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March 12, 2026

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अब छुपकर किसी से चैट नहीं कर पाएंगे बच्चे, WhatsApp लाया नया पेरेंटल कंट्रोल फीचर

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने एक नया फीचर पेश किया है, जिससे माता-पिता या अभिभावक (Guardian) बच्चों के अकाउंट पर ज्यादा कंट्रोल रख सकेंगे. इस फीचर का मकसद छोटे यूजर्स को सुरक्षित माहौल देना है, ताकि वे बिना किसी रिस्क के सिर्फ मैसेजिंग और कॉलिंग का इस्तेमाल कर सकें. व्हाट्सएप का कहना है, कि इस फीचर को फैमिली और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के सजेशन्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खासतौर पर उन बच्चों के लिए जो 13 साल से कम उम्र में WhatsApp इस्तेमाल करना शुरू करते हैं. कंपनी के ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, फिलहाल यह फीचर कुछ ही क्षेत्रों में रोलआउट किया गया है. आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे अन्य देशों में रोलआउट किया जाएगा. क्या है Parent-Managed WhatsApp Account? Parent-Managed Account WhatsApp का एक खास अकाउंट टाइप है, जिसे खास तौर पर प्री-टीन यानी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है. इस अकाउंट को माता-पिता या अभिभावक बनाते और कंट्रोल करते हैं. यह अकाउंट डायरेक्ट पेरेंट्स के WhatsApp अकाउंट से लिंक रहता है, जिससे वे शिशु की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं. WhatsApp का कहना है, कि इन अकाउंट्स में सख्त प्राइवेसी सेटिंग्स और लिमिटेड फीचर्स होंगे. शिशु इसमें केवल प्राइवेट मैसेज और वॉइस कॉल कर सकेंगे, जिससे वे सिर्फ परिवार या भरोसेमंद लोगों से जुड़े रहेंगे. इन फीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे शिशु Parent-Managed Accounts में कुछ फीचर्स को बंद रखा गया है, ताकि बच्चों के लिए प्लेटफॉर्म ज्यादा सुरक्षित बन सके. इन अकाउंट्स में Status अपडेट, Channels और Meta AI फीचर्स जैसे फीचर्स उपलब्ध नहीं होंगे. इसके अलावा, एक निर्धारित समय पर हट जाने वाले मैसेज (Disappearing Messages) का ऑप्शन भी वन-टू-वन चैट में बंद रहेगा. अनजान नंबरों पर रहेगा सख्त कंट्रोल WhatsApp के इस नए फीचर में अनजान कॉन्टैक्ट्स से आने वाले मैसेज डायरेक्ट Message Request फोल्डर में जाएंगे. इस फोल्डर को केवल पेरेंट PIN के जरिए ही एक्सेस किया जा सकेगा. इससे शिशु बिना परमिशन के किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा, जब भी बच्चा कोई नया कॉन्टैक्ट जोड़ता है,किसी नंबर को ब्लॉक करता है या किसी को रिपोर्ट करता है, तो उसकी जानकारी पेरेंट्स को भी मिल जाएगी. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन रहेगा सुरक्षित इन अकाउंट्स में कई सीमाएं होंगी, लेकिन WhatsApp ने साफ किया है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुरक्षा पहले की तरह ही बनी रहेगी. इसका मतलब है कि बच्चों की चैट और कॉल पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट रहेंगी. कैसे सेट कर सकते हैं Parent-Managed Account? WhatsApp के मुताबिक, अगर पेरेंट्स अपने शिशु के लिए अकाउंट बनाना चाहते हैं, तो वे साइन-अप के दौरान Parent-Managed Account का ऑप्शन सेलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद- रजिस्ट्रेशन के समय शिशु की जन्म तिथि (Date of Birth) देनी होगी, जिससे यह तय होगा कि अकाउंट Parent-Managed होगा या नहीं. सेटअप के दौरान पेरेंट्स और शिशु दोनों के फोन जरूरी होंगे, ताकि दोनों अकाउंट आपस में लिंक हो सकें. पेरेंट्स को यह भी कन्फर्म करना होगा कि वे एडल्ट हैं. इसके लिए पेरेंट्स सेल्फी के जरिए पहचान सत्यापन (Identity Verification) करना पड़ सकता है. शिशु की उम्र बढ़ने के बाद क्या होगा? शिशु की उम्र 13 साल होने के बाद WhatsApp शिशु के अकाउंट को स्टैंडर्ड अकाउंट में बदलने का नोटिफिकेशन पेरेंट्स को भेजेगी. हालांकि, ये पेरेंट्स को इस ट्रांजिशन को 12 महीने तक रोकने या आगे बढ़ाने का ऑप्शन मिलेगा. यानी पेरेंट्स चाहे तो एक साल और अपने शिशु के अकाउंट को अपने अकाउंट से लिंक रख सकते हैं. यह भी पढ़ें: डिजिटल पायरेसी पर प्रशासन की नकेल, 3142 चैनलों पर कार्रवाई के लिए टेलीग्राम को नोटिस The post अब छुपकर किसी से चैट नहीं कर पाएंगे शिशु, WhatsApp लाया नया पेरेंटल कंट्रोल फीचर appeared first on Naya Vichar.

