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December 29, 2025

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अमित शाह कोलकाता पहुंचे, बंगाल चुनाव 2026 पर 3 दिन तक करेंगे मंथन

Table of Contents 7:25 बजे दमदम एयरपोर्ट पहुंचे अमित शाह Bengal Chunav 2026: कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन करेंगे शाह Bengal Chunav 2026: वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के 3 दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंच गये हैं. सोमवार की देर शाम कोलकाता के मुरलीधर लेन स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. अमित शाह की कार पर पुष्प वर्षा की गयी. अमित शाह जिंदाबाद और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाये. अमित शाह की इस यात्रा को बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर अहम माना जा रहा है. 7:25 बजे दमदम एयरपोर्ट पहुंचे अमित शाह हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अमित शाह शाम करीब 7:25 बजे कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे पर पहुंचे. यहां से वह सीधे भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां वे विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लेंगे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Bengal Chunav 2026: कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन करेंगे शाह अमित शाह के मंगलवार को कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन करने की भी उम्मीद है. अमित शाह के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें करने की भी संभावना है. भाजपा नेता के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में बैठक करेंगे. इसके अलावा वे भाजपा के विधायकों, सांसदों और कोलकाता नगर निगम के पार्षदों के साथ अलग से बैठक करेंगे. পশ্চিমবঙ্গ বিজেপির প্রদেশ কার্যালয়ের আগমন কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী শ্রী @AmitShah জীর। তাকে স্বাগত জানাচ্ছেন বিজেপির সকল স্তরের কার্যকর্তারা। https://t.co/nZxykG2buW — BJP West Bengal (@BJP4Bengal) December 29, 2025 इसे भी पढ़ें 3 दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल आ रहे हैं अमित शाह, भाजपा कार्यालय में चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा अमित शाह 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने के लिए दे रहे हैं निर्देश : मुख्यमंत्री Amit Shah in Bengal : मां दुर्गा से प्रार्थना है कि बंगाल में चुनाव के बाद एक नयी प्रशासन आए, बोले अमित शाह Amit Shah attacked Mamata Banerjee: ‘आतंकवादी मारे गए, तो दीदी के पेट में हुआ दर्द,’ शाह ने ममता बनर्जी पर बोला हमला The post अमित शाह कोलकाता पहुंचे, बंगाल चुनाव 2026 पर 3 दिन तक करेंगे मंथन appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: ये 5 संकेत बताते हैं कि गलत और बर्बादी के रास्ते पर हैं आप, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान व्यक्ति के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान पॉलिटिशियन ही नहीं थे बल्कि वे मानव स्वभाव की गहराई से समझ भी रखते थे. अपने जीवनकाल के दौरान आचार्य चाणक्य ने मानवजाति की भलाई के लिए कई तरह की बातें कहीं थीं जो आज के समय में भी हमें सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं. चाणक्य नीति की अगर बात करें तो यह हमें इस बात बात को भी समझाने की कोशिश करती है कि हमें जीवन में किस रास्ते पर चलना चाहिए और की चीजों से बचकर रहना चाहिए. आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में