Hot News

March 12, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

धुरंधर के बाद ‘प्रलय’ लेकर आ रहे रणवीर सिंह, जल्द शुरू होगी शूटिंग

Ranveer Singh: बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. हाल ही में फिल्म धुरंधर की शानदार सफलता के बाद अब वह एक और बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी में जुट गए हैं. समाचार है कि रणवीर सिंह जल्द ही फिल्म प्रलय में नजर आएंगे, जो एक बड़े बजट की जॉम्बी सर्वाइवल थ्रिलर बताई जा रही है. जॉम्बी ड्रामा में दिखेंगे रणवीर सिंह मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘प्रलय’ एक पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जॉम्बी ड्रामा होगी, जिसकी कहानी कोविड-19 महामारी के दौर के बैकग्राउंड पर आधारित है. इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता करेंगे, जबकि इसे हंसल मेहता के प्रोडक्शन बैनर ट्रू स्टोरी फिल्मस के तहत बनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि फिल्म में एक्शन, हॉरर और इमोशनल ड्रामा का खास मिक्सचर देखने को मिलेगा. कहानी मुश्किल हालात में इंसानी रिश्तों और सर्वाइवल पर फोकस करेगी. ‘हिंदुस्तान में पहले कभी नहीं बनी ऐसी फिल्म’ हंसल मेहता का मानना है कि हिंदी सिनेमा में जॉम्बी जॉनर पर बड़े पैमाने पर बहुत कम काम हुआ है. उन्होंने कहा कि ‘प्रलय’ का मकसद दर्शकों को कुछ नया और अलग अनुभव देना है. उनके मुताबिक यह फिल्म जॉम्बी फॉर्मेट को हिंदुस्तानीय माहौल और इमोशनल स्टोरी के साथ पेश करेगी, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला. 300 करोड़ के बजट में बन रही फिल्म रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘प्रलय’ करीब 300 करोड़ रुपये के बजट में बनाई जा रही है. इसे रणवीर सिंह के करियर की सबसे महंगी सोलो फिल्मों में से एक बताया जा रहा है. फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मुश्किल हालात में जिंदा रहने की जंग लड़ता है. इसमें बड़े स्तर के एक्शन सीक्वेंस और गहरा इमोशनल ड्रामा देखने को मिल सकता है. फिल्म की शूटिंग मई या जून 2026 के आसपास शुरू हो सकती है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. यह भी पढे़ं: धुरंधर 2 ट्रेलर में हमजा की कलाई में दिखी 22 लाख की घड़ी, जानिए स्टोरी और लग्जरी वॉच का कनेक्शन The post धुरंधर के बाद ‘प्रलय’ लेकर आ रहे रणवीर सिंह, जल्द शुरू होगी शूटिंग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में मचाया आतंक, 2 भारतीय जहाजों को किया पार

Hormuz : अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बमबारी शुरू कर दी है . न्यूज एजेंसियों के अनुसार अबतक 16 जहाजों को निशाना बनाया गया है. होर्मुज इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए हिंदुस्तानीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के सामने अपनी चिंता को रखा और शिपिंग सुरक्षा के मसले को उठाया. यह जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई है. हिंदुस्तान के दो जहाज ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट ईरान युद्ध के बाद से होर्मुज स्ट्रेट बाधित है, जिसकी वजह से तेल की सप्लाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है. एस जयशंकर ने जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से कई बार बात किया तो होर्मुज स्ट्रेट से दो हिंदुस्तानीय जहाजों को सुरक्षित निकलने दिया गया है. विदेश मंत्री की बातचीत जहाजों के सुरक्षित आवाजाही और तेल की सप्लाई को स्थिर बनाये रखने पर केंद्रित था. ईरान ने पिछले दिनों कई जहाजों को टारगेट किया है, जिसकी वजह से इलाके में अफरा–तफरी मच गई है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में क्यों मचाया आतंक? ईरान पर लगातार हमला करके अमेरिका उसे सरेंडर करने के लिए मजबूर करना चाहता है. युद्ध के 13वें दिन भी डोनाल्ड ट्रंप का रुख धमकी भरा ही है और शांति की कोई पहल नहीं दिख रही है. इस स्थिति में ईरान ने भी अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेज पर आतंक मचाना शुरू कर दिया है, ताकि पूरे विश्व में तेल और गैस की कमी हो जाये. होर्मुज स्ट्रेट से अगर तेल वाहक जहाज शांतिपूर्वक गुजर नहीं पायेंगे तो पूरे विश्व में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ेगा, जिसकी वजह से अमेरिका पर युद्ध रोकने का दबाव बनेगा और यही ईरान की रणनीति है. क्यों खास है होर्मुज स्ट्रेट? होर्मुज स्ट्रेट, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह विश्व के सबसे प्रमुख तेल मार्गों में शामिल है, जहां से विश्व का 20% तेल गुजरता है लेकिन युद्ध की वजह से इस मार्ग में बाधा आ रही है. कई जहाजों के फंसे होने की बात कही जा रही है. अगर इस मार्ग से तेलवाहक जहाजों का आवागमन बंद हुआ तो वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई घट जाएगी जिसकी वजह से तेल की कीमत बढ़ेगी. साथ ही सभी देशों का आयात खर्च भी बढ़ेगा. ये भी पढ़ें : ईरान कर सकता है 2026 फुटबॉल वर्ल्डकप का बॉयकॉट, ट्रंप ने कहा- ईरान का स्वागत है क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह खाड़ी देशों में नागरिकों से ज्यादा विदेशी, जानिए क्यों बसे हैं 90 लाख हिंदुस्तानीय ? The post अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में मचाया आतंक, 2 हिंदुस्तानीय जहाजों को किया पार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कच्चा तेल लेकर पहला जहाज भारत पहुंचा, होर्मुज स्ट्रेट के पास हो गया था गायब