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क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: अंश के बेटे की एंट्री, इन 2 नामों पर सस्पेंस-कौन बनेगा तुलसी का पोता?

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: एकता कपूर का सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर नए मोड़ के साथ दर्शकों का ध्यान खींचने की तैयारी कर रहा है. मेकर्स शो में ऐसा ट्विस्ट लाने वाले हैं, जो कहानी को नई दिशा दे सकता है. समाचार है कि जल्द ही शो में अंश गुजराल के बेटे की एंट्री दिखाई जाएगी. अब अंश गुजराल के बेटे का किरदार कौन निभाएगा, इसपर अपडेट आया है. पर्ल वी पुरी या प्रियांक शर्मा ? कौन लेगा शो में एंट्री? बॉम्बे टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टर पर्ल वी पुरी को ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2‘ के लिए अप्रोच किया गया है. उन्हें अंश गुजराल के बेटे का रोल करने के लिए मेकर्स मना रहे हैं. फिलहाल दोनों में बातचीत अभी चल रही है. इसके अलावा एक्टर प्रियांक शर्मा को भी इस रोल के लिए संपर्क किया गया है. हालांकि अभी तक दोनों में से किसी के भी नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. अंश गुजराल का किरदार याद है आपको? अगर आपको अंश गुजराल याद नहीं है, तो बता दें कि वह तुलसी का बेटा था. अंश का किरदार काफी नेगेटिव था. सीरियल में ऐसे हालात बने कि आखिर में तुलसी को ही अपने बेटे अंश की जान लेनी पड़ी थी. इस भूमिका को आकाशदीप सहगल ने निभाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब मेकर्स ने कहानी को आगे बढ़ाने की योजना बनाई, तो सबसे पहले आकाशदीप से ही अंश गुजराल के किरदार में वापसी के लिए संपर्क किया गया था. हालांकि किसी कारण से यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और दोनों के बीच बात तय नहीं हो पाई. इसके बाद मेकर्स ने अंश की कहानी को नए तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया. यह भी पढ़ें- ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से बरखा बिष्ट की विदाई? पोस्ट से मची हलचल The post क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: अंश के बेटे की एंट्री, इन 2 नामों पर सस्पेंस-कौन बनेगा तुलसी का पोता? appeared first on Naya Vichar.

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मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश

Jaya Kishori message: प्रसिद्ध कथा वाचिका जया किशोरी अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को भक्ति, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिकता का संदेश देती हैं. उनके अनुसार श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाली अमृतधारा है. यह कथा हमें जीवन का सच्चा उद्देश्य समझाती है और भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. नीचे दिए गए प्रसंग के माध्यम से जया किशोरी ने जीवन, मृत्यु, संगत और समर्पण का गहरा संदेश दिया है. संगत का जीवन पर गहरा प्रभाव जया किशोरी बताती हैं कि मनुष्य के जीवन में संगत यानी साथियों का बहुत बड़ा महत्व होता है. व्यक्ति जिस तरह के लोगों के साथ रहता है, धीरे-धीरे वैसा ही उसका स्वभाव बन जाता है. अगर मनुष्य अच्छे विचारों वाले लोगों के साथ रहता है तो उसके विचार, व्यवहार और जीवन भी सकारात्मक बन जाते हैं. वहीं यदि संगत गलत हो तो उसका प्रभाव भी नकारात्मक पड़ता है. यही कारण है कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चों की मित्र मंडली और संगत पर ध्यान देते हैं. मनुष्य जिस व्यक्ति के साथ अधिक समय बिताता है, वह अनजाने में ही उसकी भाषा, आदतें और सोच को अपनाने लगता है. इसलिए यदि जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ अच्छा करना है, तो अच्छे मित्रों और सकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति करना बेहद जरूरी है. मृत्यु का स्मरण जीवन को सुधार देता है जया किशोरी एक सुंदर प्रसंग के माध्यम से समझाती हैं कि यदि मनुष्य हर पल मृत्यु को याद रखे तो उसका जीवन अपने आप सुधर सकता है. उन्होंने एक कहानी सुनाई कि एक व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए एक संत के पास गया. संत ने उससे कहा कि उसकी मृत्यु केवल 10 दिनों में होने वाली है. यह सुनकर वह व्यक्ति घबरा गया और अगले दस दिनों में उसने अपने जीवन को पूरी तरह बदल दिया. उसने जिन लोगों को दुख पहुंचाया था उनसे माफी मांगी, भगवान की भक्ति में मन लगाया और दान-पुण्य करना शुरू कर दिया. लेकिन जब 15 दिन बाद भी वह जीवित रहा तो वह संत के पास गया और पूछा कि आपने मुझे गलत क्यों बताया? तब संत ने मुस्कुराकर कहा कि जो परिवर्तन तुम्हारे जीवन में आया, वह पहले क्यों नहीं आया? जब तुम्हें लगा कि मृत्यु सामने खड़ी है, तब तुमने सही जीवन जीना शुरू कर दिया. इस प्रसंग का संदेश यह है कि यदि मनुष्य हर दिन यह याद रखे कि जीवन अनिश्चित है और अगला पल किसी को नहीं पता, तो वह झगड़े, लालच और बुरे कर्मों से दूर हो जाएगा और प्रेम, भक्ति तथा अच्छे कर्मों की ओर बढ़ेगा. भजन-कीर्तन में ताली बजाने का महत्व कथा में आगे जया किशोरी ने भजन और कीर्तन में ताली बजाने के महत्व को भी समझाया. उनके अनुसार ताली बजाने से मन में ऊर्जा का संचार होता है. इससे आलस्य और नकारात्मकता दूर होती है और मनुष्य का अहंकार भी कम होता है. जब व्यक्ति पूरे मन से भजन और कीर्तन में शामिल होता है, तो उसका मन भगवान की भक्ति में अधिक एकाग्र हो जाता है. सुखदेव मुनि की कथा से मिलने वाली शिक्षा कथा के दौरान सुखदेव मुनि के जन्म का प्रसंग भी बताया गया. मान्यता है कि भगवान शिव एक बार माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे. उसी समय एक तोते के शिशु ने यह कथा सुन ली. आगे चलकर वही तोता महान ऋषि सुखदेव मुनि के रूप में जन्मे. बाद में उन्होंने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई. इस कथा के माध्यम से राजा परीक्षित को मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ. यह प्रसंग बताता है कि भगवान की कथा और भक्ति मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाती है. भक्ति में समर्पण सबसे महत्वपूर्ण कथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समर्पण है. जया किशोरी कहती हैं कि भक्ति का पहला कदम समर्पण होता है. जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान पर विश्वास करता है, तब भगवान भी उसकी सहायता अवश्य करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जीवन अनिश्चित है, इसलिए भगवान की भक्ति को बुढ़ापे तक टालना उचित नहीं है. जब मनुष्य युवा और सक्षम होता है, तभी उसे भगवान का स्मरण, भजन और शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए. अंत में यही संदेश दिया गया कि ज्ञान का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन भक्ति का मार्ग सरल और प्रभावी है. सच्ची श्रद्धा और प्रेम से की गई भक्ति से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में आ जाते हैं और उसका मार्गदर्शन करते हैं. The post मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोबल तनाव से महंगा हुआ सोना, चांदी खरीदारों को मिली राहत, जानें आज के रेट

