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April 10, 2026

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रांची के सदर अस्पताल में नवजातों में हृदय रोग की जांच शुरू, 11 अप्रैल तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट Ranchi Sadar Hospital: झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. कांगेनिटल हार्ट डिजीज बीमारी की पहचान और जांच के लिए आयोजित यह शिविर 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान में हर साल दो लाख से ज्यादा जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और उनका निःशुल्क इलाज करना है. इस शिविर में जांच (स्क्रीनिंग), परामर्श और चिह्नित बच्चों के हृदय ऑपरेशन (सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है. गिफ्ट ऑफ लाइफ के तहत लगाया गया शिविर झारखंड प्रशासन के शिविर स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिशुरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को “केयरिंग फॉर चिल्ड्रन विद हार्ट डिजीज : एसेंशियल फैक्ट्स” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है. इस विशेष शिविर के पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय में जन्मजात छेद वाले चिह्नित बच्चों को इस शिविर में अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच की गई. इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया. इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है. नन्हें मासूमों का हृदय रोग परीक्षण इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा इको एवं अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोग का परीक्षण किया जाएगा एवं जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई उनका निशुल्क ऑपरेशन (सर्जरी ) अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची में कराया जायेगा. सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा. 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य इस शिविर में लगभग 500 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी आने जाने ठहरने आदि की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. महत्वपूर्ण जानकारी जन्म के बाद उभरने लगती है परेशानी: कुछ दोष बहुत मामूली होते हैं जो अपने आप ठीक हो सकते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं जिनके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है. लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय हांफना, त्वचा का नीला पड़ना, बहुत पसीना आना और वजन न बढ़ना इसके मुख्य लक्षण हैं. निदान और उपचार : इसका पता गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या जन्म के बाद इकोकार्डियोग्राफी (इको) से लगाया जा सकता है. इसका मुख्य उपचार दवाएं, कैथीटेराइजेशन या ओपन-हार्ट सर्जरी है. बच्चों में किन लक्षणों के बाद डॉक्टर को दिखाएं त्वचा, होंठ या नाखूनों का नीला या पीला पड़ना (साइनोसिस) कम वजन, ग्रोथ में कमी, दूध पीते-पीते हांफना या सांसें तेज होना – थक जाना वजन न बढ़ना या शारीरिक विकास रुकना, तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ नवजात में क्यों होती है बीमारी कांगेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे जन्मजात हृदय रोग भी कहते हैं, जन्म के समय हृदय की संरचना (स्ट्रक्चर) में खराबी या दोष को कहते हैं. यह समस्या तब पैदा होती है, जब गर्भावस्था के दौरान शिशु का दिल सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाता है. यह बच्चों में जन्मजात दोषों का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 100 में से 1 या 2 शिशुओं को प्रभावित करता है. हिंदुस्तान में हर साल करीब 2,00000 लाख शिशु इस बीमारी की परेशानियों से गुजरते हैं. क्या कहते हैं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों में जागरूकता नहीं रहने के चलते रोग का सही समय पर चिन्हित नहीं हो पाता है. निःशुल्क ऑपरेशन के लिए मां अमृता हॉस्पिटल के साथ नॉन फाइनेंशियल एमओयू किया गया है. सत्य साईं अस्पताल भी अलग से उपचार कर रहा है. झारखंड में यह दूसरा कैंप है. रोटरी सहित अन्य एनजीओ मरीजों परिजनों को आने-जाने के खर्च में मदद कर रहे हैं, यह उनकी ओर से बड़ा सहयोग है. इसे भी पढ़ें: बॉलीवुड की सोना महापात्र के लाइव कॉन्सर्ट में झूमेंगे सरायकेला के लोग, 11 अप्रैल से छऊ महोत्सव क्या कहते हैं चिकित्सक मां अमृता हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर और हेड डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि 1000 में आठ शिशु इस तरह की बीमारियों के साथ पैदा लेते हैं, जिनका समय पर उपचार जरूरी है. अत्यधिक गंभीर (हार्ट नीलापन) के मामलों में एक साल के अंदर आमतौर सर्जरी करा लेनी चाहिए. कॉरपोरेट अस्पताल में इनका ऑपरेशन खर्च 3 से 5 लाख तक या उससे ज्यादा भी आ सकता है. पोस्ट सर्जरी 90% नॉर्मल लाइफ जी पाते हैं. इसे भी पढ़ें: कॉपी प्रिंटिंग के छोटे व्यवसाय ने बदल दी हजारीबाग की कंचन की जिंदगी, समाज के लिए बनीं प्रेरणा The post रांची के सदर अस्पताल में नवजातों में हृदय रोग की जांच शुरू, 11 अप्रैल तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर appeared first on Naya Vichar.

