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December 9, 2025

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बुमराह के ओवर्स… पार्थिव पटेल ने IND vs SA टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम को दिया गुरुमंत्र

Parthiv Patel Advise Team India: इंडिया और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज आज (9 दिसंबर) से शुरू होने जा रही है. वनडे सीरीज में शानदार 2-1 जीत के बाद अब नजरें छोटे फॉर्मेट पर टिकी हैं. पूर्व हिंदुस्तानीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) का मानना है कि यह सीरीज हिंदुस्तान के लिए बेहद अहम रहेगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी को दिशा देगी. उन्होंने जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की वापसी, हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) की फिटनेस और अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) की जबरदस्त फॉर्म को हिंदुस्तान की तीन बड़ी ताकत बताया है. बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हिंदुस्तान का दम जसप्रीत बुमराह को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में आराम दिया गया था. लेकिन अब वे टी20 सीरीज में वापसी के लिए तैयार हैं. पार्थिव पटेल ने कहा कि हिंदुस्तान के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होगा कि बुमराह का इस्तेमाल कैसे किया जाता है. हाल के महीनों में टीम इंडिया ने बुमराह से पावरप्ले में तीन ओवर डलवाने की रणनीति अपनाई है. ऐसे में उनके पास डेथ ओवर के लिए सिर्फ एक ओवर बचता है जो आमतौर पर 19वां ओवर होता है. पटेल का कहना है कि अगर हिंदुस्तान यही प्लान जारी रखता है तो अरशदीप सिंह को डेथ ओवर में बुमराह का मजबूत पार्टनर बनना होगा. बुमराह की लाइन लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता हिंदुस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद होगी. हार्दिक पांड्या की फिटनेस बनी बड़ी राहत टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एशिया कप 2025 के दौरान क्वाड्रिसेप्स इंजरी का शिकार हो गए थे. चोट के कारण वे एशिया कप फाइनल और ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर रहे. लेकिन घरेलू टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने शानदार वापसी की और अपनी फिटनेस साबित की. पार्थिव पटेल ने कहा कि पांड्या का लौटना टीम के लिए बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है क्योंकि वे बल्ले और गेंद दोनों से मैच बदलने की क्षमता रखते हैं. उनका अनुभव युवाओं को दिशा देता है और मिडिल ऑर्डर में स्थिरता भी लाता है. हिंदुस्तान के लिए उनकी ऑलराउंड भूमिका एक बार फिर निर्णायक साबित हो सकती है. अभिषेक शर्मा की धमाकेदार फॉर्म पर भरोसा अभिषेक शर्मा इस समय हिंदुस्तान के सबसे फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाजों में शामिल हैं. उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के लिए 6 मैचों में 304 रन ठोक दिए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 249 से ऊपर रहा और उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक जमाए. पार्थिव पटेल ने कहा कि अभिषेक इस सीजन के सबसे प्रभावी खिलाड़ी रहे हैं और उनकी फॉर्म हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत होगी. एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वे हिंदुस्तान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. वे इस समय विश्व के नंबर एक टी20 बल्लेबाज भी हैं. टॉप ऑर्डर पर उनके रन हिंदुस्तान की जीत की कुंजी माने जा रहे हैं. हिंदुस्तान के लिए सीरीज क्यों है खास यह टी20 सीरीज सिर्फ जीत की नहीं बल्कि 2026 में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी का भी अहम हिस्सा है. साउथ अफ्रीका हाल में टी20 विश्व कप 2024 का उपविजेता रहा है और उसके खिलाफ स्पोर्ट्सना हिंदुस्तान को अपने कॉम्बिनेशन मजबूत करने का मौका देगा. टीम मैनेजमेंट बुमराह. अरशदीप. पांड्या और युवा बल्लेबाजों के रोल को लेकर महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है. कोचिंग स्टाफ नई ओपनिंग जोड़ी. डेथ ओवर बॉलिंग और मिडिल ऑर्डर में बैकअप पर भी नजर रखेगा. सीरीज का पूरा कार्यक्रम पहला टी20 मैच 9 दिसंबर को कटक में स्पोर्ट्सा जाएगा. दूसरा मुकाबला 11 दिसंबर को मुल्लनपुर में होगा. तीसरा मैच 14 दिसंबर को धर्मशाला में. चौथा 17 दिसंबर को लखनऊ में और पांचवां व आखिरी मैच 19 दिसंबर को अहमदाबाद में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस सीरीज में दोनों टीमें मजबूत संयोजन के साथ उतर रही हैं और हर मैच हाई इंटेंसिटी वाला होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें- अभिषेक को रोकना… IND vs SA टी20 मैच से पहले एडन मार्करम के बयान ने सभी को चौंकाया यहां आकर यह अहसास हुआ… शुभमन गिल ने CoE में गुजारे पल को बयां किया, Video हुआ वायरल The post बुमराह के ओवर्स… पार्थिव पटेल ने IND vs SA टी20 सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय टीम को दिया गुरुमंत्र appeared first on Naya Vichar.

