Hot News

December 27, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सिमडेगा की सातवीं शताब्दी की विरासत को संवारने की कयावद शुरू

सिमडेगा. सिमडेगा जिले के गुप्त कालीन सातवीं शताब्दी से जुड़े प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धरोहर स्थलों को उनकी पुरानी विरासत लौटाने की कवायद शुरू कर दी गयी है. जिला प्रशासन की यह नयी पहल है. जिले में कई ऐसे स्थल मौजूद हैं, जहां आज भी सातवीं शताब्दी और उससे भी पुराने कालखंड के ऐतिहासिक चिह्न मिलते हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. प्रशासन की इस पहल से जिले की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किये जाने की उम्मीद जगी है. इससे आने वाली पीढ़ियां सिमडेगा के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सकेंगी. बीरू में मौजूद हैं सातवीं शताब्दी की निशानियां बीरू क्षेत्र में सातवीं शताब्दी से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेष पाये जाते हैं. यहां स्थित सूर्य मंदिर का इतिहास सातवीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है. इसके अलावा बीरू में सतघरवा नामक एक छोटा घरनुमा ढांचा भी आज तक देखा जा सकता है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह संरचना भूमिगत रूप से फैली हुई है, जिसमें वर्तमान में केवल ऊपरी सतह का एक तल्ला दिखायी देता है. बताया जाता है कि इसके नीचे छह तल्ले और एक सुरंग भी मौजूद है. कुड़रूम में सातवीं शताब्दी की दुर्लभ पत्थर प्रतिमाएं सुरक्षित सिमडेगा प्रखंड के कुड़रूम गांव में प्राचीन धार्मिक व कलात्मक समृद्धि को दर्शाने वाली कई दुर्लभ पत्थर प्रतिमाएं आज भी सुरक्षित अवस्था में मौजूद हैं. ये प्रतिमाएं सातवीं शताब्दी की बतायी जाती हैं, जो उस समय की उन्नत शिल्पकला और उत्कृष्ट कारीगरी का प्रमाण हैं. यहां शिवलिंग, नंदी, मां दुर्गा, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और भगवान विष्णु समेत अन्य देवी-देवताओं की पत्थर से निर्मित मूर्तियां देखी जा सकती हैं. इन प्रतिमाओं पर की गयी सूक्ष्म नक्काशी, भाव-भंगिमाएं और शिल्प सौंदर्य उस काल के कलाकारों की उच्च कला दक्षता को दर्शाती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि ये प्रतिमाएं कभी यहां स्थापित एक भव्य मंदिर और धार्मिक परिसर का हिस्सा रही होंगी, जो समय के साथ संरक्षण के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गयी. डीसी ने इन स्थलों का किया निरीक्षण इन ऐतिहासिक व पौराणिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से जिले की उपायुक्त कंचन सिंह ने कुड़रूम और बीरू का भ्रमण कर स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए पुरातत्व विभाग को इसकी जानकारी देने और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. साथ ही इन स्थलों पर विकास कार्य कराने और ऐतिहासिक धरोहरों का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने की बात कही. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सिमडेगा की सातवीं शताब्दी की विरासत को संवारने की कयावद शुरू appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दिव्यांगजनों के लिए लगा शिविर, 43 लोगों का प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण हुआ

