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April 10, 2026

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घर पर ऐसे करें वॉशिंग मशीन की डीप क्लीनिंग, मशीन रहेगी नई जैसी

Washing Machine Cleaning Tips:  वॉशिंग मशीन की रेगुलर सफाई बहुत जरूरी है क्योंकि इससे मशीन की काम करने की क्षमता बनी रहती है और कपड़े भी साफ और ताजे निकलते हैं. समय के साथ मशीन के ड्रम, रबर गैस्केट और डिटर्जेंट ट्रे में गंदगी, डिटर्जेंट के अवशेष और फंगस जमा हो जाते हैं, जिससे बदबू और बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं. अगर मशीन की सफाई समय-समय पर न की जाए तो उसकी उम्र भी कम हो सकती है. इसलिए हर कुछ हफ्तों में घरेलू उपायों से या सही तरीके से मशीन की डीप क्लीनिंग करना जरूरी है. इससे न सिर्फ मशीन बेहतर चलती है बल्कि कपड़े भी ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित रहते हैं. 1. सिरका और बेकिंग सोडा से डीप क्लीनिंग ड्रम में 1 कप सफेद सिरका और आधा कप बेकिंग सोडा डालकर मशीन को खाली रखें और गर्म पानी पर पूरा साइकिल चलाएं. इससे मशीन के अंदर जमी गंदगी, बदबू और डिटर्जेंट के अवशेष आसानी से निकल जाते हैं और मशीन साफ हो जाती है. 2. डिटर्जेंट ट्रे की गहरी सफाई डिटर्जेंट और सॉफ्टनर डालने वाली ट्रे को बाहर निकालकर गर्म पानी में भिगोएं. फिर ब्रश की मदद से अच्छे से रगड़कर साफ करें. इस जगह पर अक्सर फंगस और चिपचिपा मैल जम जाता है, इसलिए इसे नियमित साफ करना जरूरी है. 3. ड्रम और रबर गैस्केट की सफाई मशीन के दरवाजे के रबर गैस्केट में बाल, धूल और गंदगी फंस जाती है. इसे मुलायम कपड़े और हल्के साबुन के घोल से अच्छे से पोंछें. इससे बदबू और बैक्टीरिया बनने से रोका जा सकता है. 4. हॉट वॉटर साइकिल का उपयोग करें महीने में कम से कम एक बार मशीन को बिना कपड़ों के सिर्फ गर्म पानी पर चलाएं. यह तरीका अंदर की चिकनाई, साबुन के अवशेष और बैक्टीरिया को खत्म करने में बहुत मदद करता है और मशीन को लंबे समय तक ठीक रखता है. 5. फिल्टर की नियमित सफाई मशीन के नीचे लगे फिल्टर को समय-समय पर निकालकर साफ करें. इसमें अक्सर धागे, कचरा और छोटे कण फंस जाते हैं, जिससे पानी की निकासी रुक सकती है. साफ फिल्टर मशीन की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाए रखता है. The post घर पर ऐसे करें वॉशिंग मशीन की डीप क्लीनिंग, मशीन रहेगी नई जैसी appeared first on Naya Vichar.

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नीतीश कुमार: दो दशकों में बदली बिहार की तस्वीर, अब दिल्ली की नई पारी की तैयारी

