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December 29, 2025

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Palak Sabudana Tikki: कम तेल में बनेगी सुपर क्रिस्पी और टेस्टी पालक साबूदाना टिक्की, एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का करेगा मन

Palak Sabudana Tikki: अगर आप एक ऐसे डिश की तलाश कर रहे हैं जो सिर्फ टेस्टी न हो बल्कि हेल्दी और फ्रेश भी हो तो पालक साबूदाना टिक्की एक बेहतरीन चॉइस है. आप इस डिश को शाम के नाश्ते के साथ ही लाइट डिनर के रूप में भी बिना किसी टेंशन के तैयार कर सकते हैं. साबूदाना आपके शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है जबकि पालक शरीर में हो रही आयरन, फाइबर और जरूरी विटामिन्स की कमी को दूर कर सकता है. इस डिश की सबसे खास बात है कि इसे आपके लिए डाइजेस्ट करना काफी आसान होता है. तो चलिए जानते हैं पालक साबूदाना टिक्की बनाने की आसान रेसिपी. पालक साबूदाना टिक्की बनाने के लिए जरूरी सामग्री साबूदाना – 1 कप भीगा हुआ पालक – 1 कप बारीक कटी हुई उबले आलू – 2 मीडियम साइज के हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई अदरक – 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ सेंधा नमक – स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच जीरा – 1 छोटा चम्मच मूंगफली पाउडर – 2 बड़े चम्मच या ऑप्शनल तेल – तलने के लिए यह भी पढ़ें: Rice Flour Cutlet Recipe: चावल के आटे से बने ये कटलेट बन जाएंगे सभी के फेवरेट, बच्चों की टिफिन और शाम की चाय के लिए बेस्ट चॉइस पालक साबूदाना टिक्की बनाने की आसान रेसिपी पालक साबूदाना टिक्की बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाना को 4 से 5 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. इस बात का ख्याल रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो, दाने अलग-अलग और सॉफ्ट होने चाहिए. इसके बाद पालक को अच्छे से धोकर बारीक काट लें. आप अगर चाहें तो हल्का सा ब्लांच कर लें क्योंकि ऐसा करने से कच्चेपन की कड़वाहट खत्म हो जाएगी. इसके बाद एक बड़े बर्तन में भीगा हुआ साबूदाना, उबले और मैश किए हुए आलू, कटी पालक, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, काली मिर्च, मूंगफली पाउडर और सेंधा नमक डालें. इन सभी चीजों को अच्छे से मिला लें ताकि एक स्मूद मिश्रण बन जाए. अब हाथों में थोड़ा तेल लगाकर मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां बना लें. इसके बाद कढ़ाही में तेल गर्म करें और मीडियम आंच पर टिक्कियों को गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें. इसे बीच-बीच में पलटते रहें ताकि टिक्कियां बराबर सिकें. यह भी पढ़ें: Ragi Suji Upma Recipe: सिर्फ 20 मिनट में बनाएं हेल्दी और टेस्टी रागी सूजी उपमा, सुबह की एनर्जी का सुपर बूस्टर The post Palak Sabudana Tikki: कम तेल में बनेगी सुपर क्रिस्पी और टेस्टी पालक साबूदाना टिक्की, एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का करेगा मन appeared first on Naya Vichar.

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Unnao Case: ‘सीबीआई नहीं कर रहा सहयोग’, पीड़िता के वकील का बड़ा आरोप, कहा- एजेंसी छुपा रही बातें