हेरहंज ़ सिविल सर्जन लातेहार के निर्देश पर शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया. इसका नेतृत्व डॉ अखिलेश्वर कुमार कर रहे थे. क्षेत्र के विभिन्न गांव से आये दिव्यांगजनों ने इसमें हिस्सा लिया. हेरहंज, सेरनदाग, सैलया, चीरू, तासू समेत आसपास के गांव से दिव्यांगजन यहां पहुंचे और आवश्यक चिकित्सकीय जांच करायें. प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया. कुल 43 लाभार्थियों ने प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण कराया. इस पहल से दिव्यांगजनों को प्रशासनी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की मांग की. डॉ अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि शिविर का उद्देश्य सभी दिव्यांगजनों को प्रमाणपत्र देना है. ताकि उन्हें केंद्र व राज्य से मिलनेवाले लाभ तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ससमय मिल सकें. शिविर में डॉ हरिओम प्रसाद, डॉ पवन कुमार, डॉ श्रवण कुमार, सोनाली सिंकु, पंकज दास, राजदेव कुमार, मो गालिब समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय रूप से मौजूद थी. शिविर को सफल बनाने में स्थानीय चिकित्सा कर्मियों ने भी अहम भूमिका निभायी. मौके पर कई दिव्यांग स्त्री-पुरुष व शिशु मौजूद थे. पंचायत प्रतिनिधियों ने 120 जरूरतमंदों के बीच बांटे कंबल बारियातू़ कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रखंड के टोंटी पंचायत अंतर्गत इटके, टोंटी, टुण्डाहुटू व पिपराडीह ग्राम के विभिन्न टोलों में कंबल का वितरण किया गया. शनिवार को मुखिया शांति देवी, उपमुखिया जितेंद्र प्रसाद, वार्ड सदस्य रिजवाना नाज, सीता देवी, मो अफाक, काशीनाथ उरांव, फुलमति देवी, मिलो देवी, सुमन देवी, पनवा देवी, रामपतिया देवी, पूनम देवी व शिल्पी देवी ने संयुक्त रूप से 120 गरीब, असहाय, वृद्ध एवं जरूरतमंद लोगों के बीच घर-घर जाकर कंबल का वितरण किया. इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया कंबल जरूरतमंदों के बीच वितरण किया गया है. ठंड के मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. ऐसे में उन्हें राहत पहुंचाना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है. कहा कि जनहितकारी कार्य निरंतर जारी रहेंगे, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड से प्रभावित न हो. मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दिव्यांगजनों के लिए लगा शिविर, 43 लोगों का प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण हुआ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जनता की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बना रही सरकार : विधायक

सिमडेगा. किनबिरा पंचायत के कारी नाला पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य का शिलान्यास शनिवार को सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया. मौके पर विधायक ने कहा कि कारी नाला पर बनने वाला पुल दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण साधन बनेगा. कहा कि बरसात के मौसम में नाला उफान पर होने से बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और किसानों को बाजार तक अपनी उपज ले जाना बेहद कठिन हो जाता था. कहा कि कांग्रेस प्रशासन का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी समान रूप से विकास पहुंचाना है. कहा कि सड़क व पुल जैसी आधारभूत संरचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है. विधायक ने कहा कि प्रशासन जनता की जरूरतों को समझते हुए योजनाएं बना रही हैं. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी बातें रखीं. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष अजीत लकड़ा, प्रतिमा कुजूर, निलेश एक्का, संजय तिर्की, मनोरंजन कुल्लू, इरकन खेस, जोनी आशीषन बखला, अनिल तिर्की, बेनेडिक्ट सोरेंग, जस्टिन बेक, इलिजाबेथ बाड़ा, फुलजेमसिया आदि उपस्थित थे. पुल बनने से ग्रामीणों की मुश्किलें दूर होंगी : जोसिमा जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि पुल निर्माण से ग्रामीणों की मुश्किलें दूर होंगी. उन्होंने कहा कि बरसात के समय गर्भवती स्त्रीओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने में जान जोखिम में डालना पड़ता था. लेकिन पुल बनने से यह परेशानी समाप्त हो जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जनता की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बना रही प्रशासन : विधायक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हरातू में पंचायत स्तरीय टीबी फोरम का गठन, उन्मूलन की बनी रणनीति

बरवाडीह़ प्रखंड की हरातू पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त हिंदुस्तान अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से एक विशेष बैठक आयोजित की गयी. पंचायत की मुखिया सावित्री देवी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य एजेंडा पंचायत स्तर पर टीबी फोरम का गठन करना था. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप फोरम के गठन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत से चर्चा की गयी. यह निर्णय लिया गया कि टीबी उन्मूलन के लिए पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें होंगी. इसके लिए मुखिया, शिक्षकों और अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर सामूहिक प्रयास किये जायेंगे. प्रखंड के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक निशिश कुमार ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना इस बीमारी को जड़ से मिटाना संभव नहीं है. उन्होंने टीबी के लक्षणों और प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं, जैसे नि:शुल्क परामर्श, दवाएं और पोषण के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने जोर देकर कहा कि जन-प्रतिनिधियों के सहयोग से ही टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. इस मौके पर संतोषी खलखो, सीएचओ योगेंद्र कुमार, बिनोद कुमार, स्थानीय प्रधानाचार्य, उप-मुखिया और पंचायत समिति सदस्य, सहिया व आंगनबाड़ी सेविका सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हरातू में पंचायत स्तरीय टीबी फोरम का गठन, उन्मूलन की बनी रणनीति appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नववर्ष पर सैलानियों की पसंद बना डाडिंग जलप्रपात