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भारतीय चावल पर लग सकते हैं नए टैरिफ, किसानों की कौन सी शिकायत, जिस पर ट्रंप ने वित्त मंत्री से नोट करवाया नाम

Donald Trump hints tariffs on Indian Rice: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वे कृषि आयात पर नए शुल्क लगा सकते हैं. अपने किसानों की शिकायत पर ट्रंप, हिंदुस्तान से आने वाले चावल और कनाडा से आयात होने वाले उर्वरकों पर टैरिफ लगा सकते हैं. ट्रंप के ये बयान अमेरिका, हिंदुस्तान और कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में खास प्रगति नहीं होने के बीच सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी प्रशासन इन दावों की जांच करेगी, जिसमें कहा जा रहा है कि हिंदुस्तान समेत कई देश अमेरिका में अपने कम कीमत वाले चावल डंप कर रहे हैं. व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान, उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की नई सहायता की भी घोषणा की. ट्रंप ने कहा कि आयात से घरेलू उत्पादकों को चुनौती मिल रही है और इस मुद्दे को सुलझाना उनकी प्राथमिकता है. ट्रंप ने अपने सलाहकारों से हिंदुस्तान के व्यापार व्यवहार पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा, “स्कॉट, इंडिया. मुझे इंडिया के बारे में बताओ. इंडिया ऐसा कैसे कर सकता है? क्या उन पर टैरिफ लगते हैं? क्या उन्हें चावल पर कोई छूट मिली हुई है?” इस पर स्कॉट बेसेंट ने जवाब दिया, “नहीं सर. हम अभी भी उनके साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं.” ट्रंप ने आगे दबाव डालते हुए कहा कि हिंदुस्तान को “डंपिंग नहीं करनी चाहिए. मैंने इसके बारे में सुना है, दूसरों से भी सुना है. वे ऐसा नहीं कर सकते.”  ट्रंप ने अपनी टीम को निर्देश दिया,  “अगर हो सके तो देशों की सूची तैयार करो. इसे नोट करो, स्कॉट.” यह संकेत था कि वे इस मुद्दे की गहराई से समीक्षा करना चाहते हैं. ट्रंप ने कहा कि वे हिंदुस्तानीय चावल के कथित डंपिंग के मामले को देख लेंगे. अमेरिकी किसानों ने चावल की गिरती कीमतों को लेकर चिंता जताई है और उनका दावा है कि हिंदुस्तान, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों से होने वाले आयात उनके उत्पादन को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उनका कहना है कि सस्ते आयातित चावल ने उनकी बाजार हिस्सेदारी कम कर दी है, खासकर उस समय जब उत्पादन लागत बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में अवसर सीमित हैं. #WATCH | US President Donald Trump asks the United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent, “Why is India allowed to do that (“dumping rice into the US”)? They have to pay tariffs. Do they have an exemption on rice?” United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent… pic.twitter.com/75tKFYt37G — ANI (@ANI) December 8, 2025 कनाडा से आने वाले उर्वरकों पर भी वे संभावित शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने कहा, “इसका काफी हिस्सा कनाडा से आता है, और अगर जरूरत पड़ी तो हम उस पर बहुत सख्त शुल्क लगाएंगे, क्योंकि इसी तरह आप अपने यहां उत्पादन को मजबूत कर सकते हैं और हम यह सब यहां कर सकते हैं.” उन्होंने दोहराया कि कृषि क्षेत्र में आयात पर निर्भरता बढ़ती महंगाई और उपभोक्ता कीमतों के दौर में अमेरिका के व्यापक आर्थिक लक्ष्यों के खिलाफ है. किसानों पर बढ़ता दबाव ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब अमेरिकी वित्तीय स्थिति मुद्रास्फीति और उपभोक्ता कीमतों को लेकर दबाव का सामना कर रही है. किसान, ट्रंप का प्रमुख समर्थन आधार माने जाते हैं. वे बढ़ती लागतों और टैरिफ नीतियों से प्रभावित बाजार चुनौतियों से जूझ रहे हैं. ट्रंप टीम का दावा है कि सोमवार को घोषित 12 अरब डॉलर का पैकेज उन्हें राहत देगा, लेकिन भविष्य में व्यापारिक कदमों को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. कई किसानों के लिए आयातित चावल और उर्वरक वर्तमान आर्थिक तनाव के बीच प्रतिस्पर्धा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी व्यापक चिंताओं को दर्शाते हैं. हिंदुस्तान के ऊपर पहले से ही लगा है 50% टैरिफ हिंदुस्तान और कनाडा दोनों के साथ व्यापार संबंधों को स्थिर करने के उद्देश्य से चल रही वार्ताएं मुश्किलों का सामना कर रही हैं. इसी साल की शुरुआत में ट्रंप ने हिंदुस्तानीय सामानों पर 50% शुल्क लगाया था, यह कहते हुए कि हिंदुस्तान व्यापार में बाधाएं खड़ी कर रहा है और ऊर्जा खरीद को लेकर भी शिकायतें थीं. एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह हिंदुस्तान आने वाला है, हालांकि किसी बड़े समाधान की उम्मीद नहीं है. वहीं कनाडा के साथ शुल्क विवाद को ट्रंप इससे पहले भी उठा चुके हैं. वे उत्तरी अमेरिकी व्यापार समझौते में शामिल नहीं होने वाले उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने की धमकी भी दे चुके हैं. हालिया बयानों से संकेत मिला है कि वे समझौते की समीक्षा करने पर भी विचार कर सकते हैं. ये भी पढ़ें:- CDF बनते ही आसिम मुनीर की हिंदुस्तान को धमकी, कहा- भ्रम में न रहें… बहुत कड़ा जवाब देंगे, तालिबान को लेकर कही ये बात पुतिन की हिंदुस्तान यात्रा पर आई चीन की पहली प्रतिक्रिया, ग्लोबल साउथ की शक्ति, क्षेत्रीय शांत और हितों पर कहीं ये बातें हिंदू स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी सहित बेरहम हत्या, बेटे पुलिस में फिर सुरक्षित नहीं, बांग्लादेश में हिंसा की इंतेहा The post हिंदुस्तानीय चावल पर लग सकते हैं नए टैरिफ, किसानों की कौन सी शिकायत, जिस पर ट्रंप ने वित्त मंत्री से नोट करवाया नाम appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Cabinet: बिहार में 9 मंत्री पदों के लिये फॉर्मूला तय, हम और लोजपा (रामविलास) की पैनी नजर, जानिये कब होगा विस्तार