Unnao Case: उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के वकील महमूद प्राचा ने सीबीआई पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सीबीआई अभी भी हमारा सहयोग नहीं कर रही है. उन्होंने हमारी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए हमसे बातें छुपाईं हैं. अधिवक्ता ने कहा कि कल रात तक एजेंसी ने कॉपी रोके रखी थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह रणनीति न केवल इस मामले में बल्कि हाथरस मामले में भी अपनाई गई है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर) को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था और मामले में उसकी अपील लंबित रहने तक उसे जमानत दे दी गई थी. उन्नाव के पूर्व विधायक सेंगर को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. #WATCH | Delhi: Mehmood Pracha, Advocate for Unnao rape case survivor, says,” … The CBI is still not cooperating. They lived up to our expectations that they would hide things from us… They withheld the copy till about last night… This has been a strategy not only in this… pic.twitter.com/B6e2qxHemk — ANI (@ANI) December 29, 2025 सेंगर को नहीं किया जाएगा रिहा सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सेंगर को रिहा नहीं किया जाएगा. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की एक अवकाशकालीन पीठ सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कानून से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आए हैं, जिनपर विचार किया जाना आवश्यक है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सेंगर को नोटिस भी जारी किया और उससे चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पीड़िता ने किया स्वागत उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने पर सोमवार को खुशी जताई. उन्होंने न्याय प्रणाली पर अपना पूरा विश्वास जताया है. हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सेंगर को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उसे जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. सेंगर परिवार ने किया भावनात्मक पोस्ट कोर्ट की फैसले के बाद सेंगर की छोटी बेटी इशिता सेंगर ने सोशल मीडिया एक्स पर एक भावनात्मक पोस्ट किया. उन्होंने अपने पोस्ट में न्याय की याचना की. इशिता ने पोस्ट में कहा कि उनका परिवार पिछले आठ सालों से चुपचाप न्याय का इंतजार कर रहा है और उसने कानून और संस्थानों पर अपना भरोसा बनाए रखा है. उन्होंने लिखा कि उनकी पहचान सिर्फ ‘एक भाजपा विधायक की बेटी’ तक सीमित हो गई है और उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार नफरत, गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ा है. पोस्ट में इशिता ने कहा- “उनका परिवार न तो कोई रियायत चाहता है और न ही सहानुभूति. बल्कि सिर्फ यह चाहता है कि कानून बिना किसी दबाव या डर के काम करे और सुबूतों की निष्पक्ष जांच हो. इशिता की पोस्ट को उनकी बड़ी बहन ऐश्वर्या सेंगर ने भी एक्स पर शेयर किया. उन्होंने लिखा- हम हारेंगे नहीं, लड़ेंगे. Also Read: Aravalli Mining Case: अरावली खनन मामले में ‘सुप्रीम’ रोक, फैसले का भूपेंद्र यादव ने किया स्वागत, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा The post Unnao Case: ‘सीबीआई नहीं कर रहा सहयोग’, पीड़िता के वकील का बड़ा आरोप, कहा- एजेंसी छुपा रही बातें appeared first on Naya Vichar.

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14 जनवरी का पेपर छोड़कर, रद्द हुई BPSC-AEDO की परीक्षा

BPSC AEDO Written Exam Postponed: बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा (BPSC) आयोजित असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर (AEDO) का रिटेन एग्जाम किसी अन्य कारणवश रद्द कर दिया गया है. आयोग इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करेगा. इसमे 14 तारीख को होने वाली परीक्षा को छोड़कर बाकी 10 जनवरी 2026 से 16 जनवरी 2026 तक की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं.   BPSC ने दी जानकारी  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपने ऑफिसियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सूचना की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि दिनांक 10.01.2026 से 16.01.2026 (दिनांक 14.01.2026 को छोड़कर) तक आयोजित होने वाली विज्ञापन संख्या 87/2025 के अंतर्गत सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की लिखित परीक्षा अपरिहार्य कारण से स्थगित की जाती है. उक्त परीक्षा के पुन: आयोजन की तिथि की घोषणा आयोग के वेबसाइट पर प्रकाशित की जायेगी.  14 जनवरी का पेपर छोड़कर, रद्द हुई bpsc-aedo की परीक्षा 2 परीक्षा रद्द होने का कारण स्पष्ट नहीं  इस परीक्षा के रद्द होने के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. आयोग ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की बार कही है. ऐसे में अभ्यर्थियों के मन में अब सवाल ये है कि आखिर ये परीक्षा अब कब होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें The post 14 जनवरी का पेपर छोड़कर, रद्द हुई BPSC-AEDO की परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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इटली के इस गांव में 30 साल बाद गूंजी किलकारी! आबादी फिर भी केवल 20

