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November 10, 2025

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Bhairav Ashtami 2025: भैरव अष्टमी के दिन जरूर करें व्रत, कालभैरव की कृपा से दूर होते हैं सारे संकट

Bhairav Ashtami 2025: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कालभैरव का जन्म स्वयं भगवान शिव के क्रोध से हुआ था, जब उन्होंने ब्रह्मा जी के अहंकार का नाश करने के लिए यह भयंकर रूप धारण किया. इसलिए भैरव जी को “संहार के देवता” कहा जाता है, जो अधर्म और अन्याय का अंत करते हैं. भैरव अष्टमी का पौराणिक महत्व आदि-अनादि काल से हिंदुस्तानवर्ष में देवी-देवताओं की उपासना की परंपरा रही है. इन्हीं तिथियों में एक है मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी, जिसे भैरवाष्टमी कहा जाता है. पुराणों के अनुसार भैरव भगवान शिव के ही उग्र और रक्षक रूप हैं. इसी दिन दोपहर के समय भैरवनाथ जी का जन्म हुआ था, जो शिवजी के प्रिय गण हैं. व्रत से मिलती है सुरक्षा और सफलता डॉ. राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’जी बताते हैं कि जो व्यक्ति भैरव अष्टमी व्रत को पूरे श्रद्धा भाव से करता है, उसके जीवन के सारे विघ्न, भय और संकट दूर हो जाते हैं. यह व्रत साहस, आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करता है. इस दिन भैरव जी की आराधना से शनि, राहु और केतु के दोष भी शांत होते हैं. देवी के रक्षक और काल के स्वामी भैरव जी को देवी मां का पहरूआ यानी रक्षक कहा गया है. हर शक्ति पीठ में भैरव जी की उपस्थिति अनिवार्य है. ऐसा माना जाता है कि भैरव से काल भी भयभीत रहता है, इसलिए उन्हें कालभैरव कहा जाता है. वे समय, मृत्यु और भय पर नियंत्रण रखने वाले देवता हैं. प्रसिद्ध भैरव मंदिर और पूजा परंपरा काशी में भैरव जी के कई मंदिर हैं, जिनमें काल भैरव मंदिर सबसे प्रसिद्ध है. इसके अलावा उज्जैन, गया जी, कामाख्या, अयोध्या, ज्वाला जी, हरिद्वार, मथुरा, कांचीपुरम, जालंधर और वैष्णो देवी में भी भैरव जी के प्राचीन स्थल हैं. भैरव अष्टमी के दिन श्रद्धालु तेल, उड़द, काला तिल और दही का भोग लगाते हैं तथा भैरव चालीसा का पाठ करते हैं. ये भी पढ़ें: Bhairav ashtami 2025: क्यों कहा गया भैरव जी को प्रलय नहीं बल्कि लय के देवता, जानिए महत्व The post Bhairav Ashtami 2025: भैरव अष्टमी के दिन जरूर करें व्रत, कालभैरव की कृपा से दूर होते हैं सारे संकट appeared first on Naya Vichar.

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दुश्मन की मिसाइलें लॉन्च होते ही पहुंचेगीं यमराज के द्वार! अमेरिका ने किया Golden Dome सिस्टम का टेस्ट तय; ड्रैगन पर क्या पड़ेगा भारी?