कुछ ऐसे संकेतों के बारे में भी बताते हैं जो उस समय दिखते हैं जब कोई भी इंसान गलत रास्ते पर चलना शुरू करता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं संकेतों के बारे में विस्तार से जानते हैं. तो चलिए जानते हैं. सही और गलत में फर्क दिखना बंद हो जाए आचार्य चाणक्य कहते हैं जब कोई भी इंसान गलत और बर्बादी के रास्ते पर निकलता है तो उसे सही और गलत के बीच का फर्क दिखना बंद हो जाता है. चाणक्य कहते हैं कि काम सही हो या फिर गलत वह उन्हीं कामों को करता है जो उसे तुरंत फायदा पहुंचाता है. जब एक इंसान गलत रास्ते पर निकल चुका होता है तो वह स्वार्थ में आकर झूठ बोलने लगता है, धोखा देने से नहीं कतराता है और साथ ही अपने फायदे के लिए दूसरों को नुकसान भी पहुंचाता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: समाज की नजरों में कब गिरने लगता है इंसान? खुद की इज्जत बचानी है तो जरूर जानें बड़ों और ज्ञानी लोगों की बातों को नजरअंदाज आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब कोई भी व्यक्ति अपने बड़ों की, अनुभवी और समझदार लोगों की बातों और सलाह को नजरअंदाज करने लगता है और बेकार समझने लगता है तो यह सबसे बड़ा संकेत है कि वह गलत और बर्बादी के रास्ते पर निकल चुका है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान और अनुभव सी मिली हुई सलाह ही आपको जीवन में सही रास्ता दिखाती है. अगर कोई इंसान अहंकार में आकर किसी की बातों को नहीं सुनता है और समय के साथ गलत फैसले लेना शुरू करता है. जब ऐसा होता है तो जीवन में आगे चलकर उसे सिर्फ अफसोस ही होता है. जरूरत से ज्यादा अहंकार और घमंड आचार्य चाणक्य ने अहंकार को बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बताया है. जब आप खुद को दूसरों से या फिर सबसे ऊपर समझने लगते हैं तो यह तय हो जाता है कि जीवन में आगे चलकर आपका विनाश ही होगा. जब आप घमंड में चूर रहते हैं तो आप एक अंधे की तरह बर्ताव करते हैं. घमंड और अहंकार में डूबा हुआ इंसान अपनी गलतियों को देख नहीं पाता है और इसी वजह से वह गलत रास्ते पर चला जाता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: इस समय मेहनत न करने वाले के हाथ लगती है सिर्फ असफलता, मरते दम तक पछतावा नहीं छोड़ता उसका पीछा मेहनत से दूर भागना और शॉर्टकट पर भरोसा करना चाणक्य नीति के अनुसार जो भी व्यक्ति मेहनत से दूर भागता है और बिना परिश्रण किये सफल बनना चाहता है वह आगे चलकर गलत रास्ते पर चला जाता है. इस तरह के लोग आगे चलकर गलत तरीकों से पैसे कमाने और दूसरों को धोखा देने की मंशा रखते हैं. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ये रास्ता आपको शुरूआती दिनों में भले ही आसान लगे लेकीन आगे चलकर नुकसान और बदनामी का ही कारण बनता है. रिश्तों और इंसानियत की कद्र न करना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब कोई भी इंसान अपने रिश्तों, इमोशंस और इंसानियत की कद्र करना छोड़ देता है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि वह गलत रास्ते पर निकल पड़ा है. आचार्य चाणक्य के अनुसार जो भी व्यक्ति सिर्फ अपने फायदे के बारे में सोचता है और दूसरों के दुख-दर्द को नजरअंदाज करता है वह जीवन में कभी भी खुश और सुखी नहीं रहता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: समाज की नजरों में बुद्धिमान व्यक्ति कौन है? चाणक्य ने बताया पहचान का आसान तरीका Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: ये 5 संकेत बताते हैं कि गलत और बर्बादी के रास्ते पर हैं आप, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: सुबह उठते ही की ये 3 गलतियां रोक देती हैं तरक्की, आप भी तो नहीं कर रहे?

