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March 9, 2026

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‘PM पार्लियामेंट से भाग गए’, राहुल गांधी ने ईरान-इजराइल युद्ध पर चुप्पी और यूएस डील पर बोला हमला

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर ने मीडिया के सामने कहा- ईरान-इजराइल जंग से हमारी इकॉनमी को बड़ा नुकसान होगा. आपने स्टॉक मार्केट का हाल देखा. राहुल गांधी ने संसद में ईरान-इजराइल युद्ध और यूएस डील पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा- PM मोदी ने US के साथ डील साइन की है, जिससे देश को बड़ा झटका लगने वाला है. राहुल गांधी ने प्रशासन से कई सवाल पूछ डाले. कहा- प्रशासन को चर्चा करने में क्या दिक्कत है? क्या ईरान-इजराइल का मामला जरूरी नहीं है? फ्यूल की कीमत और आर्थिक तबाही चर्चा के जरूरी मामले नहीं हैं? ये पब्लिक के मुद्दे हैं. हम इन्हें जरूरी मानते हैं और चर्चा चाहते हैं. लेकिन वे चर्चा नहीं चाहते. PM पार्लियामेंट से भाग गए : राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा- प्रशासन यूएस डील मुद्दे पर चर्चा से इसलिए भाग रही है, क्योंकि इससे पीएम की पोजीशन सामने आएगी. कैसे उनके साथ कॉम्प्रोमाइज किया गया और कैसे उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है, यह सामने आएगा. इसलिए, वे चर्चा नहीं करना चाहते. राहुल गांधी ने कहा- आपने देखा कि PM पार्लियामेंट से कैसे भाग गए. #WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “How much loss would the West Asia crisis cause? A fight towards a paradigm shift is going on. This will cause a major loss to our economy. You saw the stock market. PM Modi has signed the deal with the US. The country is going to… pic.twitter.com/IlbMABStTZ — ANI (@ANI) March 9, 2026 विपक्ष ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने ईरान-इजराइल युद्ध और हिंदुस्तान पर इसके प्रभाव को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया. विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया. विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हुए. विपक्षी नेताओं ने अपने हाथों पर बैनर ले रखा था, जिस पर इंडिया नीड्स लीडरशिप, नॉट साइलेंस (हिंदुस्तान को नेतृत्व की जरूरत है, चुप्पी की नहीं) लिखा हुआ था. विपक्षी सांसदों ने अमेरिका के सामने सरेंडर करना बंद करो जैसे नारे लगाए. विपक्ष की मांग है कि संसद में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध पर चर्चा होनी चाहिए. ये भी पढ़ें: ईरान ने हिंदुस्तान को क्यों कहा थैंक्स, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बताया The post ‘PM पार्लियामेंट से भाग गए’, राहुल गांधी ने ईरान-इजराइल युद्ध पर चुप्पी और यूएस डील पर बोला हमला appeared first on Naya Vichar.

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CM बनने के सवाल को किया अनसुना! कहीं रहे बेबाक, कहीं साधी चुप्‍पी, जानिए निशांत का अगला कदम क्या?

