CM Bhajanlal Sharma FICCI Speech: FICCI की वार्षिक अधिवेशन और 98वीं एजीएम में हिंदुस्तान मंडपम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान “व्यापार, निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार” है और विकसित हिंदुस्तान @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अहम योगदान देने को प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, राजस्थान ने 12.2% की GSDP वृद्धि दर्ज की है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1.85 लाख तक पहुँच चुकी है. उन्होंने कहा कि मज़बूत क़ानून-व्यवस्था, समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था, सुदृढ़ सिंगल–विंडो सिस्टम और पारदर्शी भू–आवंटन ने राज्य में निवेशकों के लिए भरोसेमंद और स्थिर वातावरण तैयार किया है.
राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन में आगे बढ़ रहा – सीएम शर्मा
उन्होंने कहा, “निवेशकों का कहना है कि अब राजस्थान में ‘प्रीडिक्टेबिलिटी’ यानी स्थिरता है. यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है.” सीएम ने बताया कि राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा का राष्ट्रीय नेतृत्व कर रहा है—22,860 मेगावॉट सोलर क्षमता के साथ देश में शीर्ष पर और 5,195 मेगावॉट विंड एनर्जी के साथ तीसरे स्थान पर. साथ ही राज्य ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया उत्पादन में भी अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने राज्य की खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए बताया कि राजस्थान में 86 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं और प्रशासन की नीति अब केवल कच्चा माल भेजने के बजाय राज्य को खनिज–आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की है.
उद्यमिता पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 5 लाख से अधिक एमएसएमई और 7,000 से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं. iStart जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग ₹1,000 करोड़ की फंडिंग और 42,500 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं.
उन्होंने अवसंरचना विकास की बड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी—₹60,000 करोड़ की सड़कों के लिए निवेश, नए औद्योगिक क्लस्टर,मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, बॉर्डर इकोनॉमिक ज़ोन और हवाई तथा शहरी ढाँचों के विस्तार की दिशा में तेज़ काम. उनके अनुसार, “राजस्थान विशाल राज्य है, इसलिए दूरी कम करना आवश्यक है. नौ ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर तेज़ी से बन रहे हैं.”
किला, झील और विरासत ही राजस्थान की पहचान
पर्यटन पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान की विरासत, किले, झीलें, रेगिस्तान, वन्यजीव और धार्मिक स्थल राज्य की अनूठी पहचान हैं. जर्मनी यात्रा के एक अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहाँ कई परिवार राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहते थे, लेकिन दो साल तक के स्लॉट फुल होने के कारण उन्हें स्थान नहीं मिल पाया. “यह राजस्थान की वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है,” यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर एक परिवार को उदयपुर में स्थल उपलब्ध कराने में मदद की.
उन्होंने कहा कि पर्यटन, विवाह आयोजन, MICE इवेंट, फ़िल्म शूटिंग और इको–टूरिज़्म को मिल रही तेज़ रफ्तार राज्य की वित्तीय स्थिति को नई दिशा दे रही है। प्रशासन ने 662 ऐतिहासिक हवेलियों से अतिक्रमण हटाकर उनके संरक्षण और ग्रामीण–विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य शुरू किया है.
मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन द्वारा ERCP, यमुना समझौते, इंदिरा गांधी नहर प्रकल्प सहित कई जल–संबंधी योजनाओं में मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने FICCI की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने UK, जर्मनी, UAE, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में राजस्थान को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है.
जयपुर में होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगला ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) मार्च 2026 में जयपुर में आयोजित किया जाएगा. देश और दुनिया के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए शर्मा ने कहा- राजस्थान उद्यम, संस्कृति और असीम संभावनाओं का संगम है. हम निवेशकों का हार्दिक स्वागत करते हैं—आइए, राजस्थान में निवेश कीजिए और राजस्थान के साथ आगे बढ़िए. अंत में उन्होंने राजस्थान की पहचान पर आधारित प्रसिद्ध कहावत का ज़िक्र किया.
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