Hot News

December 10, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म में रहे एएनएम

कुमारखंड. प्रखंड के सीएचसी परिसर स्थित सभागार भवन में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वरुण कुमार ने एएनएम के साथ बैठक की, जिसमें बीएचएम डॉ कुमार धनंजय, डब्ल्यूएचओ डॉ आशुतोष कुमार बैठक में उपस्थित थे. बीएचएम ने एएनएम को कहा आप कि पहचान आपका यूनिफॉर्म है. ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म में रहेंगे. सेंटर पर पहुंच कर जिओ टेक फोटो ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करेंगे. ड्यू लिस्ट सर्वे पर जोड़ दिया एवं ससमय पर सर्वे को सत प्रतिशत करना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा भव्या लाइट पोर्टल पर शत प्रतिशत एंट्री करेंगे. अपने अपने सेंटर पर पहुंच कर नियमित टीकारण,ओपीडी,स्क्रीनिंग,एमआरआई, आरसीएच, एचएमआईएस करना सुनिश्चित करेंगे. प्रत्येक दिन पोर्टल का एनालिसिस करना, अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को प्रशासन की जो भी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देना आयुष्मान कार्ड बनवाना, गैर संचारी रोग की जानकारी दें. मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी वरुण कुमार, बीएचएम कुमार धनंजय, डीईओ, मुजाहिद आलम, प्रियंका कुमारी, खुशबू कुमारी, मुस्कान कुमारी, रेखा कुमारी, लवली कुमारी, रूबी कुमारी कुमारी मनीषा,रंजना कुमारी, मिली कुमारी, पल्लवी कुमारी, रागनी कुमारी आदि मौजूद थीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म में रहे एएनएम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मानव को अपना अधिकार जाने बिना समुचित विकास संभव नहीं