Italian Village Welcomes First Baby: क्या कभी आपने किसी ऐसे गांव के बारे में सुना है जहां सिर्फ 20 लोग रहते हैं? हिंदुस्तान जैसै देश में जहां किसी जॉइंट फैमिली में भी 20 से ज्यादा लोग रहते हैं वहां ऐसी समाचारें सुनने में नामुमकिन लगती है. लेकिन ऐसी ही एक समाचार पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जहां इटली के एक गांव में, जहां इंसानों से ज्यादा बिल्लीयां रहती है वहां पहली बार किसी शिशु की किलकारी गूंजी है. दशकों बाद गूंजी शिशु की किलकारी (Italy Village Welcomes First baby) दरअसल इटली के एक छोटे से पहाड़ी गांव पगलियारा देई मारसी (Pagliara dei Marsi) में 30 सालों में पहली बार किसी शिशु का जन्म हुआ है. पहाड़ों के बीच बसे इस छोटे से गांव में बढ़ते समय के साथ आबादी भी कम होती गई. इस गांव के युवा शहरों की ओर पलायन कर गए, स्कूल बंद पड़ गए और गांव की सड़कों में इंसानों से ज्यादा बिल्लियां नजर आने लगी. इस गांव की ऐसी हालात हो गई की यहां कई दशकों से किसी शिशु की किलकारी नहीं गूंजी थी. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बच्ची की तस्वीर सामने आई जिसके बाद यह समाचार फिर से चर्चा में आई थी.  30 साल बाद हुआ शिशु का जन्म मार्च 2025 में इस गांव में पहली बार खुशियों ने दस्तक दी जहां इस गांव में 30 सालों बाद पहली बार किसी शिशु की किलकारी गूंजी. इस समाचार के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल था. गांव के बड़े बुजुर्गों में खुशियों में डूबे थे क्योंकि उन्होंने इस तरह की खुशी देखने की उम्मीद छोड़ दी थी.इस नन्हीं परी का नाम लारा रख लिया गया. लारा की मां की उम्र 42 साल और पिता की उम्र 56 साल है. लारा के जन्म के बाद से इस गांव की कुल आबादी 20 हो गई है. इस शिशु के बपतिस्मा समारोह में पूरा गांव मौजूद था जिसने इस पल को और भी खास बना दिया.  इंसानों से ज्यादा बिल्लियां रहती हैं इस गांव की सड़के इतनी खाली है कि यहां इंसानों से ज्यादा बिल्लियां नजर आती हैं. साथी ही लारा के जन्म के बाद हुए बपतिस्मा समारोह में भी गांव वालों के साथ बिल्लियां भी शामिल हुई थी. इस गांव में बिल्लियां बड़ी ही आजादी के साथ लोगों के घरों में जाती है और उनके साथ ही रहती हैं.  View this post on Instagram A post shared by Roberto Salomone (@robertosalomonephotojournalist) सोशल मीडिया पर छाई समाचार हालांकि लारा का जन्म मार्च में ही हुआ है जहां ये खुशी सिर्फ गांव तक सिमीत थी लेकिन अब अचानक यह समाचार सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. कुछ समय बाद लारा की मां चिंजिया त्राबुक्को ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी की तस्वीरें और भावुक पोस्ट साझा किया. इन तस्वीरों को बाद में अलग अलग सोशल मीडिया पेज और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में शेयर होने लग गई. इस समाचार को जानने के बाद लोग भी खूब हैरान हुए कि ऐसा सच में कोई गांव है जहां सिर्फ 20 लोगों की आबादी है और 30 सालों में पहली बार किसी शिशु ने जन्म लिया है. इटली के डेमोग्राफिक गिरावट ने लोगों का ध्यान खींचा ( Lower Fertility Rates In Italy) इस समाचार के सामने आने के बाद से इटली में आए इस डेमोग्राफिक गिरावट ने लोगों का ध्यान खींचा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इटली में पिछले कुछ सालों से जन्म दर (Birth Rate) लगातार गिर रही है. साल 2024 में इस देश में शिशु के जन्म लेने की संख्या कम रही और प्रजनन दर (Fertility Rate) 1.18 तक सिमट कर रह गई. यह दिखाता है कि कैसे इटली में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और गांव- कस्बे धीरे-धीरे सिकुड़ते जा रहे हैं. इसी वजह से देश की वित्तीय स्थिति पर भी दबाव बनता जा रहा है. यह भी पढ़ें: यूरोप के इस देश में अब जिंदा केकड़े को उबलाकर खाना होगा बंद, प्रशासन ने दिया बड़ा आदेश, जानवरों के खिलाफ क्रूरता होगी खत्म यह भी पढ़ें: ईसाई होकर भी मूंछ क्यों नहीं रखते थे अब्राहम लिंकन? बच्ची का लेटर, दाढ़ी और जान बचाने का अनोखा किस्सा यह भी पढ़ें: हवाई जहाज नहीं ट्रेन, सिर्फ 85 मिनट में पटना से दिल्ली! चीन ने बनाई दुनिया की सबसे तेज रेलगाड़ी  The post इटली के इस गांव में 30 साल बाद गूंजी किलकारी! आबादी फिर भी केवल 20 appeared first on Naya Vichar.