Nitish Kumar: बिहार की नेतृत्व में एक युग का अंत हो रहा है और साथ ही एक नए अध्याय की शुरुआत भी. करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने बिहार के सामाजिक जीवन में नेतृत्वक संस्कॄति के एक नए दौर की शुरुआत की कोशिश की, जिसमें बड़बोलापन और अहंकार से मुक्त होकर मौन का सारांश स्थापित किया. नेतृत्व की आक्रामक शैली के स्थान पर समन्वय के युग का श्रीगणेश किया. करीब 19 साल और 236 दिनों तक बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. उनके शासन का मूलमंत्र हमेशा ‘विकास के साथ न्याय’ और ‘सुशासन’ रहा. सादगी और ईमानदारी को अपनी ढाल बनाकर उन्होंने न केवल राज्य की तस्वीर बदली, बल्कि हिंदुस्तानीय नेतृत्व में अपनी एक ऐसी धवल छवि बनाई जिसे उनके विरोधी भी सम्मान की नजर से देखते हैं. बेपटरी बिहार को फिर से ट्रैक पर लाए नीतीश नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने वह बदलाव देखे जो कभी असंभव माने जाते थे. जिस राज्य में शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था, वहां उन्होंने चकाचक सड़कों का जाल बिछाया और राजधानी पटना से बिहार के किसी भी कोने तक पहुंचने का समय तय कर दिया. शिक्षा के क्षेत्र में उनकी ‘साइकिल योजना’ ने न केवल बेटियों को स्कूल तक पहुंचाया, बल्कि पूरे देश के लिए एक नजीर पेश की. स्वास्थ्य सेवाओं का आलम यह था कि अस्पतालों के किवाड़ तक उखड़े हुए थे, लेकिन नीतीश कुमार ने व्यवस्था को दुरुस्त कर मरीजों का भरोसा प्रशासनी तंत्र पर वापस कायम किया. बिजली के क्षेत्र में उन्होंने जो क्रांति की, उसी का नतीजा है कि आज गांवों में भी 22 से 24 घंटे बिजली मिल रही है. संसदीय जीवन के 41 साल और रिकॉर्ड 10 बार शपथ नीतीश कुमार का राजनैतिक जीवन संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा है. 1985 में पहली बार विधायक बनने से लेकर 6 बार लोकसभा सांसद और फिर रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले वे देश के पहले राजनेता बने. उन्होंने संसदीय लोकतंत्र के चारों सदनों—लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद और अब राज्यसभा का हिस्सा बनकर अपनी संसदीय यात्रा को पूर्णता दी है. उनके कार्यकाल में शराबबंदी और पंचायती राज संस्थाओं में स्त्रीओं को 50 प्रतिशत आरक्षण जैसे कड़े और क्रांतिकारी फैसलों ने उन्हें समाज सुधारक नेता के रूप में स्थापित किया. आने वाली प्रशासन के लिए ‘बड़ी लकीर’ की चुनौती अब जब नीतीश कुमार विदा ले रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके द्वारा खींची गई विकास की इस लंबी लकीर को आगे कौन बढ़ाएगा. एनडीए के नेताओं का मानना है कि नई प्रशासन भी उनके मार्गदर्शन में ही चलेगी, लेकिन बिहार को जिस ऊंचाई पर नीतीश ने पहुंचाया है, उसे बरकरार रखना आने वाले नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. विपक्ष हो या पक्ष, आज हर कोई यह स्वीकार कर रहा है कि नीतीश कुमार ने नेतृत्व को सेवा और जिम्मेदारी के रूप में परिभाषित किया है. बिहार के विकास की जो इबारत उन्होंने लिखी है, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगी. Also Read: शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह The post नीतीश कुमार: दो दशकों में बदली बिहार की तस्वीर, अब दिल्ली की नई पारी की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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YRKKH: अरमान का फूटा गुस्सा, मेहर से कहा- मायरा की मां बनने की कोशिश न करें

