West Bengal Election 2021 Analysis: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में साल 2021 का विधानसभा चुनाव किसी बड़े सियासी भूकंप से कम नहीं था. इस चुनाव में न केवल सत्ता की जंग हुई, बल्कि विभिन्न दलों के बीच सीटों की ऐसी ‘छीना-झपटी’ हुई, जिसने कई दशकों पुराने सियासी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया. एक तरफ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कांग्रेस और वामपंथियों के किलों को ढाहकर अपनी ताकत बढ़ायी, तो दूसरी ओर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने भी टीएमसी के गढ़ में जबर्दस्त सेंधमारी की.
ममता के महा-प्रहार से संकट में कांग्रेस, माकपा का वजूद
वर्ष 2016 में 211 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी ने 2021 में 215 सीटों के साथ हैट्रिक लगायी. इस जीत के पीछे दूसरों की सीटें छीनने की एक बड़ी रणनीति थी.
- कांग्रेस और वामपंथ का सफाया : तृणमूल ने सबसे बड़ा प्रहार कांग्रेस और माकपा पर किया. टीएमसी ने कांग्रेस की 44 सीटें और माकपा (CPIM) की 26 सीटें सीधे अपनी झोली में डाल लीं.
- वाम के सहयोगियों पर भी भारी दीदी की पार्टी : दीदी की पार्टी ने फॉरवर्ड ब्लॉक की एकमात्र सीट, आरएसपी (RSP) की 1 सीट और सीपीएम की 1 अन्य सीट पर भी कब्जा जमाया.
- बीजेपी को भी झटका : भाजपा की 3 पुरानी सीटों में से 1 पर भी टीएमसी ने अपना परचम लहरा दिया.
- अपनी मजबूती : टीएमसी अपनी 162 पुरानी सीटों को सफलतापूर्वक बचाने में कामयाबी रही.
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बीजेपी की बड़ी छलांग, टीएमसी से छीन ली 48 सीटें
भले ही भाजपा सत्ता से काफी दूर रह गयी, लेकिन उसने सीटों की छीनाझपटी में टीएमसी को कड़ी टक्कर दी. भाजपा ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस से 48 सीटें छीन लीं, जो राज्य में भगवा दल के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा प्रमाण था. भाजपा ने कांग्रेस की 15, आरएसपी की 2 और सीपीएम की 1 सीट पर जीत दर्ज की. जीजेएम (GJM) की 2 सीटों पर भी भाजपा ने कब्जा जमाया और 1 निर्दलीय सीट भी अपने नाम की. भाजपा अपनी पुरानी 3 में से 2 सीटें बचाने में कामयाब रहीं.
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West Bengal Election 2021 Analysis: अन्य छोटे खिलाड़ियों का हाल
सीटों की इस खींचतान में आरएसएमपी (RSMP) ने चौंकाते हुए तृणमूल कांग्रेस से 1 सीट छीन ली. पहाड़ की नेतृत्व में जीजेएम की 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत का परचम लहरा दिया. इस चुनावी दंगल ने साफ कर दिया कि बंगाल में अब मुकाबला द्विध्रुवीय (TMC vs BJP) हो चुका है. ममता बनर्जी ने पुराने दलों (कांग्रेस-वामपंथ) का आधार पूरी ध्वस्त कर दिया. बीजेपी मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरकर सामने आयी.
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