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New Year Special Suji Nariyal Barfi: हैप्पी न्यू ईयर में घर बनाएं हलवाई जैसी सूजी नारियल की बर्फी

New Year Special Suji Nariyal Barfi: हैप्पी न्यू ईयर का स्वागत अगर कुछ मीठे के साथ न हो तो जश्न अधूरा सा लगता है.अक्सर हम बाहर से महंगी और मिलावटी मिठाइयां ले आते हैं लेकिन जो बात घर की बनी मिठाई में है वह कहीं और कहां.ऐसे में आज हम आपके लिये लाये हैं सूजी नारियल की बर्फी .सूजी का हलवा तो आपने बहुत खाया होगा आज हम आपको बनाना सीखाने जा रहे हैं सूजी नारियल की बर्फी.सूजी की साॅफ्टनेश और नारियल की खुशबू इसे हर किसी का फेवरेट बना देती है. सामग्री सूजी (रवा) – 1 कप नारियल बुरादा – 1 कप चीनी – 3/4 कप दूध – 1/2 कप घी – 1/2 कप इलायची पाउडर – 1/2 चम्मच काजू/बादाम (कटे हुए) – 2 टेबलस्पून किशमिश – 1 टेबलस्पून (वैकल्पिक) बनाने की विधि सूजी भूनें : एक कढ़ाही में घी गरम करें. उसमें सूजी डालकर धीमी आंच पर हल्की सुनहरी होने तक भून लें. खुशबू आने लगे तो आंच धीमी रखें. नारियल मिलाएं : अब इसमें नारियल बुरादा डालें और 1–2 मिनट तक हल्का सा भूनें. दूध डालें : धीरे-धीरे दूध डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें. चीनी मिलाएं :अब चीनी डालें. मिश्रण थोड़ा पतला लगेगा लेकिन घबराएं नहीं. चीनी पिघलते ही गाढ़ा होने लगेगा. इलायची और ड्राई फ्रूट्स : इलायची पाउडर, काजू, बादाम और किशमिश डालकर अच्छे से मिलाएं. बर्फी जमाएं : जब मिश्रण कढ़ाही छोड़ने लगे तब गैस बंद कर दें. घी लगी थाली में मिश्रण फैलाएं और ऊपर से हल्का दबा दें. कटिंग करें : 15 से 20 मिनट ठंडा होने दें फिर मनचाहे आकार में काट लें. Also Read : Multigrain Palak Methi Paratha Recipe: नाश्ते में शामिल करें मल्टी ग्रेन पालक मेथी पराठा, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक Also Read : Gajar ki Rasmalai Recipe: गाजर का हलवा छोड़िए, इस सर्दी बनाएं यह नई और शाही मिठाई Also Read : Urad Dal Halwa Recipe in Hindi: डिलीवरी के बाद जरूर खाएं, उड़द दाल के हलवे की खास पौष्टिक रेसिपी The post New Year Special Suji Nariyal Barfi: हैप्पी न्यू ईयर में घर बनाएं हलवाई जैसी सूजी नारियल की बर्फी appeared first on Naya Vichar.

