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March 9, 2026

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पाजी कभी हंस भी लिया करो, टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद अर्शदीप की मस्ती

Highlights गंभीर के साथ अर्शदीप का मजाक  सैमसन को मिला उनका ‘जस्टिस’ विराट और अफरीदी के क्लब में शामिल संजू Arshdeep Singh Video: हिंदुस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) का अपना खिताब बचाकर क्रिकेट के मैदान पर इतिहास रच दिया है. हिंदुस्तान लगातार अपना खिताब बचाने वाली इकलौती टीम बन गई है. इस बड़ी जीत के बाद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) ने इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो शेयर किए हैं. इन रील में वह हिंदुस्तानीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और टी20 वर्ल्ड कप के हीरो संजू सैमसन (Sanju Samson) के साथ जीत का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं. गंभीर के साथ अर्शदीप का मजाक  अर्शदीप सिंह ने अपने पहले इंस्टाग्राम रील में हेड कोच गौतम गंभीर के साथ मस्ती की. उन्होंने कैमरे के सामने गंभीर से कहा, “पाजी कभी हंस भी लिया करो.” अर्शदीप की इस बात पर गंभीर के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान आ गई. गंभीर को मैदान पर हमेशा शांत माना जाता है. उनका यह मुस्कान वाला रूप बहुत कम देखने को मिलता है. अर्शदीप ने इस खास पल को अपने फैंस के साथ शेयर किया है. View this post on Instagram A post shared by Arshdeep Singh (@_arshdeep.singh__) सैमसन को मिला उनका ‘जस्टिस’ अर्शदीप ने अपने दूसरे रील में संजू सैमसन को दिखाया. इसमें उन्होंने सैमसन से कहा, “पाजी, जस्टिस मिल गया.” इंटरनेट पर फैंस लंबे समय से सैमसन को टीम में सही मौके देने की मांग कर रहे थे. अर्शदीप ने इसी बात की तरफ इशारा किया. सैमसन ने इस वर्ल्ड कप में कमाल का स्पोर्ट्स दिखाया. उन्होंने केवल पांच पारियों में 80.25 की औसत से 321 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 199.37 का रहा. सैमसन ने टूर्नामेंट में 27 चौके और 24 छक्के लगाए. वह इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बनकर सामने आए. View this post on Instagram A post shared by Arshdeep Singh (@_arshdeep.singh__) विराट और अफरीदी के क्लब में शामिल संजू संजू सैमसन ने अपने स्पोर्ट्स से कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. वह एक टी20 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है. कोहली ने 2014 के वर्ल्ड कप में 319 रन बनाए थे. सैमसन अब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मैचों में फिफ्टी लगाने वाले खास बल्लेबाजों की लिस्ट में आ गए हैं. इस लिस्ट में पहले से सिर्फ विराट कोहली और शाहिद अफरीदी का नाम था. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में किसी भी हिंदुस्तानीय द्वारा सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है. उन्होंने वेस्टइंडीज के मार्लोन सैमुअल्स और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के 85 रन के रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है. ये भी पढ़ें- घर चलो फिर बताती हूं, रोहित-रितिका की लड़ाई पर फैंस का फनी रिएक्शन बाप रे बाप! नहीं देख पाएंगे ईशान और उनकी गर्लफ्रेंड का ये वीडियो, आंखें मूंद लेंगे उतनी हॉट है माहिका का डांस देकर माथा पकड़ लेंगे आप The post पाजी कभी हंस भी लिया करो, टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद अर्शदीप की मस्ती appeared first on Naya Vichar.

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क्या है क्लस्टर बम? ईरान के इस हथियार से कांप उठा है इजरायल, आयरन डोम भी कन्फ्यूज

