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January 17, 2026

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प्रकृति का पूजक है कोल समाज : केंद्रीय अध्यक्ष

देवीपुर. प्रखंड क्षेत्र के रिगुवामारनी में शनिवार को हिंदुस्तान प्राचीन आदिवासी कोल जाति कल्याण समिति की बैठक हुई, जिसमें कोल जाति के सदस्यों ने मांगों को उठाया और समिति के कार्यक्रमों की सफलता पर चर्चा की. इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष उमानाथ कोल ने कहा कि हम सभी कोल आदिवासी प्रकृति के पूजक हैं. हमारा समाज कल्याण, विकास और उत्थान चाहता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन लुप्त हो रहे कोल जाति का सर्वे कराएं व उजड़े परिवारों को वनाधिकार कानून के तहत पट्टा दिया जाये. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान के अलग-अलग राज्यों की प्रशासनों ने कोल जाति को अलग-अलग श्रेणी में रखकर समाज को बांटने का काम किया है. अब देश भर के कोल समाज के सदस्य एकत्रित होकर अपनी आवाज को बुलंद कर रहे हैं. मौके पर केंद्रीय महासचिव अनिल कोल, केंद्रीय महामंत्री प्रभु कोल, केंद्रीय संगठन मंत्री छोटू कोल, केंद्रीय पर्यवेक्षक भूमि मांझी कोल, देवघर जिलाध्यक्ष नुनेश्वर कोल सचिव कामदेव कोल, कोषाध्यक्ष खेमन कोल उपसचिव सुभाष कोल एवं राजू कोल पूर्व मुखिया जिला जमुई आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : देवीपुर : कोल जाति समाज की बैठक में संगठन पर हुई चर्चा डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रकृति का पूजक है कोल समाज : केंद्रीय अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: मानसिक रूप से शक्तिशाली बनने के लिए रोज अपनाएं ये 5 आदतें, सीख लीं तो बदल जाएगी जिंदगी!

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. कहा जाता है अगर आप एक सफल और समृद्ध जीवन जीने की चाह रखते हैं तो आपको इनके बताई राह पर जरूर चलना चाहिए. मानवजाति की भलाई के लिए आचार्य चाणक्य ने कई तरह की बातें कहीं थीं जिनमें से एक यह भी है कि आप किस तरह से अपनी मानसिक शक्ति को बढ़ा सकते हैं. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मानसिक शांति इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यही जीवन में आगे चलकर हमारी सफलता की चाबी बनती है. जब हम मानसिक रूप से ताकतवर होते हैं तो ऐसे में किसी भी कठिन हालात में शांत रह पाते हैं, सही फैसले ले पाते हैं और साथ ही अपने सारे लक्ष्यों को भी हासिल कर पाते हैं. वे आगे यह भी कहते हैं कि यह एक ऐसी चीज है जिसे हम सबसे ज्यादा अनदेखा करते हैं. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसे नियमों का भी जिक्र किया है जिन्हें अपनाकर कोई भी इंसान अपनी मेंटल कैपिसिटी को और भी ज्यादा मजबूत बना सकता है. तो चलिए जानते हैं चाणक्य की उन 5 आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने सोच और लाइफस्टाइल को पूरी तरह से बदल सकते हैं. हर दिन सोचने की आदत आचार्य चाणक्य का हमेशा से यह मानना रहा था कि किसी भी व्यक्ति के लिए सिर्फ काम करना काफी नहीं है, बल्कि उसमें सोचने की आदत होनी भी जरूरी है. अगर आप अपनी मानसिक शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तो हर आपको हर दिन कुछ समय अपने विचारों को समझने और जीवन में लिए गए फैसलों के बारे में जरूर सोचना चाहिए. यह छोटी सी आदत आपको ज्यादा सहनशील और बुद्धिमान बना सकती है और साथ ही आपके लिए गए फैसलों को भी बेहतर और मजबूती दे सकती है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: इन 4 चीजों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, जीवन को सही दिशा देने वाली चाणक्य की बड़ी सीख आत्मनिर्भर बनना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर आप अपनी मानसिक शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तो इसका सबसे पहला कदम है खुद को आत्मनिर्भर बनाना. जब आप खुद पर आयी मुसीबतों का हल खुद