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के लेटेस्ट एपिसोड में अभीरा, अरमान और मेहर के बीच टकराव देखने को मिलेगा.वहीं आर्यन और दिशा की शादी के बीच चौंकाने वाले मोड़ सामने आएंगे. सीरियल में दिखाया जाएगा कि आर्यन, अभीरा से उसके अगले कदम के बारे में पूछता है. अभीरा बताती है कि उसके पास कोई बैकअप प्लान नहीं है, लेकिन तभी उसे याद आता है कि जरूरी डेटा अभी भी मेहर के फोन में मौजूद है. इसके बाद वह एक बड़ा फैसला लेती है कि आर्यन की शादी में जाकर मेहर का ध्यान भटकाकर उसका फोन हासिल करेगी. अरमान और अभीरा को अलग करने की कोशिश करेगी विद्या सीरियल में दिखाया जाएगा कि शादी के दौरान दामयंती, अभीरा को मेहमानों का स्वागत करने के लिए कहती है, जिस पर विद्या नाराज हो जाती है. हालांकि कावेरी के समझाने पर अभीरा यह जिम्मेदारी निभाती है, लेकिन वह सिर्फ अरमान और मायरा का स्वागत करती है. यह देखकर विद्या और मेहर दोनों हैरान रह जाते हैं. इस बीच विद्या लगातार अभीरा और अरमान को अलग रखने की कोशिश करती है और मेहर को भी ऐसा करने के लिए कहती है. जब अभीरा, मायरा से बात करने की कोशिश करती है, तो मायरा उसे इग्नोर करती है. क्या मेहर का सच आएगा सामने? मेहर, अरमान को कंट्रोल करने की कोशिश करती है, लेकिन अरमान उसके रवैये पर नाराज हो जाता है. अरमान उससे कहता है कि वह मायरा की मां बनने की कोशिश न करे. दूसरी तरफ अभीरा और तान्या मेहर का फोन हासिल करने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन वह नहीं कर पाते. ये रिश्ता क्या कहलाता है के आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभीरा, मेहर का सामना करती नजर आएगी. वह पूछती है कि आखिर कब तक वह सच छुपाएगी. अरमान भी गुस्से में मेहर से जवाब मांगता है और उस पर उसकी जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाता है. यह भी पढ़ें- अधूरी मोहब्बत की खतरनाक कहानी है ‘डकैत’, अदिवि शेष-मृणाल ठाकुर की दमदार परफॉर्मेंस The post YRKKH: अरमान का फूटा गुस्सा, मेहर से कहा- मायरा की मां बनने की कोशिश न करें appeared first on Naya Vichar.

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शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह

CM Nitish Kumar: लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके सीएम नीतीश कुमार अब राज्यसभा में अपनी भूमिका निभायेंगे. आज वे शपथ ग्रहण करेंगे और जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं. नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि खरमास के बाद बिहार में नई प्रशासन का गठन हो सकता है. बिहार के लिए जरूरी फैसले नीतीश कुमार लगभग 20 सालों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने बिहार के लिए कई ऐसे फैसले लिए, जो यादगार बन गए या फिर ऐसा भी कहा जा सकता है कि उन फैसलों ने बिहार को नई राह दी. हर घर बिजली, जातीय सर्वेक्षण, स्त्रीओं को आरक्षण समेत कई जरूरी फैसले उन्होंने लिए. सीएम नीतीश के 10 यादगार फैसले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में स्त्रीओं को बढ़ावा देने के लिए पुलिस में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. पंचायत और नगर निकायों में स्त्रीओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई. इसके बाद दो लाख रुपए की भी सहायता राशि दी जाएगी. बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फैसला सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक माना जाता है. जीविका दीदियों के विस्तार से स्त्री सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया. सात निश्चय योजना के तहत बिहार के लोगों को सहायता दी जा रही. हाल में सात निश्चय पार्ट- 3 को मंजूरी दी गई. हर घर बिजली का सपना पूरा किया गया. खासकर बिहार के ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाई गई. बिहार में जातिगत जनगणना कराई गई. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल और पोशाक योजना लाई गई. ताकि ज्यादा से ज्यादा शिशु स्कूल पहुंचे. नीतीश प्रशासन ने महादलित आयोग की स्थापना 2007 में की. जिसका उद्देश्य दलितों में सबसे गरीब और पिछड़ी जातियों का उत्थान करना था. Also Read: CM से संसद तक: ‘सुशासन बाबू’ की खामोश विदाई, बिहार की नेतृत्व में खलेगा खालीपन… The post शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह appeared first on Naya Vichar.

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‘भूत बंगला’ की शूटिंग में घायल हुए अक्षय कुमार, स्टंट के दौरान लगा झटका, देखें वीडियो