– एएलवाई कॉलेज में विश्व मानवाधिकार दिवस पर संगोष्ठी का किया गया आयोजन – स्वयंसेवक मानवाधिकार संबंधी जागरूकता फैलाकर सभ्य, स्वच्छ व विकसित समाज निर्माण में करें सहयोग त्रिवेणीगंज. एएलवाई कॉलेज में बुधवार को विश्व मानवाधिकार दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता प्राध्यापक प्रो. अरुण कुमार ने की. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जिंदगी, आजादी, बराबरी और सम्मान के अधिकारों को हम मानवाधिकार कहते हैं. मानव को अपना अधिकार जाने बिना उनका समुचित विकास संभव नहीं है. मानवाधिकार व्यक्ति को एक पूर्ण और विकसित मानव बनाता है. किसी भी राष्ट्र का विकास वहां के व्यक्ति के ज्ञान, अधिकार और कर्तव्य बोध पर निर्भर करता है. जिस समाज में शिशु-बुढ़े और समाज के दबे कुचले वर्ग के व्यक्ति के अधिकार का हनन होगा, उस राष्ट्र का एक उन्नत अथवा विकसित राष्ट्र बनने का सपना सदैव एक स्वप्न ही रहेगा. विश्व युद्ध की विभीषिका से झुलस रहे लोगों के दर्द को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा मानव के अधिकारों की रक्षा के लिए 10 दिसंबर 1948 को उनके अपने अधिकार और कर्तव्य का बोध कराने एवं मानवाधिकार रक्षा के उद्देश्य से विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की गयी. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अधिकारिक तौर पर वर्ष 1950 को संपूर्ण विश्व में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने की तिथि निर्धारित की गयी. तब से संपूर्ण विश्व में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाने लगा. हालांकि, हिंदुस्तान में 28 सितंबर 1993 को विश्व मानवाधिकार कानून अमल में आया. 12 अक्तूबर 1993 को हिंदुस्तान प्रशासन ने मानवाधिकार आयोग का गठन किया. हिंदुस्तानीय संविधान मानवाधिकार कानून का रक्षा करते हुए इसे तोड़ने वाले को अदालत द्वारा सजा भी देती है. हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 23, 24, 39, 43, 45 देश में मानवाधिकार की रक्षा के लिए सुनिश्चित है. एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. विद्यानंद यादव ने बताया विश्व मानवाधिकार का घोषणा पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ का एक बुनियादी भाग है, जो व्यक्ति के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है. हमारा मौलिक अधिकार छह है. समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार, संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार, संवैधानिक उपचारों का अधिकार, जिसे सभी को जानना आवश्यक है. मानवाधिकार आयोग के अधिकार कार्य क्षेत्र में नागरिक की नेतृत्व के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार के तहत बाल- मजदूरी, एचआईवी/एड्स, स्वास्थ्य, भोजन, बाल-विवाह, स्त्री अधिकार, हिरासत और मुठभेड़ में होने वाली मौत, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजाति, धर्म भेद, लिंग भेद आता है. विश्व मानवाधिकार के घोषणापत्र का मुख्य विषय-शिक्षा,स्वास्थ्य, रोजगार,आवास,संस्कृति, खाद्यान्न व मनोरंजन,धर्म-भेद लिंग-भेद तथा अन्य से जुड़ी मानव की बुनियादी मांगों से संबंधित है, लेकिन विश्व के बहुत से क्षेत्र में अशिक्षा, भुखमरी, बेरोजगारी तथा तरह-तरह के रोग, आवास की समस्या है जो मानवीय अधिकार की रक्षा के लिए बहुत बड़ा बाधक है. इतना ही नहीं, शिशु-वरिष्ठ नागरिक और स्त्रीओं की बुनियादी हितों के साथ नस्लभेद मानवाधिकार के कार्य के विकास के लिए बहुत बड़ा बाधक है. विश्व मानवाधिकार दिवस 2025 का थीम मानवाधिकार हमारी रोजमर्रा की ज़रूरतें मानव के अधिकारों का पहचान देना और उनके वजूद को अस्तित्व में लाना हम सबों का कर्तव्य है. स्वयंसेवकों का कर्तव्य है कि मानवाधिकार संबंधी जागरूकता फैलाकर सभ्य, स्वच्छ एवं विकसित समाज के निर्माण में सहयोग करें. मौके पर प्रो. शंभू यादव, प्रो. कुमारी पूनम, प्रो. देवनारायण यादव, डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. कुलानंद यादव, प्रो. राजकुमार यादव, सोनू स्नेहिल, सुरेंद्र कुमार, भूषण कुमार, अनुपम कुमार, दिलीप दिवाकर, गगन कुमार, दिग्दर्शन, रंजन कुमार, करण कुमार कुणाल, नागेश्वर यादव, बालकिशोर कुमार, प्रभात कुमार, हिरेंद्र कुमार, सिमरन गोयल, आस्था कुमारी, प्रियांशु कुमारी, सरिता कुमारी, शबनम कुमारी, नीलू कुमारी, दिव्या कुमारी, स्वीटी कुमारी, रिया कुमारी, गोविंद कुमार, अंकिता हिंदुस्तानी, श्रेया हिंदुस्तानी, आश्वी कुमारी, रंजूषा सुमन, सरिता कुमारी, चांदनी कुमारी, मनीषा कुमारी, शिव कुमार, रोशन राज, शुभम कुमार, ज्ञान मनी, मुस्कान परवीन, रंजीत कुमार, अभिनव कुमार, साक्षी कुमारी आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मानव को अपना अधिकार जाने बिना समुचित विकास संभव नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कुजरी गांव में पानी बहाने के विवाद में महिला की हत्या

पलासी (अररिया). प्रखंड क्षेत्र के कुजरी गांव के वार्ड संख्या 10 में बुधवार को नाला का पानी बहाने के विवाद में 50 वर्षीय स्त्री की हत्या कर दी गयी. मृतका साबरा खातून कुजरी गांव के रियाज उद्दीन की पत्नी है. सूचना पर पहुंची पलासी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भिजवा दिया. वहीं सूचना मिलने पर एसडीपीओ सुशील कुमार एफएसएल की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे व मामले की जानकारी ली. वर्षों से चल रहा था भूमि विवाद घटना के संबंध में मिली जानकारी अनुसार मृतका का बगल के पड़ोसी मुजफ्फर व अशद से वर्षों से भूमि विवाद चल रहा है. इसी दौरान बुधवार की सुबह नाला का पानी बहाने के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगेी. इसमें साबरा खातून की चापाकल के चबूतरे पर पटक कर हत्या कर दी गयी. ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी स्त्री की हत्या की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सुशील कुमार, पुअनि इस्लामुद्दीन मौके पर पहुंचे व जानकारी ली. मृतका साबरा खातून के परिजनों में मातमी सन्नाटा पसर गया है. शव को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. कहते हैं एसडीपीओ एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में पूर्व से भूमि विवाद चल रहा था. बुधवार को पानी बहाने के विवाद में हुई मारपीट के दौरान चापाकल के चबूतरे पर पटक देने से स्त्री की मौत हो गयी. पुलिस घटना की जांच कर रही है.सुशील कुमार, एसडीपीओ डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कुजरी गांव में पानी बहाने के विवाद में स्त्री की हत्या appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भाजपा नेता के निधन से शोक की लहर

कटिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व कटिहार भाजपा क्रीड़ा मंच के पूर्व जिलाध्यक्ष शिशिर कुमार सिन्हा का असामायिक निधन हो गया. उनके निधन से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं शोक व्याप्त है. उनके निधन पर भाजपा नेता मनोज सिन्हा, मनोज साह, अभिषेक तिवारी, लियाकत अली सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की है. साथ ही कहा कि उनके असामायिक निधन से एक समाजिक कार्यकर्ता को खो दिया है. ईश्वर से प्रार्थना की है कि शिशिर सिन्हा के आत्मा को शांति प्रदान करें एवं उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में कष्ट सहने का आत्मबल प्रदान करें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post भाजपा नेता के निधन से शोक की लहर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सनौर पुल की टीम ने की फोटोग्राफी, दो पिलर पाये गये कमजोर

नया विचार इंपैक्ट. विशेष प्रमंडल की टीम ने किया निरीक्षण बालू के अवैध खनन से पुल की बदहाली की समाचार का असर प्रतिनिधि, बसंतराय. झारखंड-बिहार की सीमा पर सनौर गांव के पास गेरुआ नदी पर बने उच्च स्तरीय जर्जर पुल का चार सदस्यीय इंजीनियर टीम ने निरीक्षण किया. पुल की बदहाली को लेकर नया विचार में प्रकाशित समाचार के बाद विभाग सक्रिय हुआ. विशेष प्रमंडल गोड्डा की तकनीकी टीम बुधवार को मौके पर पहुंची और पुल की पूरी स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया टीम में ये थे शामिल जांच टीम में सहायक अभियंता राजीव रंजन सिंह, रत्नेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता मिहिर कुमार एवं सुधीर कुमार शामिल थे. टीम ने पुल के पीलर, पानी के कटाव से प्रभावित हिस्से, ऊपरी सतह तथा एप्रोच पथ की समस्या को करीब से देखा और रिपोर्ट तैयार की. आवश्यक वीडियो और फोटो के माध्यम से पूरे ढांचे का भी अवलोकन किया गया. टीम ने माना: पुल का पिलर हुआ कमजोर, मरम्मत की जरूरत जांच दल ने जानकारी दी कि कटाव की वजह से उच्च स्तरीय पुल के दो पीलर कमजोर हो गए हैं. कुछ हिस्सों के सरिया तक ज्वॉइंट से खुले हैं. पुल की ऊपरी सतह पर बने गड्ढे और जर्जर एप्रोच पथ की भी तत्काल मरम्मत आवश्यक है. टीम ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर पुल की स्थिति और भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न खतरे की जानकारी भी प्राप्त की. जांच दल के सदस्यों ने बताया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर जांच करने आए थे. रिपोर्ट शीघ्र ही वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी. वहीं, स्थानीय लोगों ने विभाग की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और आशा जतायी है कि जल्द ही पुल की समस्या का समाधान होगा, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सनौर पुल की टीम ने की फोटोग्राफी, दो पिलर पाये गये कमजोर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण करने से रोके : अध्यक्ष