समाचार में खास कैसे मीडिया से मुखातिब हुए निशांत विवाद वाले सवालों से बचकर निकले  मुस्‍कुराकर टाल गए जवाब निशांत ने दिए सधे हुए सरल जवाब Nishant Kumar Bihar Politics : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की नेतृत्व आ चुके हैं. युवा निशांत के ऊपर इस वक्‍त पिता की बड़ी जिम्‍मेदारी संभालने का दबाव है. इस बीच आज निशांत बिल्‍कुल नए अंदाज में नजर आए. वो निशांत जो मीडिया से घबरा जाया करते थे. उससे बचकर निकलते थे, खुद को कैमरे की निगाह से बचाया करते थे. वो आज उन्‍हीं कैमरों का सामना करते नजर आ रहे थे. कभी वो पत्रकारों के सवालों पर असहज हो जाया करते थे. मगर आज जेडीयू ज्‍वाइन करने के दूसरे ही दिन काफी प्रभावित करते नजर आए. निशांत मंजू सिन्हा पार्क पहुंचे और मां की स्मृति में माल्यार्पण किया. उन्होंने कहा, मां का आशीर्वाद हमेशा बना रहे. मां की याद आती है, अगर मां होतीं तो और खुशी होती. उन्होंने कहा कि जल्द ही 38 जिलों की यात्रा पर निकलेंगे. साथ ही हिंदुस्तान की जीत पर टीम को बधाई दी.#BiharNews #Nishant… pic.twitter.com/OeeSqlkIRk — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 9, 2026 कैसे मीडिया से मुखातिब हुए निशांत जेडीयू ज्‍वाइन करने के बाद से निशांत एक्टिव नजर आ रहे हैं. कल वो मंदिर और मजार गए. जहां से उन्‍होंने बिहार की जनता को पिता की तरह ही नेतृत्वक संकेत देने की कोशिश की. आज अपनी मां मंजू सिन्हा के नाम पर बने पार्क पहुंचे. जहां उन्‍होंने अपनी माता की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित किया. यहां भी उन्‍होंने मीडिया के सवालों का बड़ी ही खूबसूरती से जवाब दिया. विवाद वाले सवालों से बचकर निकले  जब निशांत ने अपनी मां मंजू देवी की प्रतिमा पर पुष्‍प अर्पित किया उसके बाद पत्रकारों ने उन्‍हें घेर लिया. सवालों की बौछार के बीच निशांत तेजी से मेच्‍योर होते नेता के रूप में पेश आए. इस दौरान पत्रकारों ने यह पूछा कि उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाने की तैयारी चल रही? इसके लिए युवा नेताओं की एक टीम बनाई गई है. जो उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाना चाहती है. इस सवाल को निशांत ने पूरी तरह से अनसुना कर दिया. और मुस्‍कुराकर आगे बढ़ गए। मुस्‍कुराकर टाल गए जवाब वहीं, एक दूसरे सवाल के जरिए भी पत्रकारों ने उनसे अंदर की बात उगलवाने की कोशिश की. उस सवाल को भी वो टालते नजर आए. उससे पूछा गया कि आपके साथ युवाओं की टीम बनी है. इस सवाल पर उन्‍होंने अपनी सहमति जाहिर की. नया विचार डिजिटल ने यह जानकारी अपने पाठकों को दो दिन पहले ही दे दी है. निशांत ने दिए सधे हुए सरल जवाब तमाम सवालों के बीच निशांत ने पत्रकारों से केवल इतना कहा कि वो यात्रा पर निकलने वाले हैं. वो बिहार के 38 जिलों में जाएंगे. जहां वो लोगों से मुलाकात करेंगे. जानकारों का मानना है कि निशांत इस यात्रा के जरिए अपने लिए नेतृत्वक जमीन तैयार करेंगे। मगर ये यात्रा कब शुरू होगी? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा कि बिहार के सभी जिलों के अध्‍यक्ष ये तय करेंगे कि उनके यात्रा की रूप रेखा क्‍या होगी. यानी उनके यात्री की तैयारी जल्‍द ही फाइनल होगी. पटना: नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने नेतृत्व में कदम रखने के बाद लिया मां का आशीर्वाद. आज कंकड़बाग के मंजू सिन्हा पार्क पहुंचे. जहां उन्‍होंने अपनी माता स्वर्गीय मंजू सिन्हा की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.@Jduonline @NitishKumar #BiharNews #Tribute #prabhatkhabar pic.twitter.com/kVPs5WcOBI — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 9, 2026 Also Read : ‘मां की बहुत याद आ रही है’, नेतृत्व में एंट्री के बाद मां की प्रतिमा पर निशांत ने किया माल्यार्पण, हुए भावुक The post CM बनने के सवाल को किया अनसुना! कहीं रहे बेबाक, कहीं साधी चुप्‍पी, जानिए निशांत का अगला कदम क्या? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिकी एक्सपर्ट ने खोली ट्रंप की पोल! ईरान में 150+ लड़कियों की मौत US मिसाइल से ही हुई