Akshay Kumar Injury: बॉलीवुड के एक्शन स्टार अक्षय कुमार अपने दमदार और रियल स्टंट्स के लिए जाने जाते हैं. फिल्मों में जोखिम भरे सीन खुद करने की उनकी आदत ही उन्हें बाकी एक्टर्स से अलग बनाती है. चाहे ऊंचाई से छलांग लगानी हो या खतरनाक एक्शन सीन, अक्षय अक्सर बिना डुप्लीकेट के ही शूट करना पसंद करते हैं. इसी जुनून के चलते उनकी अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ की शूटिंग के दौरान एक हादसा हो गया. हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का बिहाइंड द सीन (BTS) वीडियो शेयर किया है, जिसमें अक्षय एक हाई-एक्शन स्टंट करते नजर आ रहे हैं. स्टंट के दौरान बिगड़ा बैलेंस #AkshayKumar sir injured himself on the set of #BhoothBangla while filming his action scenes.#BhoothBangla has many secrets and thrilling scenes…. Just wait till the release 🔥💥 “IT HAS MANY LAYERS” 💥🔥 pic.twitter.com/GCJoOS386A — Akkian by heart (Viratian by Dil) (@DevoteeAkki) April 9, 2026 वीडियो में देखा जा सकता है कि अक्षय कुमार जंप किक का सीन शूट कर रहे थे. इसी दौरान उनका बैलेंस बिगड़ जाता है और वह जमीन पर गिर पड़ते हैं. इस गिरावट की वजह से उन्हें चोट भी लग गई. हालांकि, यह घटना शूटिंग के दौरान हुई, लेकिन अक्षय ने अपने प्रोफेशनल अंदाज में इसे संभाला. VFX से दूरी बनाते हैं अक्षय कुछ समय पहले अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें एक्शन सीन्स में VFX का इस्तेमाल ज्यादा पसंद नहीं है. उनका मानना है कि इससे रियल एक्शन का रोमांच कम हो जाता है और सीन उतना प्रभावी नहीं लगता. यही वजह है कि वह आज भी अपने स्टंट खुद करना पसंद करते हैं, भले ही इसमें रिस्क क्यों न हो. कब रिलीज होगी ‘भूत बंगला’? फिल्म ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट में बदलाव किया गया है. पहले यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन अब इसे एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, 16 अप्रैल से फिल्म के पेड प्रिव्यूज शुरू होंगे, जो रात 9 बजे से दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेंगे. इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, राजपाल यादव और परेश रावल जैसे कलाकार नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन Priyadarshan ने किया है. लंबे समय बाद अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी को साथ देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं. यह भी पढ़ें: ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ का ट्रेलर आउट, मॉर्डन अवतार में छाईं मेधा शंकर The post ‘भूत बंगला’ की शूटिंग में घायल हुए अक्षय कुमार, स्टंट के दौरान लगा झटका, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में हुमायूं कबीर को लगा ‘1000 करोड़’ का झटका, औवेशी ने तोड़ा गठबंधन

मुख्य बातें बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे औवेशी एक हजार करोड़ की डील आ आरोप Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए होने जा रहे पहले चरण के मतदान से ठीक पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हुमांयु कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने ट्वीट किया- हुमायूं कबीर के खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है. AIMIM ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे. AIMIM ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है. बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे औवेशी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने कहा है कि बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं. दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है. किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में AIMIM की नीति यही है कि हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र नेतृत्वक आवाज मिले. हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एक हजार करोड़ की डील आ आरोप गुरुवार की देर शाम तृणमूल ने ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के नेता हुमायूं कबीर का एक वीडियो जारी किया. वीडियो में हुमायूं एक व्यक्ति से बात करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन कोई अन्य व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है. नया विचार उस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है. वीडियो में यह सुना जा सकता है कि उस व्यक्ति और हुमायूं के बीच 1000 करोड़ टका के सौदे पर चर्चा हो रही है. अल्पसंख्यकों को मूर्ख बनाना बहुत आसान है. हुमायूं को कहते हुए सुना जा सकता है. वह कह रहा है- मुझे यह जानने की ज़रूरत नहीं है कि बाबर ने क्या किया. पूरे देश के मुसलमान मेरे साथ हैं, यही मेरा इरादा है. तृणमूल नेतृत्व ने इस वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है. Also Read: प्रमाण दो, मैं इस्तीफा दूंगा, बंगाल के CEO मनोज अग्रवाल की TMC को खुली चुनौती The post बंगाल में हुमायूं कबीर को लगा ‘1000 करोड़’ का झटका, औवेशी ने तोड़ा गठबंधन appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की ‘टैक्स’ से भड़के ट्रंप, कहा- तुरंत बंद करो

US Iran Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों से फीस वसूल रहा है, तो उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ऐसी समाचारें हैं कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों से फीस ले रहा है, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें अभी रुक जाना चाहिए. उन्होंने एक और पोस्ट में कहा कि होर्मुज से तेल की सप्लाई जारी रहेगी चाहे ईरान की मदद से या उसके बिना भी. सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक अहम मुद्दा है. ट्रंप पहले ही साफ कर दिया है कि इस मार्ग को दोबारा खोलना दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. The post होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की ‘टैक्स’ से भड़के ट्रंप, कहा- तुरंत बंद करो appeared first on Naya Vichar.