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UP के अपराधियों ने महाराष्ट्र के शोरूम से लूटा करोड़ों का सोना, मुंबई पुलिस और बिहार STF ने किया गिरफ्तार

Bihar STF and Mumbai Police: बिहार STF और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने सोमवार को नवी मुंबई में करोड़ों रुपए के सोना लूट मामले का पर्दाफाश किया. संयुक्त टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बेला थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.  मुंबई में की थी करोड़ों की लूट  इन आरोपियों के पास से लूट के कई ज्वेलरी भी बरामद किए गए हैं. बताया गया कि नवी मुंबई के नेरुल के एक शोरूम में 22 दिसंबर को अपराधियों ने धावा बोलकर करीब 2 करोड़ 62 लाख 26 हजार रुपए के सोने के ज्वेलरी लूट लिए थे. इस सनसनीखेज वारदात के बाद नवी मुंबई के एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.  पहचान छिपाकर भागे बिहार  वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए बिहार भाग आए थे. तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने बिहार एसटीएफ से संपर्क साधा. पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र में छिपे हुए हैं. सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ठिकानों पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.  आरपियों को मुंबई ले गई पुलिस  गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं और कागजी प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद, मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मुंबई रवाना हो गई.  Also read: आखिर इस बिल्ली में खास क्या है? जिसे खोजने में जुटी है पुलिस, मामला जान हो जाएंगे हैरान! STF ने क्या कहा ?  एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले रामानंद यादव उर्फ आनंद यादव और आजमगढ़ के रहने वाले  रामजन्म गोंड के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद इनकी तलाशी के क्रम में लूट के दो सेट सोने के हार, दो लॉकेट सहित सोने की चेन, चार कान के झुमके और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.  The post UP के अपराधियों ने महाराष्ट्र के शोरूम से लूटा करोड़ों का सोना, मुंबई पुलिस और बिहार STF ने किया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Multigrain Palak Methi Paratha Recipe: नाश्ते में शामिल करें मल्टी ग्रेन पालक मेथी पराठा, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक

Multigrain Palak Methi Paratha Recipe: सर्दियों में अक्सर हमें गरमा-गरम नाश्ता खाने का मन करता है.ऐसे में आज हम आपके लिये लाये हैं मल्टी ग्रेन पालक मेथी पराठा. यकीन मानिए इसे बनाना जितना आसान है इसके फायदे उतने ही बड़े हैं. पालक और मेथी की ताजगी और मल्टीग्रेन आटे की ताकतयह कॉम्बो ऐसा है कि इसे खाकर आप दिनभर एनर्जेटिक महसूस करेंगे और बार-बार भूख भी नहीं लगेगी.तो चलिए बनाते हैं स्वाद और सेहत से भरा टेस्टी मल्टी ग्रेन पालक मेथी पराठा. सामग्री मल्टीग्रेन आटा – 1 कप पालक – 1/2 कप मेथी – 1/4 कप हरी मिर्च (बारीक कटी हुई) – 1 अदरक (कद्दूकस किया हुआ) – 1 चम्मच नमक – स्वाद अनुसार लाल मिर्च पाउडर – 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर – 1/4 चम्मच धनिया पाउडर – 1/2 चम्मच पानी – आटा गूंधने के लिए तेल / घी – पराठा सेकने के लिए बनाने की विधि आटा तैयार करना: एक बड़े बर्तन में मल्टीग्रेन आटा डालें. इसमें कटी हुई पालक, मेथी, हरी मिर्च, अदरक, नमक और मसाले (हल्दी, लाल मिर्च, धनिया) डालकर अच्छे से मिलाएं. आटा गूंधना: धीरे-धीरे पानी डालकर आटे को नरम गूंध लें.आटे को ढककर 10 से 15 मिनट के लिए रख दें. पराठा बेलना: गूंधे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. सूखे आटे की मदद से गोल आकार में बेलें. सेकना: तवा गर्म करें. बेलन से बने पराठे को तवे पर डालें और दोनों तरफ हल्का सा तेल या घी लगाकर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेकें. सर्व करना: गरम-गरम पराठा दही, अचार या टमाटर की चटनी के साथ सर्व करें. Also Read : Gajar ki Rasmalai Recipe: गाजर का हलवा छोड़िए, इस सर्दी बनाएं यह नई और शाही मिठाई Also Read : Urad Dal Halwa Recipe in Hindi: डिलीवरी के बाद जरूर खाएं, उड़द दाल के हलवे की खास पौष्टिक रेसिपी The post Multigrain Palak Methi Paratha Recipe: नाश्ते में शामिल करें मल्टी ग्रेन पालक मेथी पराठा, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर के 93 मौजों से गुजरेगा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे, 1639 एकड़ जमीन अधिग्रहित