निकालने की कोशिश करते हैं तो आपका दिमाग मजबूत बनने लगता है. इसके ठीक विपरीत जब आप दूसरों पर निर्भर रहना शुरू करते हैं तो इसकी वजह से आप अंदर ही अंदर कमजोर भी बनते चले जाते हैं. जब आप छोटी से छोटी जिम्मेदारी खुद उठाने लगते हैं तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और साथ ही आप मानसिक तौर पर भी ताकतवर बनते हैं समय का सही इस्तेमाल आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आपके पास जितना भी समय है वही आपके लिए सबसे कीमती संसाधन है. जो भी लोग मानसिक रूप से शक्तिशाली होते हैं उन्हें समय का सम्मान करना आता है और वे इसे बेकार की चीजों में बर्बाद नहीं करते हैं. चाणक्य के अनुसार हर दिन की छोटी-छोटी आदतें जैसे कि समय पर उठना, अपने कामों को प्रायोरिटी देना और किसी भी काम को पूरी प्लानिंग के साथ करना आप दिमाग को स्थिर और मजबूत बनाने का काम करता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: मीठे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक इरादे, बाहर से प्यारे लेकिन अंदर से जहरीले होते हैं ये रिश्ते! निगेटिव थिंकिंग से दूरी चाणक्य नीति के अनुसार अगर आप अपने दिमाग को शांत रखना चाहते हाँ तो आपको सबसे पहले निगेटिव थिंकिंग से दूरी बना लेनी चाहिए. इमोशंस जैसे कि निराशा, डर और गुस्सा आपके दिमाग को पूरी तरह से कमजोर कर देता है. चाणक्य कहते हैं कि अगर आप अपने दिमाग में पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचेंगे तो आपको आपको हर चुनौती को एक सीखने के मौके में देखने का मौका मिलेगा. यह छोटी सी आदत आपजे दिमाग को धीरे-धीरे मजबूती देने का काम करेगा. ज्ञान और सीखने की आदत आचार्य चाणक्य कहते थे कि अगर आप अपने दिमाग की ताकत को बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको जीवन के हर कदम पर नई चीजें सीखते रहना चाहिए. उनके अनुसार, जो व्यक्ति बिना रुके नई बातें सीखता रहता है और नए ज्ञान को अपनाना जानता है, उसका दिमाग धीरे-धीरे शांत और मजबूत बनता चला जाता है. अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए हमें नई किताबें पढ़नी चाहिए, अपने पुराने अनुभवों से सीखना चाहिए और साथ ही दूसरों से भी कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करते रहना चाहिए. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: आज लिए गए ये छोटे फैसले बदल देंगे आपकी पूरी जिंदगी, सफलता और सुख का राज छिपा है चाणक्य की इन नीतियों में Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: मानसिक रूप से शक्तिशाली बनने के लिए रोज अपनाएं ये 5 आदतें, सीख लीं तो बदल जाएगी जिंदगी! appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

धनबाद से प्रतीक पोपट Dhanbad News: धनबाद के भागाबांध ओपी क्षेत्र अंतर्गत जीतपुर जोड़िया के समीप स्थित पेटिया बस्ती में नगर निगम की ओर से प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण कार्य को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण स्त्रीएं और पुरुष मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जोरदार विरोध करने लगे, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. रैयती जमीन पर बन रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी रैयती और आबादी वाली जमीन पर जबरन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है. जिसकी न तो उन्हें पूर्व सूचना दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई. विरोध कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे. स्त्रीओं ने भावुक होते हुए कहा कि जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे. पुलिस-स्त्रीओं में तीखी नोंक-झोक वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए स्त्री पुलिस द्वारा रस्सी लगाकर बैरिकेडिंग की गई, जिसके बाद स्त्री पुलिस और ग्रामीण स्त्रीओं के बीच तीखी नोंक-झोक भी देखने को मिली. मौके पर अधिकारियों की टीम मौजूद मौके पर पुटकी अंचल अधिकारी विकास आनंद, सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार, सीसीआर डीएसपी, जोरापोखर सर्किल इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सत्यम सहित आधा दर्जन थानों की पुलिस टीम मौजूद रही. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का भरसक प्रयास किया और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे. इसे भी पढ़ें: नशे का कारोबार करने वाले सावधान! खरसावां में आसमान से होगी अफीम की खेती की निगहबानी ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जबरन निर्माण कार्य शुरू किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती कर दी है. इसे भी पढ़ें: झारखंड की एक ऐसी जगह जहां हर साल लगता है स्त्रीओं का मेला, पुरुषों की एंट्री बैन The post धनबाद में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की एक ऐसी जगह जहां हर साल लगता है महिलाओं का मेला, पुरुषों की एंट्री बैन

शचिंद्र कुमार दाश/धीरज कुमार Saraikela-Kharsawan: झारखंड न केवल खनिज संपदा में समृद्ध है, बल्कि यहां संस्कृति भी काफी विकसित और समृद्ध है. झारखंड के सरायकेला-खरसांवा जिले में एक जगह ऐसी है, जहां पर मकर संक्रांति के बाद पहले शनिवार को सिर्फ और सिर्फ स्त्रीओं का मेला लगता है. खास बात यह है कि स्त्रीओं के इस मेले में पुरुर्षों का प्रवेश वर्जित है. इस मेले में झारखंड ही नहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी स्त्रीएं आती हैं. यह जगह सरायकेला-खरसावां की खरकई नदी के बीचोंबीच स्थित मिर्गी चिगड़ा जगह है, जहां पर शनिवार को भी स्त्रीओं का मेला लगा. मेले में कहां-कहां से आईं स्त्रीएं इस मेले में सरायकेला, खरसावां, राजनगर, जमशेदपुर, सीनी के साथ ही पड़ोसी राज्य ओड़िशा से भी स्त्रीएं पहुंची थीं. मेला में पहुंची स्त्रीओं ने पारंपरिक रुप से वनभोज का आनंद उठाया. खरकई नदी के बीचों बीच स्थित चट्टानों पर स्त्रीओं ने मनपसंद व्यंजन का जायका लिया. यहां अलग अलग ग्रुप में स्त्रीयें पहुंची थी. कई स्त्रीओं को यहां के मनोरम वादियों के बीच भोजन तैयार कर खाते देखा गया. तो कई स्त्रीयें अपने घर से ही व्यंजन तैयार कर मेला में पहुंची थी. मेला में स्त्रीओं ने पकाया शाकाहारी भोजन मेला में पहुंची स्त्रीओं ने साकाहारी भोजन किया. यहां मांशाहारी भोजन करना निषेध है. मेला में लगाए गए अधिकांश दुकानदार भी स्त्रीएं ही थीं. शनिवार को सुबह से शाम तक बच्चों के साथ स्त्रीओं का मिर्गी चिगड़ा में आना-जाना लगा रहा. हर साल मकर संक्रांति के बाद पहले शनिवार को खरकई नदी के बीच में स्थित मिरगी चिगड़ा में स्त्रीओं का मेला लगता है. मेला में अपने बच्चों के साथ जाकर पिकनिक मनाती हैं. दिन भर आनंद उठाते हुए शाम को घर वापस लौट जाती हैं. बाबा गर्भेश्वर की हुई पूजा अर्चना मिर्गी चिगड़ा में शनिवार को बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना की गई. यहां पहुंची स्त्रीएं पहले नदी के बीचों-बीच स्थित बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना की. फिर मेला में घुमने के साथ साथ पारंपररिक भोजन का लुफ्त उठाया. बड़ी संख्या में शिशु खरकई नदी के स्वच्छ पानी में डूबकी लगाते भी देखे गये. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे दिल से पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है. स्थानीय किवंदंती के अनुसार, महाहिंदुस्तान में पांडव पुत्र के अज्ञातवास के समय यहां पहुंचे थे और विश्राम किया था. पत्थरों पर उभरे उनके पदचिह्न आज भी दिखाई देते हैं. मेला में पुरुषों का प्रवेश वर्जित क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि स्त्री मेला में पुरुषों का प्रवेश हमेशा से वर्जित रहा है. परंतु वर्तमान समय में स्त्रीओं के इस मेला में पुरुष भी पहुंच रहे हैं. इस बार भी भी मेला में इक्का-दुक्का पुरुषों को भी देखा गया. हालांकि, अब भी स्त्रीओं की संख्या काफी अधिक थी. क्या कहती हैं श्रद्धालु मेले में आई कन्या कुमारी साहू ने कहा, ‘मिर्गी चिंगडा का मेला हमारी परंपरा से जुड़ा हुआ है.