Aaj Ka Sona Chandi Bhav 12 March 2026: अगर आप आज सोने-चांदी के गहने खरीदने या इनमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की हलचल पर नजर डालना जरूरी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण इंटरनेशनल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर हिंदुस्तानीय सर्राफा बाजार पर दिख रहा है. सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई है. हालांकि आपको बता दें कि नीचे दिए गए रेट पिछले सेशन के बंद भाव और आज की शुरुआती रुझानों के आधार पर दिए गए हैं. क्या आज सोना महंगा हो गया? जी हां, आज 12 मार्च को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी जा रही है. 24 कैरेट सोना आज 16,332 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. बीते दिन के मुकाबले इसमें 1 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त हुई है. वहीं, 22 कैरेट सोना 14,971 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है. जानकारों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता जब तक जारी रहेगी, सोने की कीमतों को सहारा मिलता रहेगा.  सोने का रेट टेबल 12 मार्च 2026: कैरेट प्रति 1 ग्राम प्रति 10 ग्राम प्रति 100 ग्राम कल से बदलाव 24 कैरेट ₹16,332 ₹1,63,320 ₹16,33,200 + ₹10 22 कैरेट ₹14,971 ₹1,49,710 ₹14,97,100 + ₹10 18 कैरेट ₹12,249 ₹1,22,490 ₹12,24,900 + ₹10 प्रमुख शहरों में सोने का रेट (प्रति 1 ग्राम) शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट मुंबई ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 दिल्ली ₹16,347 ₹14,986 ₹12,264 कोलकाता ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 चेन्नई ₹16,496 ₹15,121 ₹12,951 बेंगलुरु ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 हैदराबाद ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 पटना ₹16,337 ₹14,976 ₹12,254 रांची ₹16,494 ₹15,120 ₹12,370 चांदी के कीमतों की चमक आज फीकी पड़ी या बढ़ी? चांदी की बात करें तो आज इसकी कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है. जहां सोना बढ़ रहा है, वहीं चांदी में प्रति किलो 100 रुपये की कमी आई है. आज हिंदुस्तान में चांदी 2,89,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है. इंडस्ट्रियल डिमांड में सुस्ती और डॉलर की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों पर थोड़ा दबाव नजर आ रहा है, जो खरीदारों के लिए एक छोटा सा राहत का मौका हो सकता है.  चांदी का रेट टेबल 12 मार्च 2026: वजन   आज की कीमत   कल की कीमत  बदलाव   1 ग्राम ₹289.90 ₹290 – ₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 – ₹1 100 ग्राम ₹28,990 ₹29,000 – ₹10 1 किलोग्राम ₹2,89,900 ₹2,90,000 – ₹100 प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर प्रति 10 ग्राम प्रति 100 ग्राम प्रति 1 किलोग्राम मुंबई ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 दिल्ली ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 कोलकाता ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 बेंगलुरु ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 चेन्नई ₹2,999 ₹29,990 ₹2,99,900 हैदराबाद ₹2,999 ₹29,990 ₹2,99,900 पटना ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 रांची ₹3,000 ₹30,000 ₹3,00,000 ये भी पढ़ें: क्या आज सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल? देखें 12 मार्च की पूरी रेट लिस्ट The post ग्लोबल तनाव से महंगा हुआ सोना, चांदी खरीदारों को मिली राहत, जानें आज के रेट appeared first on Naya Vichar.

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कहां गया कृषि विभाग का 1.65 करोड़? पलामू में दफ्तर बनाने के लिए 15 साल पहले हुआ था आवंटित

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट Palamu News: पलामू प्रमंडल मुख्यालय में कृषि विभाग का अपना भवन नहीं है. झारखंड प्रशासन की ओर से संयुक्त कृषि भवन बनाने के लिए 15 साल पहले एक करोड़ 65 लाख 77 हजार 124 रुपये आवंटित किए गए थे. पूर्व डीसी के आदेश से बुक ट्रांसफर के माध्यम से भवन निर्माण विभाग की ओर से दो किस्तों में इन पैसों की निकासी भी कर ली गई थी. इसके बावजूद न तो टेंडर निकाला गया और न ही पैसे सरेंडर किए गए. 29 मार्च 2012 को कोषागार से एक करोड़ 29 लाख और 31 मार्च 13 को 36 लाख 77 हजार 124 रुपये की निकासी की गई थी. फिर 18 मार्च 2023 को एस्टीमेट को रिवाइस करते हुए तीन करोड़ 97 लाख दो हजार 200 रुपए का राज्य प्रशासन को भेजा गया है. लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण आगे की प्रक्रिया रूकी हुई है. 91 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है छह विभाग संयुक्त कृषि भवन नहीं बनने के कारण इससे जुड़े हुए छह विभाग 91 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है. यह भवन आजादी के पहले 1935 का बना हुआ है. इस भवन में जिला कृषि कार्यालय, अनुमंडल कृषि कार्यालय, जिला उद्यान कार्यालय, आत्मा, जिला भूमि संरक्षण कार्यालय, भूमि संरक्षण कार्यालय और कनीय पौधा संरक्षण कार्यालय चल रहा है. कर्मचारी और अधिकारियों का कहना है कि यह मकान काफी पुराना है. कभी भी कोई हादसा हो सकता है. खासकर, बरसात के दिनों में अधिकारी और कर्मचारी काफी डरे सहमे रहते हैं. गुण नियंत्रण भवन में बैठते हैं कृषि पदाधिकारी वर्तमान में गुण नियंत्रण भवन 75 लाख की लागत से बनाया गया है. इसका निर्माण फर्टिलाइजर जांच के लिए किया गया था. लेकिन इसके लिए कोई अधिकारी नहीं है, क्योंकि राज्य प्रशासन के स्तर से किसी तरह का पद स्वीकृति नहीं है. सिर्फ भवन बना दिया गया है. इसी भवन में जिला कृषि पदाधिकारी बैठते हैं. इसे भी पढ़ें: पेट्रोलियम कंपनियों का दावा, रांची में नहीं है गैस की कोई किल्लत! अफवाहों से न हों पैनिक काम करने में हो रही है परेशानी: डीएओ जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार वर्मा ने कहा कि एक जगह भवन नहीं रहने से काम करने में परेशानी होती है. कहा कि जी प्लस टू भवन बनना है. उसके बनने से सभी कार्यालय एक जगह पर काम करने लगेंगे. इससे आम लोगों को भी आसानी होगी. इसे भी पढ़ें: पलामू में पुलिस-प्रशासन चुस्त, डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर और कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण The post कहां गया कृषि विभाग का 1.65 करोड़? पलामू में दफ्तर बनाने के लिए 15 साल पहले हुआ था आवंटित appeared first on Naya Vichar.

