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February 27, 2026

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क्या थी दिल्ली सरकार की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी

Arvind Kejriwal : दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. सभी आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने जो चार्टशीट दाखिल की है उसमें कई कमियां हैं. इसी वजह से कोर्ट ने सीबीआई के चार्टशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि चार्टशीट में जो बातें कही गई हैं, उनसे सबूतों का मेल नहीं बैठता है. कोर्ट द्वारा क्लीन चिट मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने फफक कर रो पड़े और कहा कि मैं भ्रष्ट नहीं हूं मैं और मेरी पार्टी आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है. उन्होंने कहा कि शराब घोटाले में हमारा नाम आना एक नेतृत्वक साजिश थी. आइए समझते हैं क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्यों सभी आरोपियों को बरी कर दिया… क्या थी दिल्ली की नयी शराब नीति जिसपर हुआ था बवाल ? साल 2021–22 में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल प्रशासन राजस्व में वृद्धि के  लिए नयी शराब नीति  लेकर आई थी. इस नीति के तहत प्रशासन ने खुदरा शराब की बिक्री का पूरी तरह से निजीकरण कर दिया था और निजी कंपनियों को लाइसेंस देकर राजस्व जुटाने की पहल की गई थी. इस नयी शराब नीति का उद्देश्य शराब बिक्री में प्रशासनी दखल कम करना, निजी दुकानों को बढ़ावा देना, राजस्व की वृद्धि और अवैध शराब की बिक्री को बंद करना था. इस नीति के तहत प्रशासनी शराब दुकानों को बंद कर दिया गया और दिल्ली शहर को जोन में बांटकर निजी कंपनियों को लाइसेंस दिया गया. इसके साथ ही प्रशासन ने यह अनुमति दी कि दुकानदार छूट और ऑफर दे सकते हैं. प्रशासन पर क्या लगे आरोप? अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया दिल्ली तत्कालीन एलजी वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल प्रशासन की नयी शराब नीति पर सवाल उठाए थे और जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी और बाद में इस घोटाले की जांच में ईडी भी शामिल हुआ था. जांच में यह बात सामने आयी कि कुछ शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए नियम बदले गए और उसके बदले में उनसे रिश्वत लिया गया. जांच एजेंसियों ने यह आरोप लगाया कि रिश्वत लेने के लिए कई शर्तों में भी ढील दी गई थी. अरविंद केजरीवाल की प्रशासन पर यह आरोप लगा कि हवाला और शेल कंपनियों (नकली कंपनियां, जो सिर्फ कागजों पर चलती हैं) के जरिए पैसों का लेन–देन हुआ और पैसे का हस्तांतरण किया गया. एक साउथ ग्रुप के जरिए बड़े पैमाने पर पैसे देने का आरोप भी लगा. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें किसके खिलाफ हुई कार्रवाई? शराब घोटाला के सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया और अरविंद केजरीवाल से इस मामले में जिम्मेदारी तय करने को कहा. जांच के दौरान सबसे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की गिरफ्तारी हुई क्योंकि आबकारी विभाग उनके ही पास था. इस केस में मनी लाॅड्रिंग के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और उनपर यह आरोप लगा कि लाइसेंस देने के दौरान जो रिश्वत की लेन–देन हुई उसमें सिसौदिया और केजरीवाल दोनों की भूमिका थी. इनके अलावा भी कई और लोगों पर इस पूरे मामले में शामिल होने का आरोप लगा जिनकी कुल संख्या 23 थी. शराब नीति को लेकर जब विवाद बढ़ा, तो प्रशासन ने 2022 में ही इसे रद्द कर दिया था, लेकिन तबतक मामला बहुत तूल पकड़ चुका था. ये भी पढ़ें : क्या टीम इंडिया, टीम हिंदुत्व है? सोशल मीडिया पर भिड़े आकाश चोपड़ा और बिहार के सीनियर पत्रकार रिफत जावेद  केरलम को हां, बांग्ला को ना क्यों? राज्यों और शहरों का नाम बदलने की प्रक्रिया और नेतृत्व लिव इन पार्टनर के प्राइवेट पार्ट को सेनेटाइजर से जलाना, मानसिक विकृति का उदाहरण; बच्चों को संभालिए वरना… The post क्या थी दिल्ली प्रशासन की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी appeared first on Naya Vichar.

