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February 21, 2026

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कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, जमकर पत्थरबाजी, 5 आरोपियों को 5 दिन की कस्टडी

Table of Contents युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा आरोपियों में कौन-कौन हैं शामिल? गिरफ्तार आरोपियों पर क्या है आरोप? एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश: रीजीजू AI Summit Protest: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध की निंदा करते हुए BJP कार्यकर्ता जब विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. दोनों ओर पत्थरबाजी भी हुई. हालात इतने खराब हो गए थे कि स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस तैनात की गई. युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को एक दिन पहले एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजन स्थल पर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें पूछताछ के लिए आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का अनुरोध किया गया था. आरोपियों में कौन-कौन हैं शामिल? गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार; और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों पर क्या है आरोप? दिल्ली पुलिस ने यह दलील देते हुए गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी. इसने दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद किए जाने आवश्यक हैं और चूंकि वे अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है. एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश: रीजीजू केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में विरोध प्रदर्शन करने के लिए अपनी युवा शाखा के कार्यकर्ताओं को लगाकर देश के खिलाफ बड़ा पाप किया है. रीजीजू ने विरोध प्रदर्शन को शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस युवा शाखा का विरोध प्रदर्शन कोई गलती नहीं, बल्कि हिंदुस्तान पर हमला करने के लिए पार्टी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश थी. रीजीजू ने कहा कि जहां पूरा देश शिखर सम्मेलन में कांग्रेस के कृत्यों की निंदा कर रहा है, वहीं पार्टी और उसके नेता माफी मांगने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा, जब हिंदुस्तान प्रगति करता है, तो राहुल गांधी और कांग्रेस दुखी हो जाते हैं. कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हिंदुस्तान को बदनाम करने के लिए चौबीसों घंटे साजिशें रचते रहते हैं. ये भी पढ़ें: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर किया राहुल गांधी का विरोध, देखें वीडियो The post कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, जमकर पत्थरबाजी, 5 आरोपियों को 5 दिन की कस्टडी appeared first on Naya Vichar.

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25 फरवरी को बिहार दौरे पर आ सकते हैं अमित शाह, इंडो-नेपाल बॉर्डर के वाइब्रेंट विलेज का करेंगे निरीक्षण

Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 25 फरवरी को बिहार दौरे की संभावना है. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उनका फोकस इंडो-नेपाल सीमा से सटे गांवों पर रहेगा. खास तौर पर वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित पंचायतों का वे निरीक्षण कर सकते हैं. हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं. इंडो-नेपाल बॉर्डर के गांवों का करेंगे निरीक्षण सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री का कार्यक्रम उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रस्तावित है. इनमें मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण शामिल हैं. इन जिलों की कई पंचायतों का चयन केंद्र प्रशासन की वाइब्रेंट विलेज योजना में हुआ है. माना जा रहा है कि अमित शाह इन गांवों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे. सड़क, बिजली, संचार, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार सृजन जैसे मुद्दे उनके एजेंडे में रहेंगे. वे स्थानीय अधिकारियों से सीधे फीडबैक भी ले सकते हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशासन और पुलिस अलर्ट गृह मंत्री के दौरे की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव हैं. अधिकारियों को विकास योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. पंचायत स्तर तक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. वाइब्रेंट विलेज योजना पर रहेगा फोकस वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना है. प्रशासन इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना चाहती है. अगर यह दौरा होता है, तो इसे सीमा क्षेत्र के विकास के लिहाज से अहम माना जाएगा. प्रशासन अब आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार कर रहा है. Also Read: सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर Also Read: बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम The post 25 फरवरी को बिहार दौरे पर आ सकते हैं अमित शाह, इंडो-नेपाल बॉर्डर के वाइब्रेंट विलेज का करेंगे निरीक्षण appeared first on Naya Vichar.