Bihar Cabinet: बिहार में 14 नवंबर 2025 को एनडीए की प्रशासन बनी. जिसके बाद मंत्रिमंडल का प्रारंभिक गठन कर लिया गया. टोटल 26 मंत्रियों ने शपथ ली है. इनमें भाजपा के 14, जदयू के आठ, लोजपा (रामविलास) के दो, हम और रालोमो से एक-एक मंत्रियों ने शपथ ली है. मुख्यमंत्री को मिलाकर राज्य में टोटल 36 मंत्री बन सकते हैं. इस हिसाब से अभी नौ मंत्री बनाये जाने हैं. कब तक हो सकता है मंत्रिमंडल का विस्तार? जानकारी के मुताबिक, बाकी के नौ भाजपा और जदयू के बीच बंटने की चर्चा है. इसके साथ ही खरमास बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है. इन सबके बीच हम और लोजपा (रामविलास) की भी मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर है. हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने इस ओर इशारा भी किया है. लेकिन लोजपा (रामविलास) की ओर से कुछ सार्वजनिक रूप से नहीं कहा गया है. लोजपा (रामविलास) को एक पद मिलने की संभावना लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक चुनाव जीतकर आये हैं. मंत्री बनाये जाने के फार्मूले के हिसाब से लोजपा (रामविलास) को एक मंत्री पद मिलने की संभावना है. देखना होगा कि लोजपा को एक और मंत्री पद मिलता है या नहीं. जीतन राम मांझी ने क्या कहा था? इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी पार्टी के विधायक दल के नेता ने दो मंत्री पद की मांग की है. अगर दो मंत्री पद नहीं भी मिलता है, तो दो विभाग ही देने की बात कही है. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उनकी पार्टी को 29-30 सीटें मिली होतीं, तो उनकी पार्टी भी 20 से अधिक सीटें जीत सकती थी. इस फॉर्मूले पर बांटे जा सकेत हैं मंत्री पद जानकारी के अनुसार, 6 विधायकों पर एक मंत्री पद देने का फॉर्मूला बनाया गया है. इस हिसाब से लोजपा को एक मंत्री पद मिल सकता है. इसी हिसाब से आगे भी मंत्री पद बांटे जाने की चर्चा है. जबकि इस फॉर्मूले से हम का दावा खारिज हो सकता है. भाजपा ने 89 और जदयू ने 85 सीटों पर जीत हासिल की है. चर्चा यह भी है कि मंत्री के एक-दो पद खाली रखे जायेंगे, ताकि भविष्य में किसी विपक्षी पार्टी के विधायकों के एनडीए में शामिल होने पर इसका उपयोग किया जा सके. Also Read: Sugar Mill in Bihar: बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों के खुलेंगे भाग्य, नई भी होंगी स्थापित, उच्च स्तरीय समिति की हुई बैठक, मांगी ये रिपोर्ट The post Bihar Cabinet: बिहार में 9 मंत्री पदों के लिये फॉर्मूला तय, हम और लोजपा (रामविलास) की पैनी नजर, जानिये कब होगा विस्तार appeared first on Naya Vichar.

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साधारण में असाधारण की खोज स्वयं प्रकाश के लेखन का मूल : शशांक

