Chhattisgarh Naxal Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ पहाड़ी वन क्षेत्र और उत्तरी बस्तर का इलाका अब नक्सलियों से आजाद हो गया है. उन्होंने दोनों इलाकों को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है. गुरुवार को 170 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग में आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए अमित शाह ने कहा “आज छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. कल राज्य में 27 ने हथियार डाल दिए थे. महाराष्ट्र में कल 61 नक्सली मुख्यधारा में लौट आए. कुल मिलाकर, पिछले दो दिनों में 258 युद्ध-प्रशिक्षित वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का त्याग किया है.”
नक्सलवाद का जल्द ही मिटा दिया जाएगा नामोनिशान- अमित शाह
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर के अबूझमाड़ को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण बस्तर में मौजूद नक्सलवाद का जल्द ही नामोनिशान मिटा दिया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अमित शाह ने कहा कि ‘मैं उन लोगों से फिर अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद के रास्ते पर हैं, वे हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं.’ शाह ने साफ कर दिया कि हमारी नीति स्पष्ट है, जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं उनका स्वागत है, जो लोग बंदूक चलाना जारी रखेंगे उन्हें हमारे सशस्त्र बलों का कोप झेलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मोदी प्रशासन के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहा है.
आत्मसमर्पण करें या सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करें- अमित शाह
गृह मंत्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. शाह ने कहा ‘मैं हिंसा का त्याग करने और हिंदुस्तान के संविधान में अपना विश्वास जताने के उनके निर्णय की सराहना करता हूं. यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली प्रशासन द्वारा इस समस्या को समाप्त करने के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांस ले रहा है.’ शाह ने कहा कि मोदी प्रशासन की नीति स्पष्ट है- जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं उनका स्वागत है, और जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारे सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
2100 नक्सलियों ने किया है आत्मसमर्पण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘मैं उन लोगों से फिर अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद की राह पर हैं कि वे अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ जनवरी 2024 से छत्तीसगढ़ में बीजेपी की प्रशासन बनने के बाद 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 मारे गये हैं. उन्होंने कहा ‘ये आंकड़े 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं.’
सिर्फ तीन जिले ही नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित- गृह मंत्रालय
इससे पहले गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर तीन रह गई है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अब छत्तीसगढ़ में केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. मंत्रालय ने कहा “नक्सल-मुक्त हिंदुस्तान के निर्माण के मोदी प्रशासन के दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ी सफलता के तहत नक्सलवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या छह से घटकर तीन रह गई है.” वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की श्रेणी में भी यह संख्या 18 से घटकर केवल 11 रह गई है. (इनपुट- भाषा)
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