US Golden Dome Missile System: अमेरिका ने अपनी नई मिसाइल रक्षा प्रणाली गोल्डन डोम के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने घोषणा की है कि वह 2028 तक अपने ‘स्पेस-बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर’ का वास्तविक परीक्षण करेगी. इस हथियार को गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का सबसे खतरनाक और निर्णायक हिस्सा माना जा रहा है. यह प्रणाली दुश्मन की मिसाइलों को लॉन्च होते ही अंतरिक्ष से नष्ट कर सकती है. इसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान शुरू किया गया था, और इसका उद्देश्य अमेरिका को जमीन से अंतरिक्ष तक एक अजेय मिसाइल रक्षा कवच देना है. हाल ही में, चीन ने भी दुनिया की पहली ऑपरेशनल डिफेंस प्रणाली तैनात की है, जो अमेरिका द्वारा प्रस्तावित “गोल्डन डोम” सिस्टम जैसी है. चीन ने इस प्रणाली को डेटा प्रोसेसिंग तकनीक में एक बड़ी सफलता भी बताया है, जिससे दुनिया भर में खतरों की पहचान करने में मदद मिलेगी. हालांकि यह “डिस्ट्रिब्यूटेड अर्ली वार्निंग डिटेक्शन बिग डेटा प्लेटफॉर्म” अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके डेवलपर्स और वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया में कहीं से भी चीन की ओर दागी जाने वाली हजारों मिसाइलों पर एक साथ नजर रख सकता है. US Golden Dome Missile System: वास्तविक अंतरिक्ष परीक्षण की तैयारी लॉकहीड मार्टिन के सीईओ जिम टैइकलेट ने कहा, “हम 2028 तक वास्तविक ऑन-ऑर्बिट इंटरसेप्टर टेस्ट करेंगे. यह कोई लैब प्रयोग नहीं होगा, बल्कि असली युद्ध-तैयार प्रणाली होगी.” उन्होंने बताया कि कंपनी अब पूरी तरह ऑपरेशनल प्रोटोटाइप तैयार कर रही है, जो अंतरिक्ष में उड़ेंगी, मिसाइलों को मारेंगी और उत्पादन के लिए तैयार होंगी. अगर यह योजना सफल होती है, तो भविष्य में S-400 या आयरन डोम जैसी एयर डिफेंस प्रणालियों की जरूरत कम हो सकती है. गोल्डन डोम का कमांड और कंट्रोल सिस्टम ‘द वॉर जोन’ की रिपोर्ट के अनुसार, लॉकहीड मार्टिन ने वर्जीनिया के अपने Center for Innovation में गोल्डन डोम के C2 (कमांड और कंट्रोल) सिस्टम का प्रोटोटाइप तैयार किया है. यह खुली आर्किटेक्चर वाला सिस्टम है जो समुद्र से अंतरिक्ष तक की रक्षा क्षमताओं को जोड़ता है. कंपनी ने कहा कि कई उद्योग साझेदार इस मिशन में शामिल हुए हैं ताकि अमेरिका को हर मोर्चे पर ‘सर्वोत्तम तकनीकी बढ़त’ मिल सके. हालांकि पेंटागन ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर चुप्पी साधी है, रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि गोल्डन डोम आने वाले दशकों में अमेरिका की स्पेस मिलिट्री पावर का केंद्र बनेगा. इसका मतलब है कि अब अंतरिक्ष ही नया युद्धक्षेत्र बन गया है. मिसाइलों का बूस्ट फेज में हमला जाहिर तौर पर, पेंटागन और व्हाइट हाउस दोनों ने गोल्डन डोम में स्पेस-बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर पर जोर दिया है. इसका मुख्य लक्ष्य दुश्मन की मिसाइलों को अमेरिकी सीमा तक पहुंचने से पहले ही नष्ट करना है. अमेरिकी रक्षा रणनीतिकार बताते हैं कि बैलिस्टिक मिसाइल और हाइपरसोनिक हथियार रॉकेट बूस्टर का इस्तेमाल करते हैं और लॉन्च के तुरंत बाद उनकी ‘बूस्ट फेज’ सबसे कमजोर होती है. इस विषय पर मार्च में डिफेंस वन को इंटरव्यू देते हुए अमेरिकी अंतरिक्ष बल के चीफ जनरल चांस सॉल्ट्जमैन ने कहा कि हम सिर्फ स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर नहीं चाहते. हम चाहते हैं कि वे मिसाइलों को उसी बूस्ट फेज में मारें. हमला हमारे देश से जितना दूर हो सके, उतना होना चाहिए, इसलिए उन्हें बेहद तेज और सटीक होना जरूरी है. मिड-कोर्स फेज में भी ट्रैक और नष्ट गोल्डन डोम योजना केवल बूस्ट फेज तक सीमित नहीं है. यह प्रणाली लॉन्ग-रेंज मिसाइल, जैसे कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), को मिड-कोर्स फेज में भी ट्रैक और नष्ट कर सकती है. यह फेज तब होती है जब मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर अंतरिक्ष में होती है. अमेरिका अब एक ऐसा स्पेस डिफेंस नेटवर्क तैयार कर रहा है जो दुश्मन की मिसाइलों को लॉन्च होते ही नष्ट कर सके. इसका उद्देश्य साफ है कि युद्ध को अमेरिकी धरती तक पहुंचने से रोकना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना. ये भी पढ़ें: ब्रिटेन के लिए बड़ा झटका! चीन बना रहा सुपरसोनिक फाइटर पायलटों के लिए सुरक्षित कॉकपिट, हादसे में भी रहेगा जिंदा पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान के इस पड़ोसी देश ने चीन को दिया 1000 रुपये के नोट छापने का ठेका, कंपनी हुई बल्ले-बल्ले The post दुश्मन की मिसाइलें लॉन्च होते ही पहुंचेगीं यमराज के द्वार! अमेरिका ने किया Golden Dome सिस्टम का टेस्ट तय; ड्रैगन पर क्या पड़ेगा भारी? appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

पूजा विशेष ट्रेनों का परिचालन – यात्रियों की सुविधा हेतु समस्तीपुर मंडल से विशेष व्यवस्था