बानो. बानो प्रखंड की बांकी पंचायत में स्थित डाडिंग जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. बानो प्रखंड मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर जंगल व पहाड़ों के बीच स्थित यह जलप्रपात नववर्ष पर पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन स्थान माना जाता है. डाडिंग जलप्रपात की खासियत यह है कि यहां काफी ऊंचाई से गिरता पानी बेहद आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है. दोनों ओर पहाड़ों से घिरा यह स्थल देखने मात्र से ही मन प्रफुल्लित हो उठता है. चट्टानों के ऊपर से बहती कोयल नदी की धाराएं और चारों ओर फैले हरे-भरे पेड़-पौधे इस स्थान की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं. ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच बहता पानी प्रकृति प्रेमियों के लिए अद्भुत अनुभव प्रदान करता है. पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार प्रयासरत हैं. नववर्ष के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. हालांकि फिलहाल यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है, जिससे लोगों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जलप्रपात तक जाने वाली सड़क की मरम्मत कर दी गयी है, जिससे अब दोपहिया व चार पहिया वाहनों से यहां पहुंचा जा सकता है. कैसे पहुंचें डाडिंग जलप्रपात डाडिंग जलप्रपात पहुंचने के लिए बानो प्रखंड मुख्यालय से बानो-मनोहरपुर मार्ग पर स्थित नौमिल भुरसाबेड़ा तक जायें. इसके बाद भुरसाबेड़ा से डाडिंग जलप्रपात के लिए कच्ची सड़क है. लगभग पांच किमी का यह रास्ता सावधानीपूर्वक तय करना आवश्यक है. जरूरी सावधानियां डाडिंग जलप्रपात में घूमने के दौरान कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है. जलप्रपात के अंदर अधिक दूर तक न जायें, क्योंकि यहां पानी काफी गहरा है. क्षेत्र में हाथियों की गतिविधि भी देखी जाती हैं, इसलिए सतर्क रहें और शाम होने से पहले घर लौटना सुरक्षित माना जाता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नववर्ष पर सैलानियों की पसंद बना डाडिंग जलप्रपात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा का मारा जाना पुलिस के लिए उपलब्धियों का वर्ष रहा है

लातेहार ़ लातेहार जिला उग्रवाद और नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने के कगार पर है. लातेहार पुलिस वर्ष 2026 मार्च तक जिले को उग्रवाद और नक्सलवाद मुक्त करने का निर्णय लिया है. इसमें पुलिस ने काफी हद तक सफलता भी प्राप्त कर लिया है. वर्ष 2025 लातेहार पुलिस के लिए उपलब्धियों का माना जा रहा है. जनवरी से दिसंबर तक लातेहार जिले में कई उग्रवादी, नक्सली और अपराधी मारे जा चुके हैं. जबकि अगल-अलग संगठनों के दो दर्जन से अधिक उग्रवादी और माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है. इस वर्ष जेजेएमपी के सुप्रीमो 10 लाख रुपये का इनामी पप्पू लोहरा, सबजोनल कमांडर पांच लाख रुपये का इनामी प्रभात गंझू तथा भाकपा माआवोदी का सबजोनल कमांडर पांच लाख रुपये का इनामी मनीष यादव का मुठभेड़ में मारा जाना लातेहार पुलिस की सबसे प्रमुख उपलब्धि रही है. कई हथियार बरामद : पुलिस ने मुठभेंड़ के अलावा सर्च ऑपरेशन में अलग-अलग उग्रवादी तथा माओवादी संगठन का काफी मात्रा में हथियार, गोली, और आइडी बम बरामद किया है. इस वर्ष पुलिस ने कुल 3987 अलग-अलग हथियार की गोली बरामद की. जबकि 36 हथियार जिसमें एक्स-95, एके-47, एके-56, 9 एमएम का कार्रबाइन तथा अलग-अलग जंगलों से नौ आइडी बम बरामद किया है. कई इनामी नक्सली हुए हैं गिरफ्तार : पुलिस ने कई इनामी उग्रवादी और नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. इसमें भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर तथा 10 लाख रुपये का इनामी कुंदन खेरवार, जेजेएमपी का एरिया कमांडर दो लाख रुपये का इनामी जितेंद्र सिंह तथा जेजेएमपी का एरिया कमांडर दो लाख रुपये का इनामी सुनील उरांव शामिल है. 23 उग्रवादियों ने किया सरेंडर : जिले में पुलिस के बढ़ते प्रभाव और लगातार अभियान के बाद उग्रवादी या नक्सली संगठन हाशिये पर चले गये. जिसका कारण रहा विभिन्न उग्रवादी और नक्सली संगठन के कई लोगों का सरेंडर करना था. इसमें जेजेएमपी के 10, भाकपा माओवादी के तीन तथा उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ का एक उग्रवादी शामिल है. इनमें जेजेएमपी के आधा दर्जन से अधिक उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस ने इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस ने इस वर्ष अलग-अलग मामलों में कुल 117 केस दर्ज किये हैं. जिसमें आर्म्स एक्ट, नक्सल, हत्या,दुष्कर्म, पोक्सो, एनडीपीएस, 307 आइपीसी, 379 आइपीसी तथा अन्य केस शामिल हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा का मारा जाना पुलिस के लिए उपलब्धियों का वर्ष रहा है appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जीव व परमात्मा के शाश्वत प्रेम का प्रतीक है रासलीला : डॉ राम सहाय