Iran School Tomahawk Missile: ईरान के ऊपर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया. शुरुआती कुछ घंटों (लगभग 100) में ही दोनों ने मिलकर 2000 से ज्यादा मिसाइलें बरसाईं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेता मारे गए. इसी हमले के दौरान दक्षिणी ईरान के मिनाब में एक नौसैनिक अड्डे पर भी हमला हुआ था. लेकिन इस अटैक में शजरह तैय्येबेह एलिमेंट्री स्कूल के पास स्थित एक स्कूल भी चपेट में आ गया, जहां कुल 175 लोगों की मौत हुई, जिनमें 150 से अधिक स्कूली लड़कियाँ शामिल थीं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस हमले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की, लेकिन अब एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि यह अटैक यूएस टॉमहॉक मिसाइल से किया गया था.  यह फुटेज ईरान की अर्ध-प्रशासनी मेहर न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी की गई थी और अखबार द्वारा सत्यापित की गई. रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में 28 फरवरी को मिनाब शहर में एक नौसैनिक सुविधा पर टॉमहॉक मिसाइल गिरते हुए दिखाई देती है. रविवार रात X (ट्विटर) पर एक लंबे चौड़े थ्रेड में पूर्व अमेरिकी सेना के एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल तकनीशियन ट्रेवर बेल ने वह फुटेज साझा की. उनके अनुसार पहले कभी सामने नहीं आई थी.  इसमें मिसाइल को रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े परिसर की एक इमारत पर गिरते हुए दिखाया गया है. बेल के अनुसार, इससे ‘पहली बार यह संकेत मिलता है कि उस क्षेत्र पर अमेरिका ने हमला किया था.’ बेल ने यह भी कहा, ‘इस युद्ध में टॉमहॉक मिसाइल रखने वाला एकमात्र देश अमेरिका है. इजरायल के पास टॉमहॉक मिसाइल होने की जानकारी नहीं है.’  New video footage shows a US Tomahawk missile hitting an IRGC facility in Minab, Iran, on Feb 28, showing for the first time that the US struck the area. The footage also shows smoke already rising from the vicinity of the girls’ school, where 175 people were reportedly killed. pic.twitter.com/4jBXrNcRJO — Trevor Ball (@Easybakeovensz) March 8, 2026 वीडियो और सैटेलाइट सबूत मिसाइल की पहचान टॉमहॉक के रूप में रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो नौसैनिक अड्डे के सामने स्थित एक निर्माण स्थल से फिल्माया गया था. इसमें एक मिसाइल को उस इमारत पर गिरते हुए दिखाया गया है जिसे IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) की सुविधा के भीतर स्थित एक मेडिकल क्लिनिक बताया गया है. मिसाइल के टकराने के बाद इमारत से धुआँ और मलबा उठता हुआ दिखाई देता है. जब कैमरा आसपास के क्षेत्र की ओर घूमता है, तो प्राथमिक स्कूल के पास पहले से ही धूल और धुएँ के बड़े बादल दिखाई देते हैं. इससे संकेत मिलता है कि नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल गिरने से कुछ समय पहले ही स्कूल पर हमला हो चुका था. अखबार ने बताया कि फुटेज की पुष्टि दृश्य संकेतों की तुलना करके की गई, जैसे कि मिट्टी का रास्ता, घास वाला इलाका और मलबे के ढेर, जिन्हें हमले के बाद ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से मिलाया गया. मेहर न्यूज द्वारा सैटेलाइट तस्वीरों, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य सत्यापित वीडियो का व्यापक विश्लेषण करने के बाद संकेत मिलता है कि इस हमले में नौसैनिक अड्डे के भीतर कई इमारतों को निशाना बनाया गया था. टॉमहॉक अपनी स्पीड और वारहेड की वजह से खतरनाक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल एक लंबी दूरी का सटीक हथियार है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है. अमेरिकी नौसेना के अनुसार, टॉमहॉक मिसाइल लगभग 1,000 मील (करीब 1,600 किलोमीटर) तक मार कर सकती है और इसमें लगभग 300 पाउंड TNT के बराबर विस्फोटक शक्ति वाला वारहेड होता है. ट्रंप ने दावे पर जताया था संदेह ये निष्कर्ष डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों से मेल नहीं खाते, जिनमें उन्होंने पहले सुझाव दिया था कि स्कूल को नुकसान पहुँचाने वाले हमले के लिए ईरान जिम्मेदार हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी हथियार बहुत ही कम सटीक होते हैं.  ट्रेवर बॉल और सुरक्षा विश्लेषक क्रिस कॉब-स्मिथ सहित विशेषज्ञों ने ईरान के स्कूल में हुए हमले के वीडियो में दिखाई देने वाले हथियार को टॉमहॉक मिसाइल के रूप में पहचाना. ये भी पढ़े:- Iran: तेहरान बना ‘गैस चैंबर’, इजरायली हमले के बाद आसमान से बरस रही ‘काली मौत’    ट्रेवर बॉल ने दिया प्रूफ इस बात को स्पष्ट करने के लिए मेहर न्यूज द्वारा जारी वीडियो में उस मिसाइल की तुलना भी दिखाई गई, जिसने IRGC परिसर को निशाना बनाया था. एक अन्य टॉमहॉक मिसाइल के क्लोज-अप से उसका मिलान किया गया. बेल ने बताया कि वीडियो की जियोलोकेशन की जा चुकी है, यानी डिजिटल जानकारी के आधार पर उसकी सटीक लोकेशन की पुष्टि हो चुकी है.  अपने थ्रेड में बेल ने IRGC परिसर की सैटेलाइट तस्वीरें और मिसाइल के प्रभाव क्षेत्र का एक ग्राफिक भी साझा किया. उन्होंने लिखा, ‘तस्वीरों से पता चलता है कि इस लाल शंकु (इम्पैक्ट जोन) के भीतर केवल दो इमारतों को नुकसान हुआ, जिनमें एक क्लिनिक शामिल है. दूसरी संरचना संभवतः मिट्टी से ढका हुआ बंकर है.’ ये भी पढ़े:- क्या है क्लस्टर बम? ईरान के इस हथियार से कांप उठा है इजरायल, आयरन डोम भी कन्फ्यूज स्कूल पर हमले को लेकर ईरान की प्रतिक्रिया ईरान ने इस विस्फोट के लिए अमेरिका और इज़राइल दोनों को जिम्मेदार ठहराया. यह स्कूल एक घिरे हुए परिसर के बिल्कुल पास स्थित है, जिसे नक्शों में गार्ड के ‘सैय्यद अल-शोहदा सांस्कृतिक परिसर’ के रूप में दर्शाया गया है. इस परिसर में एक फार्मेसी, जिम और स्पोर्ट्स का मैदान भी शामिल है. वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल की वरिष्ठ वकील एलिस बेकर ने कहा कि स्कूलों को निशाना बनाना सशस्त्र संघर्ष से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है. The post अमेरिकी एक्सपर्ट ने खोली ट्रंप की पोल! ईरान में 150+ लड़कियों की मौत US मिसाइल से ही हुई appeared first on Naya Vichar.