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एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे फराह खान का चिकन यखनी पुलाव

Farah Khan Chicken Yakhni Pulao: बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और डायरेक्टर Farah Khan सिर्फ फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने मजेदार कुकिंग वीडियो के लिए भी जानी जाती हैं. वह अक्सर अपने यूट्यूब चैनल पर आसान और स्वादिष्ट रेसिपी शेयर करती रहती हैं, जिन्हें घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. हाल ही में उन्होंने स्पेशल चिकन यखनी पुलाव बनाने की रेसिपी बताई, जो खुशबूदार और लाजवाब स्वाद से भरपूर है. इस पुलाव की खासियत इसकी यखनी यानी चिकन स्टॉक है, जो चावल को गहरा स्वाद देता है. अगर आप घर पर कुछ अलग और खास बनाना चाहते हैं, तो यह चिकन यखनी पुलाव रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है.  यखनी पुलाव बनाने के लिए जरूरी सामान  500 ग्राम चिकन 2 कप बासमती चावल 1 प्याज (पतले कटे हुए) 1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट 2–3 हरी मिर्च 1 दालचीनी 3–4 हरी इलायची 4–5 लौंग 1 तेज पत्ता 1 छोटा चम्मच जीरा स्वादानुसार नमक 2 बड़े चम्मच घी या तेल थोड़ा हरा धनिया और पुदीना यखनी बनाने का तरीका  सबसे पहले एक बर्तन में चिकन, नमक, अदरक-लहसुन, साबुत मसाले और पानी डालकर उबाल लें. इसे लगभग 15–20 मिनट तक पकाएं. जब चिकन पक जाए तो पानी को छान लें. यही पानी यखनी कहलाता है, जो पुलाव में इस्तेमाल होगा. किस बनाते हैं यखनी पुलाव   सबसे पहले चावल को धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें. एक कढ़ाही या प्रेशर कुकर में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें. अब कटे हुए प्याज डालकर सुनहरा होने तक भून लें. इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर हल्का सा भूनें. अब उबला हुआ चिकन डालकर 2–3 मिनट तक चलाएं. इसके बाद भीगे हुए चावल डालें और हल्के से मिक्स करें. अब तैयार की हुई यखनी डालें और स्वादानुसार नमक मिलाएं. ढककर धीमी आंच पर 10–12 मिनट तक पकाएं. यह भी पढ़ें: चावल भिगोने की जरूरत नहीं, रेणुका सालुंके की रेसिपी से बनाएं रवा डोसा यह भी पढ़ें: शहजादी शबनम की रेसिपी से घर पर बनाएं ढाबा स्टाइल चिकन चरसी कड़ाही The post एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे फराह खान का चिकन यखनी पुलाव appeared first on Naya Vichar.

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Xiaomi 17 Series भारत में लॉन्च, जानिए कीमत, फीचर्स और ऑफर्स