बानो. बानो में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यासपीठ के डॉ रामसहाय त्रिपाठी जी महाराज ने रासलीला, रुक्मिणी विवाह व उद्धव प्रसंग का वर्णन किया. डॉ रामसहाय त्रिपाठी जी महाराज ने रासलीला प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रासलीला केवल नृत्य या लीला नहीं, बल्कि जीव व परमात्मा के शाश्वत प्रेम का प्रतीक है. गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण यह दर्शाता है कि जब भक्त अपना सर्वस्व प्रभु को अर्पित कर देता है, तब जीवन में किसी प्रकार का अभाव नहीं रहता. महाराज जी ने कहा कि रास का वास्तविक अर्थ अहंकार का त्याग और निष्काम भक्ति को अपनाना है. श्रीकृष्ण प्रत्येक गोपी के साथ प्रकट होकर यह संदेश देते हैं कि ईश्वर हर भक्त के हृदय में समान रूप से निवास करते हैं. कथा के क्रम में महाराज जी ने रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि यह विवाह धर्म, प्रेम व विश्वास का अनुपम उदाहरण है. रुक्मिणी द्वारा श्रीकृष्ण को लिखा गया पत्र सच्ची भक्ति का प्रतीक है, जिसमें पूर्ण समर्पण और अटूट आस्था दिखायी देती है. श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी जी का विवाह कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित करना यह सिखाता है कि जब भक्त प्रभु पर भरोसा करते हैं, तो हर कठिनाई सहज रूप से समाप्त हो जाती है. उद्धव प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज जी ने कहा कि उद्धव ज्ञान व विवेक का प्रतीक है, किंतु जब वह वृंदावन में गोपियों के प्रेम व विरह को देखते हैं, तो उन्हें यह अनुभव होता है कि केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है. महाराज जी ने कहा कि गोपियों की भक्ति इतनी पवित्र थी कि उद्धव जी भी उनके चरणों की धूल को अपने मस्तक पर धारण करने की इच्छा व्यक्त करते हैं. मुख्य यजमान डॉ प्रह्लाद मिश्रा सह पत्नी ने व्यासपीठ का विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा के सफल आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जीव व परमात्मा के शाश्वत प्रेम का प्रतीक है रासलीला : डॉ राम सहाय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अलाव तापने के दौरान महिला झुलसी, रेफर