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एक्साइज पॉलिसी स्कैम : कोर्ट का आया फैसला तो रो पड़े अरविंद केजरीवाल, देखें वीडियो

Arvind Kejriwal Video: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. उन्होंने कहा कि हम हमेशा कहते रहे हैं कि सच्चाई की जीत होती है. हमें हिंदुस्तानीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. अमित शाह और मोदी ने मिलकर आम आदमी पार्टी को खत्म करने की बड़ी साजिश रची. पार्टी के 5 बड़े नेताओं को जेल में डाला गया और मुख्यमंत्री को भी घर से खींचकर जेल भेजा गया. मैं भ्रष्ट नहीं हूं, मैंने केवल ईमानदारी कमाई है. इतना कहकर वे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू गिरने लगे. देखें वीडियो. VIDEO | AAP national convenor Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) breaks down as he addresses media after appearing before Rouse Avenue Court over the Delhi Excise Policy case. He says, “For the past few years, the way BJP has been accusing us in the Delhi excise policy case, today… pic.twitter.com/jtREb0JyVi — Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026 अरविंद केजरीवाल ने कथित घोटाला मामले में अदालत से बरी होने के बाद कहा कि अदालती आदेश से साबित होता है केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ‘कट्टर ईमानदार’ हैं. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता. बता दें कि सीबीआई आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्ववर्ती प्रशासन द्वारा अब रद्द की जा चुकी एक्साइज पॉलिसी के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें : Ladakh Situation: केजरीवाल ने केंद्र प्रशासन पर बोला हमला- कहा- लद्दाख की लड़ाई बन सकती है पूरे देश की लड़ाई दिल्ली हाईकोर्ट जाएगी सीबीआई सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि सीबीआई दिल्ली हाईकोर्ट जाएगी और राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि आप नेताओं की कथित साजिश का सबूत नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि आरोप न्यायिक जांच में खरे नहीं उतरे. #WATCH | Family of former Delhi CM Arvind Kejriwal welcomes him as he, along with former Deputy CM Manish Sisodia, arrives at his residence. The Rouse Avenue court discharged both AAP leaders in the Delhi Excise policy case. (Video Source: AAP) pic.twitter.com/nblU348jvz — ANI (@ANI) February 27, 2026 कोर्ट से जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने घर पहुंचे, तो परिवार ने उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं पर फूल बरसाए गए. The post एक्साइज पॉलिसी स्कैम : कोर्ट का आया फैसला तो रो पड़े अरविंद केजरीवाल, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में सूदखोरों पर सख्ती, अवैध वसूली पर 3 साल जेल, हर जिले में बनेगा विशेष कोर्ट

Bihar News: बिहार प्रशासन ने विधानसभा में गुरुवार को बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं विधेयक 2026 पास हो गया है, जो सीधे तौर पर उन लोगों को सुरक्षा देगा जो ऊंचे ब्याज और रिकवरी एजेंटों की प्रताड़ना झेल रहे हैं. अब बिहार में बिना रजिस्ट्रेशन के कर्ज बांटना और डरा-धमका कर वसूली करना बहुत महंगा पड़ेगा. अब कर्ज वसूली में मनमानी मुश्किल बिहार में अवैध सूदखोरी और दबंगई से वसूली के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य विधानसभा ने “बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं विधेयक 2026” को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस कानून के तहत अब माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को सिर्फ हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस लेना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि राज्य के वित्त विभाग से पंजीकरण भी अनिवार्य होगा. बिना पंजीकरण के ऋण देना आपराधिक कृत्य माना जाएगा. हर जिले में बनेगा विशेष कोर्ट, पीड़ितों को त्वरित राहत विधेयक के अनुसार सूद के दबाव में आत्महत्या या उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए हर जिले में विशेष अदालत बनाई जाएगी. इन अदालतों का गठन पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से होगा और प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी इसकी अध्यक्षता करेंगे. इन अदालतों की कमान प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के हाथ में होगी, जो विशेष रूप से अवैध ऋण और प्रताड़ना से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई करेंगे. इससे पीड़ितों को न्याय के लिए सालों तक कचहरी के चक्कर नहीं काटने होंगे. अवैध कर्ज चुकाने की मजबूरी खत्म किसी व्यक्ति ने बिना पंजीकृत संस्था से कर्ज लिया है या तय सीमा से अधिक ब्याज चुकाया है, तो उसे अतिरिक्त रकम लौटाने की कानूनी बाध्यता नहीं होगी. इतना ही नहीं, पहले चुकाई गई अतिरिक्त राशि को वह 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस पाने का हकदार होगा. कोई भी सूक्ष्म वित्त संस्था या सूदखोर कर्ज वसूली के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों यानी ‘रिकवरी एजेंटों’ का सहारा लेता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भरना होगा. वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में साफ कर दिया है कि अब बच्चों के स्कूल जाकर उन्हें शर्मिंदा करना, पड़ोसियों पर दबाव डालना या सामाजिक समारोहों में खलल डालकर वसूली करने के दिन लद गए हैं. यह कानून उधारकर्ताओं के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए एक ढाल की तरह काम करेगा. Also Read: परिमार्जन और दाखिल-खारिज की परेशानी होगी दूर, जमीन सुधार का बड़ा ब्लूप्रिंट तैयार The post बिहार में सूदखोरों पर सख्ती, अवैध वसूली पर 3 साल जेल, हर जिले में बनेगा विशेष कोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन; लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे खानचंद सिंह