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घर से भारी नकदी बरामदगी के एक साल बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा

Yashwant Varma Resigns : यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित प्रशासनी आवास पर कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के विवाद के करीब एक साल बाद यह फैसला उनकी ओर से लिया गया. 9 अप्रैल को राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में जस्टिस यशवंत वर्मा ने लिखा कि वह कारणों का बोझ राष्ट्रपति पर नहीं डालना चाहते. उन्होंने कहा कि बेहद दुख के साथ वह तुरंत प्रभाव से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे रहे हैं और इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है. पिछले साल 14 मार्च 2025 को नई दिल्ली में जस्टिस वर्मा के प्रशासनी आवास पर जले हुए नोटों के बंडल मिले थे. इसके बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया था. वर्मा को काफी पहले दे देना चाहिए था इस्तीफा : बार एसोसिएशन इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के इस्तीफे पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कहा कि उन्हें काफी पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि यशवंत वर्मा को इस्तीफा ही देना था तो काफी पहले दे देते… यह हम सभी के लिए बेहतर रहता. इससे झूठमूठ का विवाद पैदा होता रहा. इससे सभी की, हाई कोर्ट, पूरी न्यायपालिका और स्वयं उनकी भी छवि धूमिल हुई. यह भी पढ़ें : Justice Yashwant Varma Case : कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका राकेश पांडेय ने कहा कि अगर वह लड़ रहे थे तो उन्हें लड़ते रहना चाहिए था, और अगर इस्तीफा देना था तो इसे शुरू में ही दिया जा सकता था. उन्होंने अब जाकर इस्तीफा दिया है तो भी यह स्वागत योग्य कदम है… उन्होंने समझदारी का काम किया. यह भी पढ़ें : Justice Yashwant Varma: कौन हैं दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा? जिनके बंगले में मिला कैश भंडार  The post घर से भारी नकदी बरामदगी के एक साल बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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Hyundai Grand i10 को बना दिया ‘चलता-फिरता फ्लैट’, वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर गुजरात से एक Hyundai Grand i10 का मॉडिफाइड वर्जन वायरल हो रहा है. इस छोटी हैचबैक को इस तरह बदला गया है कि अब यह किसी मिनी वैन या छोटे फ्लैट जैसी दिखती है. सबसे बड़ा बदलाव इसकी छत में किया गया है, जिसे काफी ऊंचा कर दिया गया है. मॉडिफाइड डिजाइन ऊंची छत के कारण कार अब बॉक्सी और लंबी दिखती है. अंदर बैठने वालों के लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इससे केबिन ज्यादा खुला और आरामदायक हो गया है. पीछे बैठे यात्रियों को खास तौर पर ज्यादा स्पेस मिलता है. Gujarat’s modified i10 looks like a mini luxury van 😳 would you actually drive this? pic.twitter.com/SCR4zMfD1I — Krishnan Gaur (@Mercedes5494) April 10, 2026 सुरक्षा और कानूनी पहलू ऐसे मॉडिफिकेशन हालांकि मजेदार जरूर लग सकते हैं, लेकिन यह सुरक्षा पर असर डाल सकते हैं. कार की संरचना बदलने से क्रैश सेफ्टी और बैलेंस प्रभावित होता है. हिंदुस्तान में ऐसे बदलाव Motor Vehicles Act के तहत आते हैं और इन्हें कानूनी मंजूरी की जरूरत होती है. अगर मॉडिफिकेशन अप्रूव्ड नहीं है तो बीमा क्लेम भी मुश्किल हो सकता है. ड्राइविंग पर असर ऊंची छत से कार की सेंटर ऑफ ग्रैविटी बदल जाती है. इससे हाई स्पीड पर बैलेंस और स्टेबिलिटी प्रभावित हो सकती है. यानी दिखने में मजेदार लेकिन चलाने में चुनौतीपूर्ण. कार का बेस मॉडल यह मॉडिफिकेशन पुराने Grand i10 पर आधारित है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन (83 bhp) और 1.1-लीटर डीजल इंजन (190 Nm) का विकल्प था. दोनों में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता था, जबकि पेट्रोल में 4-स्पीड ऑटोमैटिक भी था. यह भी पढ़ें: Viral Video: 20 फीट गड्ढे में गिरी टाटा सिएरा SUV, सभी यात्री सुरक्षित यह भी पढ़ें: Viral Video: इस देश में बिना ड्राइवर के सड़कों पर दौड़ रही टैक्सी, खुद मुड़ती है और खुद रुकती है, देखें वीडियो The post Hyundai Grand i10 को बना दिया ‘चलता-फिरता फ्लैट’, वायरल हुआ वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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क्या ज्यादा एंटीना वाला WiFi राउटर फास्ट इंटरनेट देता है? घर में लगवाने से पहले जानें सच्चाई

