TN Government Formation : विधानसभा चुनाव का परिणाम आए पांच दिन हो गए हैं, लेकिन अबतक यहां इस बात को लेकर सस्पेंस बरकरार है कि किसकी बनेगी प्रशासन? टीवीके 108 सीट लाकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन बहुमत के आंकड़े को पूरा करने में जो 10 सीटें कम हैं, उसे जुगाड़ पाने में विजय के हाथ-पांव फूल रहे हैं. पिछले तीन दिन में टीवीके के नेता विजय और राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर के बीच तीन मीटिंग को हो चुकी है, लेकिन अबतक विजय राज्यपाल को आश्वस्त नहीं कर पाएं हैं कि उनके पास जादुई आंकड़ा है. आइए समझते हैं आखिर कहां फंस रहा है पेच.
विजय के पास कितने विधायकों का समर्थन है?
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत का आंकड़ा 118 है, इस लिहाज से टीवीके बहुमत से 10 सीट पीछे रह गई. चूंकि विजय ने दो सीट से चुनाव लड़ा था और उन्हें एक सीट छोड़ना पड़ा, तो टीवीके के कुल विधायक हुए 107. अब विजय को चाहिए 11 और विधायकों का समर्थन. कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देने की बात कही, जो डीएमके के साथी थे. इस लिहाज से आंकड़ा बना 107+5+2+2= 116 का, यानी बहुमत से दो कदम दूर. शुक्रवार को जब विजय राज्यपाल से मिले तो उनके पास कुल 118 लोगों का समर्थन पत्र नहीं था, हालांकि वीसीके (Viduthalai Chiruthaigal Katchi) एक ऐसी पार्टी है, जिसने समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन वह अपने बयान से पलट भी रहा है.
| दल/स्थिति | सीटें | कुल संख्या |
|---|---|---|
| Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) की जीती सीटें | 108 | 108 |
| विजय ने एक सीट छोड़ी | -1 | 107 |
| Indian National Congress का समर्थन | +5 | 112 |
| Communist Party of India का समर्थन | +2 | 114 |
| Communist Party of India (Marxist) का समर्थन | +2 | 116 |
| बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा | 118 | — |
| अभी कमी | 2 विधायक | — |
| Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) | 2 | समर्थन स्पष्ट नहीं |
| अगर VCK समर्थन दे दे | +2 | 118 (बहुमत) |
किंगमेकर की भूमिका में वीसीके
वीसीके ऐसी पार्टी है, जिसके पास दो विधायक हैं और अगर वे टीवीके के साथ आ जाएं, तो बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाएगा. यही वजह है कि वीसीके को सत्ता की चाबी माना जा रहा है. शुक्रवार को कम्युनिस्ट पार्टियों ने यह कहा था कि वीसीके, टीवीके को अपना समर्थन देगी, लेकिन वीसीके के नेताओं ने स्पष्टता के साथ कुछ भी नहीं कहा है. कभी वे समर्थन देने की बात करते हैं, कभी चुप्पी साध लेते हैं. शुक्रवार को पार्टी का एक सोशल मीडिया पोस्ट भी आया, जिसमें उन्होंने समर्थन देने की बात कही, लेकिन बाद में पोस्ट को डिलिट कर दिया गया. इस स्थिति में वीसीके का स्टैंड क्या होगा, इसपर धुंध सी छाई हुई है.

IUML (मुस्लिम लीग) ने बदला स्टैंड
मुस्लिम लीग से टीवीके ने समर्थन मांगा था, शुरुआत में इन्होंने ऐसे संकेत दिए थे कि वे विजय को प्रशासन बनाने में समर्थन देंगे, लेकिन बाद में इन्होंने अपना स्टैंड बदल दिया और सार्वजनिक रूप से यह कह दिया कि वे विजय को प्रशासन बनाने में समर्थन नहीं देंगे.
राज्यपाल क्यों नहीं दे रहे प्रशासन बनाने का निमंत्रण?
राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर विजय से सिर्फ इतना पूछ रहे हैं कि क्या उनके पास प्रशासन बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का लिखित समर्थन है? अगर है, तो उन्हें निमंत्रण देने में कोई परहेज नहीं है. इसकी वजह यह है कि राज्यपाल प्रदेश में स्थिर प्रशासन चाहते हैं, लेकिन विजय अबतक उन्हें आश्वस्त नहीं कर पाएं हैं. शुक्रवार शाम को जैसी स्थिति बन रही थी, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अब तमिलनाडु में एक बार फिर स्टारडम की प्रशासन नजर आएगी, लेकिन मामला फिर अटक गया है और वीसीके किंगमेकर की भूमिका में है. विजय बहुमत के लिए जरूरी और दो विधायकों का समर्थन कैसे जुटा पाएंगे यह देखने वाली बात होगी.
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