Cluster Bombs: 5 मार्च को मध्य इजरायल के आसमान में कई जलते हुए प्रोजेक्टाइल दिखाई दिए. यह कोई आम हमला नहीं था. इजरायल का दावा है कि यह बॉम्बलेट थे. इनमें से एक मध्य इजरायल के अजोर शहर में एक घर पर गिरा, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा. इजरायली विश्लेषकों का कहना है कि यह दृश्य क्लस्टर हथियारों के इस्तेमाल से मेल खाता है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. इसके बावजूद इजरायल का कहना है कि ईरानी मिसाइल हमलों के दौरान क्लस्टर हथियारों का ही उपयोग किया गया. घटना के बाद इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के बाद जमीन पर पड़े किसी भी संदिग्ध या बिना फटे उपकरण के पास न जाएं और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दें. इजरायली सेना का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इन हथियारों का कई बार उपयोग किया गया है. उनके अनुसार, अगर इन्हें आबादी वाले इलाकों की ओर दागा गया है तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का संभावित उल्लंघन हो सकता है. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के प्रवक्ता नादेव शोशानी ने कहा कि अगर ऐसे हथियार नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं तो इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है. क्लस्टर बम क्या होते हैं? क्लस्टर बम ऐसे हथियार होते हैं, जो एक बड़े विस्फोट की जगह हवा में फटकर कई छोटे-छोटे विस्फोटक उपकरण फैला देते हैं. इन्हें सबम्यूनिशन या बॉम्बलेट कहा जाता है. क्लस्टर हथियार का वारहेड हवा में खुल जाता है और दर्जनों छोटे विस्फोटक उपकरण बड़े इलाके में फैल जाते हैं, जो जमीन से टकराते ही फट सकते हैं. सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक इनका उद्देश्य युद्ध के मैदान में फैले वाहनों, सैन्य उपकरणों या सैनिकों को एक साथ बड़े क्षेत्र को निशाना बनाना होता है. कई बार ये सैन्य और नागरिक लक्ष्यों के बीच अंतर नहीं कर पाते. The Iranian Terror Regime is attacking Israel using ballistic missiles with cluster munition warheads. While in the air, these missiles release dozens of small bombs that disperse over a wide radius. These weapons are designed to inflict indiscriminate damage to as many… pic.twitter.com/18mmWD2SLh — Israel War Room (@IsraelWarRoom) March 5, 2026 हवा में फटकर फैलते और युद्ध के तरीके को बदल देते हैं इजरायली डिफेंस फोर्स के अनुसार ऐसी मिसाइलों का वारहेड नीचे आते समय हवा में खुल जाता है और लगभग आठ किलोमीटर के दायरे में करीब 20 छोटे विस्फोटक उपकरण फैला देता है. इनमें से प्रत्येक में लगभग 2.5 किलोग्राम विस्फोटक हो सकता है, जो जमीन से टकराने पर विस्फोट करता है. इस वजह से एक ही मिसाइल कई छोटे धमाकों में बदलकर बड़े इलाके को प्रभावित कर सकती है. सामान्य मिसाइलों के विपरीत, जो एक ही स्थान पर बड़े विस्फोट के साथ फटती हैं, क्लस्टर हथियार हवा में खुलकर दर्जनों छोटे बॉम्बलेट अलग-अलग दिशाओं में बिखेर देते हैं. सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि इससे युद्ध की प्रकृति बदल जाती है, क्योंकि एक स्थान पर विस्फोट होने की बजाय कई जगहों पर छोटे-छोटे धमाके होते हैं. इसके कारण नागरिकों के