Vastu Tips: सुबह का समय पूरे दिन की दिशा तय करता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इंसान की दिनचर्या का असर सिर्फ उसके स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि उसके भाग्य, करियर और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है. कई बार लोग मेहनत तो पूरी करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें मनचाही सफलता नहीं मिल पाती. इसके पीछे एक वजह सुबह उठते ही की जाने वाली कुछ गलत आदतें भी हो सकती हैं, जिन्हें लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. सुबह उठते ही नकारात्मक सोच बन सकती है बाधा वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि नींद से जागते ही मन जिस विचार के साथ दिन की शुरुआत करता है, वही विचार पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है. कई लोग सुबह उठते ही मोबाइल देखने लगते हैं या फिर कल की परेशानियों, पैसों की चिंता और अधूरे कामों के बारे में सोचने लगते हैं. यह आदत मानसिक तनाव बढ़ाती है और सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर करती है, जिससे तरक्की के रास्ते में रुकावट आने लगती है. Also Read: New Year Vastu Tips: सुख-शांति और समृद्धि के लिए साल के पहले दिन करें ये 5 काम, वास्तु के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी जिंदगी बिस्तर छोड़ते ही ये गलती न करें वास्तु के अनुसार, सुबह उठते ही जमीन पर पैर रखने से पहले पलभर रुकना चाहिए. जल्दबाजी में बिस्तर से सीधे उठ जाना या चिड़चिड़े मूड में दिन की शुरुआत करना अशुभ माना जाता है. यह न केवल मन को अस्थिर करता है, बल्कि पूरे दिन के कामों में बाधा पैदा कर सकता है. मोबाइल देखना भी नुकसानदायक आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर लोग आंख खुलते ही मोबाइल उठा लेते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह-सुबह मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली नकारात्मक समाचारें और तनाव भरी जानकारी मन पर गलत प्रभाव डालती हैं. इससे फोकस कमजोर होता है और कार्यक्षमता पर असर पड़ता है. वास्तु के अनुसार सही आदत अपनाएं सुबह उठते ही सबसे पहले ईश्वर को याद करें या अपने मन में सकारात्मक विचार लाएं. इसके बाद बिस्तर से उठकर घर की खिड़की या दरवाजे खोलें, ताकि ताजी हवा और रोशनी अंदर आ सके. यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और मन को शांत रखता है. छोटी आदत, बड़ा असर वास्तु शास्त्र मानता है कि सुबह की छोटी-छोटी आदतें व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. अगर दिन की शुरुआत सही तरीके से की जाए, तो न सिर्फ मन शांत रहता है, बल्कि तरक्की के रास्ते भी खुलने लगते हैं. Also Read: Vastu Tips New Year 2026: नए साल पर करें ये आसान वास्तु उपाय, पूरे साल बनी रहेगी खुशहाली The post Vastu Tips: सुबह उठते ही की ये 3 गलतियां रोक देती हैं तरक्की, आप भी तो नहीं कर रहे? appeared first on Naya Vichar.

