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UPSC Success Story: बचपन में पिता  को खो दिया, मां बकरियां पालती थीं, बेट ने क्रैक की यूपीएससी परीक्षा

Bihar Poor Boy UPSC Success Story: कहते हैं न कि मुश्किलें के कितनी भी हो अगर व्यक्ति का इरादा पक्का हो तो सफलता हाथ जरूर लगती है. ये बात विशाल पर बिलकुल फिट बैठती है, जिन्होंने बहुत ही कम उम्र में अपने पिता को खो दिया. मां ने परिवार का पेट पालने के लिए बकरियां और भैंसें पालना शुरू किया. आर्थिक तंगी और परिवार की उलझनों के बीच भी विशाल का मन कभी पढ़ाई से नहीं भटका. इसके पीछे का कारण शायद उनके पिता की वो सीख थी जो उन्होंने मरने से पहले अपने बेटे को दिया था. 

Bihar Poor Boy Vishal Kumar: बिहार से आते हैं विशाल 

विशाल कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां आर्थिक तंगी थी. उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे. मां बकरी और भैंस पालती थीं. विशाल भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं. 

UPSC Success Story: पिता से मिली सीख 

विशाल की कहानी बाकी अभ्यर्थियों से अलग है क्योंकि उन्होंने बचपन में ही पिता को खो दिया था. लेकिन उनके पिता ने मरने से पहले उनसे कहा था कि बेटा तुम बस पढ़ाई पर ध्यान देना क्योंकि शिक्षा ही हमें इस गरीबी से निकाल सकता है. विशाल ने पिता की इस बात को हमेशा याद रखा. 

UPSC Success Story: मां बकरी और भैंस बेचकर चलाती थीं घर 

पिता के चले जाने के बाद घर संभालने की पूरी जिम्मेदारी विशाल और उनकी मां पर आ गई. मां ने घर का खर्च चलाने के लिए बकरी और भैंस पालना शुरू कर दिया. परिवार का पेट तो किसी तरह पल जाता. लेकिन विशाल की पढ़ाई का खर्च मुश्किल से निकल पाता था. 

UPSC Success Story: वरदान के रूप में मिले शिक्षक 

विशाल की निजी जिंदगी में बहुत परेशानियां थीं. लेकिन उन्हें जिंदगी में कई ऐसे लोग मिले, जिन्होंने उन्हें बहुत मदद की. विशाल 7वीं क्लास में थे जब उन्हें गौरी शंकर प्रसाद नाम के एक शिक्षक ने पढ़ाई के लिए प्रेरित भी किया और आर्थिक तंगी में उनकी मदद भी की. कदम-कदम पर विशाल को ऐसे शिक्षक और कोचिंग संस्थान मिलते रहे, जिन्होंने पढ़ाई के प्रति उनके लगन और मेहनत को देखकर विशाल की फीस बढ़ने में मदद की या उसे फ्री में पढ़ाया. 

UPSC Success Story: यूपीएससी के लिए छोड़ दी नौकरी

विशाल ने 12वीं कक्षा में 2011 में अपने जिले में बोर्ड परीक्षा में टॉप किया था. 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग करने का फैसला लिया और आईआईटी में एडमिशन पाने का सपना देखने लगे. विशाल ने सफलता  का पहला स्वाद तब चखा जब उन्हें IIT Kanpur में एडमिशन मिला. बीटेक की डिग्री हासिल करते ही विशाल के हाथों में रिलायंस की नौकरी थी. नौकरी में मन नहीं लगा तो सब छोड़कर यूपीएसी की तैयारी में जुट गए. इसी के साथ उन्होंने कोटा में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाने का काम शुरू किया. 

UPSC Success Story: यूपीएससी की जर्नी 

वर्ष 2020 में विशाल ने पहली बार यूपीएससी सीएसई (UPSC CSE) की परीक्षा दी थी. प्रीलिम्स पास करने के बाद भी विशाल मेंस परीक्षा में सफल नहीं हो पाए, जिससे वह मायूस हो गए. इसी दौरान उनके गुरु गौरी शंकर प्रसाद ने फिर से उनका मनोबल बढ़ाया. उन्होंने कहा कि नौकरी छोड़क पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी करो. विशाल ने उनकी बात मानी, नौकरी छोड़ी और पूरी मेहनत के साथ दोबारा तैयारी में जुट गए. एक साल बाद, 2021 में उन्होंने फिर से परीक्षा दी और इस बार 484वीं रैंक हासिल कर ली. विशाल अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मां और गुरु गौरी शंकर प्रसाद को देते हैं. 

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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