बालूमाथ़ प्रखंड क्षेत्र के बनियों गांव में शनिवार को अलाव तापने के दौरान झुलसकर एक स्त्री गंभीर रूप से घायल हो गयी. जानकारी के अनुसार संयुक्ता देवी पति देवसहाय उरांव (ग्राम बनियों, बालूमाथ) अपने घर में अलाव ताप रही थी. इसी दौरान अलाव से उठे चिंगारी से उसकी नाइटी में आग लग गयी. इससे वह झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गयी. घटना के बाद परिजनों ने तत्काल स्त्री को बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये. यहां डॉ अशोक कुमार ने उसका प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सक की माने तो घटना में स्त्री का करीब 40 फीसदी शरीर का हिस्सा जल गया है. उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अधिकारियों ने किया कंबल का वितरण गारू. प्रखंड बीडीओ अभय कुमार, सीओ दिनेश कुमार मिश्र एवं थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा प्रखंड के सुदूरवर्ती आदिम जनजाति गांव हेनार पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मिलकर उनकी समस्याओं से रूबरू हुए. इस दौरान अधिकारियों ने जरूरतमंद, गरीब, असहाय एवं वृद्ध ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया. ग्रामीणों ने इस कड़ाके की ठंड में प्रखंड के अधिकारियों से कंबल मिलने पर आभार व्यक्त किया. ग्रामीणों ने सीओ दिनेश मिश्रा से जाति, आवसीय प्रमाण पत्र बनने में आ रहे अड़चन के संबंध में अवगत कराया. सीओ ने इस समस्या का जल्द ही हल निकालने का आश्वासन दिया. बीडीओ ने सामाजिक कार्यकर्ता धनेसर किसान एवं उनके सहयोगियों से मिलकर बांस से बनने वाले फर्नीचर, सोफा, कुर्सी, ग्लास, टोपी समेत अन्य सामग्रियों का अवलोकन किया. उन्होंने गांव के युवाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित किया. मौके पर पंचायत सेवक बीरेंद्र सिंह, मुखिया रुपमनी नगेसिया, वार्ड सदस्य सुनीता देवी, रोजगार सेविका आरती कुमारी समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post अलाव तापने के दौरान स्त्री झुलसी, रेफर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

केंद्र का यह नया कानून किसानों व मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ : जिलाध्यक्ष

सिमडेगा. भाजपा की नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन द्वारा मनरेगा अधिनियम समाप्त कर विकसित हिंदुस्तान गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण लागू कर दिये जाने के खिलाफ झामुमो ने शनिवार को नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरना दिया. जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने कहा कि यह गरीब-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है और ग्रामीण रोजगार की गारंटी को कमजोर करता है. मनरेगा में जहां मजदूरी की शत-प्रतिशत लागत केंद्र प्रशासन वहन करती थी और आवंटन असीमित था. वहीं इस बिल में राज्यवार सीमित आवंटन तय किया गया है. नये प्रावधानों से राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जिसका सबसे अधिक असर गरीब व अधिक प्रवासी श्रमिक भेजने वाले राज्यों पर पड़ेगा, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र का यह नया कानून झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों और मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून राज्य के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों को छीनने की एक साजिश है. श्री कंडुलना ने कहा कि झामुमो किसी भी जनविरोधी कानून को राज्य में स्वीकार नहीं करेगी और जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जायेगी. हम मांग करते हैं कि केंद्र प्रशासन इस कानून को अविलंब वापस ले. झामुमो जिला सचिव शफीक खान ने कहा कि मनरेगा की सबसे बड़ी ताकत उसकी मांग आधारित वित्तीय मॉडल है, जिसमें केंद्र प्रशासन का बजट आवंटन सीमित नहीं होता और पूरे देश के ग्रामीण परिवारों द्वारा काम की वास्तविक मांग के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराये जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बिल इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल देता है. नये बिल में राज्यवार सीमित आवंटन तय किया गया है, जिससे ग्रामीण रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और गरीब व मजदूर वर्ग को सीधा नुकसान पहुंचेगा. शफीक खान ने कहा कि यह बदलाव मनरेगा की मूल भावना के खिलाफ है और इसका व्यापक विरोध किया जायेगा. धरना के बाद उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. मौके पर जिला उपाध्यक्ष अनिल तिर्की, जिला उपाध्यक्ष ऑस्कर डांग, जिला उपाध्यक्ष मो सिराजुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष सरफराज अहमद, जिला संगठन सचिव वकील खान, जिला संगठन सचिव साइमन समद, जिला कोषाध्यक्ष राजेश टोप्पो केंद्रीय समिति सदस्य फिरोज अली, केंद्रीय समिति सदस्य नोवास केरकेट्टा, केंद्रीय समिति सदस्य मो इरशाद, केंद्रीय समिति सदस्य नुसरत खातून, केंद्रीय समिति सदस्य सुनील खेस, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मो शकील अख्तर, छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष बीरेंद्र बड़ा, स्त्री मोर्चा जिला उपाध्यक्ष फुल कुमारी समद, स्त्री मोर्चा सचिव प्रेमधानी हेमरोम, सभी प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड सचिव व सभी प्रखंड के पदाधिकारी, सभी वर्ग संगठन पदाधिकारी, नगर सचिव बीरबल महतो, नगर उपाध्यक्ष कुंदन कुमार रजक, किशोर डांग, फुल कुमारी समद, मो शहीद, जाफर खान आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post केंद्र का यह नया कानून किसानों व मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ : जिलाध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bhagalpur News. हर घर नल जल योजना दो साल पहले पूरी, शाहकुंड के 30 टोले अब भी वंचित

