Hot News

Home Loan: अब होम लोन के लिए चाहिए दशकों पुराना लिंक डीड, खोजबीन और मिलान करना हो रहा मुश्किल, नहीं मिलने पर परेशानी

Home Loan, वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर: धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बाद अब बैंकों ने होम और प्रॉपर्टी लोन स्वीकृत करने से पहले कई ऐसे दस्तावेजों की मांग करनी शुरू कर दी है, जिन्हें उपलब्ध कराना प्रॉपर्टी के मालिक के लिए एक चुनौती बन गया है. अब होम लोन देने से पहले गिरवी रखी जाने वाली जमीन के दस्तावेजों के लिंक डीड की तलाश कर रहे हैं. यह लिंक डीड रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम से प्राप्त होता है. बैंक न्यूनतम 28-33 साल पुराने लिंक डीड की सर्टिफाइड कॉपी मिलने के बाद ही होम और प्रॉपर्टी लोन स्वीकृत करते हैं.

इसके लिए लोन लेने वालों को प्रशासनी शुल्क के अलावा पुराने दस्तावेजों की तलाश कराने के लिए अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ रही है, साथ ही दस्तावेज मिलने तक मानसिक तनाव से भी जूझना पड़ता है. हालांकि, रजिस्ट्री ऑफिस से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि 1980 के बाद के लिंक डीड आसानी से मिल जाते हैं. 100 दस्तावेजों की तलाश करने पर केवल 20-25 प्रतिशत ही नष्ट होने या अन्य कारणों से नहीं मिल पाते हैं.

समझें क्या है लिंक डीड

लिंक डीड यह दर्शाता है कि गिरवी रखी जाने वाली ज़मीन पर 28-33 साल पहले किसका मालिकाना हक था. इसमें उस समय के दस्तावेज़ में अंकित खाता-खेसरा और रकबा, गिरवी रखे जाने वाले जमीन के रजिस्ट्री डीड से मेल खाता है या नहीं, इसकी जांच होती है.

इसके अलावा, इन 28-33 सालों के बीच कितने लोगों ने उस जमीन की खरीद-बिक्री की है, इन सभी बिंदुओं की जांच के लिए बैंक रजिस्ट्री ऑफिस से लिंक डीड की सर्टिफाइड कॉपी निकलवाते हैं. इसके लिए बैंक ग्राहक से मोटी फीस लेकर अपने लीगल एडवाइजर को देते हैं.

बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें

नॉन-एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट सिर्फ खानापूर्ति

लिंक डीड मिलने के बाद बैंक अपने लीगल एडवाइजर के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के रजिस्ट्री ऑफिस से नॉन-एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट लेते हैं. इससे यह पता लगाया जाता है कि जिस जमीन पर होम व प्रॉपर्टी लोन स्वीकृत करने की प्रक्रिया चल रही है, उस पर पहले से कोई लोन स्वीकृत है या नहीं. हालांकि, रजिस्ट्री ऑफिस के पास इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है जिससे वे बता सकें कि नॉन-एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट जारी होने वाली जमीन पर कोई लोन है.

यही कारण है कि रजिस्ट्री ऑफिस से जारी होने वाले सर्टिफिकेट पर स्पष्ट शब्दों में लिखा होता है कि आवेदक ने खुद जानकारी जुटाई है. अगर भविष्य में किसी तरह की कोई गड़बड़ी होती है, तो इसके लिए रजिस्ट्री ऑफिस की बजाय आवेदक और बैंक खुद जिम्मेदार माने जायेंगे.

इसे भी पढ़ें: बिहार से गुजरेगी एक और वंदे हिंदुस्तान ट्रेन, हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर महज इतने देर में होगा पूरा

क्या बोले जिला अवर निबंधक

मुजफ्फरपुर जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि नॉन-एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट में रजिस्ट्री ऑफिस से सिर्फ खाता, खेसरा उक्त व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री के दस्तावेज में है या नहीं, इसे ही मिलाया जाता है. बाकी, किसी भी तरह की गड़बड़ी होने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जिम्मेदार नहीं होगा. यह सर्टिफिकेट पर ही टिप्पणी में चार अलग-अलग पॉइंट्स में अंकित है.

The post Home Loan: अब होम लोन के लिए चाहिए दशकों पुराना लिंक डीड, खोजबीन और मिलान करना हो रहा मुश्किल, नहीं मिलने पर परेशानी appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top