Varanasi-Kolkata Expressway: कैमूर जिले से गुजरने वाले वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे में प्रशासन ने कैमूर जिले में कुल 1639 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है. यह एक्सप्रेसवे भभुआ, चांद, रामपुर, चैनपुर तथा भगवानपुर प्रखंड के 93 मौजों में किसानों के जमीन का अधिग्रहण कर बनाया जायेगा. रूट के बारे में जानिए कैमूर जिले में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सीमा से चांद प्रखंड के गोई गांव के रास्ते प्रवेश करेगा. यहां से यह जिगना, खांटी, बघैला, सिहोरियां, पिपरियां और मोरवा गांवों से होते हुए चैनपुर प्रखंड के सिरबिट, खखरा, मसोई, सिंकदरपुर, मानपुर और दुलहरा तक जाएगा. इसके बाद एक्सप्रेसवे भभुआ प्रखंड के मानिकपुर, देवर्जीकला, बेतरी, कुडासन, सारंगपुर, पलका, सीवों, कुश डिहरा, माधवपुर, धरवार और सेमरा गांवों से होकर गुजरेगा. आगे यह भगवानपुर प्रखंड के अकोढ़ी, ददरा और मेहंदवार तथा रामपुर प्रखंड के दुबौली, पसाई, बसुहारी, सोनरा, अकोढ़ी, पछहरा, गंगापुर, बसनी, ठकुरहट, सवार और निसिजा गांवों से होते हुए कैमूर के कुल 38 गांवों को पार कर रोहतास जिले में प्रवेश करेगा. इस तरह यह एक्सप्रेसवे कैमूर जिले के पांच अंचलों के 93 मौजों से होकर करीब 52 किलोमीटर की दूरी तय करेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के बारे में जानिए वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे बनाने में तेज रफ्तार और सुरक्षित यात्रा पर खास ध्यान दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे पर सीमित एंट्री-एग्जिट, सर्विस रोड, अंडरपास और ओवरब्रिज की व्यवस्था होगी, ताकि स्थानीय लोगों को दिक्कत न हो. किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है. निर्माण पूरा होने के बाद कैमूर जिले को लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनने की उम्मीद है. इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में जमीन की कीमत बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: बिहार में कोहरा और ठंड का डबल अटैक, सभी 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, एडवाइजरी जारी The post कैमूर के 93 मौजों से गुजरेगा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे, 1639 एकड़ जमीन अधिग्रहित appeared first on Naya Vichar.

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एंजेल चकमा की मौत पर फूटा सांसद गौरव गोगोई का दर्द, सुनाई आपबीती, हत्या पर देशभर में विरोध

