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December 15, 2025

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सुरक्षा गारंटी के लिए जेंलेंस्की ने NATO से न जुड़ने के दिए संकेत, लेकिन सीमा पर समझौता अस्वीकार

Volodymyr Zelenskyy offers to drop NATO ambition: रूस–यूक्रेन युद्ध को तीन साल से अधिक समय हो चुका है. यह 22 फरवरी 2022 से शुरू हुआ यह सैन्य संघर्ष अब चौथे साल के करीब है. अब यह संघर्ष केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कूटनीति, सुरक्षा गारंटी और भू-नेतृत्वक संतुलन का बड़ा सवाल बन चुका है. एक ओर रूस अपने कब्जे वाले इलाकों को लेकर कठोर रुख अपनाए हुए है, तो दूसरी ओर यूक्रेन पश्चिमी देशों से दीर्घकालिक सुरक्षा आश्वासन चाहता है. इसी पृष्ठभूमि में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और यूरोप के सामने अपनी शर्तें और चिंताएं खुलकर रखी हैं. रविवार को जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा कि यदि पश्चिमी देश यूक्रेन को ठोस और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी देते हैं, तो उनका देश नाटो में शामिल न होने पर भी विचार कर सकता है. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका यूक्रेन पर रूस को किसी भी तरह का क्षेत्र सौंपने के लिए दबाव न बनाए. जेलेंस्की का कहना है कि सुरक्षा गारंटी का मकसद भविष्य में रूस को दोबारा युद्ध छेड़ने से रोकना होना चाहिए. बर्लिन में कूटनीतिक बातचीत जेलेंस्की युद्ध समाप्ति से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों के तहत अमेरिका के राजनयिकों से बातचीत के लिए बर्लिन पहुंचे. यहां वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ संभावित वार्ता से पहले जर्मन चांसलर से मिले. बर्लिन में हुई यह बैठक यूक्रेन, अमेरिका और यूरोपीय अधिकारियों के बीच चल रही सिलसिलेवार बैठकों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी साझा रास्ते पर सहमति बनाना है. नाटो पर पश्चिम का रुख और यूक्रेन की अपेक्षाएं वार्ता से पहले जेलेंस्की ने ‘व्हाट्सऐप ग्रुप चैट’ पर एक ऑडियो क्लिप के जरिए पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के कुछ देशों ने यूक्रेन की नाटो सदस्यता के प्रयास को खारिज कर दिया है. ऐसे में कीव को उम्मीद है कि पश्चिम उसे नाटो सदस्य देशों को दी जाने वाली सुरक्षा गारंटी के समान ही कानूनी और व्यावहारिक सुरक्षा आश्वासन देगा. जेलेंस्की के अनुसार, यह यूक्रेन की ओर से एक बड़ा समझौता होगा. कानूनी रूप से बाध्यकारी गारंटी की मांग यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि कोई भी सुरक्षा आश्वासन केवल नेतृत्वक बयानबाजी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया जाना चाहिए और अमेरिकी कांग्रेस का समर्थन भी मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि स्टटगार्ट में यूक्रेनी और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद उन्हें अपनी टीम से विस्तृत जानकारी मिलने की उम्मीद है. जेलेंस्की ने कहा कि वह रविवार देर शाम जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और संभवतः अन्य यूरोपीय नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में युद्ध की स्थिति, संभावित समझौते और यूरोप की भूमिका पर चर्चा होने की संभावना है. समझौते में आ रही बाधाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से युद्ध को जल्द समाप्त करने की मांग कर रहे हैं और समझौते में हो रही देरी से असंतुष्ट हैं. हालांकि, संभावित समझौतों के रास्ते में कई बड़ी बाधाएं हैं, जिनमें यूक्रेन के पूर्वी दोनेत्सक क्षेत्र पर नियंत्रण सबसे अहम मुद्दा है. इस इलाके के बड़े हिस्से पर फिलहाल रूसी सेनाओं का कब्जा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से मांग की है कि वह दोनेत्सक क्षेत्र के उस हिस्से से अपनी सेना वापस बुला ले, जो अब भी यूक्रेनी नियंत्रण में है. कीव ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका ने भी यूक्रेन के सामने दोनेत्सक से पीछे हटने और वहां एक मुक्त आर्थिक क्षेत्र बनाने का सुझाव रखा था, लेकिन उन्होंने इसे अव्यवहारिक बताते हुए ठुकरा दिया. दोनेत्सक पर रूस की मांग और यूक्रेन का जवाब जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका ने यह विचार भी रखा था कि यूक्रेन दोनेत्सक से पीछे हट जाए और वहां एक विसैन्यीकृत मुक्त आर्थिक क्षेत्र बनाया जाए, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अव्यवहारिक बताते हुए ठुकरा दिया. उन्होंने कहा, “मैं इसे उचित नहीं मानता, क्योंकि उस आर्थिक क्षेत्र का प्रबंधन कौन करेगा?” उन्होंने आगे कहा, “अगर हम संपर्क रेखा के साथ किसी बफर जोन की बात कर रहे हैं, अगर हम किसी आर्थिक क्षेत्र की बात कर रहे हैं और यह मानते हैं कि वहां केवल एक पुलिस मिशन होगा और सैनिकों को हटा लिया जाएगा, तो सवाल बहुत सीधा है. उदाहरण के लिए, अगर यूक्रेनी सैनिक 5–10 किलोमीटर पीछे हटते हैं, तो रूसी सैनिक भी कब्जे वाले इलाकों में उतनी ही दूरी तक पीछे क्यों नहीं हटते?” रूस अपनी शर्तों पर अब भी कायम रूस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने रूसी बिजनेस दैनिक कोमर्सांत को बताया कि यदि किसी संभावित शांति योजना के तहत दोनेत्सक के कुछ हिस्सों को विसैन्यीकृत क्षेत्र बनाया जाता है, तब भी वहां रूसी पुलिस और नेशनल गार्ड तैनात रहेंगे. उशाकोव ने चेतावनी दी कि किसी समझौते की तलाश में काफी समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव, जिनमें रूसी मांगों को ध्यान में रखा गया था, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों द्वारा सुझाए गए बदलावों के कारण “और खराब” हो गए हैं. रविवार को रूसी प्रशासनी टीवी पर प्रसारित बयान में उशाकोव ने कहा, “इन दस्तावेजों में यूक्रेनियों और यूरोपियों का योगदान रचनात्मक होने की संभावना नहीं है,” और चेतावनी दी कि मॉस्को को “कड़ी आपत्तियां” होंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब इस महीने की शुरुआत में विटकॉफ और कुशनर ने पुतिन से मुलाकात की थी, तब मॉस्को में क्षेत्रीय मुद्दे पर सक्रिय रूप से चर्चा हुई थी. उशाकोव ने कहा, “अमेरिकी हमारी स्थिति को जानते और समझते हैं.” बफर जोन और सीमा रेखा पर सवाल जेलेंस्की ने सवाल उठाया कि यदि सीमा रेखा के साथ किसी बफर जोन या आर्थिक क्षेत्र की बात की जाती है और यह माना जाता है कि वहां केवल पुलिस बल तैनात होगा, तो फिर यह शर्त दोनों पक्षों पर समान रूप से क्यों लागू नहीं होती. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेनी सैनिक पांच से दस किलोमीटर पीछे हटते हैं, तो रूसी सैनिक भी कब्जे वाले क्षेत्रों में उतनी