हताहत होने का खतरा बढ़ जाता है और बुनियादी ढांचे को भी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है. इजरायली अधिकारियों के अनुसार ईरान द्वारा दागी गई एक मिसाइल में सामान्य विस्फोटक की जगह क्लस्टर वारहेड लगाया गया था. सेना के मुताबिक वारहेड जमीन से लगभग सात किलोमीटर की ऊंचाई पर फटा, जिसके बाद करीब आठ किलोमीटर के क्षेत्र में लगभग 20 छोटे बॉम्बलेट गिर गए. इजरायली विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान को इन मिसाइलों के विकास में बाहरी सहायता मिली होगी. कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि सैन्य तकनीक के हस्तांतरण में रूस या चीन की भूमिका हो सकती है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता. Iranian ballistic missile with a cluster bomb warhead flying over Israel. By definition, cluster bombs indiscriminately target civilians. pic.twitter.com/QQPz7BIgdH — Israel War Room (@IsraelWarRoom) March 9, 2026 हमले की वजह से घर को पहुंचा नुकसान 🚨🇮🇱 JUST IN: Israeli emergency services MDA try to hide the destruction from Iranian cluster bombs. It’s time to leave the land. The sooner the better. pic.twitter.com/tWFrXJWLT4 — Jvnior (@Jvnior) March 5, 2026 बिना फटे बॉम्बलेट का खतरा इन हथियारों को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि कई बार इनके सभी बॉम्बलेट तुरंत नहीं फटते और कुछ जमीन पर पड़े रह जाते हैं. ये छिपे हुए लैंडमाइन की तरह लंबे समय तक खतरनाक बने रह सकते हैं. ऐसे बिना फटे विस्फोटक लंबे समय तक खतरनाक बने रहते हैं और बाद में आम लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं, क्योंकि कोई व्यक्ति अनजाने में इन्हें छू सकता है और विस्फोट हो सकता है. युद्ध समाप्त होने के कई साल बाद भी ये नागरिकों और राहतकर्मियों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं. यही कारण है कि मानवाधिकार संगठन लंबे समय से इन हथियारों के इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताते रहे हैं. ये भी पढ़ें:- हमले नहीं रुके तो ईरान को होगा ‘सबसे बड़ा नुकसान’… सऊदी ने दी फाइनल वॉर्निंग मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती क्लस्टर वारहेड,  कैसे बढ़ाते हैं मुश्किल? क्लस्टर हथियार मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए भी जटिल स्थिति पैदा कर देते हैं. उदाहरण के तौर पर आयरन डोम जैसी प्रणाली आमतौर पर एक आने वाले रॉकेट या प्रोजेक्टाइल को ट्रैक करने के लिए बनाई गई है. अगर, उसी रॉकेट में क्लस्टर वारहेड लगा हो, तो उड़ान के अधिकांश समय तक वह एक ही लक्ष्य की तरह दिखाई देता है. आयरन डोम का टामीर इंटरसेप्टर प्रॉक्सिमिटी फ्यूज का इस्तेमाल करता है, जो लक्ष्य के पास पहुंचते ही विस्फोट कर मिसाइल को छर्रों से नष्ट करने की कोशिश करता है. अगर मिसाइल को समय रहते रोक लिया जाए, तो उसके भीतर मौजूद क्लस्टर सबम्यूनिशन हवा में ही नष्ट हो सकते हैं. इससे उनके जमीन पर गिरने और फैलने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि क्लस्टर वारहेड मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए चुनौती बढ़ा देते हैं, क्योंकि एक बार छोटे बॉम्बलेट बड़े क्षेत्र में फैल जाएं तो उन्हें अलग-अलग