हिंदुस्तानीय टीम के धाकड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है. उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में आखिरी सांस ली. खानचंद सिंह पिछले काफी समय से स्टेज-4 लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे काफी समय से क्रिटिकल कंडीशन में थे. हरभजन सिंह ने जताया दुख पूर्व स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर अपना दुख जाहिर किया है. उन्होंने लिखा कि रिंकू सिंह के पिता श्री खानचंद सिंह जी के निधन की समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ. रिंकू और उनके परिवार के लिए यह बहुत मुश्किल समय है, खासकर तब जब वे वर्ल्ड कप की जिम्मेदारियों के बीच हैं. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं. वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें. Pained to learn about the demise of Shri Khanchand Singh Ji, father of Rinku Singh. This must be an especially difficult time for Rinku and his family, even as he remains committed to his responsibilities during the T20 World Cup.My heartfelt thoughts and prayers are with him… — Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) February 27, 2026 After battling fourth-stage cancer, Cricketer Rinku Singh’s father breathed his last at Yatharth Hospital-Omega -1, Greater Noida (Uttar Pradesh) today at 5 am: Yatharth Hospital PRO (File photo) pic.twitter.com/bqjSaz24wq — ANI (@ANI) February 27, 2026 पिता के लिए बीच में छोड़ी प्रैक्टिस  जैसे ही रिंकू को पिता की नाजुक हालत की समाचार मिली, वे टीम इंडिया का साथ छोड़कर तुरंत अपने घर के लिए रवाना हो गए. बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप के दौरान जब पूरी टीम चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पसीना बहा रही थी, तब रिंकू प्रैक्टिस सेशन में नजर नहीं आए थे. बाद में साफ हुआ कि पिता की खराब सेहत की वजह से उन्हें इमरजेंसी में घर लौटना पड़ा. हालांकि, वे मैच की पूर्व संध्या (Eve) पर वापस टीम से जुड़ गए थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी. टीम मैनेजमेंट ने उस वक्त रिंकू की जगह संजू सैमसन को मौका दिया था. अंतिम संस्कार के लिए दोबारा लौटे घर अब पिता के निधन की समाचार मिलते ही रिंकू एक बार फिर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए टीम छोड़कर घर लौट गए हैं. बीसीसीआई और टीम इंडिया ने इस दुख की घड़ी में रिंकू को पूरा सपोर्ट दिया है. फिलहाल उनकी वापसी को लेकर कोई तय समय (टाइमलाइन) नहीं बताया गया है. टीम का पूरा फोकस इस वक्त रिंकू को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने पर है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान ने जिंबाब्वे को 72 रन से हराया, अब 1 मार्च को वेस्टइंडीज के साथ आर-पार की लड़ाई The post क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन; लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे खानचंद सिंह appeared first on Naya Vichar.

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NCERT न्यायपालिका चैप्टर विवाद: पीएम मोदी नाराज, कहा- जवाबदेही तय हो और दोषियों पर कार्रवाई हो

NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े एक हिस्से को शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी आपत्ति जताई है. प्रधानमंत्री ने यह मुद्दा कैबिनेट बैठक में उठाया, जो नव-निर्मित पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित पहली बैठक थी. प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि कक्षा 8 के छात्रों को ऐसे अध्याय क्यों पढ़ाए जा रहे हैं और पाठ्यपुस्तकों की सामग्री की निगरानी कौन कर रहा है? किसी न किसी को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. गुरुवार को पीएम ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निर्देश दिया कि वे यह पता करें कि सामाजिक विज्ञान की किताब के विवादित हिस्से का मसौदा किसने तैयार किया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए एनसीईआरटी अब यह पता लगा रही है कि पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की प्रक्रिया में ऐसा कौन-सा निर्णय हुआ, जिसके चलते ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े अध्याय को शामिल किया गया. परिषद उन व्यक्तियों की पहचान भी कर रही है, जो इस सामग्री को शामिल करने के लिए जिम्मेदार थे. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के जारी होने पर रोक लगा दी. एनसीईआरटी ने बुधवार को इस अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ‘अनुचित सामग्री’ के लिए माफी मांगी थी और कहा कि उपयुक्त प्राधिकरणों से परामर्श कर पुस्तक को दोबारा लिखा जाएगा. क्या था विवादित हिस्सा? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर कड़ी टिप्पणी करते हए कहा कि वह ‘दुनिया में किसी को भी’ न्यायपालिका की साख को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं देगा. एनसीईआरटी द्वारा जारी कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, वॉल्यूम II’ (Exploring Society: India and Beyond, Vol II) है. इसमें ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ शीर्षक से एक खंड शामिल किया गया था. यह हिस्सा ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ नामक अध्याय का भाग था, जो पेज 125-142 तक था.  इस अध्याय में हिंदुस्तानीय न्यायिक प्रणाली के सामने मौजूद ‘चुनौतियों’ में ‘न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार’ और ‘मामलों का भारी लंबित बोझ’ जैसी बातों का उल्लेख किया गया था. इसे 24 फरवरी को ही आधिकारिक तौर पर जारी किया गया था, लेकिन रिलीज होने के कुछ समय बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी दिखाई, जिसके बाद इसे NCERT की वेबसाइट से हटा लिया गया और आगे के सर्कुलेशन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई.  सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर यह भी टिप्पणी की कि न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए यह ‘एक सुनियोजित साजिश’ प्रतीत होती है. अदालत ने कक्षा 8 की एनसीईआरटी पुस्तक पर ‘पूर्ण प्रतिबंध’ लगाते हुए इसके सभी भौतिक और डिजिटल प्रतियों को जब्त करने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार; अवमानना का नोटिस भी दिया सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शिक्षा मंत्रालय की ओर से पेश तुषार मेहता से कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में यह उनकी जिम्मेदारी है कि जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो. सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी के अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी और स्कूली शिक्षा सचिव को कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का नोटिस भी जारी किया है. अदालत के कड़े रुख के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शिक्षा मंत्रालय की ओर से बिना किसी शर्त के सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी. वहीं, एनसीईआरटी ने भी विवाद को लेकर बिना शर्त खेद जताया और कहा कि वह संबंधित पुस्तक को वापस लेगी तथा विवादित पाठ्यक्रम को नए सिरे से तैयार करेगी. ये भी पढ़ें:- अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा- भाजपा और कांग्रेस को दुश्मनी सिर्फ मुसलमानों से शिक्षा मंत्री ने इस विषय पर जताया दुख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एनसीईआरटी के अध्याय पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जवाबदेही तय की जाएगी तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी. गुरुवार को झारखंड में पत्रकारों से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने एनसीईआरटी को संबंधित किताब वापस लेने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, ‘हम न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करते हैं. न्यायपालिका जो कहेगी, हम उसे स्वीकार करेंगे और उसका पालन करेंगे. जो कुछ हुआ है, उससे मैं बेहद दुखी हूं और इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं. जब यह मामला मेरे संज्ञान में आया, तो मैंने तुरंत एनसीईआरटी को किताबें वापस लेने का निर्देश दिया, ताकि उनका आगे प्रसार न हो.’ ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी का इजराइल दौरा: व्यापार से सुरक्षा तक बढ़ा सहयोग, आतंकवाद को कड़ा संदेश प्रधान ने आगे कहा, ‘न्यायपालिका का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी… प्रशासन की भी ऐसी कोई मंशा नहीं थी. हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और इसकी जांच की जाएगी. इस अध्याय को तैयार करने में जो लोग शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हम न्यायपालिका को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी.’ इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा, ‘एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया की जांच कर रही है, जिसकी वजह से यह निर्णयगत त्रुटि हुई, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान भी की जा रही है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में इस तरह की अनुपयुक्तता पूरी तरह से टाली जा सके. यह काम पूरी सख्ती के साथ किया जाएगा.’ भाषा के इनपुट के साथ. The post NCERT न्यायपालिका चैप्टर विवाद: पीएम मोदी नाराज, कहा- जवाबदेही तय हो और दोषियों पर कार्रवाई हो appeared first on Naya Vichar.

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अंगूर को सिर्फ पानी से नहीं, इन आसान तरीकों से करें पूरी तरह साफ

How To Clean Grapes: अंगूर स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. लेकिन बाजार से लाए गए अंगूर पर कीटनाशक, मिट्टी और बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. सिर्फ पानी से धोने पर यह पूरी तरह से साफ नहीं होते. इसीलिए कुछ आसान और सुरक्षित उपाय अपनाकर उन्हें पूरी तरह से साफ करना जरूरी है. इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर सिर्फ पानी से नहीं और भी कई तरीकों से आसानी से अंगूर साफ कर सकते हैं.  इन तरीकों से करें साफ  नमक के पानी में भिगोना: एक बर्तन में ठंडा पानी लें और उसमें आधा चम्मच नमक डालें. अंगूर को 5–10 मिनट तक इसमें भिगोएँ. इसके बाद साफ पानी से धोकर परोसें. सिरके का उपयोग: एक कटोरे में पानी और 1–2 चम्मच सफेद सिरका मिलाएँ. अंगूर को 10 मिनट भिगोकर फिर ठंडे पानी से धो लें. यह बैक्टीरिया और कीटनाशक को हटाने में मदद करता है. बेकिंग सोडा से साफ करना: पानी में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएँ और अंगूर को 5–10 मिनट भिगोएँ. फिर ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें. नींबू का रस: पानी में नींबू का रस मिलाकर अंगूर धोने से न केवल कीटाणु हटते हैं, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से उन्हें चमकदार और ताजगी भरा बनाता है. यह भी पढ़ें: Kitchen Tips: बर्तन जल जाए तो नो टेंशन, इस ट्रिक से मिनटों में गायब होंगे जिद्दी दाग यह भी पढ़ें: अब चिपचिपे नहीं होंगे नूडल्स, उबालते टाइम इन टिप्स को अपनाएं The post अंगूर को सिर्फ पानी से नहीं, इन आसान तरीकों से करें पूरी तरह साफ appeared first on Naya Vichar.

