Hot News

Economic Survey 2025-26: निर्मला सीतारमण ने पेश किया लेखा-जोखा, ये हैं अर्थव्यवस्था की 10 सबसे बड़ी बातें

Economic Survey 2025-26 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 29 जनवरी को लोकसभा में देश का ‘आर्थिक लेखा-जोखा’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 पेश किया. इस आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वित्त वर्ष 2026-2027 में हिंदुस्तान की जीडीपी (GDP) विकास दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है.

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के 10 बड़ी बातें

  • जीडीपी (GDP) वृद्धि दर: हिंदुस्तान की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है . इसके साथ ही हिंदुस्तान लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख वित्तीय स्थिति बना हुआ है .
  • पोटेंशियल ग्रोथ में सुधार: सर्वेक्षण ने हिंदुस्तान की ‘पोटेंशियल ग्रोथ रेट’ (संभावित विकास दर) को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया है . यह बुनियादी ढांचे के विस्तार और घरेलू सुधारों का परिणाम है .
  • राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): प्रशासन ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में 4.8% का राजकोषीय घाटा हासिल किया, जो 4.9% के बजट लक्ष्य से कम है . वित्त वर्ष 2026 के लिए घाटे का लक्ष्य 4.4% रखा गया है .
  • मुद्रास्फीति (Inflation) पर नियंत्रण: खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) में भारी गिरावट आई है और यह वित्त वर्ष 2025-26 में 1.7 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है . खाद्य कीमतों, विशेषकर सब्जियों और दालों की कीमतों में कमी इसका मुख्य कारण रही .
  • क्रेडिट रेटिंग में सुधार: दो दशकों में पहली बार, प्रमुख रेटिंग एजेंसी S&P ने हिंदुस्तान की रेटिंग को BBB- से बढ़ाकर BBB कर दिया है . इसके अलावा मॉर्निंगस्टार DBRS और R&I ने भी रेटिंग अपग्रेड की है .
  • पूंजीगत व्यय (Capex): सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) की जीडीपी में हिस्सेदारी 30.5 प्रतिशत रही है, जो महामारी-पूर्व के औसत 28.6% से काफी अधिक है .
  • निजी खपत (Private Consumption): जीडीपी में निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) की हिस्सेदारी बढ़कर 61.5 प्रतिशत हो गई है, जो वित्त वर्ष 2012 के बाद का उच्चतम स्तर है .
  • कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन: खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 3,320 लाख टन (2024-25) पर पहुंच गया है . दलहन और तिलहन के उत्पादन में भी सुधार देखा गया है .
  • विदेशी मुद्रा और रुपया: हिंदुस्तानीय रुपया 2025 में भू-नेतृत्वक तनाव और व्यापार घाटे के कारण दबाव में रहा . हालांकि, सर्वेक्षण के अनुसार रुपया अपनी वास्तविक क्षमता से कम (punching below its weight) आंका जा रहा है .
  • भविष्य की चुनौतियां: सर्वेक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास, शहरों में जीवन की गुणवत्ता और ‘स्टेट कैपेसिटी’ (राज्य की क्षमता) को भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया गया है .

Also Read: Economic Survey 2026: देश का ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ संसद में पेश, महंगाई, खेती और नौकरियों पर क्या है प्रशासन का टेक ?

The post Economic Survey 2025-26: निर्मला सीतारमण ने पेश किया लेखा-जोखा, ये हैं वित्तीय स्थिति की 10 सबसे बड़ी बातें appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top