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चुनाव आयोग की बैठक: भाजपा ने रखीं 16 सूत्री मांगें, सीपीएम चाहती है दो चरणों में मतदान

मुख्य बातें भाजपा ने रखी 16 सूत्री मांगें मतदान लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुआ! कांग्रेस ने सुरक्षा पर उठाया सवाल सबसे पहले पहुंचे भाजपा के प्रतिनिधि Election Commission Meeting: कोलकाता. बंगाल में विधानसभा चुनाव को ले कर चुनाव आयोग की आज विभिन्न नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बैठक में भाजपा ने जहां राज्य की कानून व्यवस्था पर अविश्वास जताया और अपनी 16 सूत्री मांगे रखीं, वहीं माकपा के प्रतिनिधियों ने विधानसभा चुनाव अधिकतम दो चरणों में संपन्न कराने का आग्रह किया. सीपीएम के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक चरण में मतदान हो तो बेहतर. अधिकतम दो चरणों में मतदान से भी कोई आपत्ति नहीं है. सीपीएम प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर पर आयोग की बैठक में अपना गुस्सा जाहिर किया. सलीम ने खुलकर कहा- हम जानना चाहते हैं कि आयोग ने मतदाता सूची तैयार करते समय लोगों को अपना दुश्मन क्यों बनाया. इसने जनता के खिलाफ जंग क्यों छेड़ी. चुनाव आयोग यातना आयोग क्यों बन गया. उन्हें मतदान से पहले अपनी गरिमा बनाए रखनी होगी. भाजपा ने रखी 16 सूत्री मांगें भाजपा प्रतिनिधिमंडल 16 मांगों के साथ आयोग की पूर्ण पीठ के समक्ष आया है. इस सूची में केंद्रीय बलों के उचित उपयोग से लेकर शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने और धांधली रोकने तक की मांगें शामिल हैं. शिशिर बाजोरिया ने कहा- हम राज्य पुलिस की भूमिका से नाखुश हैं. हमने इस बारे में आयोग को सूचित कर दिया है. हम चाहते हैं कि हर बूथ पर केंद्रीय बलों की मदद से मतदान कराया जाए. वेब कैमरे होने चाहिए. अगर कहीं कैमरा खराब हो जाता है, तो मतदान रोक दिया जाए या फिर से चुनाव कराया जाए. बूथ में प्रवेश करने से पहले हर व्यक्ति की पहचान सत्यापित की जानी चाहिए. वहां कोई पुलिस या पार्टी एजेंट मौजूद नहीं होगा. आयोग का लक्ष्य हिंसा-मुक्त और शांतिपूर्ण मतदान कराना है. हमने कहा है कि हम इसमें हर संभव सहायता प्रदान करेंगे. मतदान लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुआ! बैठक के बाद तापस रॉय ने कहा-कई राज्यों में लोकतांत्रिक तरीके से मतदान नहीं हुआ है. इन राज्यों में लोकतंत्र को पुनर्जीवित करना आयोग की जिम्मेदारी है. ममता और उनकी टीम अभी भी डर दिखा रही है. ज्ञानेश कुमार की उंगली काटना संविधान की उंगली काटने के बराबर है. तृणमूल को बहुत बड़ा झटका लगा है. हम हिंसा-मुक्त, भय-मुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव चाहते हैं. भाजपा प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के साथ बैठक में एसआईआर पर कोई चर्चा नहीं हुई. केवल चुनाव की स्थिति पर ही बात हुई. जगन्नाथ चटर्जी ने कहा- हमने एसआईआर पर चर्चा नहीं की. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक मामला चल रहा है. अदालत जो भी फैसला लेगी, हम उसे मानने के लिए बाध्य हैं. आज बैठक में केवल मतदान पर चर्चा हुई. हमने अपनी असंतुष्टि व्यक्त की है. कांग्रेस ने सुरक्षा पर उठाया सवाल कांग्रेस को सुरक्षा चाहिए, चरणबद्ध मतदान नहीं. आयोग के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा- चाहे एक चरण हो, दो चरण हों या तीन चरण हों – हमें सुरक्षा चाहिए. आयोग यह सुनिश्चित करे कि मतदान निष्पक्ष रूप से हो. अगर मतदान एक ही चरण में हो जाए तो हमें खुशी होगी, लेकिन सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. मैंने आयोग को यह बात स्पष्ट कर दी है. पश्चिम बंगाल की अन्य समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सबसे पहले पहुंचे भाजपा के प्रतिनिधि बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर आयी चुनाव आयोग की पूरी बेंच आज नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विधानसभा चुनाव पर विचार-विमर्श किया. बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अन्य दो आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद हैं. बैठक के लिए सबसे पहले भाजपा के प्रतिनिधि पहुंचे. इनमें शिशिर बाजोरिया, तापस रॉय और जगन्नाथ चटर्जी शामिल थे. तृणमूल की ओर से फिरहाद हकीम, राजीव कुमार और चंद्रिमा भट्टाचार्य आयोग की बैठक में शामिल हैं. सीपीएम के प्रतिनिधि भी बैठक में पहुंचे. पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के अलावा, अफरीन बेगम और शामिक लाहिड़ी भी मौजूद हैं. तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक राजीव कुमार आयोग की बैठक में आये हैं. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में आशुतोष चटर्जी और प्रदीप भट्टाचार्य हैं. Also Read: कोलकाता के कालीघाट पहुंचे चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की मंदिर में पूजा, बाहर लगते रहे वापस जाओ के नारे The post चुनाव आयोग की बैठक: भाजपा ने रखीं 16 सूत्री मांगें, सीपीएम चाहती है दो चरणों में मतदान appeared first on Naya Vichar.

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बंगाली शादी में क्यों पहनते हैं दूल्हा-दुल्हन सफेद मुकुट, जानिए कारण

