RBI Scam Alert: अगर आपके पास कोई ऐसा ईमेल आया है जिसमें लिखा है कि आपने कोई लॉटरी जीती है. आपको विदेश से पैसे मिलने वाले हैं या आप RBI के किसी “डोनेशन प्रोग्राम 2026” के लिए चुने गए हैं. तो सावधान हो जाइए, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ये सभी ईमेल पूरी तरह से नकली (फर्जी) हैं. इनका मकसद सिर्फ आपकी कमाई और पर्सनल डेटा चोरी करना है.
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने खुलासा किया है कि जालसाज हुबहू RBI जैसे दिखने वाले ईमेल भेज रहे हैं. इनमें ‘डोनेशन प्रोग्राम 2026’ या ‘लॉटरी मुआवजा’ देने के बदले ‘क्रेडिटिंग फीस’ (Crediting Fee) मांगी जा रही है.
ये ‘क्रेडिटिंग फीस’ क्या बला है?
जालसाज इस शब्द का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए करते हैं ताकि उनकी ठगी पूरी तरह असली और ऑफिशियल लगे. सीधे शब्दों में कहें, तो स्कैमर्स आपसे कहते हैं कि आपके नाम पर करोड़ों रुपये का फंड मंजूर हो चुका है, लेकिन उसे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने (क्रेडिट करने) के लिए आपको पहले एक छोटी सी फीस चुकानी होगी. इसे ही वे प्रोसेसिंग फीस, ट्रांसफर फीस, RBI क्लीयरेंस चार्ज या अकाउंट एक्टिवेशन अमाउंट का नाम देते हैं. एक बार जब आप ये पैसे दे देते हैं, तो ठग या तो गायब हो जाते हैं या फिर किसी नए बहाने से और पैसों की मांग करने लगते हैं.
यहां देखें इस समाचार से जुड़ी PIB की ऑफिशियल एक्स पोस्ट:
SCAM ALERT!
🚨 An email is circulating online falsely claiming to be issued by the Reserve Bank of India and allegedly asking people to pay a ‘crediting fee’ under a ‘Donation Program 2026’ / ‘compensation payment for winning lottery’ scheme/ inheritance fund, etc.… pic.twitter.com/hC37SCUyub
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 26, 2026
ठग आपसे क्या-क्या चुराना चाहते हैं?
प्रशासन के मुताबिक, यह एक सोची-समझी ‘फिशिंग’ (Phishing) साजिश है. ईमेल के जरिए झांसा देकर जालसाज आपसे ये बेहद संवेदनशील जानकारियां चुराना चाहते हैं:
- आपके बैंक खाते की पूरी डिटेल और पासवर्ड
- आधार कार्ड और पैन (PAN) नंबर की जानकारी
- आपके मोबाइल पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP)
- या फिर फीस के नाम पर सीधे आपके बैंक से पैसे ट्रांसफर करवाना
क्या सच में RBI ऐसा कोई प्रोग्राम चला रहा है?
PIB फैक्ट चेक ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ऐसा कोई ईमेल जारी नहीं किया है. RBI न तो कोई डोनेशन प्रोग्राम चलाता है, न ही किसी तरह की लॉटरी या विरासत का पैसा बांटता है. ठग अपने ईमेल को असली दिखाने के लिए प्रशासनी लोगो (Logos), नकली प्रशासनी मुहर, जाली पेमेंट डॉक्यूमेंट्स और फर्जी ट्रांजैक्शन नंबर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. यहां तक कि ईमेल में RBI के नकली अधिकारियों के नाम और जाली दस्तखत भी शामिल किए जा रहे हैं ताकि आम इंसान आसानी से झांसे में आ जाए. यह स्कैम खास तौर पर सीनियर सिटीजंस, पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और डिजिटल बैंकिंग से कम वाकिफ लोगों को निशाना बना रहा है.
खुद को ठगी से कैसे बचाएं?
देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
- किसी भी संदिग्ध ईमेल या एसएमएस में दिए गए लिंक पर बिल्कुल क्लिक न करें.
- ईमेल या मैसेज के जरिए कभी भी अपनी बैंकिंग या पर्सनल डिटेल किसी के साथ शेयर न करें.
- किसी भी वित्तीय संदेश की सच्चाई हमेशा केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ही जांचें.
शिकायत कहां करें?
अगर आपको प्रशासन या RBI के नाम से ऐसा कोई भी संदिग्ध संदेश मिलता है, तो आप तुरंत उसकी रिपोर्ट PIB फैक्ट चेक को इन माध्यमों से कर सकते हैं:
- व्हाट्सएप नंबर: +91 8799711259
- ईमेल आईडी: factcheck@pib.gov.in
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