Tripura Youth Death In Dehradun: त्रिपुरा के छात्र की देहरादून में हुई हत्या का पूरे देश में विरोध हो रहा है. हत्या को लेकर सियासत भी गरमा गई है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (29 दिसंबर) को पीड़ित परिवार से बात की. उन्होंने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपनी एक आपबीती सुनाई है. उन्होंने बताया कि एक समय उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था.  कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा “मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था. एक बार जब मैं आगरा गया था, तो एक गार्ड ने मुझसे पूछा, ‘आप कहां से हैं? अपना पासपोर्ट दिखाइए.’ हम पूर्वोत्तर के लोगों से हमारे ही देश में, हमारे ही लोग पासपोर्ट मांगते हैं. अपने देश का झंडा गर्व से फहराने के लिए बहुत साहस चाहिए, और फिर अपने ही देश के किसी नागरिक से ऐसी बात सुनना. यह हमारी सहनशीलता और देशभक्ति का प्रतीक है.” #WATCH | Delhi | On the death of Angel Chakma, a student from Tripura, in Dehradun, Congress MP Gaurav Gogoi says, “This happened with me as well. When I went to Agra once, a guard asked me, ‘Where do you hail from? Show me your passport.’ We, the people from the Northeast, are… pic.twitter.com/pBAmswtI83 — ANI (@ANI) December 29, 2025 राहुल गांधी ने बताया भयावह घृणा अपराध कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने त्रिपुरा के छात्र की देहरादून में हत्या को भयावह घृणा अपराध करार दिया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो देशवासियों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह की घटनाएं उस नफरत का नतीजा हैं, जो रोजाना युवाओं के बीच परोसी जा रही है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा “देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक घृणा अपराध है. नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती. इसे रोजाना, विशेष रूप से हमारे युवाओं को, जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के माध्यम से परोसा जा रहा है तथा और सत्तारूढ़ भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है.” What happened to Anjel Chakma and his brother Michael in Dehradun is a horrific hate crime. Hate doesn’t appear overnight. For years now it is being fed daily – especially to our youth – through toxic content and irresponsible narratives. And it’s being normalised by the… pic.twitter.com/eDN7XiIGZ2 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 29, 2025 बेहद घृणित मानसिकता का दुष्परिणाम- अखिलेश यादव वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या नफरती लोगों की बेहद घृणित मानसिकता का दुष्परिणाम है. सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा कि विघटनकारी सोच रो किसी की जान ले रही है और प्रशासनी अभयदान प्राप्त ये लोग विषबेल की तरह फलफूल रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इन नकारात्मक तत्वों से देश और देश की एकता-अखंडता खतरे में है. उन्होंने कहा कि आज इन हिंसक हालात में यही बात सबसे ज्याद ज़रूरी है कि हम सब शान्ति प्रिय, सौहार्दपूर्ण विचार वाले लोग एकजुट होकर ऐसे असामाजिक लोगों को अपने बीच पहचानने का काम करें और इनका बहिष्कार भी करें, नहीं तो हममें से कोई भी कल इनकी हिंसा का शिकार हो जाएगा. मुख्य आरोपी की सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये के इनाम देने की घोषणा टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने अंजल चकमा हत्या मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की सोमवार को घोषणा की है. पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर निवासी अंजल चकमा की हत्या मामले में छह आरोपियों में से पांच को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है. देबबर्मा की यह घोषणा ऐसे समय आयी है जब कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड पुलिस ने हत्या मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 25,000 रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की थी. इसी बीच टिपरा मोथा पार्टी (TMP) शासित त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) ने मृतक के परिजन को तीन लाख रुपये के मुआवजे की भी सोमवार को घोषणा की. ‘ उत्तराखंड में हुई त्रिपुरा के छात्र की हत्या इससे पहले पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर में त्रिपुरा के एक की बेरहमी से पिटाई की गई. एंजेल चकमा नाम के छात्र ने नौ दिसंबर को देहरादून में जब नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया, तब छह लोगों ने उसपर हमला किया था, और उसके साथ काफी मारपीट की गई.  इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई. The post एंजेल चकमा की मौत पर फूटा सांसद गौरव गोगोई का दर्द, सुनाई आपबीती, हत्या पर देशभर में विरोध appeared first on Naya Vichar.

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रिलायंस-बीपी की मुश्किलें बढ़ीं, केजी-डी6 विवाद में सरकार ने मांगा 30 अरब डॉलर का मुआवजा