पहले यहां बचपन से आ रहे हैं. पहले बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना करते है, उसके बाद पिकनिक का आनंद लेते हैं.’ एक अन्य श्रद्धालु कल्पना दास कहती हैं, ‘मिर्गी चिंगडा का मेला हमारी ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है. ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है.’ वहीं, रानी कुमारी कहती हैं कि मेला का ऐतिहासिक महत्व है. इस मेले में पहले केवल स्त्रीएं ही आती थीं, लेकिन अब पुरुष भी मेला में पहुंचने लगे है. इसे भी पढ़ें: Gambling Website Ban: प्रशासन का बड़ा एक्शन, 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइट बैन बाबा गर्भेश्वर की पूजा से मिलते हैं सुयोग्य वर सुरमा साहू ने कहा कि मिर्गी चिंगडा के मेले में हर वर्ष पहुंचना रोमांचित करता है. जिन स्त्रीओं से पूरे साल कभी कभार मुलाकात नहीं होती है, मेला में उनसे मिलकर अच्छा लगता है. ज्योति जामुदा का कहना है कि यहां की प्राकृतिक सौंदर्यता काफी सुकुन देता है. यहां अपनों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है. सुषमा पति ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद मिर्गी चिंगड़ा में मेला आयोजित होता है. यह मेला राजराजवाड़े के समय से चला आ रहा है. माधुरी पति के अनुसार, मिर्गी चिंगड़ा मेला के दौरान बाबा गर्भेश्वर महादेव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि कुंवारी कन्याओं द्वारा बाबा की पूजा करने से सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है. इसे भी पढ़ें: नशे का कारोबार करने वाले सावधान! खरसावां में आसमान से होगी अफीम की खेती की निगहबानी The post झारखंड की एक ऐसी जगह जहां हर साल लगता है स्त्रीओं का मेला, पुरुषों की एंट्री बैन appeared first on Naya Vichar.

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Kangana Ranaut On A R Rahman: छावा विवाद ने पकड़ा तूल, एआर रहमान के बयान पर भड़कीं कंगना रनौत, सुनाई खरी-खोटी

Kangana Ranaut On A R Rahman: एआर रहमान एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. हाल ही में उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म छावा को लेकर कहा कि यह फिल्म समाज को बांटने वाला असर डालती है. उनके इस कमेंट के बाद बयानबाज़ी का दौर शुरू हो गया है. अब इस मुद्दे पर एक्ट्रेस और नेता कंगना रनौत भी कूद पड़ी हैं और उन्होंने रहमान पर तीखा हमला बोला है. कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एआर रहमान के इंटरव्यू का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने इंडस्ट्री में काफी भेदभाव देखा है, लेकिन रहमान से ज्यादा पक्षपाती और नफरत से भरा इंसान उन्होंने नहीं देखा. कंगना का कहना है कि सिर्फ इसलिए कि वह एक भगवा पार्टी को सपोर्ट करती हैं, उन्हें इंडस्ट्री में नजरअंदाज किया जाता है. मिलने से मना कर दिये थे रहमान इतना ही नहीं, कंगना ने ये भी बताया कि जब वह अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म इमरजेंसी की कहानी लेकर रहमान के पास गई थीं, तो उन्होंने मिलने तक से मना कर दिया. वजह ये बताई गई कि वह किसी “प्रोपेगेंडा फिल्म” का हिस्सा नहीं बनना चाहते. कंगना ने तंज कसते हुए कहा कि इमरजेंसी को कई क्रिटिक्स ने सराहा और यहां तक कि विरोधी दलों के नेताओं ने भी फिल्म की तारीफ की थी, लेकिन रहमान अपनी सोच में ही अटके रहे. वर्कफ्रंट की बात करें तो कंगना आखिरी बार इमरजेंसी में नजर आई थीं, जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. इसके बाद से उनकी अगली फिल्म को लेकर अभी तक कोई ऐलान नहीं हुआ है. यह भी पढ़ें: A R Rahman On Chhaava: 800 करोड़ी ‘छावा’ पर ए आर रहमान ने उठाए सवाल, बोले– समाज को बांटती है फिल्म The post Kangana Ranaut On A R Rahman: छावा विवाद ने पकड़ा तूल, एआर रहमान के बयान पर भड़कीं कंगना रनौत, सुनाई खरी-खोटी appeared first on Naya Vichar.