Hormuz Strait: जहाज बुधवार को दोपहर 1 बजे मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा और शाम 6:06 बजे जवाहर द्वीप पर लंगर डाला गया. इसमें 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है, जिसकी आपूर्ति पूर्वी मुंबई के माहुल स्थित रिफाइनरियों को की जाएगी. कच्चे तेल को उतारने की प्रक्रिया में लगभग 36 घंटे लगने की उम्मीद है. लाइबेरिया ध्वज वाला पहला जहाज हिंदुस्तान पहुंचा न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार कच्चा तेल लेकर हिंदुस्तान पहुंचने वाला जहाज लाइबेरिया ध्वज वाला शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स था. जो होर्मुज जलडमरूमध्य होते हुए मुंबई पहुंचा. ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद से यह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर हिंदुस्तान पहुंचने वाला पहला जहाज बन गया है. सऊदी अरब से 3 मार्च को रवाना हुआ था जहाज, 8 मार्च को हो गया था गायब एएनआई के अनुसार टैंकर ने 1 मार्च को सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से कच्चा तेल लोड किया था, और 3 मार्च को रवाना हुआ था. समुद्री ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि 8 मार्च को यह पोत होर्मुज जलडमरूमध्य में था , जिसके बाद यह अस्थायी रूप से ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया, फिर 9 मार्च को ट्रैकिंग सिस्टम पर दोबारा दिखाई दिया. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय जहाज ने ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट के समय खतरा वाले हिस्से से गुजरते समय टैंकर ने अपना स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS) ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था. ट्रांसपोंडर एक जरूरी समुद्री वीएचएफ रेडियो प्रणाली है. यह टक्करों को रोकने और नेविगेशन को बेहतर बनाने के लिए जहाजों में लगाया जाता है. ट्रांसपोंडर जहाज की पहचान, स्थिति, स्पीड, रास्ते को आसपास के जहाजों और तटवर्ती स्टेशनों तक ऑटोमेटिक रूप से सूचना देता है. जहाज में हिंदुस्तानीय और पाकिस्तानी सहित चालक दल के 29 सदस्य सवार थे सऊदी से मुंबई पहुंचने वाले जहाज में हिंदुस्तानीय , पाकिस्तानी और फिलिपिनो नागरिकों सहित 29 चालक दल के सदस्य सवार थे. जहाज का कप्तान एक हिंदुस्तानीय है. टैंकर शेनलॉन्ग शिपिंग लिमिटेड का है. जिसका देखरेख एथेंस स्थित डायनाकॉम टैंकर मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा किया जाता है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमला कर रहा है ईरान, हिंदुस्तान को दी राहत ईरान के प्रशासनी मीडिया के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध और कड़ा कर दिया है. हालांकि हिंदुस्तान के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बात करने के बाद ईरान ने हिंदुस्तान के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हिंदुस्तान के 24 जहाज खड़े हैं हिंदुस्तान के जहाजरानी मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तानीय ध्वज वाले 28 जहाज वर्किंग हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित हैं, जिनमें 677 हिंदुस्तानीय नाविक सवार हैं, जबकि चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में स्थित हैं, जिनमें 101 हिंदुस्तानीय नाविक सवार हैं. क्यों खास है होर्मुज स्ट्रेट? होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के तट को अलग करने वाला एक पतला जलमार्ग है. जो करीब 33 किलोमीटर चौड़ा है. यहां से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल का ट्रांसपोर्टेशन होता है. यह दुनिया भर में तेल खपत का लगभग पांचवां और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय झंडे वाले टैंकर अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर सकेंगे, ईरान ने दिया परमिशन इराक के पास ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर हमला, एक हिंदुस्तानीय क्रू मेंबर की मौत The post कच्चा तेल लेकर पहला जहाज हिंदुस्तान पहुंचा, होर्मुज स्ट्रेट के पास हो गया था गायब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गैस खत्म होने वाली है और फोन नहीं लग रहा? घबराएं नहीं, घर बैठे इन 4 तरीकों से बुक करें सिलेंडर

