स्वजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत की बात से किया इनकार
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड क्षेत्र की जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड सं. 2 में चार माह के एक मासूम की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शिशु को बिना स्वास्थ्य जांच के आईपीवी का टीका लगाया गया, जिसके अगले दिन उसे तेज बुखार आया और उसकी मौत हो गई।हालांकि,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत होने की बात से इनकार किया है।मृतक की पहचान अंगारघाट थाना क्षेत्र के बरनामा गांव निवासी मो.सद्दाम के चार माह के पुत्र शाहनवाज के रूप में हुई है। उसकी मां रुखसाना खातून, जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी मो.वकील की पुत्री हैं। प्रसव के लिए वह अपने मायके आई थीं, जहां चार माह पूर्व उन्होंने शाहनवाज को जन्म दिया था। स्वजनों के अनुसार विगत 16 जून को स्थानीय आशा कार्यकर्ता शिशु को आईपीवी टीकाकरण के लिए ले गई। आरोप है कि बिना किसी स्वास्थ्य जांच के शिशु को टीका लगा दिया गया। इसके अगले दिन 17 जून की शाम शिशु को तेज बुखार हुआ और उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वहीं इलाज के दौरान देर शाम में उसकी मौत हो गई।मासूम की मौत के बाद परिजनों ने आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि टीका लगाने से पहले शिशु की स्वास्थ्य जांच की गई होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायरंजन के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ .अमित कुमार ने बताया कि 16 जून को लगभग 11 बजे शिशु को आईपीवी का टीका लगाया गया था। करीब 24 घंटे बाद उसे बुखार आया और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीवी टीके के कारण शिशु की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ना चिकित्सकीय रूप से उचित नहीं है। इधर, मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। रुखसाना खातून ने अपना इकलौता पुत्र खो दिया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।