जब हम नया WiFi राउटर लेने जाते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर उसके एंटीना पर ही जाती है. हम ऐसा सोच लेते हैं कि जितने ज्यादा एंटीना होंगे, उतनी ही ज्यादा स्पीड मिलेगी. लेकिन असल कहानी थोड़ी अलग है. कई बार स्लो इंटरनेट की परेशानी में लोग तुरंत ज्यादा एंटीना वाला राउटर खरीद लेते हैं, ये मानकर कि इससे स्पीड बढ़ जाएगी. हकीकत ये है कि सिर्फ एंटीना बढ़ाने से इंटरनेट तेज हो जाएगा, ये जरूरी नहीं है. तो फिर असली फर्क कहां पड़ता है? आइए समझते हैं. एंटीना का स्पीड से कोई लेना-देना नहीं आजकल ऐसे राउटर भी आते हैं जिनमें 8 तक एंटीना होते हैं. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आपको ज्यादा इंटरनेट स्पीड मिलेगी. असल में इन एंटीना का काम Wi-Fi सिग्नल को भेजना-रिसीव करना और उसकी कवरेज को बेहतर बनाना होता है. यानी ये आपके घर के हर कोने तक मजबूत और स्टेबल कनेक्शन पहुंचाने में मदद करते हैं. आपकी स्पीड पूरी तरह आपके इंटरनेट प्लान और सर्विस प्रोवाइडर पर डिपेंड करती है. मान लीजिए आपने 100 Mbps का प्लान लिया है, तो चाहे राउटर में 2 एंटीना हों या 8, स्पीड वही रहने वाली है. कब काम आते हैं ज्यादा एंटीना वाले राउटर? अगर आपके घर या ऑफिस में एक साथ कई लोग Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो ज्यादा एंटीना वाला राउटर काफी काम का साबित होता है. इसकी खास बात MIMO (Multiple-Input Multiple-Output) टेक्नोलॉजी है, जो एक ही समय पर कई डिवाइस के साथ स्मूद कनेक्शन बनाए रखती है. यानी ज्यादा डिवाइस जुड़ने पर भी इंटरनेट इतना आसानी से स्लो नहीं होता. हालांकि, स्पीड आखिरकार आपके इंटरनेट प्लान पर ही डिपेंड करती है. आपके WiFi राउटर को कितने एंटीना की जरूरत है? अगर आप अपने घर के लिए WiFi राउटर लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी जरूरत समझ लें. अगर आपका घर छोटा है और कम डिवाइस इस्तेमाल होते हैं, तो सिंपल सा 2-3 एंटेना वाला राउटर भी आराम से काम कर जाएगा. लेकिन अगर घर बड़ा है या कई कमरे हैं, तो आप ज्यादा एंटीना वाले राउटर या मेश राउटर (Mesh Router) यूज कर सकते हैं. क्या होते हैं मेश राउटर (Mesh Router)? मेश राउटर में एंटेना बाहर से दिखते नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उनका सिग्नल कमजोर होता है. सच तो ये है कि हर वायरलेस राउटर में एंटेना होते हैं, चाहे वो बाहर दिखें या अंदर छिपे हों. मेश राउटर कई बार ट्रेडिशनल राउटर से भी बेहतर साबित होते हैं, क्योंकि ये अलग तरीके से सिग्नल फैलाते हैं.  मेश राउटर काफी मददगार होते हैं. ये मेन राउटर और सैटेलाइट यूनिट्स के जरिए पूरे घर में सिग्नल फैलाते हैं और डेड जोन (जहां सिग्नल नहीं आता) को खत्म करने में मदद करते हैं. इससे हर जगह बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है. यह भी पढ़ें: WiFi राउटर के पीछे छुपा USB पोर्ट है बड़े काम का, कर सकते हैं ये सारे काम The post क्या ज्यादा एंटीना वाला WiFi राउटर फास्ट इंटरनेट देता है? घर में लगवाने से पहले जानें सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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हाथी के हमले में भाजपा नेता की जान गई, सतर्क करते-करते खुद बने शिकार