चाइनीज टेक कंपनी Xiaomi ने हिंदुस्तान में अपनी नई फ्लैगशिप Xiaomi 17 Series को ऑफिशियली लॉन्च कर दिया है. इस सीरीज में दो मॉडल्स Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra शामिल है. दोनों ही मॉडल्स में बढ़िया फीचर्स, एडवांस कैमरा और बड़ी बैटरी दी गई है. शाओमी का टारगेट इस सीरीज के जरिए हिंदुस्तान के प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है. आइए जानते हैं दोनों मॉडल्स की कीमत और फीचर्स के बारे में. Xiaomi 17 Ultra की कीमत और लॉन्च ऑफर कीमत: कंपनी ने Xiaomi 17 Ultra को सिर्फ एक ही वेरिएंट में लॉन्च किया है, जिसमें यूजर्स को 16GB RAM और 512GB स्टोरेज मिलेगी. इसकी कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है. लॉन्च ऑफर: लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी शुरुआती ग्राहकों को Xiaomi 17 Ultra Photography Kit Pro फ्री दे रही है. इस किट की कीमत 19,999 रुपये है. इसके अलावा, अगर ग्राहक SBI बैंक क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो उन्हें 10,000 रुपये तक का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी मिलेगा. साथ ही कंपनी कई डिजिटल सब्सक्रिप्शन भी फ्री दे रही है, जिसमें- Spotify Premium Standard – 4 महीने YouTube Premium – 3 महीने Google AI Pro – 3 महीने Jio यूजर्स को 16,000 रुपये तक का टेलीकॉम बेनिफिट्स भी मिलेगा. Xiaomi 17 की कीमत और लॉन्च ऑफर Xiaomi 17 को हिंदुस्तान में दो स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसमें- 12GB + 256GB – 89,999 रुपये 12GB + 512GB – 99,999 रुपये कंपनी ने इस मॉडल के लिए 13 मार्च से 17 मार्च तक अर्ली बर्ड ऑफर भी रखा है. इस दौरान ग्राहक 512GB वेरिएंट को 256GB की कीमत पर खरीद सकेंगे. इसके साथ ही फोन खरीदने पर 9,999 रुपये का फोन डैमेज प्रोटेक्शन प्लान भी कंपनी फ्री दे रही है. कब से शुरू होगी Xiaomi 17 Series की सेल? Xiaomi 17 Series की सेल 18 मार्च से शुरू होगी. ग्राहक इन स्मार्टफोन्स को कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट mi.com, Amazon India और देशभर के Xiaomi रिटेल स्टोर्स से खरीद सकेंगे. Xiaomi 17 और 17 Ultra: डिस्प्ले स्टैंडर्ड मॉडल Xiaomi 17 में 6.3-इंच CrystalRes OLED डिस्प्ले दिया गया है, जबकि टॉप मॉडल Xiaomi 17 Ultra में 6.9-इंच HyperRGB OLED स्क्रीन दी गई है. दोनों मॉडल्स के डिस्प्ले 1Hz से 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करते हैं और 3500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस तक जा सकते हैं. Xiaomi 17 और 17 Ultra: कैमरा फोटोग्राफी के लिए, दोनों मॉडल्स में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है. हालांकि, टॉप मॉडल में ज्यादा एडवांस कैमरा सेटअप मिलेगा. Xiaomi 17 के बैक पैनल में 50MP प्राइमरी कैमरा, 50MP टेलीफोटो लेंस और 50MP अल्ट्रा-वाइड सेंसर दिया गया है. वहीं Xiaomi 17 Ultra में 50MP मेन सेंसर, 200MP टेलीफोटो कैमरा और 50MP अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया गया है. दोनों स्मार्टफोन में 50MP फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो हाई-क्वालिटी सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए डिजाइन किया गया है. Xiaomi 17 और 17 Ultra: प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर सीरीज के दोनों मॉडल्स में Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है. यह चिपसेट फास्ट स्पीड, बेहतर ग्राफिक्स और शानदार पावर एफिशिएंसी देने के लिए डिजाइन किया गया है. दोनों फोन Android 16 पर बेस्ड Xiaomi HyperOS 3 पर काम करेंगे, जो स्मूद परफॉर्मेंस, बेहतर कस्टमाइजेशन और Xiaomi डिवाइसेज के बीच बेहतर इंटीग्रेशन देता है. इसके अलावा फोन में LPDDR5X Ultra RAM और UFS 4.1 स्टोरेज सपोर्ट दी गई है, जिससे मल्टीटास्किंग और डेटा ट्रांसफर फास्ट हो जाता है. Xiaomi 17 और 17 Ultra: बैटरी और एडवांस कूलिंग सिस्टम पावर के लिए, Xiaomi 17 में 6330mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 100W फास्ट वायर्ड चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है. Xiaomi 17 Ultra में 6000mAh बैटरी मिलती है, जो 90W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. लंबे समय तक गेमिंग या भारी इस्तेमाल के दौरान फोन गर्म न हो, इसके लिए Xiaomi ने दोनों स्मार्टफोन्स में एडवांस कूलिंग सिस्टम दिया है. Xiaomi 17 में 3D IceLoop कूलिंग सिस्टम मिलता है, जबकि Xiaomi 17 Ultra में और ज्यादा पावरफुल ड्यूल-चैनल IceLoop कूलिंग सिस्टम दिया गया है. Xiaomi 17 और 17 Ultra: कनेक्टिविटी फीचर्स कनेक्टिविटी के लिए दोनों स्मार्टफोन में Wi-Fi 7, Bluetooth 6.0 और NFC दिया गया है. दोनों मॉडल्स में अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा. इसके अलावा फोन में एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, बैरोमीटर और IR ब्लास्टर जैसे सेंसर भी मौजूद हैं. यह भी पढ़ें: 6300mAh बैटरी के साथ आया POCO C85x 5G, कीमत ₹10999 से शुरू The post Xiaomi 17 Series हिंदुस्तान में लॉन्च, जानिए कीमत, फीचर्स और ऑफर्स appeared first on Naya Vichar.