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NCERT से जुड़ी ये 5 बातें, जो हर किसी को जाननी चाहिए

5 Facts About NCERT: NCERT की किताब तो आप सभी ने पढ़ी या देखी होगी. NCERT समय-समय पर अपनी किताबों में कुछ-न-कुछ जोड़ता घटाता रहता है. इसी क्रम में हाल ही में NCERT ने क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ पर नया चैप्टर जोड़ा, जिसके बाद से यह (NCERT) चर्चा में है. क्या आप जानते हैं कि NCERT क्या है, इसका फुलफॉर्म (NCERT Full Form in Hindi) और यह कैसे काम करता है? आइए, जानते हैं इन सवालों के जवाब.  1. NCERT क्या है? NCERT (National Council of Educational Research and Training) एक शैक्षणिक संस्था है. इसकी स्थापना हिंदुस्तान प्रशासन ने 1961 में की थी. यह एक स्वायत्त संगठन (Autonomous Organisation) है. इसकी स्थापना स्कूल लेवल शिक्षा को गुणवत्तायुक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया था. CBSE और अन्य स्टेट बोर्ड अपने सिलेबस में NCERT की किताबों को शामिल करते हैं.  2. NCERT क्यों बनाई गई? आजादी के बाद देश में शिक्षा की कोई एक समान व्यवस्था नहीं थी. हर राज्य अपना अलग सिलेबस और पढ़ाई का तरीका अपनाता था. एक समान और मजबूत एजुकेशन सिस्टम बनाने के उद्देश्य से इसे लाया गया.  3. NCERT की किताबें कैसे बनती हैं? NCERT स्कूलों के लिए बुक्स प्रकाशित करती है. ये किताबें CBSE और कई राज्य बोर्ड में पढ़ाई जाती हैं. इन बुक्स को लिखने वाले अपने विषय के एक्सपर्ट होते हैं. ये विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और शिक्षा एक्सपर्ट द्वारा मिलकर तैयार किया जाता है. इनका आधार National Curriculum Framework (NCF) होता है, जो यह तय करता है कि क्या पढ़ाया जाए और कैसे पढ़ाया जाए. 4. शोध और प्रशिक्षण संस्थान NCERT केवल किताबें ही नहीं बनाती, बल्कि शिक्षा से जुड़ा रिसर्च और शिक्षक ट्रेनिंग भी कराती है. इसके देशभर में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) हैं, अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग में. ये संस्थान शिक्षक शिक्षा और सिलेबस के विकास का काम करते हैं. इसी के साथ NCERT कई तरह की राष्ट्रीय प्रतिभा खोज कार्यक्रम भी चलाती है और राज्यों के शिक्षा विभागों के साथ मिलकर काम करती है. 5. प्रतियोगी परीक्षाओं में NCERT की अहमियत NCERT की किताबें सिर्फ स्कूल के लिए ही नहीं, बल्कि UPSC, SSC और राज्य लोक सेवा आयोग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. खासकर हिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, साइंस, पॉलिटिकल साइंस जैसे सब्जेक्ट के लिए अलग से NCERT की बुक्स आती हैं.  NCERT की किताबों में क्या खास होता है? आसान और स्पष्ट भाषा सही और प्रमाणिक जानकारी मूल अवधारणाओं पर जोर यह भी पढ़ें- UPSC 2026 Best Books: बिना कोचिंग IAS बनने के लिए पढ़ें ये 5 जरूरी किताबें The post NCERT से जुड़ी ये 5 बातें, जो हर किसी को जाननी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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पाक का ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू, रक्षामंत्री बोले- अफगानिस्तान के खिलाफ अब ओपन वॉर