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देखकर अच्छा लगा, धोनी के मुस्कान वाले पोस्ट पर गंभीर का रिएक्शन

Highlights धोनी के पोस्ट पर गंभीर का जवाब  टीम इंडिया ने बनाए कई रिकॉर्ड  हिंदुस्तान ने बनाया फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर  कीवी टीम 159 रन पर ऑल आउट  Gautam Gambhir Reply Dhoni: हिंदुस्तानीय टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का खिताब जीत लिया है. टीम इंडिया की इस बड़ी जीत के बाद महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने सोशल मीडिया पर टीम और सपोर्ट स्टाफ को बधाई दी. धोनी के इस पोस्ट पर हिंदुस्तानीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने मजेदार जवाब दिया है. धोनी के पोस्ट पर गंभीर का जवाब  एमएस धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम को बधाई देते हुए लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास बन गया. उन्होंने पूरी टीम, सपोर्ट स्टाफ और दुनिया भर के हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस को इस जीत के लिए बधाई दी. धोनी ने कोच गंभीर की तारीफ करते हुए कहा कि आपके चेहरे पर मुस्कान बहुत अच्छी लगती है, इंटेंसिटी और मुस्कान दोनों का तालमेल एकदम कातिलाना है. धोनी ने यह भी लिखा कि बुमराह के बारे में कुछ ना लिखूं तो ही अच्छा है, वह एक चैंपियन बॉलर हैं. धोनी की इस तारीफ का जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने कमेंट किया कि मुस्कुराने की कितनी शानदार वजह मिली है, आपको देखकर बहुत अच्छा लगा. धोनी के पोस्ट पर गंभीर का कमेंट View this post on Instagram A post shared by M S Dhoni (@mahi7781) यह भी पढ़ें- कोच साहब… गंभीर के लिए धोनी का खास पोस्ट, तीसरी बार चैंपियन बना इंडिया टीम इंडिया ने बनाए कई रिकॉर्ड  हिंदुस्तान ने न्यूजीलैंड को 96 रन के बड़े अंतर से हराकर अपना खिताब पूरी सफलता के साथ बचा लिया है. इस जीत के साथ ही हिंदुस्तान टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपने घरेलू मैदान पर खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई है. इसके अलावा टीम इंडिया लगातार दो खिताब (2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम भी बन गई है. हिंदुस्तान ने सबसे ज्यादा तीन बार (2007, 2024 और 2026) इस ट्रॉफी को अपने नाम किया है. हिंदुस्तान ने बनाया फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर  न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया. हिंदुस्तान के लिए अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे. अभिषेक और संजू सैमसन के बीच 98 रन की पार्टनरशिप हुई. इसके बाद सैमसन ने ईशान किशन के साथ मिलकर 105 रन की साझेदारी की. ईशान ने 25 गेंदों में 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 54 रन बनाए. अंत में शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 3 चौके और 2 छक्के लगाकर नाबाद 26 रन बनाए. इससे हिंदुस्तान का स्कोर 20 ओवर में 255/5 हो गया, जो फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा टोटल है.  कीवी टीम 159 रन पर ऑल आउट  256 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत काफी खराब रही. अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी के सामने कीवी टीम ने 72 रन पर ही अपने 5 विकेट गंवा दिए. टिम सीफर्ट ने 26 गेंदों में 2 चौके और 5 छक्के की मदद से 52 रन की पारी स्पोर्ट्सी. डेरिल मिचेल ने 17 रन बनाए. कप्तान मिचेल सेंटनर ने 35 गेंदों में 3 चौके और 2 छक्के लगाकर 43 रन जोड़े. लगातार विकेट गिरने के कारण न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑल आउट हो गई. ये भी पढ़ें- उनका बस चले तो खुद… जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर पर क्या कहा? पाजी कभी हंस भी लिया करो, टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद अर्शदीप की मस्ती The post देखकर अच्छा लगा, धोनी के मुस्कान वाले पोस्ट पर गंभीर का रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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IRS से AIR 5 तक! ईशान भटनागर ने दूसरे प्रयास में किया UPSC फतेह