LPG Gas Cylinder: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के देशों में बढ़ते युद्ध के तनाव और नेतृत्वक अस्थिरता का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचता दिख रहा है. हालांकि प्रशासन की ओर से आपूर्ति को लेकर कोई आधिकारिक नकारात्मक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण आम जनता के मन में गैस की किल्लत का डर बैठ गया है. इसी घबराहट के चलते देशभर में लोग एडवांस में एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक कराने की होड़ में लग गए हैं. एजेंसियों पर बढ़ी भीड़, फोन लाइनें हुईं जाम आमतौर पर लोग फोन कॉल के जरिए ही गैस बुकिंग करना पसंद करते हैं, लेकिन अचानक बढ़ी डिमांड के कारण बुकिंग लाइन्स लगातार बिजी आ रही हैं. कई इलाकों में ग्राहकों को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा देखा जा रहा है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं और आपका फोन कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. डिजिटल इंडिया के इस दौर में गैस बुक करने के कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तुरंत काम करते हैं. बिना कॉल किए इन 4 तरीकों से करें बुकिंग व्हाट्सऐप (WhatsApp) से बुकिंग सबसे आसान तरीका आजकल हर किसी के पास व्हाट्सऐप है. आप अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक नंबर पर एक मैसेज भेजकर बुकिंग कर सकते हैं. Indane Gas के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7588888824 पर REFILL टाइप करके भेजें. HP Gas के लिए अपने फोन से 9222201122 पर Hi या Book लिखकर मैसेज करें. Bharat Gas के लिए इनके ग्राहक 1800224344 पर Hi या Book लिखकर अपनी बुकिंग कन्फर्म कर सकते हैं. SMS के जरिए बुकिंग बिना इंटरनेट के भी संभव यदि आपके पास स्मार्टफ़ोन नहीं है या इंटरनेट नहीं चल रहा, तो आप साधारण मैसेज (SMS) का सहारा ले सकते हैं: Indane Gas की बुकिंग अपने नंबर से 7718955555 पर REFILL लिखकर भेजें Bharat Gas की बुकिंग अपने रजिस्टर्ड नंबर से 7715012345 या 7718012345 पर LPG लिखकर SMS करें. सिर्फ एक मिस्ड कॉल (Missed Call) बिना पैसा खर्च किए यह तरीका उन बुजुर्गों या लोगों के लिए बेस्ट है जो टाइपिंग नहीं करना चाहते: Indane Gas के ग्राहक 8454955555 पर एक मिस्ड कॉल दें. HP Gas के लिए नंबर 9493602222 है. मिस्ड कॉल जाते ही आपका ऑर्डर बुक हो जाएगा और कन्फर्मेशन मैसेज आ जाएगा. मोबाइल ऐप्स और पेमेंट गेटवे आप UMANG ऐप के जरिए प्रशासनी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इसके अलावा Paytm, PhonePe, Google Pay और Amazon Pay जैसी ऐप्स में LPG Booking का विकल्प मिलता है. यहां आप बुकिंग के साथ-साथ तुरंत ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं, जिससे डिलीवरी के समय कैश का झंझट नहीं रहता. सावधानी बरतें, अफवाहों से बचें विशेषज्ञों का कहना है कि गैस की बुकिंग करते समय हमेशा अपनी कंपनी के आधिकारिक नंबरों का ही उपयोग करें. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. पैनिक बुकिंग करने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर ऑर्डर करें ताकि सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े. Also Read: जनवरी के मुकाबले फरवरी में बढ़ी महंगाई, खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी The post गैस खत्म होने वाली है और फोन नहीं लग रहा? घबराएं नहीं, घर बैठे इन 4 तरीकों से बुक करें सिलेंडर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

