प्रतिनिधि कोलेबिरा. प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ राजस्व ग्राम के अंधारी पाट कड़ा सरना स्थल पर कथित अवैध निर्माण को लेकर पारंपरिक ग्राम सभा की एक विशेष बैठक हुई. बैठक सरना परिसर स्थित चबूतरा में पारंपरिक ग्राम सभा अध्यक्ष नरेंद्र लुगुन की अध्यक्षता में हुई. बैठक में लचरागढ़ राजस्व ग्राम के सभी गांव-टोले के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. बैठक में सर्वसम्मति से यह पाया गया कि दीपक कंडुलना दंपति द्वारा निर्मित निजी आवास सरना की पवित्र भूमि पर पड़ता है. जो आदिवासी समाज की आस्था और धार्मिक परंपरा के विरुद्ध है. ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि सरना स्थल पूजा-अर्चना का पवित्र स्थान है. जहां किसी भी प्रकार का निजी या व्यावसायिक निर्माण स्वीकार्य नहीं है. ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि दीपक कंडुलना द्वारा ग्राम चटक टोली निवासी सिल्वानुस कुल्लू से खाता संख्या-45, प्लॉट संख्या-1289, कुल रकबा 77 डिसमिल में से 19.50 डिसमिल भूमि क्रय की गयी थी. किंतु वर्तमान में उनका दखल-कब्जा उक्त भूमि से इतर सरना स्थल पर पाया गया है. इस पर ग्राम सभा ने कड़ा एतराज जताते हुए उन्हें अपनी मूल खरीदी गयी भूमि पर ही निवास करने की सलाह दी. बैठक में निर्णय लिया गया कि दो वर्षों के भीतर संबंधित सरना स्थल एवं निर्मित आवास को छोड़कर अपनी वास्तविक भूमि पर स्थानांतरित होना होगा. पाहन नरेंद्र लुगुन द्वारा निर्णय सुनाये जाने के बाद सभा का शांतिपूर्ण समापन किया गया. मौके पर जॉर्ज कांडुलना, संतोष टोपनो, पंकज लुगुन, केवल सिंह, भागीरथी साहू, वर्तमान मुखिया जीरेन मड़की, हेरमूस लुगुन, देवनीसिया होबो, लिनूस कुल्लू, अल्बिनुस लुगुन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे. इस संबंध में दीपक कंडुलना ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि संबंधित स्थल सरना भूमि है. यदि यह जानकारी होती तो वे कभी वहां घर नहीं बनाते.
The post पारंपरिक ग्राम सभा लचरागढ़ की विशेष बैठक में सरना स्थल पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा appeared first on Naya Vichar.