Ishan Bhatnagar AIR 5: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सर्विस एग्जाम देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. यहां हर साल लाखों कैंडिडेट्स अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रयास करते हैं. इसी कॉम्पिटिशन के बीच ईशान भटनागर ने UPSC 2025 में शानदार परफॉर्मेंस करते हुए टॉप रैंक 5 हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने लगातार मेहनत, सही रणनीति और अपने लक्ष्य के प्रति मोटिवेशन से यह एग्जाम पास किया है. आज उनकी उपलब्धि कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है. आइए इनकी जर्नी (Ishan Bhatnagar AIR 5) को करीब से जानते हैं.  Ishan Bhatnagar AIR 5: कौन हैं ईशान भटनागर?  ईशान भटनागर मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं. उनका परिवार पढ़ाई और एडमिनिस्ट्रेटिव फील्ड से जुड़े रहे हैं. उनके पिता अमिताभ भटनागर गुड गवर्नेंस इंस्टीट्यूट में प्रिंसिपल एडवाइजर रह चुके हैं और उनकी माता विनीता भटनागर प्रोफेसर हैं. ऐसे माहौल ने बचपन से ही उन्हें पढ़ाई और एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के प्रति प्रेरित किया है.  कहां से की थी पढ़ाई?  ईशान भटनागर (Ishan Bhatnagar AIR 5) ने अपनी स्कूलिंग भोपाल के दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी की. वे साइंस के स्टूडेंट रहे हैं. उन्होंने 12वीं एग्जाम में 96.2% मार्क्स प्राप्त किए थे. इसके बाद ईशान भटनागर ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), दिल्ली से BA LLB (Hons.) की डिग्री प्राप्त की. लॉ की पढ़ाई के दौरान उन्होंने संवैधानिक (Constitutional) कानून, एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ और Sociology जैसे सब्जेक्ट में रुचि रखते थे.  UPSC की तैयारी और प्रयास  ईशान भटनागर ने अपनी यूपीएससी की तैयारी में धैर्य और लगातार प्रयास से आज AIR 5 हासिल किया है. उन्होंने अपने पहले प्रयास में AIR 276 लाकर IRS (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) पोस्ट के लिए सिलेक्ट हुए. 2025 में अपने दूसरे प्रयास से UPSC AIR 5 हासिल कर लिया. आईआरएस में सिलेक्ट होने के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी और बेहतर रैंक पाने का लक्ष्य निर्धारित किया.  यह भी पढ़ें: चुनौतियों को मात देकर UPSC टॉपर बनीं देव्यांशी कौरा, हासिल की AIR 71 The post IRS से AIR 5 तक! ईशान भटनागर ने दूसरे प्रयास में किया UPSC फतेह appeared first on Naya Vichar.