Swayam Prakash : स्वयं प्रकाश अपनी कहानियों में कभी- कभी पात्र के रूप में भी शामिल हो जाते हैं.वे अपने जीवन के अंशों को लेकर ही अपनी कहानियों में आते हैं जिनमें जीवन का संघर्ष सबसे मुख्य है.उनकी कहानियों का कथ्य पाठकों से पूछता है कि जीवन को बदलने और बनाने के लिए आप क्या कर रहे हैं? अकारण नहीं है कि वे बहुत ही स्पष्ट, मारक और लोगों को सामने खड़ा करने वाला कथ्य चुनते थे.सुप्रसिद्ध साहित्यकार और दूरदर्शन के निदेशक शशांक ने स्वयं प्रकाश की छठी पुण्यतिथि पर अभिव्यक्ति के ऑनलाइन मंच पर कहा कि स्वयं प्रकाश की कहानियां व्यवस्था की गहरी पड़ताल करती हैं.उनके यहा व्यंग्य के अपूर्व सिलसिले दिखाई पड़ते हैं और उनका व्यंग्य भाषा को बेधक बनाता है. शशांक ने स्वयं प्रकाश की अनेक महत्वपूर्ण कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बलि कहानी में आदिवासी लड़की का चित्रण अद्भुत है , जहां एक छोटी सी लड़की का जीवन संघर्ष भुलाया नहीं जा सकता और जिसमें स्वयं प्रकाश ने जीवन की निर्ममता बताई है. स्वयं प्रकाश की कहानी उस तरफ के संदर्भ में शशांक ने कहा कि इस कहानी में नखतसिंह जैसा साधारण पात्र तमक कर कहता है यदि कोई मर रहा है तो भी क्या हम तमाशा देखते रहेंगे? मीडिया और प्रदर्शनप्रियता की इस प्रवृत्ति पर स्वयं प्रकाश जैसे सजग कथाकार ने बहुत पहले हमको आगाह कर दिया था.उन्होंने नीलकांत का सफर जैसी स्वयं प्रकाश की शुरुआती कहानी का उल्लेख कर बताया कि इस कहानी में अशिक्षित मजदूर ट्रैन में घुसकर कैसे खिड़कियां खोलकर रोशनी और हवा भीतर लाते हैं जबकि इससे पहले वे बताते हैं कि ट्रैन में बैठे अन्य लोगों का आचरण कैसा है.यह कहानी देश के रूपक की तरह बन गई है और स्वयं प्रकाश की कहानी कला यहां अपने श्रेष्ठ अंदाज में आई है. स्वयं प्रकाश की सांप्रदायिकता विरोधी कहानियों को भी शशांक ने अलग से रेखांकित करते हुए बताया कि उनके यहां साधारण की प्रतिष्ठा और जीवन की निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है.क्या तुमने कभी कोई सरदार भिखारी देखा का उल्लेख कर शशांक ने कहा कि कहानी में अत्यंत कठिन परिस्थिति में भी बूढ़े सरदारजी का भीख न मांगना और चाय के पैसे उधार मांगना उनके चरित्र को बड़ा बनाता है.उन्होंने इसे अर्नेस्ट हेमिंग्वे के अमर उपन्यास ओल्ड मैन एन्ड द सी से तुलनीय बताया.वहीं पार्टीशन के संबंध शशांक की टिप्पणी थी कि पार्टीशन जैसी कहानी में कुर्बान भाई के माध्यम से स्वयं प्रकाश बताते हैं कि प्रगतिशील मुसलमान पर भी कैसे कैसे दबाव पड़ते हैं और लोग उससे दूर हो जाते हैं.स्वयं प्रकाश बताते हैं कि प्रगतिशीलता के बावजूद मनुष्य को सहारा चाहिए.अकेले छोड़ देने से व्यक्ति टूट जाएगा. स्वयं प्रकाश की भाषा की प्रशंसा करते हुए शशांक ने कहा कि सरल और सहज भाषा में कथन की संपन्नता और विवेकशीलता स्वयं प्रकाश की पहचान है. उन्होंने कहा कि स्वयं प्रकाश ऐसे कथाकार हैं जो भाषा में मुहावरे गढ़ना जानते हैं.स्वयं प्रकाश की कथा भाषा जीवित भाषा है जो प्रेमचंद, यशपाल से चलकर आई है. ज्ञानरंजन, दूधनाथ सिंह, रवींद्र कालिया की तरह उन्होंने अपनी भाषा का आविष्कार किया. शशांक ने स्वयं प्रकाश की अन्य प्रसिद्ध कहानियों सूरज कब निकलेगा, नैनसी का धूड़ा, संहारकर्ता का भी विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया कि साधारणता में असाधारण की खोज स्वयं प्रकाश के कहानी लेखन का मूल मंत्र. वैचारिकता के बड़बोलेपन से दूर रहकर भी विचारधारा की प्रखरता उनकी कहानियों को महत्त्वपूर्ण बनाती है.सहज रूप से राजस्थान का जनजीवन उनकी कहानियों में आता है.प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ाव को याद करते हुए शशांक ने कहा कि एक कार्यकर्ता के रूप में स्वयं प्रकाश ने जगह जगह जाकर भाषण नहीं दिए लेकिन उनकी विश्वसनीयता ने प्रगतिशील लेखक संघ को मजबूत बनाया.वसुधा के संपादन के दौरान अनेक महत्वपूर्ण और यादगार अंक उन्होंने दिए.  चर्चा में पश्चिम बंगाल से जुड़ीं डॉ यवनिका तिवारी ने कहा कि कहानीकारों के मूल सरोकारों से परिचित होने के लिए उनके कथेतर गद्य की ओर भी कई बार जाना पड़ता है.स्वयं प्रकाश की कृति एक कहानीकार की नोटबुक भी उस अर्थ में महत्वपूर्ण साबित होती है.जयपुर से जुड़े डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने कहा कि स्वयं प्रकाश ने अपनी बहुत सारी कहानियों में अत्यंत साधारण, बल्कि कहें अकिंचन जन की असाधारणता को चित्रित किया है.उन्होंने कहा कि क्या तुमने कभी कोई सरदार भिखारी देखा कहानी स्वयं प्रकाश के वास्तविक अनुभव पर आधारित है.डॉ अग्रवाल ने स्वयं प्रकाश की भाषा को अत्यंत सहज और आत्मीय बताया जैसे वे अपने पाठक से बतिया रहे हों.नीता श्रीवास्तव ने कहा कि स्वयं प्रकाश के लेखन का अधिकांश विषय सर्वहारा वर्ग और जनसामान्य की मनोव्यथा पर है. दिल्ली से जुड़े डॉ पल्लव ने कहा कि भूमंडलीकरण की परिघटना पर हिंदी में पहला उपन्यास स्वयं प्रकाश ने लिखा जो ईंधन शीर्षक से प्रकाशित हुआ.अजमेर से जुड़ीं डॉ विमलेश शर्मा ने कहा स्वयं प्रकाश की कहानियों का स्वर जनवादी है .वे आम आदमी, मजदूर, किसान, और निम्न-मध्य वर्ग के संघर्षों को अपनी कहानियों का केंद्र बनाते हैं, उनकी समस्याओं- संवेदनाओं को उजागर करते हैं.उनकी कहानियों के चरित्र बेहद सहज है.संवाद में डॉ सदाशिव श्रोत्रिय, डॉ एकता मंडल, डॉ साहिल कैरों  सहित अनेक लेखक, शिक्षक और पाठक जुड़े.संयोजन कर रहे राजस्थान विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग में सहायक आचार्य डॉ विशाल विक्रम सिंह ने अंत में आभार प्रदर्शित किया. The post साधारण में असाधारण की खोज स्वयं प्रकाश के लेखन का मूल : शशांक appeared first on Naya Vichar.