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– छठ एवं अन्य पर्वों के अवसर पर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु समस्तीपुर मंडल के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से अनेक पूजा विशेष/टाइम ऑफ डिमांड (TOD) ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन ट्रेनों के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्री अपने गंतव्य स्थानों तक आसानी से पहुँच सकेंगे। दिनांक 10 नवम्बर, 2025 को समस्तीपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों से प्रस्थान करने वाली प्रमुख पूजा विशेष/टी.ओ.डी. ट्रेनों का विवरण निम्नलिखित है – क्रम सं. ट्रेन सं. प्रस्थान स्टेशन गंतव्य स्टेशन निर्धारित प्रस्थान समय मुख्य मार्ग/स्टेशन 1. 09466 दरभंगा (DBG) अहमदाबाद (ADI) 03.00 बजे। समस्तीपुर ,छपरा होकर 2. 05509 सहरसा (SHC) जमालपुर (JMP) 05.15 बजे — 3. 05737 नरकटियागंज (NKE) न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) समय: 07.00 बजे रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा, जयनगर, फारबिसगंज होकर। 4. 05506 सहरसा (SHC) पूर्णिया कोर्ट (PRNC) 13.20 बजे — 5. 04313 मुजफ्फरपुर (MFP) ऋषिकेश (YRNK) समय: 14.00 बजे हाजीपुर, छपरा होकर। 6. 04097 हसनपुर (HPO) नई दिल्ली (NDLS) समय: 15.00 बजे समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, नरकटियागंज, गोरखपुर होकर। 7. 05541 दरभंगा (DBG) यशवंतपुर (YPR) समय: 15.35 बजे समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा होकर। 8. 05579 पूर्णिया (PRNC) आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) समय: 16.30 बजे सहरसा, दरभंगा, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज होकर। 9. 04015 सीतामढ़ी (SMI) आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) समय: 16.30 बजे रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर होकर। 10. 04449 दरभंगा (DBG) नई दिल्ली (NDLS) समय: 18.15 बजे समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा होकर। 11. 05516 सहरसा (SHC) ललिग्राम र (LLP) समय: 18.30 बजे — 12. 05289 मुजफ्फरपुर (MFP) हदसपर(HDP) समय: 19.25 बजे मुजफ्फरपुर, डीडीयू होकर। 13. 09032 जयनगर (JYG) उधना (UDN) समय: 23.00 बजे दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर होकर। 14. 09068 जयनगर (JYG) उधना (UDN) समय: 23.30 बजे दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर होकर। रेल प्रशासन द्वारा सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा, सुगम चढ़ने-उतरने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म पर भीड़-नियंत्रण, सूचना प्रसारण व्यवस्था, पेयजल एवं स्वच्छता की विशेष निगरानी की जा रही है।

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Ration Card : राशन की दुकानों में कब से मिलेगा गेहूं, सरकार की ओर से दी गई जानकारी

Ration Card : तमिलनाडु में राशन की दुकानों पर गेहूं की कमी के बाद प्रशासन ने कदम उठाया है. राज्य प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नवंबर के मध्य तक सभी राशन दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने दुकानों पर गेहूं के भंडार की कमी की शिकायत की थी, जिसके बाद प्रशासन ने 15 नवंबर तक सप्लाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिया. 12,573 राशन दुकानों में गेहूं उपलब्ध नहीं अन्नाद्रमुक के महासचिव पलानीस्वामी ने दावा किया कि तमिलनाडु की 12,573 राशन दुकानों में गेहूं उपलब्ध नहीं है. इस पर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करपानी ने बताया कि राज्य प्रशासन लगातार केंद्र से अधिक गेहूं आवंटित करने का अनुरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से सितंबर 2024 तक केंद्र प्रशासन ने केवल 8,576 मीट्रिक टन गेहूं भेजा. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के आग्रह पर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 तक राज्य को गेहूं का आवंटन बढ़ाकर 17,100.38 मीट्रिक टन कर दिया गया. 15 नवंबर तक राशन दुकानों पर 100 प्रतिशत गेहूं पहुंचा दिया जाएगा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करपानी ने रविवार को एक बयान जारी किया. इसमें कहा कि यह गेहूं बिना किसी बाधा के उचित मूल्य की दुकानों पर आम जनता को वितरित किया जा रहा है. अभी केंद्र ने गेहूं का कोटा घटाकर पहले के आवंटन तक सीमित कर दिया है. सक्करपानी ने आश्वासन दिया कि 15 नवंबर तक राशन दुकानों पर 100 प्रतिशत गेहूं पहुंचा दिया जाएगा और यह अनाज बिना किसी बाधा के जनता को उपलब्ध कराया जाएगा. यह भी पढ़ें : Ration Card eKYC: डेडलाइन खत्म, रुकेगी सब्सिडी, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े राशन दुकानों में गेहूं नहीं रहने के कारण ग्राहक कुछ परेशान नजर आए. हालांकि प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद उन्हें कुछ राहत मिली है. उम्मीद है कि इस महीने से उन्हें गेहूं मिल जाएगा. The post Ration Card : राशन की दुकानों में कब से मिलेगा गेहूं, प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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Children’s Day Gift Ideas: बाल दिवस पर बच्चों को क्या गिफ्ट दें? हर उम्र के बच्चों के लिए यहां हैं सबसे प्यारे आइडियाज