मारगोमुंडा. प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को प्रधान संघ के अध्यक्ष जलील हैदर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सभी ग्राम प्रधान अपने मौजा का लागान रशीद जल्द से जल्द अंचल कार्यालय में जमा करें. कहा कि जो प्रधान बैठक में उपस्थित नहीं हो पाये है वे अगली बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे. उन्होंने ग्राम प्रधानों के निर्देशित किया कि गैरमजरूआ व प्रशासनी जमीन का अतिक्रमण न होने दें. जो अतिक्रमण हुआ उसे हटाने की प्रक्रिया करें. मौके पर प्रधान सहायक इकबाल हुसैन, मुस्तकीम मियां, सुखलाल शाह, आसीन मियां, टुपलाल राय, अलाउद्दीन मियां, दीपक दे, मकसूद खां, बीमल मरांडी, कमरूद्दीन मियां, सर्वेश्वर बेसरा, नेमूल प्रधान, बारीक खां आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण करने से रोके : अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

hajipur news. देसरी प्रखंड कार्यालय के निर्माण के लिए अब तक विभाग को नहीं भेजा गया प्रस्ताव, आरटीआइ से खुलासा

देसरी. देसरी प्रखण्ड सह अंचल कार्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने की शिकायत मुख्यमंत्री से एक बार फिर की गई है. बिहार प्रशासन के ग्रामीण विकास विभाग ने आरटीआई एक्टिविस्ट एवं देसरी प्रखंड परिवर्तन संघर्ष मोर्चा के सचिव रंजीत पंडित को सूचना उपलब्ध कराते हुए कहा है कि वैशाली जिला के देसरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं आवासीय भवन निर्माण हेतु भू-अर्जन प्रस्ताव विभाग में अप्राप्त है. जिला से ग्रामीण विकास विभाग को भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव नहीं भेजे जाने की सूचना मिलने पर मोर्चा के सचिव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने और इस कार्य में रुचि नहीं लेने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि तीन दिसंबर 1999 को देसरी प्रखण्ड की स्थापना हुई थी. स्थापना के 26 वर्ष होने के बाद भी प्रखण्ड सह अंचल कार्यालय का अपना भवन नहीं होना काफी दुखद है. देसरी प्रखंड परिवर्तन संघर्ष मोर्चा के सचिव ने कहा कि वैशाली जिला के देसरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं आवासीय भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग 2012 से ग्रामीण विकास विभाग द्वारा की जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीन रवैया के कारण आज तक भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. प्रखंड कार्यालय व्यापार मंडल के उत्पादन एवं भंडारण केंद्र से संचालित हो रहा है. उत्पादन एवं भंडारण केंद्र के छोटे कमरे में प्रखंड विकास पदाधिकारी बैठते हैं. कृषि भवन से अंचल कार्यालय देसरी का संचालन होता है. अंचलाधिकारी को भूमि देख-रेख की जवाबदेही भी होती है, लेकिन स्वयं अंचल कार्यालय के लिए भूमि नहीं होना प्रशासनी उदासीनता को दर्शाता है. देसरी प्रखंड परिवर्तन संघर्ष मोर्चा के सदस्य ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post hajipur news. देसरी प्रखंड कार्यालय के निर्माण के लिए अब तक विभाग को नहीं भेजा गया प्रस्ताव, आरटीआइ से खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Samastipur News:नये पैटर्न पर आधारित था प्रश्न पत्र व सवाल अपेक्षाकृत थे कठिन

Samastipur News: समस्तीपुर : बिहार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से आयोजित बिहार पुलिस चालक सिपाही संवर्ग की भर्ती परीक्षा जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. जिले के कुल 13 परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में दिशा-निर्देश के आलोक में परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा दोपहर 12 बजे से अपराह्न 2 बजे तक आयोजित हुई. जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. जिसके चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई. इस परीक्षा में कुल 5483 के विरुद्ध 3987 अभ्यर्थी शामिल हुए. जबकि 1496 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. शहर के आरएसबी इंटर विद्यालय केन्द्र से परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र नए पैटर्न पर आधारित था. सवाल अपेक्षाकृत कठिन थे. अभ्यर्थियों के अनुसार गणित, समसामयिक घटनाओं और विशेष विषयों से जुड़े प्रश्नों ने परीक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया. बलिया से परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि वह पहली बार बिहार में यह परीक्षा देने आये हैं. उनके अनुसार परीक्षा अच्छी तरह से संपन्न हुई, हालांकि प्रश्न कठिन होने के कारण समय अधिक लगा. परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते समय कई अभ्यर्थियों के चेहरों पर मायूसी भी नजर आई. अभ्यर्थी विकास कुमार ने कहा कि प्रश्न सिलेबस से बाहर के थे, जिससे उन्हें केवल 100 में से 60 प्रश्न ही निश्चित रूप से हल कर पाने का भरोसा है, शेष अनुमान के आधार पर किये गये. कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि पहली बार ऐसा अनुभव हुआ जब सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गये. कहा कि भूगोल, विज्ञान और अन्य विषयों से अधिक प्रश्न होने के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Samastipur News:नये पैटर्न पर आधारित था प्रश्न पत्र व सवाल अपेक्षाकृत थे कठिन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Rajya Sabha: मानव अधिकार को सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी

Rajya Sabha: संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1948 में अंगीकृत मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 77वीं वर्षगांठ को लेकर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक एवं कालजयी दस्तावेज मौजूदा समय में भी विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के लिए मानवीय गरिमा, स्वतंत्रता, समानता और न्याय की आधारशिला है.  इस वर्ष की वैश्विक विषय-वस्तु है ‘मानव अधिकार: हमारे दैनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं’- तीन सरल किंतु अत्यंत गहन सत्यों को रेखांकित करती है. मानव अधिकार सकारात्मक होते हैं, मानव अधिकार अनिवार्य होते हैं और मानव अधिकार प्राप्त हैं. मानव अधिकार व्यक्ति और समुदाय दोनों को सशक्त बनाते हैं, किसी भी तरह की क्षति से बचाते हैं, मानवीय गरिमा की रक्षा करते हैं और समाज को बेहतर बनाते हैं. प्राचीन आदर्श से सीख लेने की जरूरत सभापति ने कहा कि सभी को वसुधैव कुटुम्बकम् यानी संपूर्ण संसार एक परिवार है के अपने प्राचीन आदर्श से प्रेरणा लेते हुए ऐसे संविधान के मार्गदर्शन में सदैव इन सार्वभौमिक मूल्यों का एक दृढ़ समर्थक रहा है जो मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांतों की गारंटी देता है. निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के रूप में यह हमारा परम कर्तव्य है कि हम यह सुनिश्चित करें कि मानव अधिकार प्रत्येक नागरिक के लिए विशेष रूप से हमारे समाज के सबसे संवेदनशील, दुर्बल और हाशिए पर स्थित वर्गों के प्रति जीवंत एवं वास्तव में उपलब्ध रहें.  मानव अधिकार दिवस 2025 के इस गरिमामय एवं पावन अवसर पर सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि ऐसे राष्ट्र और विश्व के निर्माण के लिए  अथक प्रयास करेंगे, जहां मानव अधिकार वास्तव में हमारे दैनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकता हों. इसका प्रभाव सकारात्मक, गरिमापूर्ण जीवन के लिए अनिवार्य और बिना किसी भेदभाव के समान रूप से सर्वसुलभ हो. ReplyForwardShare in chat The post Rajya Sabha: मानव अधिकार को सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Amit Shah On Lok Sabha: गृह मंत्री अमित शाह की किस बात पर कांग्रेस को लगी मिर्ची? लोकसभा से कर दिया वॉकआउट