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Festival: 14 जनवरी 2026 के दिन दुर्लभ संयोग, मकर संक्रांति के साथ पड़ेंगे 7 बड़े व्रत त्योहार, ज्योतिषाचार्य से जानें सबकुछ

Table of Contents Festival: मकर संक्रांति 2026 में कब मनाई जायेगी मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण का संयोग मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का व्रत का विशेष संयोग 14 जनवरी से होगी दक्षिण हिंदुस्तान में पोंगल की शुरुआत 14 जनवरी से असम में होगी बिहू की शुरुआत मकर संक्रति के महासंयोग पर करें उपाय Festival: साल 2026 की शुरुआत धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद खास होने वाली है. आमतौर पर 14 जनवरी का नाम आते ही मकर संक्रांति पर्व का ख्याल आता है, लेकिन 14 जनवरी 2026 का दिन केवल संक्रांति तक सीमित नहीं है. इस दिन ग्रहों की चाल और तिथियों का ऐसा संयोग बन रहा है कि इस दिन एक साथ कई बड़े त्योहार मनाए जाएंगे. जिससे दान, स्नान और पूजा-पाठ का महत्व कई गुना बढ़ गया हैं. मकर संक्रांति को देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे उत्तरायण, पोंगल और मघी. इस दिन स्नान और दान- पुण्य का खास विशेषता है. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से इस दिन का धार्मिक महत्व और व्रत त्योहारों के बारे में- Festival: मकर संक्रांति 2026 में कब मनाई जायेगी पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी, इस दिन दान-पुण्य का समय दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगा. वहीं, इसका समापन शाम 05 बजकर 45 मिनट पर होगा. इस दौरान दान-पुण्य करना अत्यंत लाभकारी रहेगा. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण का संयोग मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायण होते है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं. शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण काल को देवताओं का दिन माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय में किए गए धार्मिक कार्य, पूजा, दान और तप अत्यंत फलदायक होते हैं. सूर्य का उत्तरायण होना जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और नई शुरुआत का संकेत देता है. यही कारण है कि मकर संक्रांति को शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है. दान-पुण्य और स्नान का विशेष महत्व मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है, इस दिन नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती और पूर्व में किए पाप धुल जातें है. इस दिन तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र और घी का दान अत्यंत फलदायी माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर किया गया दान सीधे सूर्य देव को समर्पित माना जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि तिल से संबंधित दान, स्नान और भोजन करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इसलिए इस दिन तिल-गुड़ के लड्डू और तिल से बने व्यंजन ग्रहण किए जाते हैं. मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का व्रत का विशेष संयोग षटतिला एकादशी 2026 में 14 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी पड़ रही है. यह भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशी में से एक है. इस दिन तिल का 6 तरह से उपयोग किया जाता है. संक्रांति और एकादशी का एक ही दिन होना बेहद दुर्लभ है, जो विष्णु और सूर्य देव की कृपा पाने का बहुत बड़ा अवसर भी है. 14 जनवरी से होगी दक्षिण हिंदुस्तान में पोंगल की शुरुआत दक्षिण हिंदुस्तान में पोंगल की शुरुआत 14 जनवरी से हो जाएगी. पोंगल चार दिनों तक चलने वाला उत्सव है, जिसमें इंद्र देव और सूर्य देव की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि सूर्य की कृपा से ही धरती पर अन्न की उत्पत्ति होती है, इस अवसर पर लोग उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं. इस दिन अच्छी फसल के लिए सूर्य देव को आभार व्यक्त करते हैं. पोंगल उत्सव के चार दिन भोगी पोंगल- उत्सव का पहला दिन को भोगी पोंगल कहते है. इस दिन पुराने और अनुपयोगी सामान को त्याग कर नई शुरुआत का संदेश दिया जाता है. यह दिन परिवर्तन और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. सूर्य पोंगल- दूसरा और मुख्य दिन सूर्य पोंगल होता है. यह दिन सूर्य देव को समर्पित होता है. लोग नए चावल, दूध और गुड़ से पोंगल पकाते हैं और सूर्य देव की पूजा करते हैं. इसे खुशहाली और समृद्धि का दिन माना जाता है. मट्टू पोंगल- तीसरा दिन मट्टू पोंगल कहलाता है और यह पशुधन को समर्पित होता है. किसान अपने बैलों और गायों की पूजा करते हैं, क्योंकि ये कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कन्नुम पोंगल- चौथा और अंतिम दिन कन्नुम पोंगल होता है. यह दिन पारिवारिक मेल-मिलाप और सामाजिक उत्सव का प्रतीक है. लोग अपने रिश्तेदारों और मित्रों से मिलते हैं और खुशी साझा करते हैं. 14 जनवरी से असम में होगी बिहू की शुरुआत असम में बिहू की शुरुआत 14 जनवरी से हो जाएगी. इस पर्व में अग्नि देव की पूजा होती है. यह पर्व खेती और फसल से जुड़ा हुआ है, इसे असम के किसानों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. बिहू पूरे साल तीन बार मनाया जाता है. भोगाली बिहू, रांगाली बिहू, कातली बिहू मुख्य रूप से मनाई जाती है. भोगाली बिहू को मघ बिहू और फसल बिहू भी कहते हैं. यह जनवरी के मध्य में मनाया जाता है. फसल कटाई का जश्न भोगाली बिहू में किसानों द्वारा फसल कटाई का जश्न मनाया जाता है और दान-पुण्य किया जाता है. रांगाली बिहू को उत्सव बिहू और बासंत बिहू भी कहते हैं, इसे अप्रैल के महीने में नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है. इस दिन नई फसल की बुवाई का शुभारंभ होता है. कातली बिहू को अकथ बिहू और सावन बिहू भी कहते हैं. इसे अक्टूबर से नवंबर के महीने में मनाया जाता है. इस दिन लोग अगले वर्ष की फसल की सफलता और खुशहाली की कामना करते हैं. मकर संक्रति के महासंयोग पर करें उपाय साल 2026 के जनवरी में मकर संक्रांति के दिन एकादशी और संक्रांति का महासंयोग बन रहा है. इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कर तिल, गुड़, गरम कपड़े और खिचड़ी का दान जरूर करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से सात जन्मों के पापों का नाश होता है. अगर आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर में ही पानी में