Bengali Wedding Crown: हिंदुस्तान में हर राज्य की शादी की अपनी अलग परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं. बंगाली शादी भी अपनी खास परंपराओं, सजावट और रस्मों के लिए जानी जाती है. बांग्लार_घोरेबैरे ने अपने इंस्टाग्राम के पेज पर एक पोस्ट को साझा करते हुए ये बताया है कि इस मुकुट को कैसे बनाया जाता है और ये क्यों पहना जाता है. आपने अक्सर देखा होगा कि बंगाली शादी में दूल्हा और दुल्हन दोनों सिर पर एक खास तरह का मुकुट पहनते हैं. दूल्हे के मुकुट को टोपर और दुल्हन के मुकुट को मुकुट कहा जाता है. यह सिर्फ सजावट के लिए नहीं होता, बल्कि इसके पीछे गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यता भी जुड़ी हुई है. बंगाली शादी में मुकुट पहनने की परंपरा बंगाली विवाह में दूल्हे द्वारा पहना जाने वाला टोपर आमतौर पर शोलापिथ (एक हल्के सफेद पौधे से बनने वाली सामग्री) से बनाया जाता है. यह हल्का, सुंदर और पारंपरिक डिजाइन वाला होता है. वहीं दुल्हन के लिए भी इसी तरह का सुंदर मुकुट बनाया जाता है. शादी के दौरान यह मुकुट पहनना शुभ माना जाता है और इसे विवाह का महत्वपूर्ण हिस्सा समझा जाता है. इस पूरे मुकुट को हाथों से तैयार किया जाता है. View this post on Instagram A post shared by banglar_ghorebaire (@banglar_ghorebaire) मुकुट पहनने के पीछे का कारण शुभता और पवित्रता का प्रतीक बंगाली संस्कृति में टोपर और मुकुट को शुभता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इसे पहनने से दूल्हा-दुल्हन को बुरी नजर से बचाव मिलता है और उनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. भगवान का आशीर्वाद पाने की मान्यता कुछ मान्यताओं के अनुसार शादी के समय दूल्हा-दुल्हन को भगवान का स्वरूप माना जाता है. इसलिए उन्हें मुकुट पहनाया जाता है, जो सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक है. पारंपरिक पहचान बंगाली शादी की पहचान ही इन खास मुकुटों से होती है. यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी लोग इसे पूरे सम्मान के साथ निभाते हैं. सौंदर्य और शाही लुक टोपर और मुकुट दूल्हा-दुल्हन को शाही और आकर्षक रूप देते हैं. इससे उनकी शादी की पोशाक और भी खूबसूरत लगती है और पूरा लुक पारंपरिक बन जाता है. यह भी पढ़ें: रिश्तेदार या दोस्त की शादी में लगाएं ये लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन यह भी पढ़ें: आखिर बिहार की शादियों में क्यों बनाया जाता है कोहबर? जानिए इसकी खास वजह The post बंगाली शादी में क्यों पहनते हैं दूल्हा-दुल्हन सफेद मुकुट, जानिए कारण appeared first on Naya Vichar.

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डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपया पस्त, आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ

Crude Oil Price Impact on Rupee: सोमवार का दिन हिंदुस्तानीय इकॉनमी के लिए थोड़ी चिंता लेकर आया है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हिंदुस्तानीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time low) पर जा गिरा है. बाजार खुलते ही रुपया 92.20 के स्तर पर था, जो देखते ही देखते 92.52 तक पहुंच गया है. क्यों टूट रहा है रुपया? रुपये की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उछाल है. सोमवार को कच्चे तेल के दाम करीब 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, जिसके लिए उसे डॉलर में पेमेंट करना पड़ता है. तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ गई है, जिससे रुपया कमजोर हो रहा है. क्या बढ़ जाएगी महंगाई? एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब रुपया गिरता है, तो विदेशों से सामान मंगाना महंगा हो जाता है. चूंकि हिंदुस्तान कच्चे तेल का बड़ा इम्पोर्टर है, इसलिए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. अगर ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ, तो फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को डरा दिया है, जिससे वे सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं. आरबीआई (RBI) क्या कदम उठाएगा? अब सबकी नजरें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पर टिकी हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर रुपये में गिरावट इसी तरह जारी रही, तो आरबीआई दखल दे सकता है. आरबीआई अपने डॉलर भंडार का इस्तेमाल करके बाजार में उतार-चढ़ाव को कम करने की कोशिश करेगा. फिलहाल बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात और सप्लाई चेन ठीक नहीं होती, तब तक रुपये पर यह दबाव बना रह सकता है. ये भी पढ़ें: Asian Market Crash: तेल ने बिगाड़ा स्पोर्ट्स, एशियाई शेयर मार्केट धड़ाम The post डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपया पस्त, आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ appeared first on Naya Vichar.