किचन में मौजूद इन चीजों से साफ करें तांबे के बर्तन- लौट आएगी नई जैसी शाइन

Easy Ways to Clean Copper Utensils: तांबे के बर्तन (Copper Utensils) सदियों से हमारी रसोई का हिस्सा रहे हैं. ये न केवल खाने में खास स्वाद और पोषक तत्व बनाए रखते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं. हालांकि, समय के साथ इन पर कालापन, जंग और दाग-धब्बे जमा हो जाते हैं, जिससे बर्तन पुराने और बदसूरत दिखने लगते हैं. लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से आप तांबे के बर्तनों को बिना महंगे क्लीनर के भी चमकदार बना सकते हैं. तांबे के बर्तन साफ करने के लिए असरदार चीजें तांबे के बर्तन टमाटर – कटे हुए टमाटर के रस को नमक के साथ बर्तन पर रगड़ें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें.  फिर पानी से धोकर सुखाएं. ईमली – ईमली का गूदा या उसका पेस्ट जंग और दाग हटाने में कारगर होता है. नींबू – नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर बर्तन पर रगड़ें, दाग तुरंत हट जाएंगे. दही या छाछ – दही या छाछ में मौजूद प्राकृतिक एसिड बर्तन की सतह को धीरे-धीरे साफ करता है. बेकिंग सोडा – बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट बनाकर बर्तन पर लगाएं और कुछ देर बाद साफ करें. तांबे के बर्तन साफ करने का आसान तरीका तांबे के बर्तन साफ करने का आसान तरीका इन सामग्रियों में से कोई भी चुनें और बर्तन पर हल्के हाथ से रगड़ें. ज्यादा जोर न लगाएं, नहीं तो बर्तन खरोंच सकते हैं. रगड़ने के बाद गुनगुने पानी से धोएं और सूखा कपड़े से पोंछें. आपके तांबे के बर्तन पहले जैसी चमक और खूबसूरती वापस पा लेंगे. किचन ने इन साधारण उपायों को अपनाकर तांबे के बर्तन को लंबे समय तक चमकदार बनाए रखा जा सकता है. यह भी पढ़ें: गर्मी में चैन से सोना है तो बदल लें बेडशीट, ये फैब्रिक देंगे कूल फीलिंग The post किचन में मौजूद इन चीजों से साफ करें तांबे के बर्तन- लौट आएगी नई जैसी शाइन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रंगे हाथ धर ली गईं मैडम: रांची ACB ने घूसखोर पंचायत सचिव को गुमला में दबोचा, 2026 की छठी बड़ी कार्रवाई