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JPSC अभ्यर्थियों की बड़ी जीत: उम्र सीमा का विवाद खत्म, CM हेमंत सोरेन ने न्यू कट ऑफ डेट का किया ऐलान

JPSC Age Controversy, रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा को लेकर चल रहे विवाद पर आखिरकार विराम लग गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र के दौरान इसे लेकर बड़ी घोषणा कर दी है. सीएम ने एग्जाम का कट अफ डेट 2022 करने का ऐलान कर दिया है. इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक उम्र सीमा के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जा रहे थे. झारखंड हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के हक में सुनाया था फैसला बता दें कि लंबे समय से परीक्षार्थी उम्र सीमा में छूट और कट-ऑफ डेट में बदलाव की मांग कर रहे थे. प्रशासन के ऐलान के बाद उन अभ्यर्थियों के चेहरे पर मुस्कान आयी है जो ओवर ऐज के कारण परीक्षा लिखने से वंचित हो जा रहे थे. लंबे समय से अभ्यर्थी उम्र को लेकर परेशान थे. इसके लिए उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उच्च न्यायलय में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उम्र में छूट देने का निर्देश देते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा था. Also Read: हाथी को भगाने के लिए 16 घंटे चला वन विभाग का रेस्क्यू अभियान, हुसैनाबाद में राहत JPSC जल्द जारी करेगा न्यू कट ऑफ डेट का आधिकारिक सूचना मुख्यमंत्री के इस घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जेपीएससी जल्द ही न्यू कट ऑफ डेट का आधिकारिक सूचना जारी कर देगा. साथ ही फॉर्म भरने की तारीख भी बढ़ जाएगी. इससे पहले आयोग द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी रखी गयी थी, जो शुक्रवार शाम 5 बजे तक ही वैलिड थी. उम्र सीमा विवाद का मामला झारखंड विधानसभा में भी कई विधायकों ने उठाया था, जिसके बाद वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी सदन में जानकारी दी थी प्रशासन इस पर विचार कर रही है. Also Read: इटखोरी महोत्सव 2026: कैलाश खेर के सुरों में डूबा चतरा, आज भोजपुरी स्टार कल्पना पटवारी मचाएंगी धमाल The post JPSC अभ्यर्थियों की बड़ी जीत: उम्र सीमा का विवाद खत्म, CM हेमंत सोरेन ने न्यू कट ऑफ डेट का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम

Birth Certificate In Bihar: अब प्रसव के बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बिहार के सदर अस्पताल समेत सभी प्रशासनी अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जा रही है. मां को डिस्चार्ज करने से पहले ही नवजात का जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर दिया जाएगा. मुख्यालय का निर्देश, तुरंत अमल राज्य मुख्यालय के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को आदेश भेजा है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने अस्पताल प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है. किसी भी स्त्री को छुट्टी देने से पहले शिशु का जन्म प्रमाण पत्र बनाना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु निबंधन ने भी पत्र जारी कर समय पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने को कहा है. साथ ही, अस्पताल आने वाली स्त्रीओं को जन्म प्रमाण पत्र के महत्व के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया गया है. अस्पताल में ही होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अब शिशु के जन्म के साथ ही अस्पताल में ऑनलाइन एंट्री की जाएगी. वहीं से जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा. इससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी. अभिभावकों को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें क्यों जरूरी है जन्म प्रमाण पत्र आज के समय में जन्म प्रमाण पत्र बहुत जरूरी दस्तावेज है. स्कूल में एडमिशन, प्रशासनी योजनाओं, आधार कार्ड और अन्य कागजात के लिए यह अनिवार्य है. पहले नामकरण के बाद माता-पिता को फिर अस्पताल या कार्यालय जाना पड़ता था. कई बार सर्वर की समस्या के कारण 3-4 दिन तक चक्कर लगाने पड़ते थे. नई व्यवस्था से इन परेशानियों से राहत मिलेगी. यह पहल अभिभावकों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगी. साथ ही जन्म निबंधन प्रणाली (Birth Registration System) को और मजबूत बनाएगी. Also Read: सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर The post बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम appeared first on Naya Vichar.