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गर्मियों में जा रहे हैं घूमने, तो इन चीजों को जरूर रखें साथ 

Summer Vacation Packing List: गर्मियों में घूमने का मजा कुछ और ही होता है, लेकिन सही तैयारी के बिना यह अनुभव थकावट और परेशानी भरा भी हो सकता है. इसलिए यात्रा से पहले जरूरी चीजें साथ रखना बेहद जरूरी है. सनस्क्रीन, हल्के कपड़े, पानी की बोतल और धूप का चश्मा आपकी सुरक्षा और आराम के लिए महत्वपूर्ण हैं. साथ ही स्नैक्स, फलों का पैक और कुछ मौसमी दवाईयां रखना भी लाभदायक होता है. मच्छरदानी या रिपेलेंट, कैमरा और नक्शा/जीपीएस जैसी चीजें यात्रा को और सुगम बनाती हैं. ये छोटी-छोटी सावधानियां आपकी गर्मियों की छुट्टियों को यादगार और सुरक्षित बना देती हैं. इन चीजों को जरूर रखें साथ  सनस्क्रीन लोशन / क्रीम – गर्मियों में सूरज की तेज किरणों से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा सनस्क्रीन साथ रखें. यह सनबर्न और त्वचा की संवेदनशीलता से बचाता है. हट और धूप का चश्मा – तेज धूप में आंखों की सुरक्षा के लिए अच्छा क्वालिटी का चश्मा जरूर लें. यह आंखों को UV किरणों से बचाने में मदद करता है. हल्के और आरामदायक कपड़े – सूती या सांस लेने योग्य कपड़े पहनें. ये पसीना सोखते हैं और गर्मी में शरीर को ठंडक देते हैं. पानी की बोतल – हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है. यात्रा के दौरान हमेशा पानी साथ रखें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके. स्नैक्स और फलों का पैक – भूख लगने पर तुरंत ऊर्जा पाने के लिए हल्के स्नैक्स और ताजे फल साथ रखें. मौसमी दवाईयां – सिरदर्द, पेट दर्द, एलर्जी या कोई अन्य छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दवाइयां साथ रखें. मच्छरदानी या रिपेलेंट – अगर जंगल, तालाब या खुले क्षेत्रों में जा रहे हैं तो मच्छरदानी या रिपेलेंट जरूर साथ रखें. कैमरा  – यात्रा के सुंदर पलों को कैद करने और यादगार बनाने के लिए कैमरा या मोबाइल रखें. नक्शा – नई जगहों पर जाने से पहले नक्शा या GPS जरूर तैयार रखें ताकि रास्ता भटकने की संभावना कम हो. छोटा बैग – जरूरी सामान जैसे पैसे, आईडी, फोन और दवाईयां रखने के लिए हल्का और पोर्टेबल बैग साथ रखें. ये भी पढ़ें: Best Places to Visit in March April: मार्च-अप्रैल में बच्चों के साथ घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 4 जगहें यह भी पढ़ें: ट्रिप पर जा रहे हैं? सूटकेस में कपड़े पैक करने का ये ‘Rolling’ तरीका बचाएगा आपकी 50% जगह The post गर्मियों में जा रहे हैं घूमने, तो इन चीजों को जरूर रखें साथ  appeared first on Naya Vichar.

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रांची सदर अस्पताल बनेगा ‘सुपर स्पेशियलिटी’, 200 बेड के नये विंग की तैयारी शुरू

Ranchi Sadar Hospital, रांची (राजीव पांडेय की रिपोर्ट): राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रशासनी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा. कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके. Also Read: बंगाल के रण में अर्जुन मुंडा की एंट्री, बंदवान विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को किया संबोधित आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है. मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके. Also Read: रांची में ‘तीन तलाक’ की धमकी और दहेज को लेकर तांडव, विवाहिता को पांच लाख और बुलेट के लिए पीटा The post रांची सदर अस्पताल बनेगा ‘सुपर स्पेशियलिटी’, 200 बेड के नये विंग की तैयारी शुरू appeared first on Naya Vichar.