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थावे मंदिर से चोरी सामान को बरामद करने गई थी पुलिस, हाथ लगी छपरा मंदिर से चोरी की मूर्तियां 

Bihar SIT Action: बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ गोपालगंज के थावे मंदिर में हुए चोरी मामले में सामान बरामद करने गई पुलिस को सोमवार को छपरा मंदिर से चोरी की गई राम-सीता की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां बरामद हो गईं. गोपालगंज पुलिस की SIT ने थावे मंदिर चोरी मामले में फरार आरोपी शरीफ साईं के घर छापेमारी की.   गड्ढा खोदकर छुपाई गई मूर्तियां  नगर थाने के अरार मोहल्ले में चल रही छापेमारी में पुलिस को राम-सीता की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां मिलीं.  ये मूर्तियां छपरा के मंदिर से चोरी कर लाई गई थीं, जिसे जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर उसमें छिपाकर रखा गया था और ऊपर से ईंट की सोलिंग की गई थी. पुलिस और मेटल डिटेक्टर की टीम ने एक-एक कमरे और घर के आसपास के घरों की तलाशी के बाद इसका पता लगाया.  थावे मंदिर से चोरी सामान को बरामद करने गई थी पुलिस, हाथ लगी छपरा मंदिर से चोरी की मूर्तियां  2 पुलिस ने क्या कहा ?  SP अवधेश दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने फरार वांटेड शरीफ साईं के घर से चोरी की गई राम-सीता की बेशकीमती मूर्तियां, एक देसी कट्टा, एक मूर्ति का बायां हाथ टूटा हुआ, दोनों मूर्तियों पर जनेऊ पहने हुए चिन्ह, अष्टधातु के तीन पीस, मूर्ति खड़ा करने वाला स्टैंड, सिलाई मशीन और उसका फ्रेम, तीन चूल्हे, गैस सिलेंडर, हैंड कटर, ताला काटने वाली मशीन आदि बरामद की.  Also read: छपरा के ऐतिहासिक धर्मनाथ मंदिर में बड़ी चोरी, करोड़ों की संपत्ति पर हाथ साफ, जांच में जुटी पुलिस मां और पत्नी गिरफ्तार  इस मामले में पुलिस ने शरीफ साईं की पत्नी शब्बा खातुन और उसकी मां मदीना खातून को गिरफ्तार किया है.  पुलिस का दावा है कि इनसे पूछताछ के बाद कई जानकारी मिली है. पुलिस को उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी से मूर्तियों के चोरी के मामले में भी बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है और थावे मंदिर चोरी कांड का तार आगे बढ़ सकता है.मंदिर में चोरी किए गए आभूषणों की रिकवरी पुलिस के लिए पहली प्राथमिकता है.  The post थावे मंदिर से चोरी सामान को बरामद करने गई थी पुलिस, हाथ लगी छपरा मंदिर से चोरी की मूर्तियां  appeared first on Naya Vichar.

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पूर्वांचल से जनशताब्दी तक, ट्रेनें डायवर्ट रूट से चलीं, किऊल-जमालपुर-भागलपुर रूट पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव

Howrah Patna Main Line: हावड़ा-पटना मेन लाइन पर आसनसोल से सीतामढ़ी जाने वाली मालगाड़ी के टेलवा बाजार हॉल्ट निकट रेलवे पुल संख्या 676 समीप दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण दर्जनों ट्रेनों को डायवर्टेड रूट से लगातार दूसरे दिन जमालपुर होकर सोमवार को भी चलाया गया. इसी सिलसिले में मालदा रेल मंडल के साहिबगंज लूप लाइन अंतर्गत किऊल-जमालपुर-भागलपुर रेलखंड से भी लगभग दर्जन भर डायवर्टेड ट्रेनों का परिचालन सोमवार को होता रहा. ट्रेनों के बारे में जानिए रविवार की मध्य रात्रि 15048 डाउन गोरखपुर- कोलकाता टर्मिनल पूर्वांचल एक्सप्रेस 12:05 बजे जमालपुर पहुंची. जबकि 13128 डाउन कोलकाता टर्मिनल गरीब रथ एक्सप्रेस मध्य रात्रि 12:41 बजे जमालपुर पहुंची. इसी प्रकार 15049 अप कोलकाता टर्मिनल-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस 2:00 बजे जमालपुर पहुंची. जबकि 12352 डाउन राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस 3:45 बजे जमालपुर आई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अन्य ट्रेनों का क्या हाल रहा 11428 डाउन जसीडीह-पुणे एक्सप्रेस सुबह 4:16 बजे जमालपुर पहुंची. जबकि 13006 डाउन अमृतसर-हावड़ा मेल सुबह 6:15 बजे जमालपुर आई. 13021 अप हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस सुबह 6:35 बजे जमालपुर पहुंची. जबकि 13121 अप कोलकाता टर्मिनल-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस सुबह 7:38 बजे जमालपुर से गुजरी. वही 13185 अप सियालदह-जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस 8:24 बजे जमालपुर पहुंची. 12024 डाउन पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस पूर्वाह्न 10:00 बजे जमालपुर पहुंची. इसे भी पढ़ें: बिहार में कोहरा और ठंड का डबल अटैक, सभी 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, एडवाइजरी जारी The post पूर्वांचल से जनशताब्दी तक, ट्रेनें डायवर्ट रूट से चलीं, किऊल-जमालपुर-भागलपुर रूट पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में कंपकंपा देने वाली ठंड! अभी बना रहेगा कोल्ड-डे का प्रकोप, रबी फसलों पर संकट 