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर आ गया है. पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर दिया है. यह कदम तब उठाया गया जब काबुल ने दावा किया कि उसके हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे ‘खुला युद्ध’ (ओपन वॉर) करार देते हुए कहा कि अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है. तालिबान का दावा- 19 चौकियां छीनीं, 55 पाकिस्तानी सैनिक ढेर अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने दावा किया कि उन्होंने डूरंड लाइन (दोनों देशों की सीमा) पर भारी जवाबी कार्रवाई की है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद और डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत के मुताबिक: अफगान सेना के 203 मंसूरी कोर और 201 खालिद बिन वलीद कोर ने यह ऑपरेशन चलाया. उन्होंने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों और खोस्त प्रांत के अंजार सर में एक बड़े मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है. तालिबान का कहना है कि उन्होंने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है, जिनमें से 23 के शव उनके पास हैं. यह कार्रवाई 9 रमजान (26 फरवरी) को रात 8 बजे शुरू हुई थी. अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके 8 लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए हैं. पाकिस्तान का पलटवार- 133 तालिबानी लड़ाके मारने का दावा पाकिस्तान ने तालिबान के आंकड़ों को गलत बताया है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, उनके केवल 2 सैनिक शहीद हुए हैं, जबकि पाकिस्तान की कार्रवाई में 133 अफगान तालिबानी लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं. जियो न्यूज और ARY न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान ने तालिबान की 27 चौकियों को तबाह कर दिया और 9 पर कब्जा कर लिया है. यह कार्रवाई चितराल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर जैसे सीमावर्ती इलाकों में की गई है. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि सेना ने तालिबान की इस हरकत का ‘मुंहतोड़ जवाब’ दिया है. पाकिस्तान ने कहा- धैर्य खत्म पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अब हमारे और तुम्हारे बीच खुला युद्ध है. ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’ के तहत अफगानिस्तान के मुख्य शहरों काबुल और कंधार में धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं. पाकिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन उन आतंकी ठिकानों के खिलाफ है जो पाकिस्तान में अस्थिरता फैला रहे हैं. ये भी पढ़ें: UN में हिंदुस्तान ने कर दी बोलती बंद, कहा- ‘ला-ला लैंड’ में जी रहा है पाकिस्तान विवाद की असली वजह दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा (डूरंड लाइन) को लेकर पुराना विवाद है, जिसे अफगानिस्तान कभी स्वीकार नहीं करता. पाकिस्तान ने पहले भी अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान के अंदर एयरस्ट्राइक की थी. हाल ही में पाकिस्तान ने दावा किया था कि उन्होंने सीमा पर 70 आतंकियों को मार गिराया है, लेकिन अफगानिस्तान ने कहा था कि उस हमले में स्त्रीएं और शिशु मारे गए थे. तालिबान का कहना है कि उनकी ताजा कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान संप्रभुता के उल्लंघन का बदला है. तनाव इतना बढ़ गया है कि तोरखम बॉर्डर के पास से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है. पाकिस्तान प्रशासन ने खैबर पख्तूनख्वा की पीटीआई प्रशासन से भी अपील की है कि वे इस रक्षा अभियान में केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों. फिलहाल दोनों ओर से भारी गोलीबारी जारी है और इलाके में डर का माहौल है. ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान पाकिस्तान में भीषण जंग: तालिबान बोला- 55 पाक सैनिक मरे, 19 चौकियों पर कब्जा, 1 जेट गिरा The post पाक का ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू, रक्षामंत्री बोले- अफगानिस्तान के खिलाफ अब ओपन वॉर appeared first on Naya Vichar.

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किसके सिर सजेगा ताज, फैसला आज! झारखंड निकाय चुनाव की मतगणना कुछ देर में होगी शुरू

