Hot News

Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें

Crude Oil Crisis: दुनियाभर में मची हलचल और खाड़ी देशों (West Asia) में बढ़ते तनाव को देखते हुए हिंदुस्तान प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है. आम आदमी की रसोई पर महंगाई या गैस की कमी की मार न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने पेट्रोलियम रिफाइनरियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं.

सिर्फ रसोई गैस बनाने पर जोर

इंडिया टूडे के एक रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) को साफ कहा है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा LPG (Liquefied Petroleum Gas) बनाने में करें. आमतौर पर रिफाइनरी गैस के साथ-साथ अन्य केमिकल भी बनाती हैं, लेकिन अभी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ घरेलू कुकिंग गैस को दी जाएगी.

पेट्रोकेमिकल के लिए नो एंट्री

LPG मुख्य रूप से प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) के मिश्रण से बनती है. कई बार कंपनियां इन गैसों का इस्तेमाल प्लास्टिक या अन्य पेट्रोकेमिकल बनाने के लिए कर लेती हैं. प्रशासन ने अब इस पर रोक लगा दी है. आदेश के मुताबिक, अब इन गैसों को औद्योगिक इस्तेमाल के बजाय सीधे रसोई गैस बनाने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.

प्रशासनी कंपनियों को ही बेचना होगा स्टॉक

प्राइवेट और प्रशासनी, सभी रिफाइनरियों को यह आदेश दिया गया है कि वे अपना बनाया हुआ सारा LPG स्टॉक केवल तीन प्रशासनी कंपनियों को ही बेचें.

  • Indian Oil (IOC)
  • Bharat Petroleum (BPCL)
  • Hindustan Petroleum (HPCL)

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह प्रशासन के नियंत्रण में रहे और कालाबाजारी या कमी की गुंजाइश न रहे.

क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत ?

  • विदेशी तनाव: मध्य-पूर्व (West Asia) में तनाव बढ़ रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री रास्ते, जहां से हिंदुस्तान का काफी तेल और गैस आता है, वहां युद्ध जैसे हालात होने पर सप्लाई रुकने का खतरा रहता है.
  • आयात पर निर्भरता: हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG दूसरे देशों से खरीदता है. अगर दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई बाधित होती है, तो हिंदुस्तान में किल्लत हो सकती है.
  • बढ़ती मांग: उज्ज्वला योजना के बाद देश के करोड़ों नए घरों में सिलेंडर पहुंच चुके हैं. आज LPG कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आम आदमी की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 तक हिंदुस्तान की पेट्रोलियम खपत 250 मिलियन टन तक पहुंच सकती है.

Also Read: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी सस्ता, जानें 6 मार्च के ताजा भाव

The post Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए प्रशासन का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top