Bihar Weather Alert: उत्तर बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद तल्ख बना हुआ है. मुजफ्फरपुर समेत समस्तीपुर और आसपास के जिलों में कनकनी वाली ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. पिछले करीब 10 दिनों से आसमान में बादलों और धुंध का डेरा है, जिसके कारण धूप के दर्शन नहीं हुए हैं. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह स्थिति करीब दो दशक बाद दोहराई है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर है. 2003 जैसी कड़ाके की ठंड की वापसी डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के सीनियर साइंस्टिस्ट डॉ. A.K. सत्तार ने बताया कि मौजूदा मौसम के  हालात साल 2002-2003 की याद दिला रहे हैं. उस दौरान भी लगातार 12 से 15 दिनों तक धूप नहीं निकली थी और भीषण शीतलहर चली थी. करीब 22 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर उत्तर बिहार में वैसी ही स्थिति बनी हुई है. डॉ. सत्तार के अनुसार, फिलहाल कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी और राहत मिलने के आसार कम है. न्यूनतम के करीब पहुंचा अधिकतम तापमान पूसा मौसम केंद्र के 29 दिसंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, पछुआ हवाओं ने कनकनी को और बढ़ा दिया है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि दिन के अधिकतम और रात के न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बहुत कम हो गया है. रिकॉर्ड के तहत अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जो सामान्य से 7.3 कम रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा. साथ ही 6.9 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चली. पछुआ हवा की वजह से शरीर में चुभने वाली ठंड महसूस की जा रही है. Also read: सावधान! जम्मू से भी सर्द हुआ बिहार का यह शहर,पछुआ हवाओं ने बढ़ाई कनकनी, अगले 120 घंटे भारी-IMD की बड़ी चेतावनी कृषि और स्वास्थ्य पर असर लगातार धूप न निकलने के कारण फसलों, विशेषकर रबी की फसलों पर असर पड़ने की संभावना है. वहीं, जिला प्रशासन ने बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अलाव की व्यवस्था करने की सलाह दी है. चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में आई इस अचानक गिरावट से बच्चों और बुजुर्गों को सांस व कोल्ड स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है. The post बिहार में कंपकंपा देने वाली ठंड! अभी बना रहेगा कोल्ड-डे का प्रकोप, रबी फसलों पर संकट  appeared first on Naya Vichar.

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Upcoming IPO: नैक पैकेजिंग समेत 4 कंपनियों के जल्द आएंगे आईपीओ, सेबी से मिली मंजूरी

Upcoming IPO: हिंदुस्तान के शेयर बाजार में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है. नैक पैकेजिंग और शिवालय कंस्ट्रक्शन समेत कुल चार कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए हिंदुस्तानीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से मंजूरी मिल गई है. बाजार नियामक के आंकड़ों के अनुसार, इन चारों कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाए जाने की संभावना है. सेबी की मंजूरी का क्या है मतलब इन कंपनियों ने अगस्त से सितंबर के बीच अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) सेबी के पास दाखिल किए थे. 15 से 26 दिसंबर के बीच सेबी की ओर से इन दस्तावेजों पर टिप्पणियां जारी की गईं. सेबी की प्रक्रिया में टिप्पणियां मिलने का मतलब होता है कि कंपनी को आईपीओ लाने की नियामकीय अनुमति मिल गई है और अब वह अपने इश्यू की तारीख तय कर सकती है. नैक पैकेजिंग का आईपीओ पैकेजिंग समाधान देने वाली कंपनी नैक पैकेजिंग के आईपीओ में कुल 475 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है. इसके साथ ही 70 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी की जाएगी. यह कंपनी औद्योगिक और उपभोक्ता पैकेजिंग से जुड़े उत्पादों और समाधानों के लिए जानी जाती है. आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग क्षमता विस्तार, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा. शिवालय कंस्ट्रक्शन का निर्गम शिवालय कंस्ट्रक्शन के आईपीओ में 450 करोड़ रुपये के नए शेयरों का इश्यू शामिल है. इसके अलावा, 2.48 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश भी की जाएगी. कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है. आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट्स, वर्किंग कैपिटल और कर्ज में कमी के लिए किया जा सकता है. वारमोरा ग्रैनिटो: टाइल्स सेक्टर की दावेदारी टाइल्स और बाथरूम से जुड़े उत्पाद बनाने वाली वारमोरा ग्रैनिटो के प्रस्तावित आईपीओ में 400 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है. इसके साथ ही, प्रमोटर्स और निवेशक कस्तूरा इन्वेस्टमेंट्स की ओर से 5.24 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश की जाएगी. यह कंपनी सिरेमिक और सैनिटरीवेयर सेगमेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी के लिए जानी जाती है. बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ में 110 करोड़ रुपये का नया शेयर इश्यू और 78.54 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है. ओएफएस में प्रमोटर्स और निवेशक शेयरधारक एसजी टेक इंजीनियरिंग अपने शेयर बेचेंगे. कंपनी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कामकाज में सक्रिय है. इन्फिफ्रेश फूड्स ने वापस लिया आवेदन इस बीच, इन्फिफ्रेश फूड्स ने अपना आईपीओ आवेदन वापस ले लिया है. कंपनी ने अगस्त में गोपनीय मार्ग से सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन फिलहाल उसने सार्वजनिक निर्गम की योजना टाल दी है. इसे भी पढ़ें: रिलायंस-बीपी की मुश्किलें बढ़ीं, केजी-डी6 विवाद में प्रशासन ने मांगा 30 अरब डॉलर का मुआवजा निवेशकों के लिए क्या मायने इन चारों आईपीओ को मिली मंजूरी से संकेत मिलता है कि आने वाले हफ्तों में शेयर बाजार में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है. हालांकि, निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और जोखिमों का सावधानीपूर्वक आकलन करना जरूरी होगा. इसे भी पढ़ें: Sona Chandi Bhav: चांदी की तूफानी तेजी पर लग गया ब्रेक, सोने की चमक पड़ी फीकी The post Upcoming IPO: नैक पैकेजिंग समेत 4 कंपनियों के जल्द आएंगे आईपीओ, सेबी से मिली मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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पटना से गुजरने वाली यह ट्रेन LHB कोच से लैस हुई, अब 17 बोगियों साथ ही चलेगी