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कैसा रहा CBSE 10th क्लास का इंग्लिश का पेपर? जानिए 

CBSE Board Exam English Paper Analysis: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 की इंग्लिश की परीक्षा आज आयोजित की थी. परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चली. छात्रों और विषय विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रिया के अनुसार पेपर का स्तर आसान से मध्यम (Easy to Moderate) रहा. ज्यादातर प्रश्न NCERT से पूछे गए थे और सिलेबस के बाहर से कुछ भी नहीं पूछा गया. इससे अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों को पेपर हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई. कई छात्रों ने बताया कि वे तय समय के भीतर पूरा पेपर खत्म कर सके. सेक्शन-वाइज विश्लेषण रीडिंग सेक्शन: पैसेज सीधे और समझने में आसान थे. सवाल तथ्यात्मक और स्कोरिंग रहे. राइटिंग सेक्शन: फॉर्मेट आधारित प्रश्न जैसे लेटर और आर्टिकल राइटिंग अपेक्षाकृत सरल थे. ग्रामर: व्याकरण के प्रश्न स्पष्ट थे और अभ्यास करने वालों के लिए आसान साबित हुए. लिट्रेचर सेक्शन: कुछ प्रश्नों में विश्लेषणात्मक सोच की जरूरत पड़ी, जिससे यह भाग थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन पूरी तरह सिलेबस आधारित था. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पेपर संतुलित था और छात्रों को अच्छा स्कोर करने का अवसर देता है. जिन छात्रों ने नियमित रूप से सैंपल पेपर (Sample Paper) और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया था, उन्हें खास लाभ मिला. कुल मिलाकर, CBSE कक्षा 10 इंग्लिश का पेपर इस वर्ष स्टूडेंट्स के लिए राहत भरा और स्कोरिंग माना जा रहा है. यह भी पढ़ें- बिहार के युवा बनेंगे AI एक्सपर्ट, इंजीनियरिंग कॉलेज में Free एआई की पढ़ाई The post कैसा रहा CBSE 10th क्लास का इंग्लिश का पेपर? जानिए  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Bhumi: बिहार के CO का होगा प्रमोशन, DCLR को मिलेंगे 50-50 हजार रुपए, विजय सिन्हा का ऐलान

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसकी वजह से विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा. शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कर्मचारियों के हड़ताल पर कहा कि प्रशासन उनकी मांगों को लेकर बात करने के लिए तैयार है. लेकिन इससे पहले विभाग की तरफ से जो टारगेट सेट किया गया है, उसे पूरा करना होगा. 31 मार्च तक परिमार्जन से जुड़ा काम निपटाने का आदेश विजय सिन्हा ने यह भी कहा, विभाग के कर्मचारियों के साथ कल शाम में बैठक हुई थी. कर्मचारियों की प्रमुख मांग ग्रेड पे बढ़ाना है, जिस पर चर्चा हुई. प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करने पर विचार करेगी. डिप्टी सीएम ने यह भी कहा, 31 मार्च तक परिमार्जन से जुड़े मामलों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है और इसे हर हाल में पूरा करना है. इस दौरान उन्होंने समय सीमा के अंदर परिमार्जन से जुड़े काम को पूरा करने पर जोर दिया. अंचलाधिकारियों को लेकर किया गया ऐलान मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अंचलाधिकारियों और DCLR को लेकर खास ऐलान भी किया. उन्होंने कहा, जो अच्छा काम करने वाले अंचलाधिकारी हैं, उन्हें नियम के अनुसार DCLR में प्रमोशन दिया जाएगा. सभी DCLR के साथ भी बैठक हुई थी. इस दौरान जरूरी सुविधाएं देने को लेकर उन्हें आश्वासन दिया गया. इसके अलावा विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने अधिकारियों को निर्देश दिया. उन्होंने कहा, लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के अंदर काम खत्म करें और बिना वजह किसी भी मामले को लंबित ना रखें. सभी DCLR कोर्ट के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है. अंचलाधिकारी पर कार्रवाई का किया जिक्र इस दौरान विजय सिन्हा ने फर्जी सर्टिफिकेट को लेकर अंचलाधिकारी पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सुपौल सदर के सीओ प्रिंस राज को बर्खास्त किया गया है. बर्खास्तगी पर कैबिनेट की मुहर भी लगी है. साथ ही उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट वाली शिकायतों को लेकर तेजी से जांच होने की बात भी कही. अंचल कार्यालय में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे राजस्व एवं भूमि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा, विभाग की तरफ से सभी अंचल में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा. पटना में इसके लिए कमाड एंड कंट्रोल सिस्टम बनाया गया है. सभी सीओ कार्यालय पर नजर रखी जाएगी. अंचल कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान लोगों के बैठने और पेय जल की व्यवस्था का इंतजाम करने का निर्देश दिया गया. Also Read: बिहार में मैट्रिक एग्जाम देने जा रही प्रेग्नेंट स्त्री को ट्रक ने रौंदा, इससे पहले दो लड़कियों ने किया सुसाइड The post Bihar Bhumi: बिहार के CO का होगा प्रमोशन, DCLR को मिलेंगे 50-50 हजार रुपए, विजय सिन्हा का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके ट्रंप लगाएंगे टैरिफ, जानिए अमेरिका में क्या हैं ये विशेष कानून