KG-D6 Dispute: कृष्णा-गोदावरी बेसिन के केजी-डी6 गैस क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है1 केंद्र प्रशासन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसकी विदेशी साझेदार बीपी से 30 अरब डॉलर से अधिक के मुआवजे की मांग की है. यह दावा प्राकृतिक गैस उत्पादन के तय लक्ष्यों को पूरा न कर पाने को लेकर किया गया है. घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने यह मांग तीन-सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष रखी है. सात नवंबर को पूरी हुई सुनवाई सूत्रों के मुताबिक, इस करीब 14 साल पुराने विवाद पर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष सुनवाई 7 नवंबर को पूरी हो चुकी है. अब न्यायाधिकरण अगले वर्ष किसी समय अपना फैसला सुना सकता है. फैसले से असंतुष्ट किसी भी पक्ष के पास सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प रहेगा. फिलहाल, इस मामले पर रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है. प्रशासन का क्या है आरोप? प्रशासन का आरोप है कि रिलायंस-बीपी ने केजी-डी6 ब्लॉक में जरूरत से ज्यादा बड़ी उत्पादन सुविधाएं विकसित कीं, लेकिन इसके बावजूद प्राकृतिक गैस उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल नहीं किया. प्रशासन का कहना है कि इससे राष्ट्रीय संसाधनों का अपेक्षित उपयोग नहीं हो सका और देश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. मुआवजे की मांग किन आधारों पर मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान प्रशासन ने केवल उत्पादित नहीं की जा सकी गैस का ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त बुनियादी ढांचे पर हुए खर्च, ईंधन विपणन से जुड़े नुकसान और उस पर लगने वाले ब्याज का भी मुआवजा मांगा है. इन सभी दावों को मिलाकर प्रशासन का कुल क्लेम 30 अरब डॉलर से अधिक का बताया जा रहा है, जो हिंदुस्तानीय ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया है. डी1 और डी3 गैस क्षेत्रों से जुड़ा है मामला यह विवाद केजी-डी6 ब्लॉक के धीरूभाई-1 और धीरूभाई-3 (डी1 और डी3) गैस क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है. प्रशासन का आरोप है कि रिलायंस ने स्वीकृत निवेश और विकास योजना का पूरी तरह पालन नहीं किया, जिसके चलते उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो सका. इन दोनों क्षेत्रों में गैस उत्पादन की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी. तय लक्ष्यों से पीछे रहा उत्पादन शुरुआती एक साल के भीतर ही डी1 और डी3 क्षेत्रों से गैस उत्पादन अनुमान से पीछे रहने लगा. फरवरी 2020 में ये दोनों गैस क्षेत्र अपने अनुमानित जीवनकाल से काफी पहले ही बंद हो गए. इससे प्रशासन के इस आरोप को बल मिला कि उत्पादन में कमी प्रबंधन और योजना से जुड़ी खामियों का नतीजा थी. निवेश योजना और हकीकत में बड़ा अंतर रिलायंस ने शुरुआती क्षेत्र विकास योजना के तहत 2.47 अरब डॉलर के निवेश से प्रतिदिन चार करोड़ मानक घन मीटर गैस उत्पादन का लक्ष्य रखा था. बाद में 2006 में इस योजना को संशोधित कर निवेश बढ़ाकर 8.18 अरब डॉलर कर दिया गया और मार्च 2011 तक 31 कुओं की ड्रिलिंग के साथ उत्पादन दोगुना करने का अनुमान जताया गया. हालांकि, कंपनी केवल 22 कुएं ही खोद सकी, जिनमें से 18 से ही गैस उत्पादन शुरू हो पाया. तकनीकी समस्याओं से बढ़ी मुश्किल रेत और पानी के घुसने जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण कई कुएं समय से पहले ही बंद होने लगे। इसके चलते इस क्षेत्र के गैस भंडार का अनुमान भी घटा दिया गया। जहां पहले गैस भंडार का आकलन 10.03 लाख करोड़ घन फुट किया गया था, वहीं बाद में इसे घटाकर 3.10 लाख करोड़ घन फुट कर दिया गया। लागत वसूली को लेकर भी टकराव प्रशासन ने शुरुआती वर्षों में किए गए 3.02 अरब डॉलर के खर्च को लागत वसूली की गणना से बाहर कर दिया. प्रशासन का मानना है कि उत्पादन लक्ष्यों में विफलता के चलते यह खर्च मान्य नहीं है. वहीं, रिलायंस ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि उत्पादन साझेदारी अनुबंध (पीएससी) में प्रशासन को इस आधार पर लागत वसूली रोकने का अधिकार नहीं है. वर्षों बाद शुरू हो सकी मध्यस्थता रिलायंस ने वर्ष 2011 में इस विवाद को लेकर मध्यस्थता का नोटिस दिया था, लेकिन न्यायाधिकरण के गठन से जुड़े विवादों के कारण प्रक्रिया वर्षों तक अटकी रही. जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशासन की याचिका खारिज किए जाने के बाद ही इस मामले में मध्यस्थता की सुनवाई शुरू हो पाई. इसे भी पढ़ें: 10 रुपये वाले छोटकू SIP से भी कर सकते हैं मोटी की कमाई, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट? हिस्सेदारी संरचना में भी बदलाव शुरुआत में केजी-डी6 ब्लॉक में रिलायंस की हिस्सेदारी 60%, बीपी की 30% और निको की 10% थी. बाद में निको के बाहर निकलने के बाद रिलायंस की हिस्सेदारी बढ़कर 66.66% हो गई, जबकि शेष हिस्सेदारी बीपी के पास है. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: Gas Supply Decline: गैस की सप्लाई में आई गिरावट, जानें क्या हैं बड़े कारण? The post रिलायंस-बीपी की मुश्किलें बढ़ीं, केजी-डी6 विवाद में प्रशासन ने मांगा 30 अरब डॉलर का मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

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