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गैस संकट का धार्मिक स्थलों पर भी दिखने लगा असर, इस मंदिर में बंद हुआ भक्तों के लिए भोग

मुख्य बातें मंदिर प्रबंधन के निर्णय से भक्त निराश जगन्नाथ धाम में भी प्रसाद की मात्रा हुई कम LPG Cylinder Crisis: कोलकाता. अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईंधन आपूर्ति में आयी बाधा का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी दिखायी देने लगी है. ईरान-अमेरिका युद्ध से उत्पन्न गैस आपूर्ति संकट के कारण पूर्व मेदिनीपुर के प्रसिद्ध तमलुक बर्गभीमा मंदिर में आम भक्तों के लिए भोग वितरण अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है. तमलुक का बर्गभीमा मंदिर हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यहां प्रतिदिन माता को भोग अर्पित किया जाता है और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी प्रसाद की व्यवस्था रहती है, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने बताया कि रसोई गैस की कमी के कारण 21 मार्च के बाद से सामान्य भक्तों के लिए भोग उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा. मंदिर प्रबंधन के निर्णय से भक्त निराश मंदिर प्रशासन के अनुसार जिन भक्तों ने पहले से भोग के लिए बुकिंग कर रखी है, उन्हें भी फोन करके सूचित किया जा रहा है कि गैस संकट के कारण अनिश्चितकाल के लिए भोग वितरण बंद किया जा रहा है. यदि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य होती है, तो फिर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था शुरू कर दी जायेगी. इस निर्णय से भक्तों में निराशा भी देखी जा रही है. कई श्रद्धालुओं का कहना है कि वे दूर-दूर से माता का भोग पाने की उम्मीद में आते हैं. अगर उन्हें भोग नहीं मिलेगा तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ेगा. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द एलपीजी गैस सिलेंडर संकट का समाधान निकालने की मांग की है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जगन्नाथ धाम में भी प्रसाद की मात्रा हुई कम दूसरी ओर गैस सिलेंडर आपूर्ति की कमी का असर दीघा जगन्नाथ धाम में भी पड़ा है. जगन्नाथ धाम ट्रस्ट बोर्ड के सदस्य राधारमण दास ने बताया कि फिलहाल उनके पास कुछ गैस सिलेंडर का भंडार मौजूद है. उन गैस सिलेंडरों और लकड़ी की मदद से सीमित संख्या में प्रसाद तैयार किया जा रहा है. पहले जहां प्रतिदिन लगभग एक हजार से 1200 लोगों के लिए प्रसाद बनाया जाता था, वहीं अब केवल 200 से 250 लोगों के लिए ही प्रसाद तैयार किया जा रहा है. ट्रस्ट बोर्ड का कहना है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति बढ़ेगी, प्रसाद वितरण को फिर से पहले की तरह सामान्य कर दिया जायेगा. Also Read: एलपीजी गैस संकट पर ममता बनर्जी ने बुलाई आपातकालीन बैठक, एसओपी की तैयारी The post गैस संकट का धार्मिक स्थलों पर भी दिखने लगा असर, इस मंदिर में बंद हुआ भक्तों के लिए भोग appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

Rajya Sabha Election: बिहार की सियासत में इन दिनों पारा सिर्फ मौसम का ही नहीं, बल्कि राज्यसभा की पांचवीं सीट के लिए भी चढ़ गया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम (AIMIM) के बीच बढ़ती नजदीकियां एनडीए के खेमे में हलचल पैदा कर रही हैं, दांव पर लगी है वह प्रतिष्ठा वाली पांचवीं सीट. 5वीं सीट पर दिलचस्प गणित राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर दोनों गठबंधनों के बीच संख्या बल का दिलचस्प गणित सामने आ रहा है. जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है. महागठबंधन के पास फिलहाल 35 विधायक हैं, जबकि उसे उम्मीद है कि एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिलने पर उसके उम्मीदवार की जीत संभव हो सकती है. तेजस्वी से मुलाकात के बाद ‘पॉजिटिव’ संकेत तेजस्वी यादव के बुलावे पर उनके आवास पहुंचे अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही. उन्होंने कहा कि बिहार में सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है और इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और असदुद्दीन ओवैसी के स्तर पर लिया जाएगा. “फैसला ओवैसी साहब लेंगे” राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव से AIMIM नेताओं की मुलाकात. राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा- तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी और हमने भी अपना पक्ष रखा. अंतिम फैसला असदुद्दीन ओवैसी और पार्टी के सभी विधायकों से मशवरे के बाद लिया जाएगा. तेजस्वी यादव को… pic.twitter.com/srbLZdKvKK — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 11, 2026 इफ्तार पार्टी और एनडीए की इमरजेंसी मीटिंग सियासी दोस्ती को और पुख्ता करने के लिए तेजस्वी यादव ने ‘इफ्तार डिप्लोमेसी’ का सहारा लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि वह 15 मार्च को अख्तरुल ईमान की इफ्तार पार्टी में शामिल होंगे. इस कदम को ओवैसी की पार्टी को साधने की बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. एनडीए की रणनीति पर सबकी नजर एनडीए की ओर से भी रणनीति बनाने का दौर तेज हो गया है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर गुरुवार को होने वाली बैठक में सभी विधायकों को बुलाया गया है. माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा की 5वीं सीट को लेकर अंतिम रणनीति तय की जाएगी. इस बीच राजद और महागठबंधन के नेताओं ने अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा जताया है. Also Read: दरभंगा के डॉ. इकबाल हसन को मिला बिहार का शांति दूत सम्मान, सीएम नीतीश ने किया सम्मानित The post राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक appeared first on Naya Vichar.

