Madhubani : मधुबनी . दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए प्रशासन पहल शुरू कर दी है. अब आधार कार्ड की तरह दिव्यांगजनों को विशेष पहचान पत्र बनाया जायेगा. 5 से 15 मई तक जिले के सभी प्रखंडों में शिविर आयोजित कर दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आइडी कार्ड बनाया जायेगा. शिविर के लिए जिला दिव्यांगजन कोषांग के सहायक निदेशक आशीष प्रकाश अमन को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. शत-प्रतिशत दिव्यांगों को यूनिक कार्ड बनाने में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, समाज कल्याण विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सहयोग किया जायेगा. कार्ड बन जाने से दिव्यांगों को होंगे कई फायदे यूडीआईडी कार्ड बन जाने से दिव्यांगो को कई योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो जायेगा. दिव्यांगजन अपने यूडीआईडी कार्ड का उपयोग वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसी विभिन्न प्रशासनी योजनाओं और लाभों तक पहुंचने के लिए कर सकेंगे. दिव्यागों का आसान होगा पहचान विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) का मतलब है यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड. यह हिंदुस्तान प्रशासन के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) की एक पहल है. यूडीआईडी कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक सामान्य पहचान पत्र प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. जिससे लाभ और सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके. इसमें एक विशिष्ट आईडी नंबर, व्यक्तिगत विवरण और दिव्यांगता से संबंधित जानकारी शामिल है. हिंदुस्तान प्रशासन यूडीआईडी कार्ड रखने वाले सभी लोगों का डेटाबेस भी रखती है. जिससे उन्हें भविष्य में प्रासंगिक योजनाएं शुरू करने में मदद मिलेगी. दिव्यांगता से पीड़ित व्यक्ति यूडीआईडी के लिए आवेदन करता है तो उसे यूडीआईडी आईडी कार्ड प्राप्त होगा. . यूडीआईडी कार्ड का क्या है उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों का राष्ट्रीय डाटाबेस बनाये रखना तथा प्रत्येक व्यक्ति को विशेष दकव्यांगता पहचान पत्र प्रदान करना. विकलांग लोगों को विभिन्न प्रशासनी लाभों के वितरण में खुलेपन, प्रभावशीलता और सरलता को बढ़ावा देना. कार्ड से लाभार्थियों के समग्र वित्तीय और शारीरिक विकास पर नजर रखना भी आसान हो जाएगा. यह कार्ड पूरे हिंदुस्तान में मान्य होगा. यूडीआईडी कार्ड की यह है विशेषता यूडीआईडी कार्ड एक समावेशी वातावरण बनाने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहायता को बढ़ावा देने में योगदान देता है. इस कार्ड के उपयोग से लाभार्थी के समग्र वित्तीय और शारीरिक विकास की निगरानी की जाएगी. यूडीआईडी कार्ड के तहत श्वेत कार्ड तभी जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 40 प्रतिशत से कम होती है. और पीला कार्ड तब जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 40 प्रतिशित से अधिक लेकिन 80 प्रतिशित या उससे कम होगा. वहीं ब्लू कार्ड तब जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 80 प्रतिशत से अधिक होता है.
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