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Ranchi News: सीएम हेमंत सोरेन बिना सुरक्षा के सड़क पर उतरे, रांची डीसी ने बुलाई अचानक बैठक

Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अचानक रांची शहर का निरीक्षण किया जिसकी समाचार सुर्खियों में रही. बिना किसी प्रोटोकॉल और विशेष सुरक्षा के वे आम नागरिक की तरह राजधानी की सड़कों पर उतरे और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद रविवार को जिला प्रशासन की बैठक हुई जिसमें कई निर्णय लिये गए. इसकी जानकारी रांची डीसी की ओर से दी गई. रांची के डीसी (उपायुक्त) मंजूनाथ भजंत्री ने एक्स पर लिखा–माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के निर्देशानुसार रांची शहर में आवागमन व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा आमजन के जीवन को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से  महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई. इसमें कई अधिकारी पहुंचे. माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ज़ी के निदेशानुसार रांची शहर में आवागमन व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा आमजन के जीवन को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। आयोजित बैठक में आयुक्त, रांची नगर निगम श्री सुशांत… pic.twitter.com/1KxqEbQ7aX — DC Ranchi (@DC_Ranchi) December 14, 2025 टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने, प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर यातायात को सुचारु करने, बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं उन पर लटके तारों को व्यवस्थित करने तथा विभिन्न मार्गों पर अनावश्यक कट्स को बंद करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. इस क्रम में संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा गया कि शहर की सुंदरता, सुरक्षा और आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. बिजली के खंभों पर लटके अव्यवस्थित तारों को शीघ्र व्यवस्थित करने हेतु टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और शहर की छवि बेहतर बनाई जा सके. टोटो संघ के साथ बैठक कर रूट निर्धारण करने का आदेश इसके अतिरिक्त, शहर में टोटो परिचालन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसे लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी को टोटो संघ के साथ बैठक कर मार्ग निर्धारण, परिचालन अनुशासन एवं यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य टोटो चालकों एवं आम नागरिकों के बीच संतुलन बनाते हुए सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है.  टोटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म और वाहन के पीछे चालक का नाम और मोबाइल नंबर बड़े अक्षरों में लिखवाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.  आज मैंने रांची शहर का औचक निरीक्षण किया। राज्य के प्रत्येक शहर में आवागमन, नागरिक सुविधाओं तथा जीवन की सुगमता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए हमारी प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। हमारा संकल्प है कि राज्य का हर शहर सुरक्षित, समावेशी एवं खुशहाल बने, जहाँ प्रत्येक नागरिक को… pic.twitter.com/lm4ixdAmnI — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) December 13, 2025 स्त्री सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश स्त्री सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों के आसपास एवं रात्रिकालीन समय में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए. उन्होंने स्त्री सुरक्षा से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई, नियमित पेट्रोलिंग, संवेदनशील स्थानों की पहचान तथा आवश्यकतानुसार निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि स्त्रीओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके. शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों को नगर निगम की टीम के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया, ताकि सड़कों, फुटपाथों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अवैध अतिक्रमण हटाकर आमजन को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके. The post Ranchi News: सीएम हेमंत सोरेन बिना सुरक्षा के सड़क पर उतरे, रांची डीसी ने बुलाई अचानक बैठक appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Ka Mausam: बिहार में ठंड का कहर और कोहरे की मार, पारा लुढ़का-13 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट

Bihar Ka Mausam: बिहार में सर्दी अब सिर्फ अहसास नहीं, बल्कि चुनौती बनती जा रही है. 15 दिसंबर को राज्य घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की चादर में पूरी तरह लिपटा नजर आया. सुबह और रात के समय हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जब कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम होकर 50 से 200 मीटर तक सिमट गई. IMD ने ठंड और कोहरे को लेकर 13 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की चेतावनी दी है. पटना से सीमांचल तक कोहरे का असर राजधानी पटना समेत गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, बेगूसराय, नालंदा, जहानाबाद, औरंगाबाद, कैमूर और खगड़िया जैसे जिलों में सुबह-शाम मध्यम से घना कोहरा छाया रहा. #अधिकतम #तापमान और #परिवर्तन पिछले 24 घंटा #बिहार जिलों से। pic.twitter.com/RILU6oFgm8 — Mausam Bihar- IMD Patna (@imd_patna) December 14, 2025 कई इलाकों में सड़कें धुंध में गायब रहीं और वाहन चालकों को बेहद धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा. कोहरे के कारण पटना समेत कई शहरों में सड़क हादसों की घटनाएं भी सामने आईं, जबकि रेल यातायात पर इसका सीधा असर पड़ा और कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं. तापमान गिरा, दिन में भी कंपकंपी IMD के अनुसार, 15 दिसंबर को बिहार में न्यूनतम तापमान 8 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. राज्य के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है. ठंडी पछुआ हवाओं की वजह से दिन में भी सर्दी का असर बना हुआ है और धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हो रही. 17 दिसंबर के बाद और बिगड़ सकते हैं हालात मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 17 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर बिहार में और स्पष्ट होगा. इसके चलते 22 दिसंबर तक शीतलहर और ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनने की आशंका है. दिसंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम और तीखा यू-टर्न ले सकता है, जिससे ठंड अपने चरम पर पहुंच सकती है. खासतौर पर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में ठंड का असर ज्यादा महसूस होने की संभावना है. बिहार मौसम सेवा केंद्र का अलर्ट हवा भी बनी परेशानी, AQI खराब कोहरे के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है. पटना में एयर क्वालिटी इंडेक्स 151 से 333 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार लोगों पर पड़ रही है. कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए यह स्थिति खास तौर पर जोखिमभरी मानी जा रही है. मौसम विभाग की अपील-सावधानी ही बचाव मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. सुबह और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते वक्त फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है. बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने और घर के अंदर रखने पर जोर दिया गया है. Also Read: अब सांस लेने पर होगी मौत! दिल्ली का AQI 460 के पार; क्या बंद हो सकते हैं स्कूल? The post Bihar Ka Mausam: बिहार में ठंड का कहर और कोहरे की मार, पारा लुढ़का-13 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Saphala Ekadashi 2025 Shubh Muhurat: सफला एकादशी पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, श्री हरि का मिलेगा आशीर्वाद

Saphala Ekadashi 2025 Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. पौष माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली सफला एकादशी अपने नाम के अनुसार जीवन के कार्यों में सफलता प्रदान करती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु के साथ माता महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह व्रत मानसिक शांति देता है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाता है. कब है सफला एकादशी 2025 पंचांग के अनुसार, सफला एकादशी की तिथि की शुरुआत 14 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजकर 49 मिनट से होगी और इसका समापन 15 दिसंबर 2025 को रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार सफला एकादशी का व्रत 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) को रखा जा रहा है. सफला एकादशी का पारण कब करें एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है. सफला एकादशी का पारण 16 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 9 बजकर 11 मिनट तक किया जा सकता है. द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन रात 11 बजकर 57 मिनट पर होगा. ये भी पढ़ें: सफला एकादशी पर करें विष्णु जी की आरती, यहां से जानें लाभ और महत्व किन लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ है सफला एकादशी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग लंबे समय से किसी समस्या से जूझ रहे हैं या जिनके कार्य बार-बार अटक रहे हैं, उनके लिए सफला एकादशी बेहद लाभकारी मानी जाती है. छात्रों के लिए यह व्रत पढ़ाई में एकाग्रता और अच्छे परिणाम दिलाने वाला माना गया है. वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए यह करियर में प्रगति, प्रमोशन और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने वाला दिन माना जाता है. The post Saphala Ekadashi 2025 Shubh Muhurat: सफला एकादशी पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, श्री हरि का मिलेगा आशीर्वाद appeared first on Naya Vichar.

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