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MAMC से MBBS करने का सपना होगा पूरा, जानें एडमिशन और कोर्स डिटेल

MAMC Delhi Admission: देश में मेडिकल पढ़ाई की जब भी बात होती है, तो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली (MAMC Delhi) का नाम प्रमुख इंस्टीट्यूट में लिया जाता है. New Delhi के मध्य स्थित यह कॉलेज सालों से मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च और बेहतर हेल्थ सर्विस के लिए जाना जाता है. यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मॉडर्न लैब्स, छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, बड़े टीचिंग हॉस्पिटल और अनुभवी डॉक्टरों के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलता है. यही कारण है कि यह इंस्टीट्यूट न केवल डॉक्टर तैयार करने में बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. आइए जानते हैं कि यहां (MAMC Delhi) एडमिशन कैसे मिलता है, कोर्स और प्लेसमेंट के क्या ऑप्शन मौजूद है.  MAMC Delhi Admission: एडमिशन प्रोसेस  मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए स्टूडेंट्स को नेशनल लेवल की एंट्रेंस एग्जाम NEET UG पास करना होता है. यह एग्जाम पूरे हिंदुस्तान में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS व अन्य कोर्स में एडमिशन के लिए कंडक्ट कराई जाती है.  NEET में मिले मार्क्स के बेसिस पर काउंसलिंग प्रोसेस होती है. काउंसलिंग के दौरान रैंक, कैटेगरी और सीट के आधार पर छात्रों को कॉलेज अलॉट किया जाता है. आमतौर पर MBBS में एडमिशन के लिए NEET में बेहतरीन स्कोर लाना जरूरी माना जाता है. यहां एडमिशन (MAMC Delhi) लेने के लिए कैंडिडेट्स को NEET-UG एग्जाम में क्वालिफाई करना अनिवार्य है.  उपलब्ध कोर्स  MAMC Delhi कॉलेज में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े कई अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कराए जाते हैं. यहां स्टूडेंट्स को मॉडर्न फैसिलिटी और अनुभवी फैकल्टी के जरिए पढ़ाई का अवसर मिलता है. नीचे कोर्स के नाम दिए गए हैं-  MBBS MD MS DM MCh   अन्य कोर्स कैसे नर्सिंग और पैरामेडिकल  MAMC Delhi MBBS Course Details Check Here प्लेसमेंट डिटेल्स  Maulana Azad Medical College में मुख्य रूप से इंटर्नशिप और रेजिडेंसी के माध्यम से करियर की शुरुआत होती है. MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट्स को एक साल का इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है. इस दौरान स्टूडेंट्स को लगभग 23,000 से 25,000 प्रति माह तक स्टाइपेंड मिलता है. PG (MD/MS) के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर को लगभग 80,000 से 1,15,000 प्रति माह तक स्टाइपेंड या सैलरी मिल सकती है. NIRF रिपोर्ट के अनुसार MBBS ग्रेजुएट के लिए मीडियन सैलरी लगभग 15.23 लाख प्रति वर्ष बताई गई है. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस या पीजी करने वाले छात्रों के लिए प्रशासनी और प्राइवेट हॉस्पिटल में करियर के कई अच्छे अवसर मिलते हैं.  यह भी पढ़ें: देश का नंबर 1 है ये मेडिकल कॉलेज, जहां पढ़ने का सपना देखते हैं लाखों स्टूडेंट्स The post MAMC से MBBS करने का सपना होगा पूरा, जानें एडमिशन और कोर्स डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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ईरान ने भारत को क्यों कहा थैंक्स, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बताया

