Dhanbad News: बीबीएमकेयू : सात वर्षों में पहली बार फॉरेन लैंग्वेज विभाग की सीटें फुल होने की उम्मीद
Dhanbad News: फ्रेंच और जर्मन पीजी में पहली बार रिकॉर्ड रिस्पॉन्स Dhanbad News: अशोक कुमार, धनबाद. बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के फॉरेन लैंग्वेज विभाग के लिए सत्र 2025–27 अब तक का सबसे बेहतर सत्र माना जा रहा है. पहली बार फ्रेंच और जर्मन दोनों पीजी कोर्स की सीटें फुल होने की स्थिति में है. फ्रेंच पीजी की 16 सीटों के लिए 16 आवेदन आये हैं जबकि जर्मन पीजी की 16 सीटों के मुकाबले 17 आवेदन आये हैं. 2019 में हुई थी विभाग की शुरुआत फॉरेन लैंग्वेज विभाग की स्थापना वर्ष 2019 में की गयी थी. इसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक भाषाओं की पढ़ाई का अवसर देना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं उपलब्ध कराना था. हालांकि शुरुआती तीन शैक्षणिक सत्रों में विभाग में एक भी नामांकन नहीं हुआ था. जर्मन भाषा में पीजी की पढ़ाई के लिए पहली बार सत्र 2022–24 में नामांकन हुआ. इसके बाद 2025 तक कुल 18 छात्र जर्मन भाषा में पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं. इन छात्रों की सफलता ने विभाग को नयी पहचान दिलायी है. जर्मनी में नौकरी कर रहे आठ पूर्व छात्र फॉरेन लैंग्वेज विभाग से जर्मन भाषा में पीजी की पढ़ाई पूरी करने वाले 18 छात्रों में से आठ छात्र वर्तमान में जर्मनी में नौकरी कर रहे हैं. यह उपलब्धि विभाग की उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय अवसरों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है. फ्रेंच पीजी का पहला बैच अंतिम चरण में फ्रेंच भाषा में पीजी कोर्स के लिए पहली बार सत्र 2024–26 में नामांकन हुआ था. फ्रेंच पीजी के छात्रों का पहला बैच इसी वर्ष अपनी पढ़ाई पूरी करेगा. विभागाध्यक्ष डॉ हिमांशु शेखर चौधरी को उम्मीद है कि यह बैच भी रोजगार के बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करेगा. नीड बेस्ड शिक्षकों की नियुक्ति से सुधार वर्ष 2024 में विभाग में पहली बार फ्रेंच और जर्मन भाषा के लिए नीड बेस्ड शिक्षकों की नियुक्ति हुई. इससे पहले गेस्ट शिक्षकों के भरोसे ही कक्षाएं चलती थीं, जिससे नियमित पढ़ाई नहीं हो पाती थी. स्थायी व्यवस्था से शैक्षणिक वातावरण में सुधार आया है. स्थानीय छात्रों की कमी बनी बड़ी बाधा फॉरेन लैंग्वेज में पीजी कोर्स में नामांकन के लिए ग्रेजुएशन के साथ फ्रेंच या जर्मन भाषा में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री होना अनिवार्य है. लेकिन बीबीएमकेयू के अधीन किसी भी कॉलेज में इन भाषाओं में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स संचालित नहीं है. इस कारण पीजी में नामांकन लेने वाले अधिकतर छात्र दूसरे राज्यों से आते हैं. इसलिए विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय छात्रों की कमी है. फीडर कोर्स बंद होने से नुकसान स्थानीय छात्रों को तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज में फ्रेंच और जर्मन भाषा का एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया था. पहले बैच में सभी सीटें भर गयी थीं, लेकिन विवि के परीक्षा विभाग की लापरवाही के कारण इस कोर्स की परीक्षा नहीं हो सकी. सर्टिफिकेट कोर्स के पहले बैच में नामांकित छात्रों की आज तक परीक्षा नहीं हो पायी. इस वजह से 2023 से इसमें एक भी नया नामांकन नहीं हुआ और अंततः यह कोर्स बंद हो गया. बोले विभागाध्यक्ष धीरे-धीरे ही सही, फॉरेन लैंग्वेज विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है. इस वर्ष जर्मन और फ्रेंच की सीटें फुल होने की पूरी उम्मीद है. विभाग के पासआउट छात्र आज जर्मनी में नौकरी कर रहे हैं. इससे नये छात्र इस कोर्स के लिए आकर्षित हो रहे हैं. डॉ हिमांशु शेखर चौधरी, विभागाध्यक्ष The post Dhanbad News: बीबीएमकेयू : सात वर्षों में पहली बार फॉरेन लैंग्वेज विभाग की सीटें फुल होने की उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