-देरी ने खोली दावों की पोल, हर घर नल जल का लाभ अब भी अधूरा-छूटे टोले-मोहल्ले में जलापूर्ति के लिए निकाला गया टेंडरहर घर नल जल योजना के पूरा होने के लगभग दो साल बाद भी जिले में कई घर अब तक पेयजल से वंचित हैं. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) इन छूटे घरों तक पानी नहीं पहुंचा सका है. इसकी पुष्टि पीएचइडी पश्चिमी डिविजन द्वारा शाहकुंड प्रखंड के छूटे हुए टोला-मोहल्लों में जलापूर्ति के लिए निकाले गए नए टेंडर से हो रही है.शाहकुंड प्रखंड की पांच पंचायतों के करीब 30 टोला-मोहल्लों में अब तक हर घर नल से जल नहीं पहुंच सका है. योजना के औपचारिक रूप से पूर्ण होने के बावजूद इन इलाकों के लोगों को आज भी पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. योजना की इस देरी ने विभागीय दावों पर सवाल खड़े कर दिये हैं और यह साफ कर दिया है कि हर घर नल जल योजना का लाभ जमीनी स्तर पर अब भी अधूरा है. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन, उनका मोबाइल नंबर स्विच्ड ऑफ मिला. अब जागा विभाग, एजेंसी बहाली की प्रक्रिया शुरू पीएचइडी पश्चिमी डिविजन ने अब इन छूटे क्षेत्रों को कवर करने के लिए एजेंसी बहाली की प्रक्रिया शुरू की है. हालांकि, टेंडर निकलने के बाद भी लोगों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. पानी पहुंचने में भी लगेंगे छह महीने से अधिक समय कार्य एजेंसी के चयन से लेकर योजना के पूरा होने तक छह महीने से अधिक का समय लगने का अनुमान है. विभाग ने कार्य योजना की निर्धारित अवधि छह महीने रखी है. यदि एजेंसियों ने रुचि दिखायी तो जनवरी के अंत तक चयन हो सकता है, जिसके बाद काम शुरू होगा. शाहकुंड के इन टोलों में नहीं पहुंचा पानी बेलथू पंचायत : बेलथू दक्षिण टोला, मंडल टोला, ठाकुर टोला, बेलथू चौक के नजदीक, सरहा(महादलित टोला), सरहा (यादव टोला), कपसौना(मंडल टोला), बिषणपुर.हरनौत पंचायत : तालाब पोखरिया, इमादपुर(स्कूल), समस्तीपुर (महादलित टोला) महगनवां, पहाड़पुर (ज्वाखर टोला), ज्वाखर (भैरव टोला) व इमादपुर (अल्पसंख्यक टोला).जगरिया पंचायत : सहजादपुर(महादलित टोला), सहजादपुर (शर्मा टोला), कैलाशपुर (इस्ट), कैलाशपुर (वेस्ट), चकरमशाह (स्कूल के नजदीक), जगरिया (महादलित टोला) व झंडापुर.सजौर पंचायत : फतेहपुरगोबराई पंचायत : भंडारवण(पासवान टोला), भंडारवण (राय टोला), कोल्हाचक, सिंहपुर (ब्राह्मण टोला), मोहनपुर (तांती टोला), ओदाचक, मोहनपुर (रजक टोला) टेंडर भरने की अंतिम तारीख 10 जनवरी निर्धारित छूटे हुए हर घर नल जल योजना के लिए एजेंसियों के लिए निविदा भरने की अंतिम तिथि 10 जनवरी निर्धारित की गयी है. निविदा का तकनीकी बिड 10 जनवरी को ही खोली जायेगी और फिर फाइनेंसियल बिड खोलकर एजेंसी का चयन किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Bhagalpur News. हर घर नल जल योजना दो साल पहले पूरी, शाहकुंड के 30 टोले अब भी वंचित appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top