Children’s Day Gift Ideas: बाल दिवस के मौके पर लोग अपने आस-पास रह रहे है बच्चों को गिफ्ट देते हैं. ऐसे में जरूरी ये होता है कि बच्चों को जो हम गिफ्ट दे रहे हैं वो उनके काम आए. गिफ्ट ऐसा होन चाहिए जो बच्चों को पसंद आए और उनके मन को भाए. इस खास दिन पर हर माता-पिता, शिक्षक और परिवारजन अपने जीवन के छोटे सितारों को खुश करने की कोशिश करते हैं. शिशु चाहे छोटे हों या बड़े, उन्हें सरप्राइज़ गिफ्ट मिलना हमेशा अच्छा लगता है. गिफ्ट देना सिर्फ चीज़ देने का नहीं, बल्कि प्यार और अपनापन जताने का तरीका होता है. अगर आप सोच रहे हैं कि इस बाल दिवस पर अपने बच्चों को क्या उपहार दें, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. यहां दिए गए Children’s Day Gift Ideas हर उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त हैं कुछ मनोरंजक, कुछ शिक्षाप्रद और कुछ यादगार. ये गिफ्ट न केवल बच्चों को खुश करेंगे बल्कि उन्हें प्रेरित भी करेंगे. बाल दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस (Children’s Day) मनाया जाता है. यह दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है क्योंकि उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था. बाल दिवस पर बच्चों को गिफ्ट देना क्यों  जरूरी होता है? बाल दिवस के दिन बच्चों को गिफ्ट देना उन्हें प्यार, सम्मान और खुशी देने का प्रतीक है. इससे बच्चों को यह महसूस होता है कि वे खास हैं और उनकी खुशी हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है. छोटे बच्चों को बाल दिवस पर क्या गिफ्ट दे सकते हैं? छोटे बच्चों के लिए ये प्यारे गिफ्ट आइडियाज बढ़िया रहेंगे — कलरफुल स्टोरी बुक्स एजुकेशनल टॉयज क्रेयॉन और ड्राइंग किट प्यारे सॉफ्ट टॉयज म्यूजिकल टॉय इंस्ट्रूमेंट्स स्कूल जाने वाले बच्चों को क्या गिफ्ट दे सकते हैं? स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए ये गिफ्ट्स परफेक्ट रहेंगे — स्टाइलिश स्कूल बैग फंकी वॉटर बॉटल और लंच बॉक्स स्टेशनरी गिफ्ट सेट इंस्पिरेशनल बुक्स स्पोर्ट्स किट या गेम्स टीनएज बच्चों को क्या गिफ्ट पसंद आएंगे? टीनएज बच्चों को पसंद आने वाले गिफ्ट्स — वायरलेस हेडफोन या ईयरफोन क्रिएटिव DIY किट फैशन एक्सेसरीज़ या घड़ी मोटिवेशनल बुक्स आर्ट एंड क्राफ्ट मटेरियल क्या बाल दिवस पर बच्चों को गिफ्ट के साथ कोई सनदेश भी देना चाहिए? हां, गिफ्ट के साथ एक प्यारा बाल दिवस संदेश या कार्ड देना बच्चों को और खुश कर देगा. यह भी पढ़ें: Children’s Day Special Snacks Idea: बाल दिवस पर बच्चों के लिए झटपट बनाएं ये मजेदार स्नैकस, शिशुं हो जाएंगे खुश यह भी पढ़ें: Leftover Kadhi Laphing Recipe: बची हुई कढ़ी से बनाएं स्वादिष्ट तिब्बती लाफिंग, चखते ही सब होंगे हैरान यह भी पढ़ें: Children’s Day Gift Idea: बाल दिवस पर बच्चों को दें प्यार से बने ये 5 हैंडमेड गिफ्ट्स, देखकर खिल उठेगा उनका चेहरा The post Children’s Day Gift Ideas: बाल दिवस पर बच्चों को क्या गिफ्ट दें? हर उम्र के बच्चों के लिए यहां हैं सबसे प्यारे आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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Baahubali The Epic की सफलता पर खलनायक भल्लालदेव ने तोड़ी चुप्पी, बोले- भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक मुकाम है