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट Gumla News: झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत घाघरा थाना के बुरहु ग्राम निवासी 32 वर्षीय अनूप कुमार पांडे को हाथी ने कुचलकर मार डाला. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है.  काम पर जाते वक्त हाथी से हुआ सामना जानकारी के अनुसार अनूप बुरहु गांव में स्थित पावर ग्रिड पीएसएस ऑपरेटर का काम करता था. शुक्रवार की सुबह वह काम पर जा रहा था. इसी दौरान बुरहु पतरा के पास लोगों की भीड़ देखा तो अनूप भी वहां चला गया जाने के बाद पता चला कि जंगली हाथी पतरा में है.  लोगों को किया सतर्क, खुद बने शिकार अनूप ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पूरे इलाके को जानकारी दिया कि पतरा में जंगली हाथी आया है, कोई भी इधर ना आए. अगर आते भी तो पूरी सतर्कता के साथ आए. जिसके बाद अनूप के साथ में और दो लोग पतरा के अंदर थोड़ी दूर घुसे. इतने में हाथी दौड़ाने लगा. अनूप के साथ में गए दो युवक दूसरे रास्ते से भाग कर अपनी जान बचाया वहीं, अनूप हाथी के चपेट में आ गया.  नहीं लौटने पर किया फोन  काफी देर के बाद भी जब अनूप पतरा से बाहर नहीं आया तब उसके मोबाइल पर लोगों ने फोन किया तो उसने फोन भी नहीं उठाया. लोगों को अंदेशा होने लगा कि अनूप के साथ कुछ अनहोनी हो गई है. जिसके बाद हिम्मत करके कुछ लोग पतरा के अंदर घुसे तो देखा कि अनूप खून से लतपत मृत पड़ा है. जिसके बाद उसे उठाकर पतरा से बाहर निकाला गया और घटना की जानकारी घाघरा थाना फॉरेस्ट विभाग सहित कई जगहों पर दी गई. घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ो की संख्या में लोग घटनास्थल पहुंच गए.  प्रशासन और वन विभाग मौके पर पहुंचा थानेदार मोहन कुमार सिंह, रेंजर बिरसा लोहरा, फॉरेस्टर समी आफताब, प्रधान वनरक्षी सुनील राम और पीटर बाडा़ सहित कई लोग घटनास्थल पहुंचे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज दिया है. रेंजर बिरसा लोहरा ने कहा घटना काफी दुखदाई है. मृतक के परिवार को तत्काल सहयोग के तौर पर 25 हजार दिया जा रहा है बाकी मुआवजा की राशि कागजी प्रक्रिया के बाद दिया जाएगा. मुआवजा के लिए भी परिजनों का पूरा सहयोग वन विभाग की टीम करेगी.  भाजपा से जुड़े थे अनूप पांडे अनूप पूर्व हिंदुस्तानीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के महामंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में बीते 6 अप्रैल को घाघरा मंडल से नए पदाधिकारी की सूची अनुशंसा कर जिला भेजी गई, जिसमें अनूप कुमार पांडे को मंडल महामंत्री के तौर पर अनुशंसा कर भेजा गया. वह भाजपा के लिए पूरी ईमानदारी और सक्रिय रूप से पूरे इलाके में काम करते थे. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ पूरे परिवार के लिए सिर्फ अनूप ही सहारा था. बूढ़े माता-पिता के साथ-साथ एक छोटा भाई दो बहन है. जिसमें से एक बहन की शादी उसने किया था. सभी का रो रो कर बुरा हाल है. गांव के लोगों के आंखों में आंसू है. सभी का कहना है कि हर सामाजिक काम से लेकर हर चीज में अनूप पूरे गांव का मदद करता था.  भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताया शोक घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता बिपिन बिहारी सिंह, रमेश गुप्ता, श्यामकिशोर पाठक, किशोर जायसवाल, अमित ठाकुर सहित अन्य लोग घटनास्थल पहुंचे. अनूप के शव को देखते ही आंखों में आंसू आने लगे. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह भाजपा ही नहीं पूरे इलाके के लिए अपूरणीय क्षति है. इसकी भरपाई हम सभी मिलकर भी नहीं कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: सरायकेला में मनरेगा कर्मियों का हड़ताल जारी, 9-10 अप्रैल को  ग्रामीण विकास मंत्री आवास घेराव का ऐलान यह भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश The post हाथी के हमले में भाजपा नेता की जान गई, सतर्क करते-करते खुद बने शिकार appeared first on Naya Vichar.