Rajya Sabha : विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वेस्ट एशिया में हो रहे घटनाक्रम हम सभी के लिए गहरी चिंता का कारण हैं. हमारा मानना है कि सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और विचार-विमर्श किया जाना चाहिए. संघर्ष शुरू होने के बाद से हिंदुस्तान प्रशासन वहां के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says,” The Indian Embassy has facilitated the relocation of several Indian students in Tehran to places outside. Indian nationals in Iran on business were facilitated to cross over to Armenia to return to India. Our… pic.twitter.com/zmMDEesmYn — ANI (@ANI) March 9, 2026 तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान में हिंदुस्तानीय दूतावास ने कई हिंदुस्तानीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद की. ईरान में व्यापार में लगे हिंदुस्तानीय नागरिकों को अर्मेनिया के रास्ते हिंदुस्तान लौटने में सुविधा दी गई. तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव और हाई अलर्ट पर है. इस समय हम हिंदुस्तानीय समुदाय का पूरा समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says,” Contacts with Iran at the leadership level are obviously difficult at this time….Iran’s foreign minister has expressed his country’s thanks to India for this human gesture of permitting the Iranian warship Lavan… pic.twitter.com/5HrQnE684k — ANI (@ANI) March 9, 2026 ईरान के विदेश मंत्री ने हिंदुस्तान का धन्यवाद किया जयशंकर ने कहा कि उस समय ईरान के नेतृत्व से सीधे संपर्क करना मुश्किल था. ईरान के विदेश मंत्री ने हिंदुस्तान का धन्यवाद किया कि हमने ईरानी युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी. इस कदम की तेहरान ने सराहना की.्र यह भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट संकट के चलते 100 उड़ानें रद्द, हिंदुस्तानीय यात्री परेशान जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान शांति, बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थक है. हिंदुस्तान मौजूदा परिस्थितियों में तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है. The post ईरान ने हिंदुस्तान को क्यों कहा थैंक्स, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बताया appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video : मैदान में गूंजा शोर- ईशान को बॉलिंग दो, फैंस की डिमांड पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार रिएक्शन

Viral Video : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को tarang.uncut नाम के यूजर ने भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया- Namo Stadium crowd has no chill. वीडियो में नजर आ रहा है कि फैंस ईशान किशन को बॉलिंग देने की मांग कर रहे हैं. फैंस के सामने मैदान पर खुद ईशान खड़े हैं. भीड़ चिल्ला रही है कि ईशान को बॉलिंग दो..इतना सुनने के बाद ईशान सामने अपने खिलाड़ियों को कुछ इशारा करते वीडियो में नजर आ रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि वे फैंस का मैसेज आगे कैप्टन के पास पहुंचा रहे हैं. इशारा करने के बाद वे बॉलिंग करने का एक्शन करते दिख रहे हैं. आप भी देखें ये मजेदार वीडियो. View this post on Instagram A post shared by Tarang (@tarang.uncut) यह भी पढ़ें : विश्व चैंपियन बना हिंदुस्तान, लगाई रिकॉर्ड की लाइन, ऐसा करने वाली पहली टीम बनी ईशान किशन ने पकड़े तीन कैच 8 मार्च को स्पोर्ट्से गए मैच में सबसे ज्यादा चर्चा ईशान किशन के एक शानदार कैच की हो रही है. बाउंड्री के पास उन्होंने ऐसा कमाल का कैच पकड़ा कि हर किसी की नजर वहीं ठहर गई. स्टेडियम में बैठे फैंस भी हैरान रह गए. मैच में ईशान का जलवा सिर्फ इस एक कैच तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार फील्डिंग की और न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. इस खिताबी मैच में ईशान ने कुल तीन अहम कैच पकड़े. यह भी पढ़ें : पीएम मोदी ने हिंदुस्तान को टी20 विश्व कप खिताब जीतने पर बधाई दी The post Viral Video : मैदान में गूंजा शोर- ईशान को बॉलिंग दो, फैंस की डिमांड पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग, पोस्टर लगे- ‘बिहार का CM सिर्फ चिराग हो’

