Hot News

डॉलर को किया बाय-बाय, भारत ने दिए ईरानी तेल के लिए चीनी करेंसी

India-Iran Oil Trade: हिंदुस्तान और ईरान के बीच तेल व्यापार की एक बड़ी समाचार सामने आई है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तानीय रिफाइनर्स ने ईरान से खरीदे गए कच्चे तेल का भुगतान चीनी करेंसी ‘युआन’ में किया है. यह लेनदेन ICICI बैंक के जरिए पूरा किया गया. अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका ने ईरान और रूस पर अस्थायी छूट (Waivers) दी थी, जिसके तहत यह खरीदारी संभव हो पाई है. 

पेमेंट के लिए युआन ही क्यों चुना गया?

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण डॉलर में व्यापार करना लगभग नामुमकिन है. अगर पेमेंट डॉलर में की जाती है, तो अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम उसे ब्लॉक या फ्रीज कर सकता है. ऐसे में ईरान ने ऐसी करेंसी में भुगतान मांगा जो अमेरिकी सिस्टम से बाहर हो. हिंदुस्तानीय रिफाइनर्स ने ICICI बैंक की शंघाई (चीन) शाखा के जरिए युआन में पैसे भेजे. यह रास्ता अपनाने से ईरान को बिना किसी रुकावट के अपने पैसे मिल गए और हिंदुस्तान को जरूरी कच्चा तेल. इससे पहले रूस के साथ तेल व्यापार में भी हिंदुस्तान युआन का इस्तेमाल कर चुका है. 

इस डील में क्या खास था?

प्रशासनी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने करीब 7 साल बाद ईरान से 20 लाख बैरल तेल खरीदा है. इस सौदे की कीमत लगभग 200 मिलियन डॉलर है. ‘जया’ (Jaya) नामक विशाल टैंकर के जरिए यह तेल हिंदुस्तान पहुंचा. इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए भी ईरान से तेल लाने वाले जहाजों को अनुमति दी गई है. हैरान करने वाली बात यह रही कि इंडियन ऑयल ने सामान की पूरी डिलीवरी से पहले ही 95% भुगतान कर दिया. आमतौर पर, जब किसी प्रतिबंधित देश से तेल खरीदा जाता है, तो पेमेंट डिलीवरी पूरी होने के बाद ही की जाती है. जानकारों ने इसे एक असामान्य व्यवस्था बताया है. 

क्या हिंदुस्तान आगे भी ईरान से तेल खरीदेगा?

हिंदुस्तान ने 2019 से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से ईरान से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था. इस बीच केवल चीन की छोटी और स्वतंत्र रिफाइनरीज (जिन्हें ‘टीपॉट्स’ कहा जाता है) ही ईरान की मुख्य खरीदार बनी रहीं. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल की फिलहाल ईरान से और तेल खरीदने की कोई योजना नहीं है.  यह एक सीमित अवसर था जिसका इस्तेमाल तेल की कीमतों और सप्लाई को बैलेंस करने के लिए किया गया.  हिंदुस्तान अभी भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस और अन्य देशों पर अधिक निर्भर है. 

ये भी पढ़ें: 6वीं पास और ₹1000 करोड़ की मालकिन! मिलिए तमिलनाडु चुनाव की सबसे अमीर कैंडिडेट से

The post डॉलर को किया बाय-बाय, हिंदुस्तान ने दिए ईरानी तेल के लिए चीनी करेंसी appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top