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इन 4 फलों को चुनते टाइम याद रखें न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के ये टिप्स 

Hacks To Choose Fresh Fruits: बाजार में फलों की चमक देखकर उन्हें चुनना आसान लग सकता है, लेकिन असली मुश्किल तब सामने आती है जब घर पहुंचने पर तरबूज फीका हो या केले अगले ही दिन काले पड़ जाएं. सही फलों का चुनाव न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि आपकी सेहत और बजट दोनों का ख्याल रखता है. इसलिए जरूरी है कि फल लेते टाइम कुछ टिप्स का ध्यान रखा जाए. तरबूज ,अंगूर, केला और एवोकाडो जैसे फलों को खरीदते समय अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो आप आसानी से फ्रेश फल चुन सकते हैं. इन टिप्स को न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @leemamahajan पर शेयर किया है. आइए जानते हैं इन फलों को लेते टाइम ध्यान रखने वाली बातें और इन्हें स्टोर करने का तरीका. तरबूज के लिए टिप्स  अगर आप तरबूज चुन रहे हैं तो इसके स्टेम पर ध्यान दें. अगर इसके स्टेम का रंग हरा हैं तो इसे नहीं लें. आप भूरे रंग के स्टेम वाले तरबूज को चुनें. ये ज्यादा मीठा होगा. तरबूज लेते टाइम इसके नीचे पीले रंग का धब्बा को देखें. अपने आकार के अनुसार भारी तरबूज आम तौर पर ज्यादा रसदार होता है. तरबूज के रंग को भी ध्यान से देखें चमकदार की बजाय फीके रंग वाला तरबूज बेहतर माना जाता है.  तरबूज को स्टोर करने का सही तरीका भी जानना जरूरी है. पूरे तरबूज को कमरे में रखें लेकिन काटने के बाद इसे फ्रिज में रखना चाहिए.  अंगूर के लिए टिप्स  अंगूर को चुनते टाइम आपको इसकी डंठल के रंग पर ध्यान देना होगा. अगर डंठल का रंग भूरा है तो इसे नहीं चुनें. आप हरे रंग के स्टेम वाले अंगूर को लें.  अंगूर को बिना धोएं फ्रिज में रखें. खाने से पहले अच्छे से धो लें.   एवोकाडो के लिए टिप्स  एवोकाडो के ऊपर स्टेम नहीं है तो इसे लेने से बचें. ये ज्यादा पका हुआ निकलेगा. अगर फल बहुत ज्यादा सख्त है तो ये अभी खाने के लिए तैयार नहीं है. अगर फल बहुत नरम है तो ये यह ज्यादा पका हुआ है. एवोकाडो को आप रूम टेम्परेचर पर रखकर पकने दें. जब ये पक जाए तब फ्रिज में स्टोर कर दें.  केले के लिए टिप्स  अगर केले बाहर से हरे हैं और दबाने से सॉफ्ट हैं तो इन्हें आर्टिफिशियल तरीके से पकाया गया है. आप ऐसा केला चुनें जो सख्त हो और जिसका रंग समान रूप से पीला हो. छोटे भूरे धब्बे वाले केले ज्यादा मीठे होते हैं. पके केले को आप रूम टेम्परेचर पर स्टोर करें. पके केले को बाकी फलों के साथ स्टोर नहीं करें.  View this post on Instagram A post shared by Leema Mahajan | Nutritionist & Weight loss specialist (@leemamahajan) यह भी पढ़े: Easy Ways to Remove Stickers: स्टिकर हटाना हुआ आसान बर्तन से स्टिकर और दाग दोनों हटाएं इन आसान तरीकों से यह भी पढ़े: Kitchen Tips: दही की खटाश होगी चुटकियों में दूर, फॉलो करें ये आसान टिप्स The post इन 4 फलों को चुनते टाइम याद रखें न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के ये टिप्स  appeared first on Naya Vichar.

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