Patna Junction: पटना जंक्शन के रास्ते रामबाग से हावड़ा के बीच में चलने वाली विभूति एक्सप्रेस अब अत्याधुनिक एलएचबी कोच से लैस हो गयी है. सोमवार को 12334 विभूति एक्सप्रेस पटना जंक्शन के रास्ते हावड़ा रवाना हुई, जो एलएचबी से लैस थी. अब यह ट्रेन नियमित रूप से एलएचबी कोच के साथ ही चलेगी. विभूति एक्सप्रेस में अब 19 की जगह 17 कोच ही हैं और सीटों की संख्या भी 50 कम हो गयी है. इसमें स्लीपर के सात, एसी थ्री के तीन, एसी टू के दो और फर्स्ट एसी के एक और जेनरल के चार कोच को शामिल किया गया है. एसी थ्री और स्लीपर के एक-एक कोच कम वर्तमान में इसमें एसी थ्री व स्लीपर के एक-एक कोच को कम किया गया है. रेलवे का कहना है कि भविष्य में इसकी संख्या बढ़ा दी जायेगी. एसी थ्री में पहले चार कोचों में 256 यात्री सफर करते थे. अब सिर्फ तीन कोच होंगे, जिनमें कुल 216 सीटें होंगी. यानी 40 सीटों की कमी. हालांकि, सेकेंड एसी में एक कोच में पहले 46 सीटें थीं, जो एलएचबी में बढ़ कर 52 हो गयी हैं. यहां छह सीटों की वृद्धि हुई है. पहले इस ट्रेन में स्लीपर के आठ कोच थे, जिनमें कुल 576 सीटें मिलती थीं. अब कोचों की संख्या घटा कर सात कर दी गयी है. एलएचबी के एक कोच में 80 सीटें होती हैं, तो अब कुल सीटें 560 होंगी. यानी स्लीपर क्लास में 16 सीटें कम हो गयी हैं. जेनरल कोच की संख्या पहले की तरह चार ही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या है खासियत पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने कहा कि एंटी-टेलिस्कोपिक फीचर से लैस यह एलएचबी कोच दुर्घटनाग्रस्त होने पर एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते हैं. ये डिब्बे झटकों को रोक लेते हैं और तेज रफ्तार में भी पटरी पर इनकी पकड़ बेमिसाल रहती है. झटके नहीं लगते और शोर कम होता है. इसे भी पढ़ें: बिहार में कोहरा और ठंड का डबल अटैक, सभी 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, एडवाइजरी जारी The post पटना से गुजरने वाली यह ट्रेन LHB कोच से लैस हुई, अब 17 बोगियों साथ ही चलेगी appeared first on Naya Vichar.