Ranchi ACB Action, गुमला, (दुर्जय पासवान): गुमला जिले के विशुनपुर प्रखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है. घूसखोरी के एक मामले में पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को 8 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है. एसीबी की टीम ने ये गिरफ्तारी विशुनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर से की है. कुएं की मरम्मत के भुगतान के लिए मांगी गयी थी घूस मिली जानकारी के अनुसार, विशुनपुर थाना क्षेत्र स्थित चट्टी सेरका पंचायत के निवासी परमेश्वर सिंह ने एसीबी रांची को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज करायी थी. जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम सभा की बैठक में उनकी जमीन पर मौजूद कुएं के रेनोवेशन के लिए उनका नाम फाइलन हुआ था. इसी के तहत उन्होंने मरम्मत का काम पूरा कर लिया. काम खत्म होने के बाद जब वे भुगतान के लिए पंचायत सचिव के पास पहुंचे तो उनसे कहा गया कि शेष राशि निकालने और बिल को स्वीकृति दिलाने के बदले 8 हजार रुपये देने होंगे. रिश्वत से इनकार, एसीबी से की शिकायत परमेश्वर सिंह ने घूस देने से साफ मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एसीबी रांची को दी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने प्राथमिक जांच करायी, जिसमें आरोप सही पाये गये. Also Read: जमीन रजिस्ट्री पोर्टल खुलने में दिक्कत, झारखंड विधानसभा में उठा मुद्दा तो मंत्रीजी ने दिया समाधान का भरोसा कैसी बिछायी गयी गिरफ्तारी की जाल मामले की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई. तय रणनीति के तहत गुरुवार को परमेश्वर सिंह को रुपये लेकर पंचायत सचिव के पास भेजा गया. जैसे ही सचिव ने उनसे 8 हजार रुपये लिये, पहले से घात लगाकर तैयार खड़े एसीबी की टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया. अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2026 में रांची एसीबी की यह छठी ट्रैप कार्रवाई है. फिलहाल गिरफ्तार पंचायत सचिव से पूछताछ की जा रही है. साथ ही आरोप सही पाये जाने पर गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. घूसखोरी मामले में कितने साल सजा का प्रावधान है? यूं तो हिंदुस्तान में घूसखोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट- 1988 के तहत होती है. इस कानून के अनुसार यदि किसी प्रशासनी कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप अदालत में साबित हो जाता है, तो आम तौर पर कम से कम 3 साल से लेकर अधिकतम 7 साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा अदालत जुर्माना भी लगा सकती है. हालांकि, सजा की अवधि इस बात पर भी निर्भर करती है कि कोर्ट में दिये गये सबूत कितने मजबूत हैं और मामले की परिस्थितियां क्या हैं. आरोपी के पास बचाव के क्या विकल्प हैं? अब सवाल उठता है कि गिरफ्तार पंचायत सचिव के पास बचाव के लिए क्या क्या विकल्प है. नियमानुसार देखें तो उनके पास कानूनी रूप से बचाव के कई ऑप्शन होता है. आइये जानते हैं वह क्या क्या चीजें हैं जो आरोपी अपने बचाव में इस्तेमाल कर सकता है. जमानत के लिए आवेदन : गिरफ्तारी के बाद वे अदालत में नियमित या अंतरिम जमानत की मांग कर सकती हैं. सबूतों को चुनौती देना : इस तरह के ट्रैपिंग केस में बरामद पैसे, केमिकल टेस्ट, गवाह और पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. प्रक्रियात्मक त्रुटि का मुद्दा : यदि एसीबी की कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन सही तरीके से नहीं हुआ हो तो वह इसे भी बचाव के तौर पर उठा सकती है. ट्रायल के दौरान निर्दोष साबित होने की कोशिश : आरोपी अदालत में अपने गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर अपने पक्ष में तर्क रख सकता है. Also Read: क्वार्टर में बुलाकर 15 हजार घूस ले रहे थे चंदवारा थाने के दारोगा, एसीबी की टीम ने धर दबोचा The post रंगे हाथ धर ली गईं मैडम: रांची ACB ने घूसखोर पंचायत सचिव को गुमला में दबोचा, 2026 की छठी बड़ी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता?

Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच जारी मतदाता सूची से 63,66,952 वोटर्स के नाम हटाये जा चुके हैं. हावड़ा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर के नाम कटे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र. वर्ष 2025 के ड्राफ्ट रोल की तुलना में 60,268 मतदाताओं की कमी आयी है. इतने मतदाताओं के नाम एक साथ कट जाने से सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में बेचैनी देखी जा रही है. तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर बोल रहे हमला तृणमूल इस मुद्दे पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र प्रशासन पर लगातार हमला बोल रही है. अब भाजपा ने भी पलटवार शुरू कर दिया है. बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि फर्जी मतदाताओं के वोट से ही पिछले 2 विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. 17231 मतदाता विचाराधीन, 3418 के नाम डिलीट चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि वर्ष 2025 में उत्तर हावड़ा में कुल 2,24,000 मतदाता थे. एसआईआर के बाद प्रकाशित इनकम्प्लीट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 1,63,732 रह गयी. 17,231 मतदाता अभी भी ‘विचाराधीन’ की श्रेणी में है. 3,418 मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिये गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2021 के चुनाव में टीएमसी-बीजेपी में हुआ था मुकाबला वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर हावड़ा सीट पर मुकाबला हुआ था. तृणमूल प्रत्याशी गौतम चौधरी ने 5,522 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. गौतम चौधरी को 71,575 और भाजपा प्रत्याशी उमेश राय को 66,053 वोट मिले थे. तृणमूल को इस सीट पर 47.81 प्रतिशत और भाजपा को 44.12 प्रतिशत वोट मिले थे. एसआईआर से उत्तर हावड़ा के चुनावी नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस बार भी तृणमूल कांग्रेस बाजी मारेगी और जोड़ा फूल ही खिलेगा. तृणमूल प्रत्याशी मतदाताओं के वोट से जीतते हैं. इस बार भी जीत तय है. एसआईआर से लोग परेशान हुए हैं. इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा. डॉ मानव जायसवाल, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस 5.46 लाख लोगों के नाम फिर हटाये गये 60,268 वोटर का नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की विधानसभा क्षेत्र में खूब चर्चा है. इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी की थी, उसमें 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये थे. अंतिम सूची में 58.21 लाख के बाद 5.46 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं. एसआईआर में 60,268 मतदाताओं के नाम हटे हैं. 17,231 अब भी विचाराधीन की श्रेणी में है. अगर विचाराधीन श्रेणी के मतदाता अंतिम सूची में जुड़ भी जाते हैं, तो भी काफी अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम हटे हैं. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में किस तरह धांधली हुई होगी. इस बार यहां कमल फूल खिलेगा. उमेश राय, प्रदेश सचिव, भाजपा इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: एसआईआर में गायब हो गयीं 33 लाख स्त्री वोटर, क्या होगा असर? SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग ने धमकाया! ममता बनर्जी का गंभीर आरोप एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट The post उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1 अप्रैल से महंगी हो जाएगी ऑडी कार, सभी मॉडल्स के बढ़ेंगे दाम

जर्मन लक्जरी कार निर्माता ऑडी ने हिंदुस्तान में अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. कंपनी ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल 2026 से सभी मॉडलों की एक्स-शोरूम कीमतों में अधिकतम दो प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी. यह कदम बढ़ते उत्पादन लागत और रुपये में उतार-चढ़ाव के असर को संतुलित करने के लिए उठाया गया है. हर मॉडल पर असर ऑडी इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी सभी मॉडलों पर लागू होगी. वर्तमान में कंपनी हिंदुस्तान में ऑडी Q3 से लेकर ऑडी RSQ8 तक की कारें बेचती है, जिनकी कीमतें लगभग ₹43.23 लाख से ₹2.34 करोड़ तक हैं. कंपनी का बयान ऑडी इंडिया के ब्रांड निदेशक बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि कच्चे माल की लागत और रुपये की अस्थिरता के चलते कीमतों में यह समायोजन आवश्यक हो गया है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का असर न्यूनतम रखने की कोशिश की जाएगी. किन ग्राहकों पर पड़ेगा प्रभाव? कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लक्जरी कार खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा. हालांकि, ऑडी का कहना है कि यह कदम कंपनी की स्थिरता और गुणवत्ता बनाये रखने के लिए जरूरी है. वजह क्या है? हिंदुस्तान में लक्जरी कार बाजार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन रुपये की गिरती वैल्यू और प्रोडक्शन कॉस्ट में बढ़ोतरी कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर कर रही है. ऑडी का यह कदम अन्य लक्जरी ब्रांड्स के लिए भी इशारा हो सकता है कि आने वाले महीनों में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यह भी पढ़ें: मार्च में एंट्री लेगी Audi SQ8, पावर और लग्जरी का है परफेक्ट बैलेंस The post 1 अप्रैल से महंगी हो जाएगी ऑडी कार, सभी मॉडल्स के बढ़ेंगे दाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री

Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में इस समय एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आखिर किस नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है. पर्दे के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. समृद्धि यात्रा में दिख रही खास केमिस्ट्री इन दिनों नीतीश कुमार पांच दिन की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनके साथ बिहार प्रशासन के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी लगातार मौजूद हैं. सीमांचल के कई जिलों में दोनों नेता एक साथ सभाएं कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों के मंचों पर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही है. मधेपुरा में एक सभा के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए. यह दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नीतीश किसी का परिचय करा रहे हों. हाल ही में अररिया से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई है. सम्राट के हाव-भाव पर बढ़ी चर्चा सम्राट चौधरी के इस अंदाज को लेकर भाजपा के कई नेता भी कयास लगा रहे हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा चल रही है कि क्या यह किसी बड़े नेतृत्वक संकेत की तरफ इशारा है. कुछ नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी किस्मत भी बदल सकती है. विकास की उपलब्धियां गिना रहे नीतीश समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं. वे कानून व्यवस्था, सड़क, परिवहन और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का जिक्र कर रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आगे भी वे बिहार की नेतृत्व से जुड़े रहेंगे और नई प्रशासन को मार्गदर्शन देते रहेंगे. नीतीश की तारीफ कर रहे सम्राट सम्राट चौधरी भी सभाओं में नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वे लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि आगे भी प्रशासन उसी सोच के साथ चलेगी, जिस दिशा में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. सीएम चयन में नीतीश की भूमिका? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही यह कह चुके हैं कि नई प्रशासन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी. इसका मतलब यह माना जा रहा है कि भाजपा जब अपना मुख्यमंत्री चुनेगी, तब नीतीश की राय भी अहम भूमिका निभा सकती है. नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़ी जातियों (OBC) या अति पिछड़ी जातियों (EBC) से हो सकता है. यह वही सामाजिक वर्ग है जिसे नीतीश कुमार का मजबूत वोट बैंक माना जाता है. कई नेताओं के नाम रेस में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. इसके अलावा 22 विधान पार्षद, 4 राज्यसभा सांसद और 12 लोकसभा सांसद भी पार्टी के पास हैं. ऐसे में पार्टी के भीतर कई नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं. दिल्ली की तरफ टिकी नजरें राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को पूरा हो जाएगा. इसके बाद पॉलिटिकल एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है. फिलहाल सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है. अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में होगा. यही तय करेंगे कि बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. Also Read: पटना में एनकाउंटर, छपरा के बदमाश को पुलिस ने मारी गोली, 1200 से अधिक गोलियां बरामद The post बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री

Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में इस समय एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आखिर किस नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है. पर्दे के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. समृद्धि यात्रा में दिख रही खास केमिस्ट्री इन दिनों नीतीश कुमार पांच दिन की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनके साथ बिहार प्रशासन के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी लगातार मौजूद हैं. सीमांचल के कई जिलों में दोनों नेता एक साथ सभाएं कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों के मंचों पर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही है. मधेपुरा में एक सभा के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए. यह दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नीतीश किसी का परिचय करा रहे हों. हाल ही में अररिया से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई है. सम्राट के हाव-भाव पर बढ़ी चर्चा सम्राट चौधरी के इस अंदाज को लेकर भाजपा के कई नेता भी कयास लगा रहे हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा चल रही है कि क्या यह किसी बड़े नेतृत्वक संकेत की तरफ इशारा है. कुछ नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी किस्मत भी बदल सकती है. विकास की उपलब्धियां गिना रहे नीतीश समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं. वे कानून व्यवस्था, सड़क, परिवहन और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का जिक्र कर रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आगे भी वे बिहार की नेतृत्व से जुड़े रहेंगे और नई प्रशासन को मार्गदर्शन देते रहेंगे. नीतीश की तारीफ कर रहे सम्राट सम्राट चौधरी भी सभाओं में नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वे लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि आगे भी प्रशासन उसी सोच के साथ चलेगी, जिस दिशा में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. सीएम चयन में नीतीश की भूमिका? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही यह कह चुके हैं कि नई प्रशासन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी. इसका मतलब यह माना जा रहा है कि भाजपा जब अपना मुख्यमंत्री चुनेगी, तब नीतीश की राय भी अहम भूमिका निभा सकती है. नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़ी जातियों (OBC) या अति पिछड़ी जातियों (EBC) से हो सकता है. यह वही सामाजिक वर्ग है जिसे नीतीश कुमार का मजबूत वोट बैंक माना जाता है. कई नेताओं के नाम रेस में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. इसके अलावा 22 विधान पार्षद, 4 राज्यसभा सांसद और 12 लोकसभा सांसद भी पार्टी के पास हैं. ऐसे में पार्टी के भीतर कई नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं. दिल्ली की तरफ टिकी नजरें राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को पूरा हो जाएगा. इसके बाद पॉलिटिकल एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है. फिलहाल सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है. अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में होगा. यही तय करेंगे कि बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. Also Read: पटना में एनकाउंटर, छपरा के बदमाश को पुलिस ने मारी गोली, 1200 से अधिक गोलियां बरामद The post बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top