Trump Tariffs : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ट्रेड टैरिफ लगाए गए थे और उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास इस इमरजेंसी अधिकार के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, यह काम सिर्फ वहां की कांग्रेस कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सवाल यह है कि ट्रंप ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए थे, क्या उनका पैसा वापस होगा? साथ ही यह भी बड़ा सवाल है कि अब ट्रंप का रुख कैसा होगा? ट्रंप का रुख अब भी है अड़ियल, क्या करेंगे आगे? सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को तो रद्द कर दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब भी अपने अड़ियल रुख पर कायम हैं. उन्होंने यह कहा कि वे अब अपने उन अधिकारों का प्रयोग करेंगे जिनका प्रयोग अबतक अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने बहुत कम ही किया है. न्यूयार्क टाइम्स में छपी समाचार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट  में मिली हार के बाद ट्रंप एक तरह से बौखला गए हैं और उन रास्तों को तलाश रहे हैं जिनके जरिए वे ट्रेड टैरिफ को दोबारा लगा सके. ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को अपने इगो पर ले लिया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे  झुके नहीं हैं वे फेडरल कानूनों के जरिए टैरिफ को फिर वापस लेकर आएंगे. ट्रंप ने कहा कि वे सेक्शन 122 और 301 का प्रयोग करके टैरिफ को फिर से वापस लाएंगे. क्या है सेक्शन 122 और 301 जिनके जरिए ट्रंप टैरिफ की वापसी कराएंगे? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा है कि वे ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122, 301 और 232 का प्रयोग करके ट्रैरिफ को फिर से लेकर आएंगे. इन तीनों सेक्शन में 122 एक ऐसा सेक्शन है, जिसका अबतक किसी राष्ट्रपति ने प्रयोग नहीं किया है और यह सेक्शन ट्रंप को अविलंब 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की इजाजत देता है. ये तीनों ट्रेड एक्ट अमेरिकी राष्ट्रपति को इमरजेंसी में या कहें कि विशेष परिस्थिति में टैरिफ लगाने की इजाजत देता है.  सेक्शन 232 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति उन सामानों पर टैरिफ लगा सकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हों. सेक्शन 301 के तहत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी या टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे ट्रेड पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. सेक्शन 122 के तहत ट्रंप 10 प्रतिशत टैरिफ तो अविलंब लगा देंगे, जो 24 फरवरी से लागू भी हो जाएगा, लेकिन यह टैरिफ 150 दिनों तक चलेगा उससे आगे के लिए कांग्रेस की अनुमति लगेगी. सेक्शन के बारे में सेक्शन 122 सेक्शन 301 प्रकृति अस्थायी दीर्घकालिक लक्ष्य व्यापक, वैश्विक आर्थिक संतुलन देश-विशेष या प्रैक्टिस-विशेष अवधि अधिकतम 150 दिन (कांग्रेस की अनुमति से बढ़ सकती है अवधि) लंबी अवधि संभव प्रक्रिया राष्ट्रपति सीधे लागू कर सकते हैं जांच और प्रक्रिया के बाद लागू सेक्शन 122 और 301 में फर्क विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या तगड़े टैरिफ का पैसा वापस करेंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह टैरिफ तो रद्द हो गए, लेकिन अब सवाल यह है कि इतने दिनों तक जो टैरिफ वसूला गया क्या उसकी वापसी होगी? इस सवाल का जवाब यह है–यह बहुत मुश्किल होगा. असल में कोर्ट ने टैरिफ को तो स्पष्ट शब्दों में रद्द कर दिया है, लेकिन वसूले गए टैरिफ के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वसूले गए टैरिफ को ट्रंप वापस करेंगे. अगर मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तब भी इसमें काफी समय लगेगा और यह मुश्किल ही प्रतीत होता है कि ट्रंप, टैरिफ का पैसा वापस करेंगे. ये भी पढ़ें : क्या है पैक्स सिलिका, जिसपर हस्ताक्षर करके हिंदुस्तान नयी टेक व्यवस्था का हिस्सा बना क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा? क्या आप जानते हैं देश में कितने आईएएस 5 साल में चुने गए और बिहार के कितने ललना डीएम हुए? The post ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके ट्रंप लगाएंगे टैरिफ, जानिए अमेरिका में क्या हैं ये विशेष कानून appeared first on Naya Vichar.