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सुंदरबन में बाघ से जंग जारी : 5 साल में 21 मौतें, आंकड़े घटे लेकिन खतरा बरकरार

Sundarbans Tiger Attack Deaths: पश्चिम बंगाल के सुंदरबन क्षेत्र में मानव और बाघ के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 5 वर्षों में बाघ के हमलों में 21 लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि, हाल के वर्षों में मौत के आंकड़ों में थोड़ी कमी आयी है, लेकिन खतरा बरकरार है. 2022 में हुई सबसे ज्यादा मौतें वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच बाघ के हमलों में 21 लोगों की मौत हुई है. वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं. इसके बाद 2023 और 2024 में मामलों में कुछ गिरावट आयी, लेकिन बाघ के हमले पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं. रोजी-रोटी के लिए जोखिम उठाते हैं लोग सुंदरबन के कई लोग आज भी जंगल और नदी पर निर्भर हैं. मछली पकड़ना, शहद इकट्ठा करना और लकड़ी लाना यहां के लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है. यही वजह है कि जोखिम जानते हुए भी लोग जंगल में जाते हैं और कई बार बाघ का शिकार बन जाते हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्यों बढ़ता है संघर्ष? विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं, चक्रवात और पर्यावरणीय बदलावों के कारण बाघों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हुआ है. इससे वे अक्सर गांवों की ओर रुख करते हैं. वहीं, जंगल पर बढ़ती लोगों की निर्भरता भी संघर्ष का बड़ा कारण है. इसे भी पढ़ें : सुंदरबन दुनिया का सुंदर क्षेत्र, बंगाल प्रशासन ने नहीं किया इसका विकास, बोले भूपेंद्र यादव क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ? वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के लिए बेहतर निगरानी, जागरूकता अभियान और वैकल्पिक आजीविका के साधन उपलब्ध कराना जरूरी है. साथ ही, जंगल में प्रवेश करने वालों के लिए सख्त नियमों का पालन और सुरक्षा उपाय अनिवार्य होने चाहिए. खत्म नहीं हुआ है खतरा पिछले 2 वर्षों में मौतों की संख्या कुछ कम हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे स्थायी सुधार नहीं माना जा सकता. सुंदरबन का संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र अभी भी मानव-बाघ संघर्ष की चुनौती से जूझ रहा है. इसे भी पढ़ें सुंदरबन के लोगों तक नहीं पहुंच पायेंगे बाघ, लग रहे 300 फिशिंग सेंसर लाइट सुंदरवन में जल्द शुरू होगी बाघों की गिनती, लगेंगे 1,484 कैमरे The post सुंदरबन में बाघ से जंग जारी : 5 साल में 21 मौतें, आंकड़े घटे लेकिन खतरा बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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फिस्टुला में क्षारसूत्र करवाने के बाद किन बातों का रखें ध्यान? जानिए आयुर्वेदिक डॉक्टर विकास की सलाह

Kshar Sutra Care Tips: फिस्टुला (भगंदर) एक ऐसी समस्या है जिसमें गुदा के आसपास एक असामान्य रास्ता बन जाता है. आयुर्वेद में इसका प्रभावी इलाज क्षारसूत्र थेरेपी से किया जाता है. इस उपचार में औषधीय धागे की मदद से फिस्टुला को धीरे-धीरे ठीक किया जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. विकास के अनुसार, क्षारसूत्र करवाने के बाद मरीज को कुछ जरूरी सावधानियां जरूर रखनी चाहिए ताकि घाव जल्दी भरे और संक्रमण से बचाव हो सके. साफ-सफाई का रखें खास ध्यान क्षारसूत्र के बाद गुदा के आसपास की जगह को साफ रखना बहुत जरूरी होता है. डॉक्टर अक्सर गुनगुने पानी से सिट्ज बाथ लेने की सलाह देते हैं. इससे दर्द कम होता है और घाव जल्दी ठीक होता है. कब्ज बिल्कुल न होने दें डॉ. विकास बताते हैं कि कब्ज होने से घाव पर दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ सकता है. इसलिए, फाइबर युक्त भोजन खाएं, ज्यादा पानी पिएं, हरी सब्जियां और फल डाइट में शामिल करें. भारी काम और ज्यादा देर बैठने से बचें क्षारसूत्र के बाद कुछ समय तक भारी वजन उठाने या ज्यादा देर तक बैठने से बचना चाहिए. इससे घाव पर दबाव पड़ सकता है. समय-समय पर ड्रेसिंग और धागा बदलवाएं क्षारसूत्र थेरेपी में डॉक्टर समय-समय पर औषधीय धागा बदलते हैं. इसलिए नियमित फॉलो-अप पर जाना बहुत जरूरी है. मसालेदार और तला-भुना कम खाएं बहुत ज्यादा मसालेदार या तला-भुना खाना पेट में जलन और कब्ज बढ़ा सकता है. इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन लेना बेहतर होता है. डॉक्टर की दवाएं नियमित लें आयुर्वेदिक दवाएं और लेप संक्रमण को कम करने और घाव भरने में मदद करते हैं. इसलिए दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें. यह भी पढ़ें: सुबह खाली पेट पिएं ये जादुई ड्रिंक, 15 दिनों में दिखने लगेगा असर यह भी पढ़ें: जिम जाने की जरूरत नहीं! रात को सोने से पहले करें ये 2 काम, मक्खन की तरह पिघलेगी चर्बी The post फिस्टुला में क्षारसूत्र करवाने के बाद किन बातों का रखें ध्यान? जानिए आयुर्वेदिक डॉक्टर विकास की सलाह appeared first on Naya Vichar.