Baahubali The Epic: बाहुबली द एपिक की दोबारा रिलीज एक बार फिर दर्शकों में रोमांच जगा रही है. इस फिल्म में खलनायक भल्लालदेव की दमदार भूमिका निभाने वाले अभिनेता राणा दग्गुबाती का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि हिंदुस्तानीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक मुकाम है. राणा बताते हैं कि भले ही उन्होंने अपने करियर में कई किरदार निभाए हों, लेकिन भल्लालदेव का किरदार हमेशा उनके करियर का सबसे यादगार हिस्सा रहेगा. उन्होंने और क्या कुछ कहा, आइए बताते हैं. बाहुबली द एपिक की सफलता पर राणा दग्गुबाती ने क्या कहा? एस.एस. राजामौली की निर्देशित ‘बाहुबली’ फ्रैंचाइजी के दो भाग बाहुबली: द बिगिनिंग (2015) और बाहुबली: द कन्क्लूजन (2017), अब एक ही फिल्म के रूप में यानी री-एडिटेड वर्जन में फिर से सिनेमाघरों में छाए हुए हैं. इसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इस बीच फिर से थिएटरों में दर्शकों का उत्साह देखकर राणा कहते हैं, “मुझे लगता है कि एक फिल्म हमेशा के लिए रहती है और मुझे लगता है कि बाहुबली जैसी चीज हमारे लिए, हिंदुस्तान में – न केवल फिल्म निर्माताओं या फिल्म में शामिल लोगों के रूप में, बल्कि दर्शकों के रूप में भी – बहुत ही प्रतिष्ठित है. हर किसी को एक दिन हिंदुस्तानीय सिनेमा देखने का मौका मिला और उस फिल्म की सफलता, उस फिल्म को मिले प्यार ने हम सभी के लिए सब कुछ बदल दिया, इस मायने में कि हम कितने बड़े सपने देख सकते हैं और एक फिल्म कितनी दूर तक पहुंच सकती है.” उन्होंने आगे गर्व के भाव के साथ कहा, “एक दशक बाद इसका जश्न मनाना वाकई कुछ मायने रखता है.” वर्ल्डवाइड भी फिल्म को मिला शानदार रिस्पांस हालांकि, हिंदुस्तान में दर्शकों की लाइव प्रतिक्रिया देखने का मौका उन्हें अब तक नहीं मिला, लेकिन उन्होंने लॉस एंजिल्स के चीनी आईमैक्स थिएटर में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग देखी और इसे “शानदार अनुभव” बताया. अपकमिंग फिल्मों को लेकर क्या उम्मीद रखते हैं? राणा के प्रोडक्शन हाउस स्पिरिट मीडिया ने हाल ही में कई नई फिल्मों की घोषणा की है, जिनमें तेलुगु फिल्में ‘प्रेमंते’, ‘डार्क चॉकलेट’ और तमिल फिल्म ‘कांथा’ शामिल हैं. ऐसे में क्या वह अपनी आगामी फिल्मों में बाहुबली जैसी सफलता दोहराने की उम्मीद रखते हैं? तो इस पर राणा ने तुरंत जवाब दिया, “हर बार! हमारा लक्ष्य वहीं तक पहुंचना है. सही टीम, सही सोच और जुनून से खास चीजें दोबारा भी हो सकती हैं और हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं.” यह भी पढ़ें- OTT Releases This Week: इस हफ्ते ओटीटी पर होगा तगड़ा एंटरटेनमेंट, दिल्ली क्राइम सीजन 3 से इंस्पेक्शन बंगला तक कई दमदार फिल्में-सीरीज होगी स्ट्रीम The post Baahubali The Epic की सफलता पर खलनायक भल्लालदेव ने तोड़ी चुप्पी, बोले- हिंदुस्तानीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक मुकाम है appeared first on Naya Vichar.

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Bal Diwas Badhai Sandesh: बच्चों की मुस्कान देश का भविष्य है! बाल दिवस पर भेजें ये 30 Quotes 

Bal Diwas Badhai Sandesh In Hindi: हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस (Children’s Day) पूरे हिंदुस्तान में बड़े प्यार और उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह दिन बच्चों की मासूमियत, उनकी खुशियों और उनके उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है. इस दिन को पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pt Jawaharlal Nehru) की जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस खास मौके पर आप भी अपने आस-पास के बच्चों को प्यार और शुभकामनाएं से भरे मैसेज भेजें. बाल दिवस 2025 शुभकामना संदेश (Bal Diwas Badhai Sandesh In Hindi) बच्चों की मुस्कान ही सच्ची खुशी है , बाल दिवस की शुभकामनाएं! हर बच्चा अनोखा है, हर मुस्कान की एक कहानी है. बच्चों की मासूमियत में ही भगवान का चेहरा दिखता है. छोटे सपनों से बड़े भविष्य की शुरुआत होती है. बाल दिवस पर हर शिशु को मिलें खुशियों के अनगिनत पल. शिशु देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं, उनका सम्मान करें. चाचा नेहरू के सपनों का हिंदुस्तान, बच्चों के उज्जवल भविष्य से ही बनेगा. हर शिशु के जीवन में प्यार और शिक्षा का उजाला हो. बच्चों के बिना ये दुनिया अधूरी है. मुस्कुराओ, स्पोर्ट्सो, और सपने देखो , यही है बाल दिवस का संदेश. शिशु ही हमारे कल के नेता हैं , उन्हें प्यार दो, शिक्षा दो. हर शिशु को उड़ान दो, आसमान उसका इंतजार कर रहा है. बच्चों की हंसी से ही सजे हर घर का संसार. मासूमियत, उत्साह और ऊर्जा का नाम है बचपन. बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं उन सबको जो दिल से शिशु हैं. सपनों को सच करने की शुरुआत बचपन से होती है. हर बच्चा किसी चमत्कार से कम नहीं. चलो इस बाल दिवस पर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएं. बच्चों का बचपन लौटाना ही सबसे बड़ा तोहफा है. जो बच्चों से प्यार करता है, वही सच्चा इंसान है. हर बच्चा एक नई कहानी लिखने आया है. बाल दिवस पर बच्चों के सपनों को पंख दें. शिक्षा ही बच्चों का सबसे सुंदर आभूषण है. बच्चों की आंखों में झांकिए, वहां उम्मीद का समंदर मिलेगा. बचपन की खुशी सबसे शुद्ध और सच्ची होती है. शिशु ही देश की आत्मा हैं , उन्हें आजाद रखो. बाल दिवस हर दिल में बचपन जगाने का दिन है. अपने भीतर के शिशु को जिंदा रखिए , यही असली उत्सव है. बच्चों की मासूम हंसी में ही भगवान बसता है. हर दिन बाल दिवस जैसा हो , प्यार, हंसी और सीख से भरा हुआ. यह भी पढ़ें- Excuse Me या Sorry? अंग्रेजी बोलते वक्त लोग अक्सर करते हैं ये गलती The post Bal Diwas Badhai Sandesh: बच्चों की मुस्कान देश का भविष्य है! बाल दिवस पर भेजें ये 30 Quotes  appeared first on Naya Vichar.