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Beetroot Roti Recipe: रोज के नाश्ते को बनाएं खास, तैयार करें हेल्दी बीटरूट रोटी

Beetroot Roti Recipe: अगर आप रोजाना की सिंपल रोटी में कुछ नया और हेल्दी ट्विस्ट चाहते हैं, तो बीटरूट रोटी आपके लिए परफेक्ट है. बीटरूट से बनी पूरी और पराठा तो आपने ट्राई किया ही होगा लेकिन आज हम आपको बिना तेल का इस्तेमाल करके इसकी रोटी बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं. ये हेल्दी रोटी न सिर्फ रंग में खूबसूरत होती है बल्कि इसका स्वाद भी बहुत मजेदार होता है. साथ ही अगर आपके बच्चों को बीटरूट पसंद नहीं है, तो उन्हें आप इस रोटी को आसानी से खिला सकते हैं. तो आइए जानते हैं इस आर्टिकल की मदद से कुछ आसान स्टेप को फॉलो करके बीटरूट रोटी बनाने की रेसिपी.  बीटरूट रोटी बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? गेहूं का आटा – 2 कप बीटरूट – 1  पानी – जरूरत के अनुसार नमक –  आधा चम्मच  बीटरूट रोटी बनाने की विधि क्या है? (How To Make Beetroot Roti) सबसे पहले आप बीटरूट को धोकर टुकड़ों में काट लें. इसे मिक्सर में डालकर पेस्ट बना लें. अब इसे छानकर रस निकालकर अलग कर दें.   अब एक बर्तन में आटा लें फिर इसमें नमक, बीटरूट का रस डालकर गूंथ लें. जरूरत पड़े तो आप इसमें पानी भी डाल सकते हैं.   अब आप आटे की लाई बनाएं फिर इससे गोल आकार की रोटी बेल लें. इसके बाद गैस में तवा गर्म करें और बेली हुई रोटी डालकर अच्छे से पकाएं.   रोटी अच्छे से पक जाने के बाद आप इसे निकालकर गरमा-गरम सब्जी या चटनी के साथ सर्व करें. ये खाने में बहुत टेस्टी और हेल्दी होती हैं जिसे आपको एक बार घर पर बनाकर जरूर ट्राई करना चाहिए.   यह भी पढ़ें- Kulcha Recipe: पंजाबी फूड का मजा अब घर में, ढाबा स्टाइल में बनाएं मशहूर कुलचा यह भी पढ़ें- How To Make Perfect Gol Roti: अब नहीं बनेगी टेढ़ी-मेढ़ी रोटी, जानें एकदम गोल रोटियां बनाने का आसान तरीका The post Beetroot Roti Recipe: रोज के नाश्ते को बनाएं खास, तैयार करें हेल्दी बीटरूट रोटी appeared first on Naya Vichar.

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Spicy Pumpkin Idli Recipe: अगर पसंद है तीखा चटपटा खाना तो बनाएं स्पाइसी पंपकिन इडली रेसिपी – ये ट्विस्ट आपको जरूर पसंद आएगा