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बोकारो सिविल कोर्ट को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा व्यवस्था टाइट

बोकारो से मुकेश झा की रिपोर्ट Bomb Threat: झारखंड के बोकारो जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल कोर्ट को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह धमकी कोर्ट के रजिस्ट्रार के आधिकारिक ईमेल पर भेजी गई थी. मेल में दावा किया गया कि न्यायालय परिसर में 14 साइनाइड बम लगाए गए हैं. धमकी भरे इस ईमेल के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. भोर 3:54 बजे आया धमकी भरा ईमेल जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा ईमेल भोर करीब 3:54 बजे भेजा गया था. मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में कई जगहों पर साइनाइड बम लगाए गए हैं और एक निश्चित समय तक परिसर खाली नहीं करने पर बड़ा विस्फोट हो सकता है. इस ईमेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और तमिलनाडु का भी जिक्र किया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी स्पष्ट लिंक की पुष्टि नहीं हो सकी है. एहतियातन खाली कराया गया कोर्ट परिसर बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि इस धमकी की जानकारी सुबह करीब 9 बजे न्यायिक पदाधिकारी के माध्यम से पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया. सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि अनावश्यक भीड़ या आवाजाही को रोका जा सके. पुलिस की कई टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं और पूरे इलाके की गहन जांच की जा रही है. रांची से बुलाई गई जगुआर स्क्वाड टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से जगुआर स्क्वाड टीम को भी बुला लिया गया है. जिला स्तर के प्रशिक्षित जवान और अधिकारी पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं. इसके साथ ही रांची एटीएस के एसपी को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां इस ईमेल की तकनीकी जांच भी कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है. इसे भी पढ़ें: इटखोरी सीओ की दबंगई ने पकड़ा तूल, वीडियो वायरल होने पर बाबूलाल मरांडी ने की निलंबन की मांग मेल में 1 बजे तक परिसर खाली करने की चेतावनी सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में यह भी लिखा गया है कि दोपहर एक बजे तक कोर्ट परिसर खाली कर दिया जाए. अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं. अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी का जल्द पता लगाने की कोशिश की जा रही है. वहीं, कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसे भी पढ़ें: हाईकोर्ट में 4 हफ्ते के लिए टली जमशेदपुर के जेएनसी की सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट से मिल चुका है स्टे The post बोकारो सिविल कोर्ट को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा व्यवस्था टाइट appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव आयोग की बैठक में तृणमूल कांग्रेस का हंगामा, ज्ञानेश कुमार से भिड़ गयी चंद्रमा भट्टाचार्य

