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शुभेंदु कैबिनेट में संघ का प्रभाव, महिला और आदिवासी के साथ मतुआ को भी जगह

Ministers of West Bengal: दिलीप घोष

शुभेंदु अधिकारी के बाद दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली. वही दिलीप घोष, जिन्हें बंगाल भाजपा के नए उदय के नेताओं में से एक माना जाता है. आरएसएस प्रचारक से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक का उनका सफर अचानक रुक गया. विधानसभा चुनाव से पहले मोदी के मंच पर नजर आए दिलीप घोष को उनके पुराने मैदान में वापस लाया जा रहा है. खड़गपुर सदर से अपनी काबिलियत साबित कर चुके दिलीप अब बंगाल मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रहे हैं. ऐसे में नेतृत्वक हलकों में यह माना जा रहा है कि दिलीप को संघ परिवार के प्रतिनिधि के तौर पर अधिक महत्व दिया गया है.

Ministers of West Bengal: अग्निमित्र पाल

ममता बनर्जी बंगाल की पहली स्त्री मुख्यमंत्री थीं. वो दिन अब बीत चुका हैं. नए मंत्रिमंडल में स्त्री चेहरों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे थे. हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह में स्त्री मंत्री का नाम स्पष्ट हो गया. शुभेंदु और दिलीप के बाद तीसरा नाम अग्निमित्रा पाल का था, जो आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं. अग्निमित्रा कभी फैशन डिजाइनर के रूप में बंगाल की एक लोकप्रिय हस्ती थीं. बाद में उन्होंने भाजपा से अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत की. अग्निमित्रा ने विधानसभा, सभाओं, जुलूसों और अपने निर्वाचन क्षेत्र के विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से दिन-प्रतिदिन अपनी नेतृत्वक पहचान बनाई. अब वह मंत्री हैं.

Ministers of West Bengal: खुदीराम तुडू

शपथ लेने वाले मंत्रियों में खुदीराम टुडू भी शामिल थे. वे राज्य की नेतृत्व में कोई जाना-पहचाना चेहरा नहीं हैं, न ही कोई प्रभावशाली नेता. दिलीप-अग्निमित्र के बाद उनके नाम की घोषणा की गई. आदिवासी नेता ने पूरे देश के नेताओं के सामने शपथ ली. उन्होंने बेहद अनौपचारिक तरीके से शपथ ग्रहण किया. भाजपा ने जंगलमहल के प्रतिनिधि और रानीबांध से विधायक को पूर्णकालिक मंत्री बना दिया. खुदीराम की शपथ कितनी महत्वपूर्ण है, यह कहना गलत नहीं होगा.

Ministers of West Bengal: अशोक कीर्तनिया

मंत्रिमंडल में एक चेहरा और एक चौंकाने वाला रहा. रानीबांध के बाद, बांगाओन उत्तर विधानसभा का नंबर आया. अशोक कीर्तनिया मंत्री बने हैं. वे मतुआ समुदाय के प्रतिनिधि हैं. तृणमूल ने उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए थे. अब उन्हीं अशोक ने मंत्री पद की शपथ ली है. विश्लेषकों का मानना ​​है कि इसके पीछे भी भाजपा के कुछ विशेष कारण हो सकते हैं. भाजपा ने ठाकुरबाड़ी के सदस्य शांतनु ठाकुर को केंद्रीय मंत्री बनाकर मतुआगढ़ के लोगों का दिल जीत लिया है और अब उसी क्षेत्र के प्रतिनिधि अशोक राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं.

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Ministers of West Bengal: निशिथ प्रमाणिक

शुभेंदु अधिकारी की तरह, निशित भी तृणमूल से भाजपा में आये हैं. हालांकि, उनका उदय बहुत तेज़ी से हुआ है. विश्लेषकों का यह भी कहना है कि इस मामले में राजबोंगशी समुदाय को भी सम्मान दिया गया है. राजबोंगशी समुदाय में निशित की लोकप्रियता ने भाजपा की ताकत बढ़ाने में काफी मदद की है. इससे पहले, उन्हें अमित शाह के उप-प्रमुख के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. और अब निशित राज्य मंत्री हैं.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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