Spicy Pumpkin Idli Recipe: साउथ इंडियन फूड दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन कर्नाटक की कद्दू से बनी स्पाइसी पंपकिन इडली की बात की कुछ और है. यह यूनिक इडली कद्दू की प्राकृतिक मिठास, सूखे मसालों की हल्की गर्माहट और नारियल तेल की सुगंध से भरपूर होती है. खास बात यह है कि कद्दू के इस्तेमाल से इडली और भी ज्यादा मुलायम और स्पंजी बनती है, जिससे खाने का मजा और दोगुना हो जाता है. Spicy Pumpkin Idli Recipe Ingredient: स्पाइसी पंपकिन इडली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री क्या है? कद्दू (कद्दूकस किया हुआ जो ना की ज्यादा पका हो ना ही एकदम कच्चा) – 2 कप सूजी – 1 कप दही – ½ कप हरी मिर्च पेस्ट – 1 चम्मच अदरक पेस्ट – 1 चम्मच हल्दी – ¼ चम्मच राई – ½ चम्मच करी पत्ता – 6–8 नारियल तेल – 1 चम्मच नमक – स्वादानुसार ईनो/बेकिंग सोडा – ½ चम्मच (अगर आप तुरंत बनाना चाह रही है तो) Karnataka special pumpkin idli recipe Spicy Pumpkin Idli Recipe: कद्दू से बनी स्पाइसी पंपकिन इडली बनाने के आसान विधि हिन्दी में सबसे पहले कड़ाही में नारियल तेल गर्म करें और उसमें राई और करी पत्ता डालकर तड़का तैयार करें. अब कद्दूकस किया हुआ कद्दू डालें और 2–3 मिनट हल्का सा भून लें ताकि उसका कच्चापन दूर हो जाए. एक बड़े बाउल में सूजी, दही, हल्दी, अदरक-हरी मिर्च पेस्ट और नमक मिलाएं. अब भुना हुआ कद्दू इस मिक्स्चर में डालकर अच्छी तरह बैटर तैयार करें. बैटर को 10 मिनट आराम करने दें. इडली प्लेट को चिकना करें और स्टीमर तैयार रखें. इडली बनाने से ठीक पहले बैटर में ईनो डालें और तुरंत हल्के हाथों से मिलाएं. इडली मोल्ड में घोल भरें और 12–15 मिनट तक स्टीम करें. पकने के बाद इडली थोड़ी ठंडी होने दें, फिर चम्मच की मदद से निकाल लें. अब आप इसे अपनी पसंद की सब्जी करी पत्ता राई-सरसों के बीज से तड़का लड़ाएं और भरपूर स्वाद लें. यह स्पाइसी पंपकिन इडली नारियल चटनी या टमाटर चटनी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. कर्नाटक के देसी फ्लेवर और कद्दू के पौष्टिक तड़के वाली यह रेसिपी आपके नाश्ते का नया पसंदीदा बन जाएगी. Also Read: Grilled Idli Recipe: इडली को दें नया ट्विस्ट – घर पर बनाएं क्रिस्पी ग्रिल्ड इडली स्नैक Also Read: बाहर से क्रिस्पी, अंदर से चीजी – ट्राई करें स्वाद से भरपूर Pumpkin Cheese Balls Recipe The post Spicy Pumpkin Idli Recipe: अगर पसंद है तीखा चटपटा खाना तो बनाएं स्पाइसी पंपकिन इडली रेसिपी – ये ट्विस्ट आपको जरूर पसंद आएगा appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: बिहार में एंबुलेंस न मिलने पर बेटे ने मां का शव स्ट्रेचर पर घसीटा, पत्नी-बेटे को अस्पताल में रखा गिरवी

Viral Video: बिहार के नवादा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. अकबरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में उपचार के दौरान 75 वर्षीय केशरी देवी की मौत हो गई. लेकिन मौत के बाद जो हुआ, उसने हेल्थ सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया. परिजनों ने जब शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की, तो अस्पताल प्रशासन ने साफ मना कर दिया. उनके अनुसार मृतकों को ले जाने के लिए यहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. स्ट्रेचर के बदले पत्नी और बेटे को अस्पताल में बैठाया मृतका के बेटे के बार-बार आग्रह के बावजूद एंबुलेंस नहीं दी गई. लंबे अनुरोध के बाद अस्पताल ने स्ट्रेचर देने की बात तो मानी, लेकिन एक अजीब शर्त रख दी- स्ट्रेचर वापस आने तक बेटे और पत्नी को अस्पताल में “गारंटर” के तौर पर बैठना होगा. मजबूरी में परिजनों ने यह शर्त मान ली. घर तक स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा शव अकबरपुर बाजार निवासी अजय साव ने बताया कि रात के अंधेरे में उन्हें अपनी 75 वर्षीय मां का शव स्ट्रेचर पर अपने घर तक घसीटकर ले जाना पड़ा. घर पहुंचने के बाद स्ट्रेचर वापस किया गया, तब जाकर अस्पताल ने अजय की पत्नी और शिशु को छोड़ा. अजय की पत्नी ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों से हाथ जोड़कर स्ट्रेचर देने की गुहार लगाई थी. उन्होंने भरोसा दिलाया था कि स्ट्रेचर वापस करने तक वे वहीं रुकेंगी, तब जाकर उन्हें स्ट्रेचर मिला. नवादा (बिहार): अकबरपुर PHC में 75 वर्षीय स्त्री की मौत, एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजन रात में स्ट्रेचर पर घर ले गए शव. वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी की सफाई. बोले-102 एंबुलेंस से शव ले जाना नियमों में नहीं.#Nawada #BiharHealth #AmbulanceCrisis #ViralVideo… pic.twitter.com/ngzdLxwSat — Naya Vichar (@prabhatkhabar) December 9, 2025 घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि 102 नंबर की एम्बुलेंस सिर्फ मरीजों को लाने-लेजाने के लिए है, शव परिवहन की अनुमति इस सेवा में नहीं है. शव वाहन सदर अस्पताल में उपलब्ध है, और सूचना मिलने पर व्यवस्था कर दी जाती. उन्होंने यह भी कहा कि मृतका का घर अस्पताल के बिल्कुल पास था, इसलिए परिजन अपने स्तर पर स्ट्रेचर लेकर चले गए. Also Read: Bihar Train News: पटना और दरभंगा से दिल्ली के लिए चलेंगी चार स्पेशल ट्रेनें, देखें टाइम टेबल The post Viral Video: बिहार में एंबुलेंस न मिलने पर बेटे ने मां का शव स्ट्रेचर पर घसीटा, पत्नी-बेटे को अस्पताल में रखा गिरवी appeared first on Naya Vichar.