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भाजपा का बंगाल के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी, महिलाओं के खाते में देंगे 3,000 रुपये प्रति माह

मुख्य बातें स्त्रीओं और बेरोजगारों के लिए 3 हजार टका कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता छह माह में लागू करेंगे यूसीसी BJP Manifesto: कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- यह संकल्प पत्र बंगाल के हर तबके को निराशा से बाहर निकालने का एक मार्ग है. यह कई प्रकार की आशंकाओं से घिरे किसानों को बाहर निकलने का एक नया मार्ग दिखाएगा. प्रधानमंत्री मोदी के विकसित हिंदुस्तान की जो कल्पना है, उस रोड मैप को भी यह संकल्प पत्र बंगाल की जनता के सामने रखेगा. जनता भयभीत और निराश है. जनता मन से परिवर्तन चाहती है. आज हम बंगाल की विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं. स्त्रीओं और बेरोजगारों के लिए 3 हजार टका भाजपा नेताओं और मंत्रियों के मुख से कई बार यह बात सुनी गई थी कि भाजपा के सत्ता में आने पर स्त्रीओं को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. इस प्रस्ताव को भाजपा के घोषणापत्र में शामिल किया गया है. अमित शाह ने कहा कि भाजपा प्रशासन बनने पर स्त्रीओं को प्रति माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. भाजपा ने बेरोजगार युवाओं को तीन हजार रुपये देने का वादा किया है. बंगाल की स्त्रीओं को सशक्त बनाने के लिए प्रति माह तीन हजार टका दिए जाएंगे. इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ लोगों के लिए नए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर सृजित किए जाएंगे. युवाओं को रोजगार मिलने तक हर महीने 3,000 टका दिए जाएंगे. स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष स्त्री पुलिस बटालियन का गठन किया जाएगा, जिसका नाम दुर्गा सुरक्षा दस्ता होगा. राज्य में सभी प्रशासनी नौकरियों में 33 प्रतिशत सीटें स्त्रीओं के लिए आरक्षित होंगी. कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता भाजपा के प्रस्ताव में स्त्रीओं, युवाओं से लेकर कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता दी गई है. प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) सुनिश्चित किया जाएगा. सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा. रिक्त पदों को 45 दिनों के भीतर भरा जाएगा. काटमानी सांस्कृतिक सिंडिकेट राज का खात्मा किया जाएगा. अमित शाह ने कहा कि तृणमूल प्रशासन के शासनकाल में पिछले 15 वर्षों में हुए भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करने के लिए एक विशेष श्वेत पत्र प्रकाशित किया जाएगा. इसके साथ ही भाजपा ने धान, आलू और आम की खेती के लिए प्रशासन द्वारा विशेष सहायता प्रदान करने और किसानों को फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाने का वादा किया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें छह माह में लागू करेंगे यूसीसी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं. इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी. हम घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार करेंगे. हमने तय किया है कि 45 दिनों में ही हिंदुस्तान प्रशासन के गृह मंत्रालय को जितनी भूमि उपलब्ध करानी है, वह बंगाल प्रशासन द्वारा कराई जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- भाजपा-शासित कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी है. 6 महीने के भीतर, हम बंगाल में भी UCC लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरे राज्य में सभी नागरिकों पर कानूनों का एक ही, समान सेट लागू हो. हम न केवल घुसपैठियों के लिए बंगाल की सीमाओं को सील करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल के रास्ते हिंदुस्तान से एक भी गाय की तस्करी न हो. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post भाजपा का बंगाल के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी, स्त्रीओं के खाते में देंगे 3,000 रुपये प्रति माह appeared first on Naya Vichar.

