Hot News

Video : रोज 27 लाख रुपये कमाता है ये ढाबे वाला, जानें क्या है यहां खास

Video :  मुरथल का “अमरीक सुखदेव ढाबा” अब Taste Atlas की दुनिया के 100 प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट्स की सूची में भी शामिल हो गया है. लेकिन एक सवाल सबके मन में आता है — आखिर कैसे एक ट्रक ड्राइवरों के लिए शुरू हुआ छोटा सा ढाबा, आम लोगों की पहली पसंद बन गया? इसका जवाब है – मेहनत, गुणवत्ता और परंपरा…जी हां…. अमरीक सुखदेव ढाबा की शुरुआत एक साधारण भोजनालय के रूप में हुई थी, जहां हाईवे पर चलने वाले ट्रक ड्राइवर रात को खाना खाते और आराम करते थे. लेकिन धीरे-धीरे इस ढाबे ने अपने स्वादिष्ट पराठों, देसी घी की खुशबू, साफ-सुथरे माहौल और गर्मजोशी भरे स्वागत से हर यात्री का दिल जीत लिया.

समय के साथ, यह ढाबा सिर्फ ट्रक ड्राइवरों तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले सैलानी, कॉलेज छात्र, परिवार, और यहां तक कि विदेशी पर्यटक भी इस जगह पर रुकने लगे. स्वाद, सेवा और परंपरा का ऐसा संगम बना कि अमरीक सुखदेव आज मुरथल की पहचान बन चुका है. आज यह ढाबा एक आइकॉनिक डेस्टिनेशन बन गया है, जो न केवल हरियाणा बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लिए गर्व की बात है.

अमरीक सुखदेव की पूरी कहानी

इसकी शुरुआत वर्ष 1956 में हुई थी, जब सरदार प्रकाश सिंह ने एक छोटे से टेंट में ढाबा शुरू किया. इस ढाबे का मकसद खासतौर पर ट्रक ड्राइवरों को सादा दाल-रोटी परोसना था. इसके बाद साल 1990 में उनके दो बेटे अमरीक और सुखदेव इस व्यवसाय से जुड़ गए. उन्होंने इस छोटे से ढाबे को एक भव्य सपने की तरह आकार देना शुरू किया और इसे एक बड़ी पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी भी किसी बड़े विज्ञापन या मार्केटिंग अभियान का सहारा नहीं लिया. इसके बजाय, वे पारंपरिक तरीकों पर ही भरोसा करते रहे और मुख्य रूप से ट्रक और कैब ड्राइवरों को ही टारगेट किया. इसी मेहनत और सच्ची नीयत का नतीजा है कि आज “अमरीक सुखदेव” सिर्फ एक ढाबा नहीं, बल्कि एक विश्वस्तरीय पहचान बन चुका है.

दिन गुजरते गए और इस दौरान हजारों ट्रक और कैब ड्राइवरों की भीड़ यहां उमड़ने लगी, जिससे अमरीक सुखदेव की तस्वीर ही बदल गई. लेकिन जो चीज कभी नहीं बदली, वह है इसका स्वाद. ऐसा कहा जाता है कि आज भी ढाबे के मालिक खुद भोजन की गुणवत्ता की जांच करते हैं. यह बात इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपनी असलियत और परंपरा की जड़ों को अब भी मजबूती से थाम रखा है.

यह रेस्टोरेंट अब पूरे देश में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है. हरियाणा, दिल्ली सहित देश के कोने-कोने से खाने के शौकीन लोग यहां रोजाना पहुंचते हैं. बताया जाता है कि अमरीक सुखदेव  रोजाना करीब 8,000 से 9,000 लोगों को खाना परोसता है, जिससे इसकी दैनिक कमाई लगभग 27 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रेस्टोरेंट हर महीने करीब 8 करोड़ रुपये की कमाई करता है.

The post Video : रोज 27 लाख रुपये कमाता है ये ढाबे वाला, जानें क्या है यहां खास appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top