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Astrology: रात में पांव धोकर सोने के ये अद्भुत फायदे! शनि दोष से मिलती है मुक्ति, जानें वैज्ञानिक और अध्यात्मिक महत्व

Astrology: हमारी संस्कृति में रात को पैर धोकर सोने की जो परंपरा है वो न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही मानी जाती है. पांव को अगर न साफ किया जाए तो दिनभर की जमी गंदगी से बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इससे नींद की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ सकता है. पांव को धोने से शरीर तो स्वस्थ्य रहता ही है साथ ही आपके ग्रह भी मजबूत होते हैं. आइए जानते हैं रात में पांव धोकर सोने के फायदे. ये हैं पांव धोने के अद्भुत फायदे कुंडली में शनि होता हैं मजबूतरात में पांव धोकर सोने से शनि ग्रह की स्थिति प्रबल होती है. शनि से जुड़ी जो भी समस्याएं होती हैं वो दूर होती हैं तथा कारोबार व करियर में आने वाली रुकावटें भी दूर होने लगती हैं. वास्तु के मुताबिक पैरों को धोकर सोना मन पर अच्छा प्रभाव डालता है और मन को शांति मिलती है. गरुड़ पुराण के मुताबिक गरुड़ पुराण तथा मनुस्मृति में रात में सोने से पहले पांव के शुद्धिकरण को बेहद जरूरी बताया गया है. इसमें बताया गया है कि ऐसा करने से मन शांत होता है और नींद अच्छी आती है. इससे मानसिक एवं आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर लाभ पहुंचता है. स्कंद पुराण के अनुसार इस पुराण में यह बताया गया है कि पैरों में यदि धूल-गंदगी तथा पसीना लगा हो तो इससे तामसिक ऊर्जा बढ़ सकती है. इसकी वजह से मन पर बुरा असर पड़ता है और नींद भी प्रभावित होती है. वास्तु के मुताबिक वास्तु में रात को पांव धोकर सोने को “रात्रि शुद्धि” बताया गया है. इससे मन पर अच्छा असर होता है. दांपत्य संबंधों में भी मिठास बढ़ता है. इससे घर में दिन भर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. Also Read: Vastu Tips: आपकी इस एक गलती से घर में प्रवेश करती है बर्बादी, मुख्य द्वार पर भूलकर भी न रखें ये चीजें The post Astrology: रात में पांव धोकर सोने के ये अद्भुत फायदे! शनि दोष से मिलती है मुक्ति, जानें वैज्ञानिक और अध्यात्मिक महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Stock to Watch: IndiGo की ऑपरेशनल रिकवरी और PW के मजबूत नतीजे, निवेशकों की नजरें आज इन स्टॉक्स पर