Amit Shah On Lok Sabha: गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैलाने और पूरी दुनिया में हिंदुस्तानीय लोकतंत्र की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि चुनावों में कांग्रेस की हार की वजह ईवीएम एवं मतदाता सूची नहीं, बल्कि राहुल गांधी का नेतृत्व है. चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने जोर देकर कहा कि घुसपैठिए को किसी भी हाल में वोट नहीं देने दिया जाएगा. शाह ने कहा- विपक्ष के पास एसआईआर के विरोध का कोई कारण नहीं है, उनका मूल मुद्दा केवल अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूचियों में रखने का है. शाह के जवाब को सुनते ही विपक्ष ने लोकसभा का वॉकआउट कर दिया. #WATCH | Opposition MPs walk out of Lok Sabha amid Union Home Minister Amit Shah’s reply to the discussion on electoral reforms, in the House. pic.twitter.com/3bhl0W7t00 — ANI (@ANI) December 10, 2025 हमारी पॉलिसी है पता लगाओ, हटाओ और देश निकाला दो : शाह विपक्षी सांसदों के वॉकआउट के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा, वे 200 बार बॉयकॉट कर सकते हैं, इस देश में एक भी घुसपैठिए को वोट नहीं देने दिया जाएगा. मैं घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के बारे में बोल रहा था. मैंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, उनके (राहुल गांधी के) पिता, सोनिया जी पर कई आरोप लगाए, अगर वे उस समय वॉकआउट कर देते, तो यह सही होता. वे घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट कर गए. हमारी पॉलिसी है पता लगाओ, हटाओ और देश निकाला दो. उनकी पॉलिसी है घुसपैठ को नॉर्मल बनाओ, उन्हें पहचान दो, चुनाव के दौरान उन्हें वोट लिस्ट में शामिल करो और इसे फॉर्मल बनाओ. #WATCH | Delhi: On Union HM Amit Shah’s speech in the Parliament, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “He did not answer our questions. It was a completely defensive response. I said that a transparent voter list should be given, but he did not answer this. I said… pic.twitter.com/5PkPBtrSEL — ANI (@ANI) December 10, 2025 अमित शाह पर क्या बोले राहुल गांधी? संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर लोकसभा LoP और कांग्रेस MP राहुल गांधी ने कहा, उन्होंने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया. यह पूरी तरह से डिफेंसिव जवाब था. मैंने कहा कि एक ट्रांसपेरेंट वोटर लिस्ट दी जानी चाहिए, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि EVM का आर्किटेक्चर सभी को दिया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा. मैंने कहा कि BJP नेता हरियाणा और बिहार में वोट दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा. उन्होंने CJI के बारे में कुछ नहीं कहा. इलेक्शन कमिश्नर को पूरी इम्युनिटी दी गई है. हम डरे हुए नहीं हैं. #WATCH | Discussion on electoral reforms | After Opposition MPs walk out, Union HM Amit Shah says in Lok Sabha, “They can boycott 200 times, not even one infiltrator will be allowed to vote in this country…I was speaking about pushing infiltrators out of the country. I levelled… pic.twitter.com/3GR8mUfo4I — ANI (@ANI) December 10, 2025 चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो : शाह गृह मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ईवीएम की दलील गले नहीं उतरती तो अब वोट चोरी का मुद्दा लेकर आए. वोट चोरी का मुद्दा लेकर पूरे बिहार में यात्रा निकाली. फिर भी हार गए. हारने का कारण आपका नेतृत्व है, हारने का कारण ईवीएम और मतदाता सूची नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन इनका हिसाब मांगेंगे कि इतने चुनाव कैसे हार गए. उन्होंने कहा कि भाजपा कई चुनाव हारी, लेकिन कभी किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े नहीं किए. शाह ने कहा कि भाजपा को कभी सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता है. उन्होंने कहा, सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के विरुद्ध काम करते हैं. अगर मतदाता सूची खराब थी तो शपथ क्यों ली? अमित शाह ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा, यह नयी परंपरा शुरू हुई है कि चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कई चुनावों में विपक्षी दलों की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर मतदाता सूची खराब थी तो शपथ क्यों ली? निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार : शाह अमित शाह ने कहा कि संविधान निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है तथा एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को हिंदुस्तान में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता. शाह ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता, योग्यता, और मतदाता होने की शर्तें तय की गई है. सबसे पहली शर्त है, मतदाता हिंदुस्तान का नागरिक होना चाहिए, विदेशी नहीं होना चाहिए. ये (विपक्ष) कह रहे हैं कि चुनाव आयोग एसआईआर क्यों कर रहा है? उसका (निर्वाचन आयोग) दायित्व है, इसलिए कर रहा है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग तटस्थता से चुनाव कराने वाली संस्था है. ये भी पढ़ें: Amit Shah vs Rahul Gandhi: घुसपैठिए तय नहीं कर सकते कौन होगा CM-PM? चुनाव सुधार पर लोकसभा में घमासान, भिड़े अमित शाह और राहुल गांधी The post Amit Shah On Lok Sabha: गृह मंत्री अमित शाह की किस बात पर कांग्रेस को लगी मिर्ची? लोकसभा से कर दिया वॉकआउट appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top