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4 दिन नहीं चलेगी जाफर एक्सप्रेस, पाकिस्तान ने अचानक क्यों रोकी बलूच विद्रोहियों की पसंदीदा ट्रेन?

Pakistan halts Jaffar Express: पाकिस्तान ने बलूच विद्रोहियों का सबसे खास निशाना जाफर एक्सप्रेस को रोकने का फैसला किया है. पाकिस्तान रेलवे ने क्वेटा और पेशावर के बीच चलने वाली जाफर एक्सप्रेस सेवा को चार दिनों (9 से 12 नवंबर) के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. इसके लिए पाक रेलवे ने सुरक्षा चिंताओं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला दिया है. यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों द्वारा की गई समीक्षा और सिफारिशों के बाद लिया गया है. यह एक ऐसी ट्रेन है, जिस पर पिछले 12 महीने में कई बार हमले हुए हैं.  जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की प्रमुख यात्री ट्रेनों में से एक है, जो बलूचिस्तान को खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ती है. जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान की सबसे व्यस्त लंबी दूरी की ट्रेनों में से एक है. यह ट्रेन यात्रियों, व्यापारियों और प्रांतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन कड़ी के रूप में कार्य करती है. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में जाफर एक्सप्रेस आतंकवादी हमलों का लगातार निशाना बनती रही है, जिससे कई लोगों की जान गई है और रेलवे संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है. इन घटनाओं ने इस मार्ग को अत्यंत संवेदनशील बना दिया है, जिसके चलते अधिकारियों ने बढ़ते खतरे के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का निर्णय लिया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सेवा 9 नवंबर से 12 नवंबर तक निलंबित रहेगी. अधिकारियों ने बताया, “यह निलंबन यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और रेलवे संपत्ति को संभावित खतरों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया गया है.” केवल इस साल ही जाफर एक्सप्रेस पर सात बार हमले हो चुके हैं, जिनमें कम से कम 30 नागरिकों की मौत और 35 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. विद्रोहियों के निशाने पर जाफर एक्सप्रेस पिछले 12 महीनों में जाफर एक्सप्रेस विशेष रूप से प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का निशाना रही है. इसी साल मार्च में, BLA के उग्रवादियों ने ट्रेन का अपहरण कर लिया था, जिसमें 380 यात्री सवार थे. यह घटना एक पहाड़ी सुरंग में दो दिन तक चली मुठभेड़ में बदल गई. सुरक्षा बलों के बचाव अभियान में 26 यात्रियों की मौत हुई, जबकि 350 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया. अधिकारियों के अनुसार, 33 उग्रवादी भी मारे गए. इसके बाद कई और हमले हुए. अक्टूबर में, सिंध क्षेत्र में एक विस्फोट से पांच बोगियां पटरी से उतर गईं और 7 यात्री घायल हुए. सितंबर में, मस्तुंग में ट्रैक पर हुए धमाके से छह कोच पलट गए, जिसमें 12 लोग घायल हुए. अगस्त में, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से विस्फोट हुआ, जिससे छह डिब्बे पटरी से उतर गए. कुछ दिन पहले, एक पायलट इंजन पर गोलियां चलाई गईं. जुलाई और जून में, सिंध में दो अलग-अलग धमाकों ने कई कोचों को नुकसान पहुंचाया. वहीं पिछले साल के अंत में, क्वेटा स्टेशन पर एक आत्मघाती हमलावर ने कम से कम 26 लोगों की जान ले ली. बढ़ता खतरा और ढहती सुरक्षा व्यवस्था शिकारपुर के डिप्टी कमिश्नर शकील अबरो ने प्रकाशन को बताया कि “सुबह 8:15 बजे सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर रेल ट्रैक पर विस्फोट हुआ था.” सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि विद्रोही समूह अब रेलवे को निशाना बनाकर राज्य की क्षमता को चुनौती दे रहे हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि प्रशासन महत्वपूर्ण परिवहन ढांचे की रक्षा नहीं कर पा रही है. बार-बार होने वाले इन हमलों की वजह से सुरक्षा नियंत्रण का पतन दिखता है खासकर बलूचिस्तान के रेल कॉरिडोर में. प्रांतीय नेतृत्वक नेताओं ने भी इस मुद्दे पर केंद्र प्रशासन की आलोचना की है. चार मोर्चों पर जूझता पाकिस्तान पाकिस्तान पिछले कई वर्षों में अपनी सबसे खतरनाक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है.  सिर्फ BLA ही नहीं, बल्कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISK) और सीमा पार के आतंकियों ने भी हमले तेज कर दिए हैं. ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में इस वर्ष आतंकी हमलों से होने वाली मौतों में 45% की वृद्धि हुई है. राजनयिक स्तर पर भी हालात बेहतर नहीं हैं. इस हफ्ते पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता इस्तांबुल में बिना किसी समझौते के टूट गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया. ये भी पढ़ें:- जिससे लड़ रहा अमेरिका, हिंदुस्तान ने वहां भेजी 2.7 टन लाइफ सेविंग वैक्सीन, रूस के दोस्त के यहां इंडिया का स्पोर्ट्स बल्लियों उछल पड़े ट्रंप, बोले- अमीरों को छोड़कर हर अमेरिकी को देंगे 1 लाख 77 हजार रुपये, जानें ऐसा क्या हो गया? खत्म होने वाला अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा शटडाउन, डोनाल्ड ट्रंप बोले- डेमोक्रेट्स समझ गए… मिल सकता है सपोर्ट The post 4 दिन नहीं चलेगी जाफर एक्सप्रेस, पाकिस्तान ने अचानक क्यों रोकी बलूच विद्रोहियों की पसंदीदा ट्रेन? appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली प्रदूषण पर जोंटी रोड्स का तंज,  गोवा के AQI पर कही बड़ी बात, वायरल हो रहा पोस्ट

