खास बातें
Sumitro Chatterjee BJP MLA Naihati: ‘वंदे मातरम’ के रचयिता और महान उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली नैहाटी की सूरत अब बदलने वाली है. नैहाटी से हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायक और बंकिम बाबू के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने इस ऐतिहासिक कस्बे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने का बीड़ा उठाया है.
बंकिम बाबू के पैतृक घर की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं
विधायक पद की शपथ लेने के बाद सुमित्रो चटर्जी ने स्पष्ट किया कि अब बंकिम बाबू के पैतृक घर की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विजन को साझा करते हुए नैहाटी के काठालपाड़ा गांव को एक नये सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की.
‘वंदे मातरम’ को मिला वास्तविक सम्मान
शपथ ग्रहण के बाद सुमित्रो चटर्जी ने पिछली प्रशासनों पर तीखा हमला बोला. चटर्जी ने कहा कि पूर्व की राज्य और केंद्र प्रशासनों ने ‘वंदे मातरम’ को वह स्थान नहीं दिया, जिसका वह हकदार था. प्रशासनी कार्यक्रमों में इसे कभी पूर्ण रूप से नहीं गाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली प्रशासनों ने बंकिम बाबू के आवास को केवल ‘विरासत भवन’ घोषित कर खानापूर्ति की, लेकिन पर्यटकों के लिए वहां कोई बुनियादी सुविधा विकसित नहीं की.
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नैहाटी के लिए मास्टर प्लान : झील, रिसोर्ट और डेस्टिनेशन वेडिंग
विधायक सुमित्रो चटर्जी ने नैहाटी के विकास के लिए कई नायाब सुझाव पेश किये हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में मौजूद एक बड़ी लेकिन बेकार पड़ी झील को साफ कर वहां मत्स्य पालन शुरू किया जायेगा. पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास एक आधुनिक रिसोर्ट बनाने की योजना है. नैहाटी को ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ स्थल के रूप में प्रमोट करने का भी उनका सपना है. इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा.
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बंकिम म्यूजियम बनाने की है अमित शाह की योजना
अमित शाह की योजना के अनुसार, यहां बंकिम चंद्र की बहुआयामी प्रतिभा, उनके साहित्य और राष्ट्रवादी विचारधारा को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जायेगा.
Sumitro Chatterjee BJP MLA Naihati: नैहाटी और चिनसुरा का गहरा नाता
‘वंदे मातरम’ की रचना 1875-76 के दौरान हुई थी. सुमित्रो चटर्जी ने बताया कि भले ही इसकी रचना स्थल के रूप में हुगली के चिनसुरा का नाम लिया जाता है, लेकिन नैहाटी का इसमें बराबर का योगदान है. हुगली नदी के 2 किनारों पर स्थित ये दोनों शहर बंगाल की राष्ट्रवादी चेतना के प्रतीक हैं.
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बदल रही बंगाल की नेतृत्व
बंकिम चंद्र के वंशज होने के नाते सुमित्रो चटर्जी का भाजपा की टिकट पर जीतना और अब नैहाटी के कायाकल्प की बात करना, बंगाल की बदलती नेतृत्व में एक बड़ी सांस्कृतिक जीत माना जा रहा है. अब वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भर के पर्यटक नैहाटी आकर उस मिट्टी को नमन कर सकेंगे जिसने देश को अपना राष्ट्रगीत दिया.
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