Bihar Politics: ‘ना दंगा हो, ना फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो.’ पटना की सड़कों पर लोजपा (रामविलास) की तरफ से पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की जा रही है. दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. ऐसे में बिहार के अगले सीएम कौन होंगे, इसकी चर्चा तेज हो गई है. पोस्टर में क्या लिखा गया? पटना में चिराग पासवान को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है- ‘सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल. मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज. बिहार मांगे चिराग. अब वक्त आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का. एनडीए की होगी प्रशासन, सीएम होगा सिर्फ चिराग, सिर्फ चिराग.’ इस पोस्टर को जिलाध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगाया गया है. पहले भी चिराग को सीएम बनाने की हुई थी मांग यह पहली बार नहीं है जब चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग लोजपा (रामविलास) की तरफ से की गई है. जमुई के सांसद और चिराग के जीजाजी अरुण हिंदुस्तानी भी कह चुके हैं कि वे चिराग पासवान को बिहार के मुखिया के तौर पर देखना चाहते हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि यह गठबंधन का फैसला होगा. इस बीच चिराग पासवान को सीएम बनाने की मांग जोर पकड़ चुकी है. इन नेताओं के नाम की भी हो रही चर्चा सीएम नीतीश कुमार की तरफ से राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन करने के बाद बिहार के अगले सीएम को लेकर कई प्रमुख नेताओं के नाम की चर्चा शुरू हो गई थी. इनमें बीजेपी से सबसे आगे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम लिया जा रहा था. इनके अलावा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और नीतीश मिश्रा के नाम शामिल थे. जबकि जेडीयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार के नाम की चर्चा हो रही थी. इसके अलावा स्त्री मुख्यमंत्री में श्रेयसी सिंह और गायत्री देवी के नाम की चर्चा हो रही थी. इतना ही नहीं, सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को ही जेडीयू ज्वाइन किया, जिसके बाद जेडीयू के कार्यकर्ता उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं. इन संभावित नामों की लिस्ट में अब चिराग पासवान का नाम भी शामिल हो गया है. ऐसे में एनडीए गठबंधन के फैसले का इंतजार है. Also Read: बिहार में 542 करोड़ की लागत से बनेगा इन दो म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल, मिलेंगी नई-नई सुविधाएं भी The post चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग, पोस्टर लगे- ‘बिहार का CM सिर्फ चिराग हो’ appeared first on Naya Vichar.

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तमिलनाडु की बेटी बनीं UPSC में महिला टॉपर, इस मंदिर को लेकर इंटरव्यू में पूछा गया था सवाल 

UPSC Topper: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक पर इस बार स्त्री ने बाजी मारी है. हम बात कर रहे हैं राजेश्वरी सुवे एम की, जिन्होंने 7 सालों की लंबे संघर्ष के बाद UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की. इसी के साथ राजेश्वरी यूपीएससी सीएसई 2026 के रिजल्ट में टॉप 5 में जगह बनाने वाली इकलौती स्त्री कैंडिडेट बन गईं. आइए, जानते हैं राजेश्वरी की सक्सेस स्टोरी (Success Story), जिन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल करके इतिहास रच दिया है. कहां की रहने वाली हैं राजेश्वरी? राजेश्वरी मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै की रहने वाली हैं. उनके पिता बिजनेसमैन हैं और उनकी मां मैथ्स की प्रोफेसर हैं. वहीं उनके भाई MBBS कर रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान जब राजेश्वरी से पूछा गया कि यूपीएससी उनके लिए किसी इत्तेफाक जैसा है या प्लान्ड सफलता है तो उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को पास करने के लिए मैंने लगातार मेहनत की है. कहां से हुई पढ़ाई-लिखाई? राजेश्वरी सुवे एम ने साल 2018 में अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. यूपीएससी से पहले उन्होंने टीएनपीएससी (TNPSC) ग्रुप-I परीक्षा में भी टॉप किया था और वर्तमान में वह डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. मंदिर को लेकर पूछा गया सवाल राजेश्वरी से UPSC मॉक इंटरव्यू में तमिलनाडु के कल्चर और मंदिर को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिसमें से एक मीनाक्षी टेंपल से जुड़ा सवाल था. साथ ही उनसे डिप्टी कलेक्टर होने के नाते कुछ सिचुएशन बेस्ड सवाल भी पूछे गए थे. राजेश्वरी से पूछा गया कि डिप्टी कलेक्टर की क्या भूमिका (Roles of Deputy Collector) होती है. वहीं उनसे पूछा गया था कि आजादी के बाद हिंदुस्तान में कौन -कौन से बड़े सामाजिक बदलाव आए. इस पर राजेश्वरी ने कहा कि गरीबी रेखा में बदलाव हुआ है, भुखमरी की समस्या पर भी हिंदुस्तान ने काबू पाया है और साथ ही हर फील्ड में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ी है. टॉप 5 में आने वाली इकलौती स्त्री बनीं यूपीएससी ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है. इस बार कुल 958 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं. इनमें से टॉप 5 में आने वाली राजेश्वरी पहली स्त्री हैं. ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री हैं. यह भी पढ़ें- समस्तीपुर के लाल ने किया कमाल! पहले IIT से गोल्ड मेडल फिर UPSC में लहराया परचम  The post तमिलनाडु की बेटी बनीं UPSC में स्त्री टॉपर, इस मंदिर को लेकर इंटरव्यू में पूछा गया था सवाल  appeared first on Naya Vichar.

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