Jonty Rhodes on AQI: दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. जहां एक ओर राजधानी में लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण गोवा में रह रहे साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स (Jonty Rhodes) ने वहां की साफ हवा और बेहतर माहौल की जमकर तारीफ की है. रोड्स ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि उनके शिशु समुद्र किनारे आराम से फुटबॉल स्पोर्ट्स रहे हैं, जबकि दिल्ली में बच्चों को घर के भीतर रहने की सलाह दी जा रही है. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सोमवार सुबह 372 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है. दिल्ली की हवा में प्रदूषण  राजधानी दिल्ली पिछले कई दिनों से जहरीली हवा की चपेट में है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह 7 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 372 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है. इस स्तर की हवा से आंखों में जलन, गले में खराश, तेज खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए. स्कूलों में आउटडोर गतिविधियां रोकी जा रही हैं और डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि लोग कम से कम बाहर निकलें. जोंटी ने गोवा की हवा की तारीफ की दक्षिण गोवा में अपने परिवार के साथ रहने वाले जोंटी रोड्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की. तस्वीर में खूबसूरत सूर्यास्त और समुद्र किनारे फुटबॉल स्पोर्ट्सते उनके शिशु नजर आ रहे हैं. उन्होंने लिखा कि उनके गांव में हवा की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि शिशु रोज बाहर स्पोर्ट्स सकते हैं. जोंटी ने यह भी कहा कि जब वे दिल्ली की हालत देखते हैं, तो उन्हें गोवा में रहने का सौभाग्य महसूस होता है. This is what my “home” sunsets look like – and yes, those are my kids playing football! In Delhi they suggest staying indoors 😳 pic.twitter.com/AyJ0Cn4c2Z — Jonty Rhodes (@JontyRhodes8) November 9, 2025 रांची जाते वक्त रोड्स ने महसूस किया प्रदूषण जोंटी रोड्स रविवार को दिल्ली से रांची की उड़ान पर थे. इस दौरान उन्होंने एक और पोस्ट साझा किया. इसमें उन्होंने कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता को समझ पाना मुश्किल है. शहर की धुंध और धुएं को देखते हुए उन्होंने हैरानी जताई कि यहां के लोग किस तरह इस माहौल में रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे हैं. उन्होंने लिखा कि दिल्ली से गुजरते हुए उन्हें बार-बार यह एहसास होता है कि साफ हवा कितनी बड़ी नेमत है. दिल्ली में बच्चों को बाहर निकलने की मनाही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है. माता-पिता से कहा जा रहा है कि बच्चों को कम से कम बाहर स्पोर्ट्सने भेजें, क्योंकि जहरीली हवा उनके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. जहां गोवा में जोंटी रोड्स के शिशु खुले वातावरण में स्पोर्ट्स रहे हैं, वहीं दिल्ली में बच्चों पर घर के भीतर रहने की पाबंदियां बढ़ती जा रही हैं. कई पार्क और मैदान खाली नजर आ रहे हैं. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन और एजेंसियां सतर्क दिल्ली प्रशासन और केंद्र प्रशासन की विभिन्न एजेंसियां प्रदूषण रोकने के लिए आपात स्तर पर कदम उठा रही हैं. ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, डीजल वाहनों पर रोक, और सड़कों पर पानी छिड़काव जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं. फिर भी, पिछले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में खास सुधार नहीं दिखा है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और पराली जलने के चलते आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ये भी पढ़ें- IPL खिलाड़ी को विदेश से धमकी भरा कॉल, ब्लैकमेलिंग की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू सैमसन–जडेजा ट्रेड में बड़ा ट्विस्ट! CSK और RR के बीच IPL इतिहास की सबसे हाई प्रोफाइल डील पर सस्पेंस बढ़ा IND vs SA Test: मैच का शेड्यूल, हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और Live Streaming की पूरी जानकारी The post दिल्ली प्रदूषण पर जोंटी रोड्स का तंज,  गोवा के AQI पर कही बड़ी बात, वायरल हो रहा पोस्ट appeared first on Naya Vichar.