Stock to Watch: मंगलवार के कारोबार में PhysicsWallah, इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo), Siemens, ICICI Bank और L&T जैसे प्रमुख शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी. सोमवार के बाजार बंद होने के बाद कई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घोषणाएं सामने आईं, जिनका प्रभाव आगामी सत्र में देखने को मिल सकता है. PhysicsWallah ने अपने विभिन्न सहायक उपक्रमों में कुल लगभग 488 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है. इसमें अधिकतम निवेश Penpencil Edu Services में किया जाएगा. कंपनी ने Utkarsh Classes & Edutech में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तीसरे चरण के अधिग्रहण को भी स्वीकृति दी है, जिसके बाद उसकी हिस्सेदारी 75.5 प्रतिशत हो जाएगी. IndiGo ने 8 दिसंबर के लिए अपना संचालन अपडेट जारी किया, जिसमें बताया गया कि उसने 1,800 से अधिक उड़ानें संचालित कीं और लगभग 90 प्रतिशत ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दर्ज की. हालांकि Moody’s ने एयरलाइन के ह्यूमन कैपिटल स्कोर को घटाकर 4 कर दिया है, जो धीमी हायरिंग की वजह से परिचालन पर पड़े असर को दर्शाता है. L&T ने अपने रियल्टी कारोबार को सहायक कंपनी L&T Realty Properties को स्लंप सेल के माध्यम से ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है. HLE Glascoat को Kinam Enterprise के साथ विलय के बाद नई इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग की अनुमति मिल गई है. Reliance Power ने Reliance Capital को प्रमोटर समूह से हटाकर पब्लिक श्रेणी में रखने का निर्णय किया है. UFLEX ने ‘Project Plastic Fix’ के तहत प्लास्टिक कचरे से मूल्य निर्माण पर जोर देने वाली नई पहल शुरू की है. TCC Concept ने Pepperfry को 592 करोड़ रुपये के मूल्य के शेयर आवंटित करने को स्वीकृति दी है. ICICI Bank ने ICICI Prudential AMC में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 2,140 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है. Siemens ने अपने लो वोल्टेज मोटर कारोबार को Innomotics India को 2,200 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला लिया है. Bajaj Finserv ने नवंबर महीने के लिए अपनी बीमा इकाइयों के प्रीमियम आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें स्थिर वृद्धि दिखाई दी है. अर्निंग्स: Fujiyama Power और PhysicsWallah Fujiyama Power ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. कंपनी की आय में 72 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है, जबकि EBITDA और नेट प्रॉफिट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है. PhysicsWallah के संयुक्त परिणाम भी प्रभावशाली रहे. कंपनी की राजस्व वृद्धि 26 प्रतिशत रही, EBITDA में 35 प्रतिशत की बढ़त हुई और मुनाफा 62 प्रतिशत उछलकर 72.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिससे एडटेक सेक्टर में उसकी स्थिति और मजबूत होती दिख रही है. M&M का नवंबर अपडेट Mahindra & Mahindra के नवंबर महीने में उत्पादन और बिक्री दोनों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई. XUV3XO जैसे मॉडलों की मांग मजबूत रही, जबकि XUV700 के पेट्रोल वेरिएंट की बिक्री में कुछ कमी दिखी. कुल मिलाकर कंपनी का मासिक प्रदर्शन सकारात्मक रहा. विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में बना हुआ है और निफ्टी के लिए 25,900 से 25,700 का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक फिलहाल स्टॉक-विशिष्ट रणनीतियों पर ध्यान दें और सावधानी से ट्रेडिंग करें. Also Read : SBI Share Price: आठ दिसंबर को 1.66% गिरा एसबीआई का शेयर, मगर 5 साल में दिया छप्परफाड़ मुनाफा The post Stock to Watch: IndiGo की ऑपरेशनल रिकवरी और PW के मजबूत नतीजे, निवेशकों की नजरें आज इन स्टॉक्स पर appeared first on Naya Vichar.

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Saphala Ekadashi 2025 Remedies: सफला एकादशी के दिन बस एक बार कर लें ये उपाय, हर काम में मिलने लगेगी सफलता

Saphala Ekadashi 2025 Remedies: हिंदू धर्म में एकादशी के पर्व को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है. साल में 24 एकादशी के व्रत आते हैं. इसका मतलब है कि हर महीने दो एकादशी व्रत रखे जाते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष मास में किए जाने वाले एकादशी के व्रत को सफला एकादशी कहा जाता है. यदि आप किसी भी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, कार्य होते-होते अटक रहा है, सफलता नहीं मिल रही है, तो ऐसे में आपको यह पूजा अवश्य करनी चाहिए. माना जाता है कि इस व्रत को करने से सारी परेशानियां दूर होती हैं और कार्यक्षेत्र या किसी भी अन्य क्षेत्र में सफलता मिलती है. कहा जाता है कि इस दिन पूजा के साथ-साथ कुछ ज्योतिषीय उपाय करने से पूजा के फल पर शुभ प्रभाव पड़ता है. सफला एकादशी के दिन किन-किन उपायों को करना है शुभ विवाह और दांपत्य जीवन जल्दी विवाह या दांपत्य जीवन में मधुरता और मजबूती के लिए इस दिन किसी केले के पेड़ पर कच्चे सत्तू का लेप लगाएं. इसके बाद उस पेड़ की पूजा करें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूती आती है और विवाह योग्य स्त्री और पुरुष का विवाह जल्दी तय हो जाता है. कार्यक्षेत्र से संबंधित समस्या के लिए उपाय यदि आप अपने कार्यक्षेत्र में संघर्ष कर रहे हैं, लाख कोशिशों के बाद भी नौकरी या व्यवसाय में सफलता नहीं मिल रही है, तो ऐसे में किसी जरूरतमंद को वस्त्र दान करें. मान्यता है कि इससे कार्यों के बीच आने वाले विघ्न समाप्त हो जाते हैं और सफलता प्राप्त होती है. इस दिन पीले रंग का कपड़ा दान करना उत्तम माना गया है. पापों से मुक्ति के लिए उपाय धार्मिक मान्यता के अनुसार, सफला एकादशी की रात जो भी भक्त विष्णु सहस्रनाम का जाप करता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन स्नान करने के बाद रात के समय भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं और प्रार्थना करें. इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का जाप करें. पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति यदि आप पर पितृदोष या कालसर्प दोष है, तो सफला एकादशी के दिन सुबह के समय पीपल के पेड़ पर दूध और जल चढ़ाएं. शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाएं. दिया जलाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करें. माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का निवास होता है. ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और पितृदोष तथा कालसर्प दोष दूर होता है. यह भी पढ़ें: Saphala Ekadashi 2025 Upay: सफला एकादशी व्रत कब है? घर परिवार में सुख समृद्धि के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Saphala Ekadashi 2025 Remedies: सफला एकादशी के दिन बस एक बार कर लें ये उपाय, हर काम में मिलने लगेगी सफलता appeared first on Naya Vichar.

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