मुख्य बातें आयोग के व्यवहार से नाराज दिखी चंद्रिमा भट्टाचार्य क्या सुप्रीम कोर्ट जाना गलत था कितने फेज में हो चुनाव पर चुप रही तृणमूल बंगाल को भाजपा की नजर से देखता है आयोग Election Commission Meeting:कोलकाता. बंगाल में विधानसभा चुनाव को ले कर चुनाव आयोग की आज विभिन्न नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बैठक में विभिन्न नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने उन्हें बैठक में बुलाया तो जरूर, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के साथ बैठक के बाद रवाना हो गया. आयोग के व्यवहार से नाराज दिखी चंद्रिमा भट्टाचार्य चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आयोग के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है. उनका दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें बोलने से मना किया है. चंद्रिमा उनके इस व्यवहार से नाखुश दिखी. चंद्रिमा ने कहा- मैं एक स्त्री हूं और वे मुझे बोलने से मना करते रहे. वास्तव में उन्हें स्त्रीओं के लिए कोई सम्मान नहीं है. इसीलिए वे स्त्रीओं के नाम भी काट रहे हैं. अगर मेरा नाम सूची में नहीं है, तो इसे साबित करना आपकी जिम्मेदारी है. मुझे लाइन में क्यों खड़ा होना पड़ता है. स्त्रीओं पर चिल्लाना आपका काम नहीं है. क्या सुप्रीम कोर्ट जाना गलत था तृणमूल ने एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है. आयोग के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा उठा. चंद्रिमा ने कहा- मैं एसआईआर के बारे में कुछ भी कहूँ, वे कहते हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तो फिर उन्होंने हमें क्यों बुलाया. जब उन्होंने हमें बुलाया था, तो हमें उनकी बात सुननी चाहिए थी. क्या सुप्रीम कोर्ट जाना गलत था. हमने काफी कुछ किया है और सुप्रीम कोर्ट गए हैं. क्यों न जाएँ, जनता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है. कितने फेज में हो चुनाव पर चुप रही तृणमूल चुनाव कितने चरण में हो इस सवाल का जवाब देने से तृणमूल नेताओं ने परहेज किया. उन्होंने कहा- यह मतदान के दौरों पर चर्चा करने का स्थान नहीं है. तृणमूल प्रतिनिधिमंडल में शामिल फिरहाद हकीम ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा-भाजपा के पैर तले ज़मीन नहीं है. वे राज्य को बर्बाद कर रहे हैं. उन्होंने निर्दोष लोगों को SIR की कतार में खड़ा कर दिया है. उनकी वजह से कई लोगों की मौत हो चुकी है. बंगाल की अन्य समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल को भाजपा की नजर से देखता है आयोग तृणमूल प्रतिनिधिमंडल में शामिल फिरहाद हकीम ने कहा- भाजपा ने यह धारणा बना रखी है कि बंगाल रोहिंग्याओं और घुसपैठियों का अड्डा है. इसी के अनुरूप आयोग ने नीति बनाई है, लेकिन दो महीने की इस प्रक्रिया में आपको इसका कोई सबूत नहीं मिला. इसके बजाय, आपने हिंदुस्तानीय नागरिकों को परेशान किया है. सैकड़ों मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है. इतने सारे लोग अपनी नौकरी छोड़कर कतारों में खड़े हैं, सिर्फ अपनी नागरिकता साबित करने के लिए. यह आयोग की गलती है. Also Read: चुनाव आयोग की बैठक: भाजपा ने रखीं 16 सूत्री मांगें, सीपीएम चाहती है दो चरणों में मतदान The post चुनाव आयोग की बैठक में तृणमूल कांग्रेस का हंगामा, ज्ञानेश कुमार से भिड़ गयी चंद्रमा भट्टाचार्य appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव : बीजेपी ने 3 राज्यों में नियुक्त किया सेंट्रल ऑब्जर्वर, बिहार की जिम्मेदारी किसे मिली

Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक किलाबंदी तेज कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों का एलान कर दिया है. बिहार की कमान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री के हाथों में सौंपी गई है. राज्यसभा चुनाव: बिहार, हरियाणा और ओडिशा के लिए भाजपा ने नियुक्त किए सेंट्रल ऑब्जर्वर 16 मार्च को होगा राज्यसभा चुनाव राज्यसभा चुनाव के तहत 16 मार्च को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में मतदान होना है. इन राज्यों में नेतृत्वक समीकरण काफी दिलचस्प माने जा रहे हैं. हरियाणा और ओडिशा में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया है, जबकि बिहार में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है. बिहार के लिए दो सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त भाजपा नेतृत्व ने बिहार के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है. इनमें छत्तीसगढ़ प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्र प्रशासन में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा शामिल हैं. पार्टी का मानना है कि दोनों नेताओं का संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक समझ चुनावी प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संचालित करने में मदद करेगा. हरियाणा और ओडिशा के लिए भी तय हुई जिम्मेदारी हरियाणा के लिए गुजरात प्रशासन के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है. वहीं ओडिशा में महाराष्ट्र प्रशासन के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. भाजपा नेतृत्व का कहना है कि इन नेताओं के अनुभव से चुनावी प्रबंधन मजबूत होगा. रणनीति और अनुशासन पर रहेगा फोकस भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन नियुक्तियों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी की रणनीति, समन्वय और अनुशासन को प्रभावी तरीके से लागू करना है. इन राज्यों में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है और क्रॉस वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में पार्टी ने सेंट्रल ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश की है. Also Read: मंदिर में भजन गाते-गाते अचानक फूट-फूटकर रोने लगीं मैथिली ठाकुर, कहा- पता नहीं क्या हो रहा The post राज्यसभा चुनाव : बीजेपी ने 3 राज्यों में नियुक्त किया सेंट्रल ऑब्जर्वर, बिहार की जिम्मेदारी किसे मिली appeared first on Naya Vichar.

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