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रात की नींद हो रही खराब? पति की खर्राटों को ऐसे करें कंट्रोल

Tips To Reduce Snoring: खर्राटे एक आम समस्या है, जिससे न केवल सोने वाले व्यक्ति बल्कि उसके साथी की नींद भी प्रभावित होती है. अक्सर यह समस्या गलत सोने की पोजिशन, बढ़ते वजन, थकान या नाक बंद होने के कारण होती है. कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार और तेज खर्राटे किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकते हैं. अगर आपके पति के खर्राटों से आपकी नींद खराब हो रही है, तो कुछ आसान घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल में बदलाव इस परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं. सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं. आजमाएं ये 7 आसान उपाय  1. सोने की पोजिशन बदलें पीठ के बल सोने से जीभ और गले की मांसपेशियां पीछे की ओर चली जाती हैं, जिससे सांस लेने का रास्ता संकरा हो जाता है और खर्राटे बढ़ जाते हैं. ऐसे में कोशिश करें कि पति करवट लेकर सोएं. आप चाहें तो साइड स्लीपिंग की आदत डालने के लिए सपोर्ट पिलो का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. 2. वजन कंट्रोल में रखें ज्यादा वजन होने पर गर्दन और गले के आसपास फैट जमा हो जाता है, जो सांस की नली पर दबाव डालता है. इससे एयरफ्लो बाधित होता है और खर्राटे तेज हो जाते हैं. नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट अपनाकर वजन को नियंत्रित रखना इस समस्या को कम करने में काफी मददगार साबित होता है. 3. सोने से पहले शराब से बचें अल्कोहल का सेवन गले की मांसपेशियों को जरूरत से ज्यादा रिलैक्स कर देता है, जिससे सांस लेने का रास्ता और ज्यादा ढीला पड़ जाता है. इसके कारण खर्राटों की आवाज तेज हो सकती है. इसलिए सोने से कम से कम 3-4 घंटे पहले शराब पीने से बचना बेहतर होता है. 4. नाक साफ रखें अगर नाक बंद रहती है या सर्दी-जुकाम की समस्या है, तो सांस लेने में दिक्कत होती है और व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है, जिससे खर्राटे बढ़ते हैं. सोने से पहले भाप लेना, नमक वाले गुनगुने पानी से नाक साफ करना या डॉक्टर की सलाह से नेजल स्प्रे का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है. 5. नियमित नींद का रूटीन बनाएं अनियमित नींद या कम सोने से शरीर थका हुआ रहता है, जिससे गले की मांसपेशियां ज्यादा ढीली हो जाती हैं और खर्राटे बढ़ सकते हैं. हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें. इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और खर्राटों में भी कमी आती है. 6. तकिया सही चुनें गलत या बहुत ऊंचा-नीचा तकिया गले की पोजिशन को बिगाड़ सकता है, जिससे सांस लेने में रुकावट आती है. हमेशा ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन और सिर को सही सपोर्ट दे. ऑर्थोपेडिक या एंटी-स्नोरिंग पिलो का इस्तेमाल भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. 7. डॉक्टर से सलाह लें अगर खर्राटे बहुत ज्यादा तेज हैं, रोजाना आते हैं या सोते समय सांस रुकने जैसी समस्या (स्लीप एपनिया) दिखती है, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर से जांच करवाना और सही इलाज लेना बेहद जरूरी है. यह भी पढ़ें: सिर्फ टैलेंट काफी नहीं! ये 5 आदतें एक साधारण इंसान को भी बना देती हैं सुपर कॉन्फिडेंट, आप भी जान लें यह भी पढ़ें: बिना एक रुपया खर्च किए कैसे बनें गुड लुकिंग और अट्रैक्टिव? आज से ही अपनाएं ये सीक्रेट ट्रिक्स The post रात की नींद हो रही खराब? पति की खर्राटों को ऐसे करें कंट्रोल appeared first on Naya Vichar.

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