सुप्पी प्रखंड में बागमती नदी के अख्ता घाट पर होगा पुल निर्माण, स्वीकृति के बाद मिलेगी सौगात
सीतामढ़ी. जिले के सुप्पी प्रखंड अंतर्गत बागमती नदी के अख्ता घाट पर पुल निर्माण की उम्मीद जगी है. यह माना जा रहा है कि चालू वर्ष में जिला को उक्त पुल के निर्माण की स्वीकृति की सौगात मिल सकती है. पथ निर्माण विभाग की पुल निर्माण की पहल की समाचार से खास कर सुप्पी व बैरगनिया प्रखंड के लोग अधिक खुश है. यह खुशी लाजिमी है.– पुल बनने पर नाव से मिलेगी मुक्ति अख्ता घाट पर पुल बनने के बाद लोगों को एक ओर जहां बाढ़ के दौरान नाव से नदी पार करने से मुक्ति मिल जायेगी, तो दूसरी ओर सुप्पी से पूर्वी चंपारण की दूरी भी कम हो जाएगी. पुल से एक तरह से सुप्पी व अन्य प्रखंडों के लोगों का आवागमन सुगम व सुलभ हो जायेगा. बता दें कि अख्ता घाट पर पुल निर्माण की मांग दशकों से की जाती रही है. वर्तमान व पूर्व सांसद एवं विधायक भी पुल के लिए प्रयासरत रहे हैं.– पुल निर्माण के प्रस्ताव पर स्वीकृति मांगी पथ निर्माण के अभियंता प्रमुख ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय पदाधिकारी को प्रस्ताव के साथ पत्र भेजा है. उन्होंने अख्ता घाट पर पुल निर्माण की स्वीकृति देने का आग्रह किया है. उन्होंने केन्द्रीय सड़क व अवसंरचना निधि (सीआरआइएफ) अंतर्गत उक्त पुल के योजना की स्वीकृति मांगी है. प्रस्ताव के अनुसार, पुल की लंबाई एक किमी होगी. इसे बनाने पर 26339.60 लाख रुपये खर्च होंगे. — पुल बनते ही 12 किमी दूरी की कमी बैरगनिया प्रखंड के बेंगाही के सुशील कुमार झा कहते है कि अख्ता घाट पर पुल नहीं होने से सुप्पी प्रखंड के लोगों को बैरगनिया होते हुए लालबकेया पुल होकर पूर्वी चंपारण आना-जाना पड़ता है. पुल का निर्माण होते ही वहां के लोग अख्ता व जमुआ होते हुए पूर्वी चंपारण चले जायेंगे. इससे करीब 12 किमी दूरी कम हो जायेगी. गौरतलब है कि पुल बनने के बाद अख्ता घाट के इस पर सुप्पी प्रखंड के अदौरी, अख्ता, मलाही व मारपा, तो उस पार बैरगनिया प्रखंड के चकवा पुनर्वास, अख्ता पश्चिमी व पताही गांव के लोगों को अधिक लाभ मिलेगा. वैसे यह पुल सीतामढ़ी व पूर्वी चंपारण जिला में आने-जाने का एक बड़ा सहूलियत बनेगा. पुल को लेकर डीएम से मिले थे पूर्व विधायक सीतामढ़ी. गौरतलब है कि अख्ता घाट पर पुल का निर्माण हो, को लेकर पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना भी डीएम रिची पांडेय से मिले थे. उनके साथ भाजपा नेता हेमंत कुमार मिश्रा व समाजसेवी राजनंदन गांधी भी थे. अख्ता घाट पर पुल निर्माण को पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर महतो ने लंबे समय तक धरना दिया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सुप्पी प्रखंड में बागमती नदी के अख्ता घाट पर होगा पुल निर्माण, स्वीकृति के बाद मिलेगी सौगात appeared first on Naya Vichar.

