Hot News

ईरान की ‘बलि’ देने को तैयार सऊदी? खुद को बचाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर रच रहा है ‘दोहरा खेल’

मिडल ईस्ट में इन दिनों काफी हलचल है और सेंटर में है- सऊदी अरब. ऊपर-ऊपर से लग रहा है कि सऊदी अरब और ईरान अब पक्के दोस्त बन गए हैं, लेकिन परदे के पीछे की कहानी कुछ और ही इशारा कर रही है. एक्सियोस (Axios) की एक रिपोर्ट ने सऊदी अरब के इस दोहरे रवैये को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

ईरान को दिया भरोसा- ‘हम आपके साथ हैं’

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) पिछले कुछ समय से ईरान के साथ रिश्ते सुधारने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पब्लिकली कहा है कि वह ईरान की संप्रभुता (Sovereignty) का सम्मान करते हैं और किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ हैं. हाल ही में MBS ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सऊदी अरब अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा.

अमेरिका में बदली बात: ‘ट्रंप को एक्शन लेना ही होगा’

लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब MBS के छोटे भाई और सऊदी अरब के रक्षा मंत्री, प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) वॉशिंगटन पहुंचे. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्राइवेट ब्रीफिंग के दौरान प्रिंस खालिद ने जो कहा, वह उनके देश के आधिकारिक बयान से बिलकुल उलट था.

वहां मौजूद चार सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रिंस खालिद ने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी धमकियों को हकीकत में नहीं बदलते, तो इससे ईरान की प्रशासन और ज्यादा ताकतवर हो जाएगी. उनके इस बयान को सऊदी अरब के पुराने स्टैंड से ‘यू-टर्न’ माना जा रहा है.

वॉशिंगटन की सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

प्रिंस खालिद ने व्हाइट हाउस में अमेरिका के बड़े अधिकारियों, जैसे विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ लंबी मीटिंग की. इस मीटिंग का मुख्य मुद्दा ईरान पर संभावित अमेरिकी हमला ही था.

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ MBS ने ट्रंप को हमले न करने की सलाह दी थी (जिसकी वजह से ट्रंप ने हमला टाला भी था), वहीं दूसरी तरफ उनके भाई अब अमेरिका में थिंक टैंक एक्सपर्ट्स और संगठनों के सामने अलग ही बात कह रहे हैं. एक्सियोस के अनुसार, प्रिंस खालिद ने कहा कि ट्रंप को अपनी साख बचाने के लिए मिलिट्री एक्शन लेना ही चाहिए, बस उन्हें ये ध्यान रखना होगा कि युद्ध पूरी तरह फैल न जाए.

बजट-26 की हर परत का विश्लेषण

website template.jpg 23
ईरान की ‘बलि’ देने को तैयार सऊदी? खुद को बचाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर रच रहा है ‘दोहरा स्पोर्ट्स’ 7

अमेरिका की भारी सैन्य तैयारी: समंदर से आसमान तक अलर्ट

अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी ताकत झोंक दी है. सीएनएन और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • USS अब्राहम लिंकन: यह विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर F-35 और F-18 जैसे घातक लड़ाकू विमानों के साथ खाड़ी में तैनात है.
  • मिसाइल डिफेंस: अमेरिका ने अतिरिक्त THAAD और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भी भेजे हैं.
  • जॉर्डन में फाइटर जेट्स: ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकर्स के अनुसार, अमेरिका ने जॉर्डन में F-15 जेट्स की एक स्क्वाड्रन तैनात की है, क्योंकि खाड़ी के देश (जैसे सऊदी और UAE) अपनी जमीन से हमला करने देने में हिचक रहे हैं.

क्या ‘दोस्ती’ सिर्फ खुद को बचाने का एक तरीका है?

मिडल ईस्ट आई (Middle East Eye) से बात करते हुए एक पूर्व अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारी ने बताया कि खाड़ी देशों की यह ‘डिप्लोमेसी’ दरअसल खुद को सुरक्षित रखने का एक तरीका हो सकती है. सऊदी अरब को डर है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ईरान समर्थित ‘हुती विद्रोही’ सऊदी पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर सकते हैं. हुती विद्रोहियों ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर लाल सागर (Red Sea) में फिर से हमले शुरू करने के संकेत भी दिए हैं.

आखिर सऊदी अरब चाहता क्या है?

फिलहाल सऊदी अरब की स्थिति काफी उलझी हुई नजर आ रही है. एक तरफ वह ईरान को नाराज नहीं करना चाहता ताकि इलाके में शांति बनी रहे, और दूसरी तरफ वह अपने पुराने साथी अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) के साथ मिलकर अपनी सुरक्षा और दबदबा भी सुनिश्चित करना चाहता है.

हालांकि, प्रिंस खालिद ने यह भी साफ किया कि मीटिंग के बाद उन्हें भी पूरी तरह समझ नहीं आया कि ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन की असल प्लानिंग क्या है. अब देखना यह होगा कि सऊदी अरब आने वाले समय में इन दोनों ताकतों (ईरान और अमेरिका) के बीच कैसे तालमेल बिठाता है.

ये भी पढ़ें: ईरान के दो परमाणु ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरों से बढ़ेगी ट्रंप की चिंता, जहां अमेरिका ने बरसाए थे बम, वहां फिर से किलेबंदी

ये भी पढ़ें:- कांगो की खदान में बड़ा हादसा, 200 से ज्यादा लोगों की मौत; मोबाइल-लैपटॉप बनाने में काम आता है यहां का पत्थर

The post ईरान की ‘बलि’ देने को तैयार सऊदी? खुद को बचाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर रच रहा है ‘दोहरा स्पोर्ट्स’ appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top