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Akshay Kumar Anniversary: 25वीं शादी की सालगिरह पर अक्षय कुमार का रोमांटिक अंदाज, ट्विंकल खन्ना का डांस वीडियो किया शेयर

Akshay Kumar Anniversary: बॉलीवुड में जब भी लंबे रिश्तों की बात होती है तो अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना का नाम जरूर लिया जाता है. एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर अपने 25 वें सालगिरह पर एक छोटा सा वीडियो का क्लिप शेयर किया है, जिसमे ट्विंकल खन्ना काफी खुश और मस्ती भरे अंदाज में दिखाई दे रही हैं. अब यह देख सोशल मीडिया फैंस और करीबी दोस्त उन्हें शादी के सालगिरह का बधाई दे रहे हैं. ट्विंकल खन्ना का मस्ती भरा डांस वीडियो View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar) बॉलीवुड सुपरहिट कपल्स अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना का आज 17 जनवरी को शादी की 25 वें सालगिरह है. इस खास मौके पर एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना अपनी मस्ती भरे अंदाज में राम्बा हो हो हो साम्बा हो हो हो पर बेफिक्र हो कर डांस करते दिख रही हैं. एक्ट्रेस के इस अंदाज को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं. अक्षय कुमार ने पोस्ट पर क्या लिखा? ट्विंकल खन्ना और एक्टर अक्षय कुमार की शादी 17 जनवरी साल 2001 में हुआ था. अक्षय कुमार ने अपने वीडियो के साथ एक कैप्शन भी डाला है जिसमें उन्होंने लिखा है जब 2001 में इस दिन हमारी शादी हुई थी, तब उनकी मां ने कहा था बेटा, सबसे अजीब हालात में हंसने के लिए तैयार हो जाओ, क्योंकि वो ठीक वैसा ही करेगी. 25 साल हो गए हैं और अब मैं अच्छे से जानता हूं कि मेरी सास कभी झूठ नहीं बोलती उनकी बेटी तो सीधा चलने से भी मना कर देती है. उसे जिंदगी में चलने से ज्यादा डांस करते हुए जीना पसंद है. पहले दिन से लेकर 25 वें साल तक, मेरी पसंदीदा स्त्री को चीयर्स जो मुझे हंसाती है कभी-कभी थोड़ा परेशान भी कर देती है. हमें सालगिरह मुबारक हो, टीना. 25 साल का पागलपन जिसे हम दोनों प्यार करते हैं. रिपोर्ट- अनुष्का सिंह The post Akshay Kumar Anniversary: 25वीं शादी की सालगिरह पर अक्षय कुमार का रोमांटिक अंदाज, ट्विंकल खन्ना का डांस वीडियो किया शेयर appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी और टीएमसी पर संबित पात्रा का विस्फोटक बयान- रुपए लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बनाया जा रहा भारतीय नागरिक

Table of Contents ममता बनर्जी ईडी के अफसरों से छीन लेती हैं फाइल – संबित पात्रा पैसे लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को हिंदुस्तानीय बनाया जा रहा – भाजपा बांग्लादेश सीमा पर 72 संवेदनशील जगहों से होती है घुसपैठ ममता बनर्जी की मंशा बंग भंग, बंगाल को बांग्लादेश बनाना – संबित पात्रा हिंदुओं को बचाने वाले कानून का ममता बनर्जी ने किया था विरोध – पात्रा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल के बारे में एक विस्फोटक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यहां फेक आईडी रैकेट चल रहे हैं. रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिंदुस्तानीय बनाया जा रहा है. भाजपा सांसद ने बंगाल की सीएम का नाम लेकर कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की एजेंसियों ने बंगाल में दुकान खोल रखी है. उन्होंने कहा कि इन दुकानों में बैठे लोग घुसपैठियों को हिंदुस्तान की नागरिकता दिलाने के लिए 10 हजार से 10 लाख रुपए तक ले रहे हैं. ममता बनर्जी ईडी के अफसरों से छीन लेती हैं फाइल – संबित पात्रा संबित पात्रा ने कहा कि यही वजह है कि जब सेंट्रल एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोलकाता में एक कंपनी के ऑफिस और उसके मालिक के घर पर रेड करती है, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां जाकर ईडी के अधिकारियों से फाइल छीन लेती हैं. उन्होंने पूछा कि क्या आपने इतिहास में कभी ऐसा सुना या देखा था? पैसे लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को हिंदुस्तानीय बनाया जा रहा – भाजपा संबित पात्रा ने फिर सवाल किया- ऐसा क्यों हुआ? इसका जवाब भी वह खुद देते हैं. कहते हैं कि यह सब हुआ, क्योंकि करोड़ों रुपए के घपले हो रहे हैं. केवल घुसपैठियों को हिंदुस्तानी बनाने के लिए. यहां पैसे देकर रोहिंग्या हिंदुस्तानीय बन सकता है. बांग्लादेशी नागरिक हिंदुस्तान की नागरिकता ले सकता है. संबित पात्रा ने कहा कि देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बांग्लादेश सीमा पर 72 संवेदनशील जगहों से होती है घुसपैठ संबित पात्रा ने कहा कि बांग्लादेश की सीमा पर 72 संवेदनशील जगह हैं, जहां से घुसपैठ होती है. पश्चिम बंगाल प्रशासन को बार-बार इसके बारे में चिट्ठियां लिखी गयीं. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी बार-बार मीटिंग करते हैं, लेकिन इन 72 जगहों की फेंसिंग के लिए ममता बनर्जी जमीन नहीं देतीं हैं. उन्होंने पूछा इसके पीछे मंशा क्या है? (बंगाल में) फेक ID रैकेट चल रहा है। रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिए हिंदुस्तानीय बनाए जा रहे हैं! टीएमसी की एजेंसियों ने दुकान खोल रखी है। तभी तो जब ईडी ने रेड की, तो ममता बनर्जी खुद जाकर फाइल छीनती हैं। क्या आपने इतिहास में कभी ऐसा सुना या देखा था…? क्यों? क्योंकि करोड़ों रुपये… pic.twitter.com/ScfIJ7DMg4 — BJP (@BJP4India) January 17, 2026 ममता बनर्जी की मंशा बंग भंग, बंगाल को बांग्लादेश बनाना – संबित पात्रा संबित पात्रा ने कहा कि इसके पीछे एक ही मंशा है- बंग भंग का. पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने का. भाजपा नेता ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा हो रहा है. इसका एक पैटर्न बन चुका है. जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) आया, तब ममता बनर्जी और टीएमसी ने सड़क पर उतरकर इसका विरोध किया. हिंदुओं को बचाने वाले कानून का ममता बनर्जी ने किया था विरोध – पात्रा भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, क्योंकि वह नहीं चाहतीं कि हिंदू बच जाये. उन्होंने कहा- एक हिंदू बच जाये, तो काका-छीछी, काका-छीछी, वहीं अगर एक बांग्लादेशी या रोहिंग्या का नाम वोटर लिस्ट से कट जाये, तो अशोक दास को फांसी पर लटका दो. संबित पात्रा ने कहा कि हिंदुओं की संपत्ति लूटने वाले वक्फ बोर्ड पर जब सख्त कानून बना, तो ममता बनर्जी ने उसका भी विरोध किया. इसे भी पढ़ें मुर्शिदाबाद में उग्र प्रदर्शन पर ममता बनर्जी का गैर-जिम्मेदाराना बयान, कहा- अल्पसंख्यकों का गुस्सा ‘जायज’, दंगे भड़काने की साजिश रच रही बीजेपी पलटानो दरकार, चाई बीजेपी प्रशासन, बंगाल चुनाव से पहले पीएम मोदी ने दिया नारा, कहा- जल्द समाप्त होगी धमकी की नेतृत्व The post ममता बनर्जी और टीएमसी पर संबित पात्रा का विस्फोटक बयान- रुपए लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बनाया जा रहा हिंदुस्तानीय नागरिक appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Ka Mausam: बिहार के इन 18 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी, इस तारीख के बाद फिर गिर सकता है पारा

Bihar Ka Mausam: बिहार में ठंड को लेकर लगातार मौसम विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की जा रही है. इस बीच 18 जनवरी को राज्य के 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान घने कुहासे को लेकर चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही विजिबिलिटी कम रहने की संभावना जताई गई है. ऐसे में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई. इन 18 जिलों में जारी किया गया येलो अलर्ट जिन 18 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद शामिल है. इन जिलों में मौसम विभाग की तरफ से येलो अलर्ट जारी किया है. इस तारीख के बाद गिर सकता है तापमान मौसम विभाग की तरफ से यह भी संभावना जताई गई है कि राज्य में 23 जनवरी के बाद तापमान में फिर गिरावट हो सकती है. दरअसल, 23 जनवरी के दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है. इसके प्रभाव से ही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं राज्य की तरफ आ सकेंगी. ऐसे में बिहार में एक बार फिर ठंड बढ़ सकती है. लेकिन मौसम विभाग की तरफ से अब तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि, ऐसी स्थिति होने की संभावना जताई गई और लोगों से अलर्ट रहने की भी अपील की गई. पटना में कैसा है मौसम का हाल? बिहार में इन दिनों दिन का तापमान 20.8 डिग्री से 25.4 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात का तापमान 5.9 से 12.