Jharkhand Civic Polls Results: झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 का आज निर्णायक दिन है. 48 नगर निकायों के लिए हुए मतदान के परिणाम 27 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे. सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और करीब 10 बजे से रुझान आने लगेंगे. इसके साथ ही साफ हो जाएगा कि शहरों की सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी और किसके सिर ताज सजेगा. रांची नगर निगम में कड़ी टक्कर राजधानी रांची में सबसे ज्यादा नजरें रांची नगर निगम के चुनाव परिणाम पर टिकी हैं. मतगणना सुकुरहुट्टू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर परिसर में होगी, जहां प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. देर रात तक अधिकारियों और कर्मियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया. यहां मतगणना के लिए कुल 246 टेबल लगाए गए हैं. मतों की गिनती 10 कमरों में होगी और प्रत्येक कमरे में 25-25 टेबल की व्यवस्था की गई है. हर टेबल पर गणनाकर्मी के साथ प्रत्याशियों के अधिकृत एजेंट मौजूद रहेंगे. जैसे-जैसे राउंड पूरे होंगे, वैसे-वैसे रुझान स्पष्ट होते जाएंगे. सुरक्षा के लिहाज से भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. परिसर में सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रवेश केवल पासधारियों को ही मिलेगा और हर व्यक्ति की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. मतगणना केंद्र पर सुरक्षा का कड़ा पहरा नगर निकाय चुनाव की मतगणना को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है. पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी से की जा रही है. केवल अधिकृत अभिकर्ताओं को ही प्रवेश की अनुमति है. अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रिंकू सिंह गुरुवार को अपने समर्थकों के साथ सक्रिय दिखीं. दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अंतिम परिणाम की औपचारिक घोषणा सभी राउंड की गिनती पूरी होने के बाद ही की जाएगी. मधुपुर में पांच राउंड में गिनती मधुपुर नगर परिषद चुनाव की मतगणना प्रखंड के राजाभिठा स्थित स्त्री महाविद्यालय परिसर में होगी. सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के लिए व्यापक तैयारी की गई है. 46 मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती 10 टेबल पर पांच चक्रों में होगी. मतगणना के लिए 10 गणना पर्यवेक्षक, 10 प्रथम गणना सहायक और 10 द्वितीय गणना सहायक सहित कुल 30 कर्मियों की तैनाती की गई है. आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 50 प्रतिशत अतिरिक्त कर्मी भी लगाए गए हैं. अतिरिक्त टेबल के लिए 69 कर्मी तैयार रखे गए हैं. सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है. सशस्त्र बलों को तीन पालियों में तैनात किया गया है. पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. हजारीबाग में छह हॉल में मतगणना हजारीबाग नगर निगम चुनाव में महापौर और वार्ड पार्षद पद के लिए डाले गए मतों की गणना कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में बने छह अलग-अलग हॉल में की जाएगी. सुबह 8 बजे से मतगणना एक साथ शुरू होगी. कुल 36 वार्डों की मतगणना छह हॉल में की जाएगी. हॉल संख्या एक में वार्ड 1 से 6 के लिए 15 टेबल, हॉल दो में वार्ड 7 से 12 के लिए 14 टेबल, हॉल तीन में वार्ड 13 से 18 के लिए 13 टेबल, हॉल चार में वार्ड 19 से 24 के लिए 14 टेबल, हॉल पांच में वार्ड 25 से 30 के लिए 14 टेबल और हॉल छह में वार्ड 31 से 36 के लिए 15 टेबल लगाए गए हैं. महापौर पद की मतगणना के लिए अतिरिक्त सहायक निर्वाची पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है, ताकि प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके. चतरा में तीन राउंड में फैसला चतरा नगर परिषद चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी. यहां 14 टेबल बनाए गए हैं और बैलेट पेपर की गिनती तीन राउंड में पूरी की जाएगी. दोपहर तक परिणाम आने की संभावना जताई गई है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. प्रवेश और निकास द्वार, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की समीक्षा की गई. स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगन्नाथ मंदिर की रखी आधारशिला, कहा- अब ‘जमशेदपुर बिहारी’ हुए प्रभु दोपहर तक साफ होगी तस्वीर झारखंड के 48 नगर निकायों में आज लोकतंत्र का नया अध्याय लिखा जाएगा. सुबह 10 बजे से रुझान आने शुरू होंगे और दोपहर तक कई सीटों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. हालांकि आधिकारिक परिणाम सभी राउंड की गिनती के बाद ही घोषित किए जाएंगे. अब सबकी नजरें मतगणना केंद्रों पर टिकी हैं. ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत कुछ ही घंटों में खुलने वाली है. जनता ने अपना फैसला दे दिया है, आज उसी फैसले की घोषणा का दिन है. किसके सिर सजेगा ताज और कौन रहेगा पीछे, इसका जवाब अब बस कुछ घंटों में मिल जाएगा. इसे भी पढ़ें: निकाय चुनाव मतगणना से पहले सारंडा में नक्सलियों की साजिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने आईईडी किया बरामद The post किसके सिर सजेगा ताज, फैसला आज! झारखंड निकाय चुनाव की मतगणना कुछ देर में होगी शुरू appeared first on Naya Vichar.

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अफगानिस्तान पाकिस्तान में भीषण जंग: तालिबान बोला- 55 पाक सैनिक मरे, 19 चौकियों पर कब्जा, 1 जेट गिरा