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क्या इस शख्स को डेट कर रही हैं मलाइका अरोड़ा? रोम में मना रही छुट्टियां

Malaika Arora BF: बॉलीवुड में रिश्तों की समाचारें अक्सर सुर्खियां बन जाती हैं, और इस बार चर्चा में हैं मलाइका अरोड़ा. अरबाज खान से तलाक और अर्जुन कपूर से ब्रेकअप के बाद अब उनका नाम एक नए शख्स के साथ जोड़ा जा रहा है. कहा जा रहा है कि मलाइका इन दिनों डायमंड मर्चेंट हर्ष मेहता के साथ क्वालिटी टाइम बिता रही हैं. रोम में साथ नजर आए मलाइका और हर्ष ट्रेवी फाउंटेन के पास क्लिक की गई मलाइका-हर्ष की तस्वीर मलाइका अरोड़ा और हर्ष मेहता इन दिनों इटली के रोम में छुट्टियां मना रहे हैं. सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. खास तौर पर ट्रेवी फाउंटेन के पास क्लिक की गई उनकी फोटो ने फैंस का ध्यान खींच लिया है. तस्वीरों में मलाइका ओवरसाइज्ड ब्लैक ट्रेंच कोट में नजर आ रही हैं. मिनिमल मेकअप और कैजुअल स्टाइल में भी वह बेहद ग्लैमरस लग रही हैं. वहीं हर्ष मेहता ग्रे जैकेट में काफी स्मार्ट दिख रहे हैं. दोनों को साथ पोज देते देख फैंस के बीच रिश्ते की अटकलें और तेज हो गई हैं. कौन हैं हर्ष मेहता? रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर्ष मेहता एक डायमंड मर्चेंट हैं और सैंकस मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर बताए जाते हैं. कुछ हफ्ते पहले दोनों को एक कॉन्सर्ट में भी साथ देखा गया था, जिसके बाद से ही डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई थी. हालांकि, अब तक न तो मलाइका और न ही हर्ष ने इन समाचारों की पुष्टि की है. मलाइका ने भी अपने सोशल मीडिया पर किसी नए रिश्ते को ऑफिशियल नहीं किया है. फिलहाल, दोनों की रोम वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं और फैंस बेसब्री से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहे हैं. यह भी पढे़ं: ‘मैं सती-सावित्री नहीं हूं’, गोविंदा के अफेयर्स पर पत्नी सुनीता का बेबाक बयान The post क्या इस शख्स को डेट कर रही हैं मलाइका अरोड़ा? रोम में मना रही छुट्टियां appeared first on Naya Vichar.

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पलामू में जया प्रदा का रोड शो, अरुणा शंकर के समर्थन में मांगा वोट

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट Jaya Prada Road Show: झारखंड में निकाय चुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे पूरी तरह थम जाएगा. उससे पहले प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा पलामू पहुंचीं और भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के समर्थन में रोड शो किया. चैनपुर से शिवाजी बाजार तक निकला काफिला जया प्रदा का रोड शो चैनपुर से शुरू हुआ. वहां से काफिला जिला स्कूल चौक, विष्णु मंदिर चौक होते हुए शिवाजी बाजार तक पहुंचा. पूरे रास्ते समर्थकों की भीड़ उमड़ी रही. जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच रोड शो आगे बढ़ता रहा. रोड शो के दौरान जया प्रदा के साथ मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर भी मौजूद रहीं. दोनों ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और समर्थन की अपील की. बड़ी संख्या में समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नारे लगाते नजर आए. इसे भी पढ़ें: एक अदद कॉलेज के लिए संघर्ष कर रहे थे झारसुगुड़ा के लोग, सीधे मिल गया विश्वविद्यालय जनसभा में मांगा समर्थन शिवाजी बाजार पहुंचकर जया प्रदा ने एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से अरुणा शंकर को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि नगर विकास के लिए मजबूत और ईमानदार नेतृत्व जरूरी है. सभा में मौजूद हजारों समर्थकों ने नारों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया. पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में आयोजित इस रोड शो ने पलामू की नेतृत्वक सरगर्मी को और तेज कर दिया है. अब सबकी नजरें मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं. इसे भी पढ़ें: होली पर रांची से खुलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत The post पलामू में जया प्रदा का रोड शो, अरुणा शंकर के समर्थन में मांगा वोट appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं आशा शर्मा, जो संभालेंगी माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO का पद? जानें आगे क्या होंगी चुनौतियां