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है. रात होते ही कनकनी बढ़ जाती है. पिछले 24 घंटे में मोतिहारी में सबसे कम विजिबिलिटी 350 मीटर दर्ज की गई. इसके साथ ही पटना में मौसम की बात करें तो, सुबह और शाम के वक्त ज्यादा ठंड महसूस हो रही. जबकि दोपहर के वक्त धूप खिल जाने की वजह से लोगों को राहत मिल जा रही. Also Read: Virat Ramayan Mandir: दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में स्थापित, सीएम नीतीश और दोनों उपमुख्यमंत्री रहे मौजूद The post Bihar Ka Mausam: बिहार के इन 18 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी, इस तारीख के बाद फिर गिर सकता है पारा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Bhumi: विजय सिन्हा ने दाखिल-खारिज में टालमटोल पर अफसरों को दिया अल्टीमेटम, इतने दिनों में देनी होगी जमीन मापी की रिपोर्ट

Bihar Bhumi: बिहार में दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन के मामलों में हो रही देरी पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब जान-बूझकर मामलों को लंबित रखने वाले अंचल अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी. इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दाखिल-खारिज मामलों में कोई आपत्ति नहीं है, उनमें तुरंत आदेश देना अनिवार्य है. इसके बावजूद यदि अधिकारी बिना वजह देरी करते हैं, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दाखिल-खारिज समय पर नहीं होने से लोगों को क्या होती है परेशानी? विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दाखिल-खारिज समय पर नहीं होने से रैयतों को भारी परेशानी होती है. भू-अभिलेख अपडेट नहीं हो पाते. इसके कारण लोग प्रशासनी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते. बैंक से लोन लेने में दिक्कत होती है. सब्सिडी और अन्य वैधानिक सुविधाएं भी रुक जाती हैं. आम जनता को बार-बार प्रशासनी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टाल-मटोल की नीति छोड़ने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि अब जवाबदेही तय होगी. हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य आम लोगों को समय पर, सरल और पारदर्शी सेवाएं देना है. 26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा महाअभियान इसी कड़ी में राज्य प्रशासन ने भूमि संबंधी कार्यों को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बिहार में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत भूमि मापी की प्रक्रिया को और तेज किया गया है. अब 7 दिनों में मापी, 14 दिन में रिपोर्ट नई व्यवस्था के अनुसार, अब अविवादित जमीन की मापी 7 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी. वहीं विवादित जमीन की मापी 11 दिनों में पूरी होगी. मापी की रिपोर्ट को 14 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है. पहले भूमि मापी के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय थी. विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह पहल सात निश्चय-3 के तहत की गई है. इसका उद्देश्य जनता को बेहतर और तेज सुविधा देना है. प्रशासन चाहती है कि भूमि प्रशासन सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बने. ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और समय पर उनका काम पूरा हो सके. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लगती थीं महंगी-महंगी गाड़ियां, नया विचार के कैमरे पर लोगों ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे The post Bihar Bhumi: विजय सिन्हा ने दाखिल-खारिज में टालमटोल पर अफसरों को दिया अल्टीमेटम, इतने दिनों में देनी होगी जमीन मापी की रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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U19 World Cup: वैभव ने कोहली कोहली का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा, इतनी पारियों में कर दिया बड़ा खेल