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शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना, 11 अप्रैल को हो सकती है ईरान के साथ बातचीत

Iran US Ceasefire: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ईरान के साथ वार्ता का नेतृत्व करने के लिए पाकिस्तान रवाना हो गए हैं. वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी वेंस को इस संवेदनशील मिशन की जिम्मेदारी सौंपी है. वार्ता का मकसद ईरान के साथ चल रहे तनाव का समाधान निकालना है. वार्ता की पहल ऐसे समय में हो रही है जब अस्थायी युद्धविराम कमजोर पड़ता दिख रहा है और ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद बने हुए हैं. इन मतभेदों को सुलझाना आसान नहीं माना जा रहा. ईरान-अमेरिकी वार्ता में कौन होंगे शामिल? ईरान अमेरिका की बातचीत में दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं. व्हाइट हाउस के मुताबिक वार्ता शनिवार (11 अप्रैल) को होगी. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं. जेडी वेंस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. हालांकि White House ने बातचीत के स्वरूप को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी है. यह भी नहीं बताया गया है कि बातचीत सीधे होगी या अप्रत्यक्ष. वहीं, ईरान की ओर से अभी तक अपने प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. क्या बातचीत में बनेगी बात? ईरान और अमेरिका में बातचीत शुरु होने तो जा रही है. लेकिन इसके नतीजे को लेकर संशय बरकरार है. इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता 10 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर होगी, जो अमेरिका की पहले पेश की गई 15 सूत्रीय योजना से काफी अलग है. वहीं, सीजफायर के बाद इजराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है, जिससे बातचीत का माहौल और जटिल हो गया है. इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियां भी बातचीत का मूड बिगाड़ सकती है. वहीं जब ईरान ने अपनी दस सूत्री मांगों की सूची साझा करना शुरू किया तो उसमें ऐसी मांगें भी शामिल थीं जिनसे अमेरिका कभी सहमत नहीं हो सकता था. जैसे ईरान का होर्मुज पर नियंत्रण की बात स्वीकार करना, युद्ध क्षति के लिए मुआवजा देना और सभी प्रतिबंधों को हटाना. अमेरिका किन मुद्दों पर कर सकता है बात सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने अपना 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी तैयार किया है. इस योजना का पूरा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कहा जाता है कि इसमें ईरान को परमाणु हथियार न रखने की प्रतिबद्धता, अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को सौंपना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है. ऐसे में सवाल है कि इस बातचीत में कोई बीच का रास्ता निकलेगा या यह वार्ता विफल हो जाएगी. The post शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना, 11 अप्रैल को हो सकती है ईरान के साथ बातचीत appeared first on Naya Vichar.