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New Year Recipe: नॉनवेज छोड़िए! इस नए साल बनाएं वेज हांडी मटन, स्वाद ऐसा कि मेहमान प्लेट चट कर देंगे

New Year Recipe: नए साल का जश्न बिना लजीज डिश के अधूरा माना जाता है. आमतौर पर स्पेशल मौके पर लोग नॉनवेज को ही पहली पसंद मानते हैं और सोचते हैं कि खास स्वाद सिर्फ वहीं मिलता है. लेकिन ऐसा नहीं है. वेज कैटेगरी में भी कई ऐसी डिश हैं, जो स्वाद और टेक्सचर में किसी नॉनवेज से कम नहीं होतीं. ऐसे में इस नये साल अगर आप कुछ अलग, स्वादिष्ट और शुद्ध शाकाहारी व्यंजन बनाना चाहते हैं, तो वेज हांडी मटन एक बेहतरीन विकल्प है. नाम भले ही मटन हो, लेकिन इसमें सब्जियों और मसालों का ऐसा मेल होता है, जो मटन जैसा स्वाद देता है. आइये जानते हैं इसकी आसान रेसिपी. वेज मटन हांडी बनाने की सामग्री सोयाबीन चंक्स- 1 कप (उबले हुए) कटे हुए मशरूम- 1 कप कटे हुए आलू- 2 मध्यम गाजर- 1 (कटी हुई) फूलगोभी- 1 कप टमाटर प्यूरी- 1 कप प्याज- 2 बारीक कटे अदरक-लहसुन पेस्ट- 1 टेबलस्पून दही- आधा कप हरी मिर्च- 2 (बारीक कटी) काजू का पेस्ट- 2 टेबलस्पून लाल मिर्च पाउडर- 1 टीस्पून धनिया पाउडर- 1 टीस्पून गरम मसाला- आधा टीस्पून साबुत मसाले (तेज पत्ता, दालचीनी, इलायची) तेल/घी- जरूरत अनुसार नमक- स्वादानुसार हरा धनिया- सजाने के लिए Also Read: Palak Sabudana Tikki: कम तेल में बनेगी सुपर क्रिस्पी और टेस्टी पालक साबूदाना टिक्की, एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का करेगा मन बनाने की विधि सबसे पहले कुकर या गहरे पैन में तेल या घी गर्म करें. इसके बाद इसमें साबुत मसाले डालकर खुशबू आने तक भूनें. इसके बाद बारीक कटे प्याज डालें और सुनहरा होने तक भूनें. अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर अच्छे से भून लें. अब इसमें टमाटर प्यूरी डालें और तब तक पकाएं, जब तक तेल अलग न हो जाए. इसके बाद धीमी आंच पर दही डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि दही फटे नहीं. अब इसमें उबले हुए सोयाबीन चंक्स, आलू, गाजर, फूलगोभी और मशरूम डालें. सभी सब्जियों को मसालों के साथ अच्छे से मिलाएं. इसके बाद लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और काजू पेस्ट डालकर 2–3 मिनट तक भूनें. अब जरूरत अनुसार पानी डालें, ढककर धीमी आंच पर 10–12 मिनट तक पकने दें. अंत में गरम मसाला डालें और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. सोयाबीन को प्रोसेस करने का आसान तरीका वेज हांडी मटन में सबसे अहम चीज है सोयाबीन. लेकिन इसे अगर सही तरीके से प्रोसेस नहीं किया गया तो स्वाद नहीं आ पाएगा. इसका सही स्वाद लाने के लिए उसे सीधे नहीं डालना चाहिए. सबसे पहले सोयाबीन चंक्स को नमक मिले उबलते पानी में 8-10 मिनट तक उबालें. इसके बाद छानकर ठंडा करें और हाथों से अच्छी तरह निचोड़ लें, ताकि उसकी कच्ची और बदबूदार महक निकल जाए. फिर कढ़ाही में थोड़ा सा तेल या घी गर्म कर सोयाबीन को हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इस तरह तैयार किया गया सोयाबीन ग्रेवी में डालने पर मटन जैसा स्वाद और बेहतरीन टेक्सचर देता है. अगर आप इसमें थोड़ा सा भुना हुआ प्याज पेस्ट और स्मोक फ्लेवर (धुंआ) दे पाएं तो इसमें आपको मटन जैसा स्वाद मिलेगा. अब आप इसे गर्मागर्म नान, तंदूरी रोटी या जीरा राइस के साथ परोसें. नए साल के मौके पर यह डिश आपके डिनर टेबल की शान बढ़ा देगी. Also Read: Palak Poha Cutlet Recipe: घर पर बनेगा पालक पोहा कटलेट तो भूल जाएंगे पैक्ड स्नैक्स, फिटनेस लवर्स के लिए टेस्टी और हेल्दी चॉइस The post New Year Recipe: नॉनवेज छोड़िए! इस नए साल बनाएं वेज हांडी मटन, स्वाद ऐसा कि मेहमान प्लेट चट कर देंगे appeared first on Naya Vichar.

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