U19 World Cup: पिछले एक साल में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर गया है. टीम इंडिया भले ही शुरुआत में लड़खड़ा गई हो, लेकिन वैभव की बैटिंग ने हिंदुस्तानीय फैंस को खुश होने का मौका दे दिया. उन्होंने दिखा दिया कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं. सूर्यवंशी ने विराट कोहली को पछाड़ा  इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े खिलाड़ी नहीं कर पाते. उन्होंने यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में विराट कोहली (Virat Kohli) को पीछे छोड़ दिया है. विराट ने अपने यूथ वनडे करियर में 28 मैचों की 25 पारियों में 978 रन बनाए थे. लेकिन वैभव ने ये कमाल सिर्फ 20 पारियों में कर दिखाया और 1000 से ज्यादा रन बना लिए. शतक लगाने के मामले में भी वो कोहली से आगे निकल गए हैं. वैभव के नाम अब 3 शतक हैं जबकि कोहली के नाम एक था. इतनी कम उम्र में ऐसा प्रदर्शन हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए शुभ संकेत है. तेजी से बनाए 1000 रन  वैभव सूर्यवंशी अब उन खास हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिन्होंने यूथ वनडे में हजार रन पूरे किए हैं. वो हिंदुस्तान की तरफ से सबसे कम पारियों में ये मुकाम हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले शुभमन गिल ने 13 और उन्मुक्त चंद ने 17 पारियों में ये करिश्मा किया था. वैभव का नाम अब यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान और विजय जोल जैसे खिलाड़ियों के साथ लिया जा रहा है. उनका 50 से ज्यादा का एवरेज बताता है कि वो कितने निरंतर हैं. टॉस हारकर बिगड़ा स्पोर्ट्स  मैच की शुरुआत हिंदुस्तान के लिए अच्छी नहीं रही. बांग्लादेश अंडर-19 टीम के कप्तान ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. बुलावायो की पिच पर सुबह-सुबह गेंदबाजों को खूब मदद मिल रही थी. हिंदुस्तानीय बल्लेबाज दबाव में दिखे और रन बनाना मुश्किल हो गया था. ऐसे हालात में वैभव ने समझदारी दिखाई. उन्होंने हालात को समझा और टीम को संभालने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली. जहां बाकी बल्लेबाज फंस रहे थे, वहीं वैभव ने संयम के साथ बैटिंग की. टीम इंडिया की खराब शुरुआत  बांग्लादेश के खिलाफ इस अहम मैच में हिंदुस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. कप्तान आयुष म्हात्रे सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इसके बाद वेदांत त्रिवेदी तो खाता भी नहीं खोल पाए और विहान मल्होत्रा भी 7 रन पर आउट हो गए. लगातार गिरते विकेटों से टीम इंडिया मुसीबत में फंस गई थी. बैक टू बैक विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई. सुपर सिक्स में जगह पक्की करने के लिए ये मैच जीतना जरूरी है, इसलिए सबकी नजरें वैभव पर टिकी थी. संकटमोचक बने वैभव सूर्यवंशी जब दूसरे छोर से विकेट गिर रहे थे, तब वैभव ने अभिज्ञान कुंडू के साथ मिलकर मोर्चा संभाला. उन्होंने विस्फोटक अंदाज में बैटिंग करते हुए सिर्फ 30 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. उन्होंने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया. वैभव ने 67 गेंदों का सामना करते हुए 72 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. हालांकि वो बड़ा शॉट स्पोर्ट्सने के चक्कर में आउट हो गए, लेकिन उन्होंने टीम को मुसीबत से निकाल दिया था. अमेरिका के खिलाफ पिछले मैच में भी उन्होंने दमदार बैटिंग की थी. ये भी पढ़ें- गजब बेइज्जती है! BBLमें पाकिस्तान की फजीहत, स्मिथ ने बाबर को मैदान पर सुनाया, Video Viral WPL 2026: UPW vs MI के मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने जीता टॉस, ऐसी है दोनों टीम की प्लेइंग XI Vijay Hazare Trophy: बिना टॉप प्लेयर्स के भी फाइनल में सौराष्ट्र और विदर्भ, होगी टाइटल की टक्कर The post U19 World Cup: वैभव ने कोहली कोहली का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा, इतनी पारियों में कर दिया बड़ा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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