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11 महीने में 20 से ज्यादा AI Tools, बेस्ट है IIT कानपुर का सर्टिफिकेट प्रोग्राम

Best AI Course: आईआईटी कानपुर की ओर से लॉन्च डेटा एनालिटिक्स एंड जेनरेटिक एआई प्रोग्राम उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए मौका है जो कम समय में नई स्किल सीखकर अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. इस कोर्स (Best AI Course) के जरिए आप AI की प्रैक्टिकल समझ हासिल कर सकते हैं और खुद को भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि IIT Kanpur की ओर से लॉन्च इस कोर्स को नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड वालों के लिए तैयार किया गया है. इस कोर्स में क्या-क्या होगा और कैसे एडमिशन ले सकते हैं इसकी डिटेल्स नीचे देख सकते हैं. Best AI Course: क्या है IIT Kanpur का एआई कोर्स? आईआईटी कानपुर की ओर से ऑफर AI कोर्स E&ICT Academy की मदद से कराया जाएगा. इस प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट्स को IIT कानपुर के एक्सपर्ट फैकल्टी से लाइव मास्टरक्लास का मौका मिलेगा. इस कोर्स का पूरा नाम प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स इन डेटा एनालिटिक्स एंड जेनरेटिक एआई है. इस प्रोग्राम (Best AI Course) में एडमिशन की आखिरी तारीख 13 अप्रैल 2026 है, इसकी अवधि 11 महीने की है और यह पूरी तरह से लाइव, ऑनलाइन और इंटरएक्टिव फॉर्मेट में कराया जाएगा. IIT Kanpur AI कोर्स में क्या-क्या? AI सर्टिफिकेट कोर्स में Excel, SQL, Python, R, Power BI, Tableau और ChatGPT जैसे 20 से ज्यादा टूल्स सिखाए जाएंगे. Microsoft Learn Portal पर ‘Microsoft Azure Data Fundamentals’ के लिए बैज और ट्रॉफी भी हासिल करने का मौका मिलेगा. स्टूडेंट्स को 215 से ज्यादा एक्सरसाइज और 12 से अधिक प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रैक्टिकल लर्निंग का मौका मिलेगा. यह कोर्स पूरी तरह से लाइव, ऑनलाइन और इंटरएक्टिव फॉर्मेट में कराया जाएगा. IIT Kanpur Best AI Course Details Check Here इन 20 AI Tools को सीखने का मौका ये टॉपिक्स होंगे कवर डेटा एथिक्स का परिचय (Introduction to Data Ethics) लीगल और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Legal and Regulatory Frameworks) डेटा प्राइवेसी और कंसेंट (Data Privacy and Consent) डेटा हैंडलिंग और सिक्योरिटी (Data Handling and Security) ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी (Transparency and Accountability) डेटा विजुअलाइजेशन और कम्युनिकेशन (Data Visualization and Communication) डेटा एनालिसिस में बायस और फेयरनेस (Bias and Fairness in Data Analysis) एथिकल डिसीजन मेकिंग (Ethical Decision-Making) मशीन लर्निंग और AI में एथिक्स (Ethics in Machine Learning and AI) सोशल और एथिकल इम्पैक्ट्स (Social and Ethical Impacts) कॉर्पोरेट ट्रेनिंग का मौका आईआईटी कानपुर की ओर से ऑफर इस सर्टिफिकेट कोर्स को करने के लिए 1.35 लाख फीस देने होंगे. इस कोर्स के दौरान प्रोफेशनल्स को कॉर्पोरेट ट्रेनिंग करने का मौका भी मिलेगा. इसमें लर्नर्स को 24×7 असिस्टेंस और सपोर्ट भी दिया जाता है. यह भी पढ़ें: AI का क्रेज या CSE की सेफ्टी? जानें कौन सा कोर्स दिलाएगा बेहतर करियर The post 11 महीने में 20 से ज्यादा AI Tools, बेस्ट है IIT कानपुर का सर्टिफिकेट प्रोग्राम appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा सांसद बने सीएम नीतीश कुमार, आज ही मोदी-शाह से हो सकती है मुलाकात

CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए हैं. आज उन्होंने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया. शपथ ग्रहण के दौरान बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ही पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी कर सकते हैं. चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद के बाद अब सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा में अपनी भूमिका निभायेंगे. इसी के साथ नीतीश कुमार ने चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड बना दिया है. पहली बार सीएम नीतीश राज्यसभा पहुंचे हैं. राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद अब जल्द ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसे में बिहार के अगले सीएम को लेकर चर्चा तेज है. दिल्ली पहुंचने पर सीएम नीतीश ने क्या कहा था? शपथ ग्रहण के सिलसिले में सीएम नीतीश गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था, हमने तय कर लिया है, जिसके बारे में आप सभी को पहले ही बता दिया है. पिछले 20 साल से बिहार में काम कर रहे हैं. अब दिल्ली में ही रहकर काम करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा था कि वहां का सबकुछ छोड़कर अब यहीं रहेंगे. इतना ही नहीं, जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री पद और वहां की जिम्मेदारियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे तीन-चार दिन के बाद वापस जायेंगे और सब कुछ व्यवस्थित कर देंगे. नये लोग देखेंगे. इस तरह से बिहार के नए सीएम को लेकर एनडीए क्या फैसला लेती है, इसका इंतजार किया जा रहा है. BJP की बैठक में सीएम पर चर्चा आज ही दिल्ली में बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक होगी. इस हाई लेवल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य कोर ग्रुप के सदस्य मौजूद रहेंगे. जानकारी के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार में नई प्रशासन के गठन और संभावित सीएम के नाम पर चर्चा करना बताया जा रहा है. Also Read: ‘नीतीश जी का मिशन अधूरा, निशांत कुमार ही करेंगे पूरा’, JDU ऑफिस के बाहर लगा पोस्टर The post राज्यसभा सांसद बने सीएम नीतीश कुमार, आज ही मोदी-शाह से हो सकती है मुलाकात appeared first on Naya Vichar.

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घर पर बनाएं पौष्टिक सहजन दाल, हर बाइट में हेल्थ और स्वाद दोनों का तड़का

Moringa Dal Recipe: मोरिंगा की दाल एक पौष्टिक और स्वादिष्ट हिंदुस्तानीय व्यंजन है, जो खासतौर पर घरों में आसानी से बनाई जाती है. सहजन की फली में विटामिन, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं. दाल के साथ इसका मेल न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसे और भी हेल्दी बना देता है. हल्के मसालों और आसान विधि से तैयार होने वाली यह दाल रोजमर्रा के खाने के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है और यह हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. दाल बनाने के लिए सामान  1 कप अरहर (तूर) दाल 1–2 सहजन (मोरिंगा) की फली (कटे हुए टुकड़े) 1 टमाटर (कटा हुआ) 1 छोटा प्याज (कटा हुआ) 2–3 लहसुन की कलियां 1 छोटा टुकड़ा अदरक 1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर नमक स्वादानुसार 2 कप पानी 1–2 चम्मच तेल या घी तड़के के लिए: 1/2 छोटी चम्मच जीरा 1–2 सूखी लाल मिर्च 1 चुटकी हींग 7–8 करी पत्ते दाल बनाने का सही तरीका  दाल उबालें दाल को अच्छे से धो लें. प्रेशर कुकर में दाल, सहजन के टुकड़े, हल्दी, नमक और पानी डालकर 3–4 सीटी आने तक पकाएं. मसाला तैयार करें एक कढ़ाही में तेल या घी गरम करें. उसमें जीरा, हींग, करी पत्ते और सूखी लाल मिर्च डालें. फिर प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. टमाटर और मसाले डालें अब अदरक-लहसुन और टमाटर डालें. लाल मिर्च पाउडर डालकर तब तक पकाएं जब तक मसाला अच्छे से पक न जाए. दाल मिलाएं अब उबली हुई दाल को इस मसाले में डालें और अच्छे से मिलाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर 5–7 मिनट धीमी आंच पर पकाएं. तैयार है आपकी दाल  ऊपर से हरा धनिया डालकर गरम-गरम सर्व करें. यह भी पढ़ें: नाश्ते में बनाएं शेफ कुणाल कपूर का स्पेशल मूंग दाल उत्तपम, सुबह की भागदौड़ के लिए बेस्ट रेसिपी यह भी पढ़ें: चना दाल का यह हलवा बन जाएगा आपका फेवरेट, जानें मिनटों में बनने वाली आसान रेसिपी The post घर पर बनाएं पौष्टिक सहजन दाल, हर बाइट में हेल्थ और स्वाद दोनों का तड़का appeared first on Naya Vichar.

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