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को डूरंड लाइन के साथ की गई जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. एक प्रेस विज्ञप्ति में मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई रमजान की 9वीं तारीख (26 फरवरी) को रात 8:00 बजे शुरू की गई. अफगानिस्तान की यह कार्रवाई कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा अफगान क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया. मंत्रालय के अनुसार, अफगान बलों ने डूरंड लाइन के साथ पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिशाओं में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. यह कार्रवाई पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों के पास की गई. पाक-अफगान के बीच 2,611 किलोमीटर (1,622 मील) लंबी सीमा को डूरंड लाइन कहा जाता है. इसको अफगानिस्तान ने कभी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है. इसी को लेकर दोनों देशों के बीच हालात बीते कुछ महीनों से खराब चल रहे हैं. अफगान मंत्रालय ने अपने बयान में कहा गया, ‘कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सैन्य हलकों ने भारी दुस्साहस दिखाते हुए अफगान क्षेत्र में घुसपैठ की, हमारी सीमाओं का उल्लंघन किया और यहां स्त्रीओं व बच्चों को शहीद कर दिया.’ वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए हैं. एक्स पर एक पोस्ट में मुजाहिद ने लिखा, ‘कायर पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए हैं; सौभाग्य से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.’ वहीं अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा गया, ‘डूरंड लाइन के साथ की गई इन जवाबी कार्रवाइयों में कुल 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो सैन्य अड्डों और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया.’ मंत्रालय ने आगे बताया कि चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में दो पाकिस्तानी सैन्य अड्डे और 19 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि चार अन्य चौकियों से सैनिक भाग गए. इसके अलावा, एक दुश्मन टैंक को नष्ट किया गया और एक बड़ा सैन्य परिवहन वाहन कब्जे में लिया गया. बयान के मुताबिक, ‘इन अभियानों के दौरान दर्जनों हल्के और भारी हथियार, गोला-बारूद और सैन्य आपूर्ति अफगान बलों ने जब्त की.’ मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई में आठ अफगान लड़ाके मारे गए और 11 अन्य घायल हुए. साथ ही, नंगरहार में एक शरणार्थी शिविर पर मिसाइल हमले में 13 नागरिकों के घायल होने का भी आरोप लगाया गया. बयान में कहा गया, ‘इस जवाबी कार्रवाई में हमारे 8 मुजाहिदीनों ने शहादत का उच्च दर्जा प्राप्त किया और 11 अन्य घायल हुए.’ वहीं टोलो न्यूज के अनुसार, अफगान सेना ने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को भी मार गिराया है. #BREAKING Security sources told TOLOnews that Afghan forces have shot down a Pakistani aircraft that had entered Afghanistan’s airspace.#TOLOnews_English pic.twitter.com/QfMT1KM36J — TOLOnews English (@TOLONewsEnglish) February 26, 2026 Big Breaking 🚨Afghanistan claimed of shooting down atleast one Pakistani fighter Jet that entered its airspace Live visuals coming from Afghanistan-Pakistan war Both Muslim countries will destroy each other, This is a win win situation for India 🔥 pic.twitter.com/vLF6k2oN1Q — Voice of Hindus (@Voiceofhindus) February 27, 2026 पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के साथ ‘खुले युद्ध’ की घोषणा की है. ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा, ‘हमारा सब्र जवाब दे चुका है. अब हमारे और तुम्हारे बीच खुला युद्ध है.’ वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि तालिबान के हमलों के जवाब में इस्लामाबाद की कार्रवाई ‘माकूल और सख्त जवाब’ है. ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ के तहत काबुल और कंधार शहरों में धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं. नकवी ने कहा, ‘पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफगान तालिबान की खुली आक्रामकता का माकूल जवाब दिया है.’ पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने ‘गजब लिल हक’ नाम से अभियान शुरू किया, जो अफगान तालिबान शासन को निशाना बनाकर किया गया. प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने पुष्टि की कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं. जियो न्यूज के अनुसार, इन अभियानों में 27 तालिबान चौकियां नष्ट की गईं और नौ पर कब्जा किया गया. एआरवाई न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर जिलों सहित कई सीमावर्ती इलाकों में जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अफगान तालिबान चौकियों को नष्ट किया. यह घटनाक्रम दोनों पड़ोसी देशों के बीच उनकी अस्थिर सीमा पर तनाव में एक और बढ़ोतरी ही है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अफगान बलों ने पाकिस्तान के पहाड़ी उत्तर-पश्चिमी इलाकों में चौकियों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दो घंटे से अधिक समय तक संघर्ष चला. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान के हवाई हमले का बदला, अफगानिस्तान ने किया अटैक पिछले हफ्ते पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान से लगती सीमा के साथ हवाई हमले किए थे और दावा किया था कि इनमें कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए. हालांकि, अफगानिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दर्जनों नागरिक मारे गए हैं. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तरार ने एक्स पर लिखा था कि सेना ने जिसे उन्होंने ‘खुफिया जानकारी के आधार पर, चयनित अभियान’ के तहत पाकिस्तानी तालिबान के सात शिविरों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े एक गुट को भी निशाना बनाया गया. अक्तूबर 2025 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर गहराई तक हवाई हमले कर उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. तरार ने कहा कि पाकिस्तान ‘हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है,’ लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी का इजराइल दौरा: व्यापार से सुरक्षा तक बढ़ा सहयोग, आतंकवाद को कड़ा संदेश हाल के वर्षों में पाकिस्तान में उग्रवादी हिंसा में तेज़ी आई है, जिसका बड़ा हिस्सा पाकिस्तान पाकिस्तानी तालिबान और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी समूहों को जिम्मेदार ठहराता है. टीटीपी अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका करीबी सहयोगी माना जाता है. इस्लामाबाद का आरोप है कि

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