होगा गिल का तोड़, इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ने अपनी ही टीम को ललकारा

ENG vs IND: शुभमन गिल के तकनीकी रूप से मजबूत स्पोर्ट्स और शांत स्वभाव ने इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्क बुचर पर काफी प्रभाव डाला है जिनका मानना ​​है कि हिंदुस्तानीय टेस्ट कप्तान ने काफी समीक्षा के बावजूद विराट कोहली के चौथे नंबर के स्थान को आसानी से अपने नाम कर लिया है. हिंदुस्तान-इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में कमेंट्री कर रहे बुचर मेहमान टीम के बल्लेबाजों विशेषकर गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल से काफी प्रभावित हैं. ये तीनों ही बल्लेबाज 10 जुलाई से लार्ड्स में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले शतक जड़ चुके हैं. गिल के शानदार प्रदर्शन में तीन शतक शामिल हैं और उन्होंने सिर्फ दो टेस्ट मैच में अपने बल्लेबाजी औसत को लगभग 35 से 42 से अधिक तक पहुंचा दिया है. Ben Stokes to find a solution of Gill former England legend challenged his own team हिंदुस्तान का टेस्ट कप्तान होना बड़ी बात बुचर ने पीटीआई से कहा कि कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज में गिल ने जो किया है वह बेहद खास है. बुचर ने कहा, ‘विश्व स्पोर्ट्सों में ऐसे ज्यादा काम नहीं हैं जिनमें हिंदुस्तानीय क्रिकेट कप्तान होने जितना दबाव और समीक्षा होती है, सही है ना? यह तो बताने की जरूरत नहीं कि आप कोहली की जगह भर रहे हैं या तेंदुलकर की जगह (दोनों ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की).’ इंग्लैंड के लिए 1997 से 2004 के बीच 71 टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने वाले इस 52 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘इसमें काफी अधिक दबाव हैं और अब तक उन्होंने इसे काफी आसानी से अपनाया है. वह बेहद की सहज और धैर्यवान नजर आता है.’ India’s biggest away Test win ✅India’s first Test win at Edgbaston ✅Shubman Gill’s first Test win as captain ✅#ENGvIND nicely poised at 1-1 👏#WTC27 pic.twitter.com/fSr4N7w8xc — ICC (@ICC) July 6, 2025 सीरीज से पहले गिल के रवैये और तकनीक पर कुछ सवाल थे लेकिन इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने चार पारियों में 585 रन बनाकर इस बहस को निकट भविष्य के लिए बंद कर दिया है. बुचर ने कहा, ‘तकनीकी रूप से उन्होंने बहुत ही खूबसूरती से स्पोर्ट्सा है. इसलिए सीरीज की शानदार शुरुआत हुई है. मेरा मतलब है कि हो सकता है कि इस सीरीज के अंत तक उनके पास कुछ रिकॉर्ड हों. उन्होंने पहले ही काफी रन बना लिए हैं. तो उनके पास क्या है? श्रृंखला में पहले ही 600 रन बना चुके हैं. यह एक अविश्वसनीय शुरुआत रही है.’ राहुल और जायसवाल के प्रदर्शन से भी खुश हैं बुचर उन्होंने हिंदुस्तान के कमजोर निचले क्रम का जिक्र करते हुए कहा, ‘इंग्लैंड को मध्य क्रम में उनका तोड़ ढूंढना होगा क्योंकि जब आप शुरुआती तीन या चार बल्लेबाजों को आउट कर देते है तो निचले क्रम को समेटना थोड़ा आसान हो जाता है.’ बुचर राहुल से काफी प्रभावित हैं जिन्होंने पिछले 24 महीनों में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर और नीचे दोनों जगह अच्छा प्रदर्शन किया है. रोहित शर्मा के संन्यास के बाद जायसवाल और राहुल की सलामी जोड़ी तुरंत हिट हो गई है. बुचर ने कहा, ‘मैंने राहुल को स्पोर्ट्सते देखा है, हम इंग्लैंड में 2021 की सीरीज में वापस जाते हैं और उन्होंने रोहित के साथ शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी की.’ तकनीकी रूप से बहुत मजबूत हैं गिल उन्होंने कहा, ‘तो तकनीकी रूप से वह शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी के लिए बहुत उपयुक्त दिखता है. यह तथ्य है कि वह अब लंबे समय तक चलने वाला है, उम्मीद है कि उस स्थिति में उसका औसत बहुत जल्दी 40 से ऊपर चला जाएगा क्योंकि तकनीकी रूप से वह शानदार है.’ बुचर ने कहा, ‘मुझे उसे बल्लेबाजी करते हुए देखना बहुत पसंद है और जायसवाल एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाली प्रतिभा है. नंबर तीन हिंदुस्तान के लिए थोड़ा मुश्किल है. पहले टेस्ट के बाद (साई) सुदर्शन के लिए खुद को बाहर पाना थोड़ा कठिन था और अब करुण नायर को सीरीज के दौरान तीन, चार असफलताएं मिलीं हैं.’ ये भी पढ़ें… ‘मैं अब ठीक हूं, डॉक्टरों ने कहा है…’, आकाश दीप की बहन ज्योति का बयान आया सामने फिर टूटते-टूटते रह गया ब्रायन लारा का रिकॉर्ड, इस वजह से चूक गए दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर The post बेन स्टोक्स को ढूंढना होगा गिल का तोड़, इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ने अपनी ही टीम को ललकारा appeared first on Naya Vichar.

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