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सावधान! इस वजह से नवजात में बढ़ा बीमारियों का खतरा, पीएमसीएच पहुंचे इतने मामले

Bihar News, आनंद तिवारी: समय से पहले प्रसव की घटना को हल्के में लेने वालों के लिए चिंता की समाचार है. क्योंकि बीते कुछ सालों में समय से पहले प्रसव के मामले बढ़े हैं. पटना ऑब्स व गायनी सोसाइटी व शिशु रोग विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार शहर के पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एनएमसीएच, पटना एम्स व गर्दनीबाग अस्पताल के अलावा कुछ बड़े निजी अस्पतालों में एक साल में करीब 25 प्रतिशत ऐसे मामले आ चुके हैं. 200 प्रसूताओं पर होगा शोध बढ़ते मामले को देखते हुए व बीमारी को कंट्रोल करने के उद्देश्य से अब शहर के पीएमसीएच अस्पताल के शिशु व स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की संयुक्त टीम ने शोध करने का निर्णय लिया है. जिसमें 200 प्रसूताओं को शामिल किया जायेगा. इसमें 100 प्रसूताएं ऐसी होंगी जिनका समय से पहले प्रसव हुआ होगा और समय पर प्रसव होने वाली स्त्रीओं को शामिल किया जायेगा. अस्पताल प्रशासन की तरफ से शोध करने की मंजूरी दे दी गई है. जिसमें जूनियर डॉक्टरों के अलावा असिस्टेंट, एसोसिएट भी शामिल रहेंगे. जान बचाने को समय से पहले प्रसव पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने बताया कि बदलती लाइफ स्टाइल व प्रेग्नेंसी को गंभीरता से न लेने की वजह से मामले बढ़े हैं. पीएमसीएच में इस तरह के मामलों में मां या शिशु की जान बचाने के लिए समय से पहले प्रसव करना पड़ रहा है. कुछ आठ महीने से पहले के होते हैं और कुछ सात महीने के. सात महीने में पैदा होने वाले बच्चों को एनआइसीयू में रखना जरूरी होता है. ऐसे बच्चों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. प्रेग्नेंसी के समय अलर्ट रहना जरूरी पीएमसीएच शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ भूपेंद्र नारायण सिंह व स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की एसोसिएट प्रो डॉ अमूरा राय ने बताया कि गर्भधारण के पहले अगर ऐसी स्त्री जिनका एक या दो महीने से पहले अचानक खुद से गर्भपात हो गया तो एसी स्त्रीओं को प्रेग्नेंसी के समय अलर्ट रहना चाहिए, स्त्रीओं को गर्भधारण करने से पहले या बाद में नियमित जांच की जरूरत होती है… ऐसे करें बचाव गर्भवतियों को पेट में दर्द होते ही डॉक्टर को दिखाएं गर्भधारण के बीच तीन साल का अंतर रखें एक बार समय से पहले प्रसव होने पर दूसरी बार गर्भधारण के बाद डॉक्टर को दिखाएं बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें क्या है कारण शिशुदानी में समस्या होने पर शरीर के किसी भी भाग में संक्रमण होने पर एक बार प्रीटर्म डिलीवरी होने पर दूसरी बार भी समय से पहले प्रसव का खतरा दांतों में कीड़े लगने पर भी इसे भी पढ़ें: Bihar News: बिहार में स्कूलों के लिए नया फरमान, अगले महीने से ऐसे बनाई जाएगी हाजिरी The post सावधान! इस वजह से नवजात में बढ़ा बीमारियों का खतरा, पीएमसीएच पहुंचे इतने मामले appeared first on Naya Vichar.

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