Asha Sharma: माइक्रोसॉफ्ट ने Xbox के इतिहास में एक बड़ा बदलाव करते हुए आशा शर्मा को अपनी गेमिंग डिविजन का नया CEO बना दिया है. वह लंबे समय से गेमिंग हेड रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी. स्पेंसर कंपनी में करीब चार दशक बिताने के बाद रिटायर हो रहे हैं. आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और CEO बनाया गया है. वह सीधे कंपनी के चेयरमैन और CEO सत्य नडेला को रिपोर्ट करेंगी. यह जिम्मेदारी उन्हें ऐसे समय में मिली है जब माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग को धीमी होती कमाई, बढ़ती लागत और ग्लोबल कंसोल व कंटेंट मार्केट में कड़ी कंपटीशन मिल रही है. कौन है आशा शर्मा? हिंदुस्तानीय मूल की आशा शर्मा अब Microsoft Gaming की नई CEO बन गई हैं. इस तरह वे दुनिया भर के उन शीर्ष हिंदुस्तानीय लीडर्स की सूची में शामिल हो गई हैं जो ग्लोबल कंपनियों की कमान संभाल रहे हैं. इस नई जिम्मेदारी से पहले वह Microsoft के CoreAI Product में प्रोडक्ट डेवलपमेंट की लीड कर रही थीं. अपने पिछले रोल में आशा शर्मा उन टीमों और टेक्नोलॉजी को संभाल रही थीं जो Microsoft और उसके एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए AI को पावर देती हैं. इसमें क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, फाउंडेशन मॉडल्स और AI व एजेंटिक एप्लिकेशन को बनाने, मैनेज करने और डिप्लॉय करने के एंड-टू-एंड टूलचेन शामिल थे. उन्होंने अमेरिका की University of Minnesota के Carlson School of Management से बिजनेस की पढ़ाई की है. Instacart और Meta में भी निभा चुकी हैं रोल Microsoft से जुड़ने से पहले आशा शर्मा Instacart में Chief Operating Officer (COO) के पद पर थीं. उस रोल में वे प्रोडक्ट, डिजाइन, डेटा साइंस, रिसर्च, मार्केटिंग, ऑपरेशंस, कस्टमर सपोर्ट और नए बिजनेस इनिशिएटिव्स की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, कंपनी के IPO और प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस में उनकी अहम भूमिका रही. इससे पहले, 2017 से 2021 के बीच, शर्मा Meta में VP प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग थीं. यहां वे Messenger, Instagram Direct, Messenger Kids, Remote Presence (कॉलिंग और वीडियो) और कंपनी भर के प्लेटफॉर्म सर्विसेज की निगरानी करती थीं. Sony PlayStation से है सीधी टक्कर शर्मा ऐसे समय पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं जब Xbox अपनी पहचान को फिर से परख रहा है. उधर Sony का PlayStation अब भी कंसोल मार्केट शेयर और एक्सक्लूसिव गेम्स के मामले में कड़ी टक्कर दे रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि शर्मा किस पर ज्यादा फोकस करते हैं: हार्डवेयर पर, सब्सक्रिप्शन मॉडल पर, फर्स्ट-पार्टी कंटेंट पर, या फिर Microsoft के AI और क्लाउड बिजनेस के साथ गहरी इंटीग्रेशन पर. इन सभी बातों का असली असर आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा. यह भी पढ़ें: Microsoft Copilot बग ने बजा दी डेटा प्रोटेक्शन पर खतरे की घंटी, प्राइवेट ईमेल्स तक पहुंच गया AI The post कौन हैं आशा शर्मा, जो संभालेंगी माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO का पद? जानें आगे क्या होंगी चुनौतियां appeared first on Naya Vichar.

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