Iran US Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चा तेज होते ही ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. लोगों ने सड़कों पर उतरकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का मानना है कि प्रस्तावित समझौता ईरान के राष्ट्रीय हितों को कमजोर कर सकता है. यह विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी किसी निश्चित समयसीमा की पुष्टि करने से परहेज किया है.
मशहद में सबसे ज्यादा दिखा विरोध
उत्तर-पूर्वी ईरान के शहर मशहद में विदेश मंत्रालय के एक कार्यालय के बाहर दर्जनों लोग जमा हुए. ईरानी समाचार एजेंसी फर्स द्वारा साझा किए गए वीडियो में काले चादर पहनी स्त्रीएं लाल और काले झंडे लहराती नजर आईं. प्रदर्शन के दौरान विदेश मंत्री के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए.
रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ ने ‘अराघची मुर्दाबाद, समझौता करने वाले को शर्म आनी चाहिए’, ‘अराघची, झुकना बंद करो’ और ‘देश के साथ समझौता करने वाले अराघची मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए. यह प्रदर्शन उस समय हुआ जब अब्बास अराघची ने प्रशासनी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में प्रस्तावित समझौते पर चर्चा की थी.
A video released by IRGC-affiliated media appears to show a gathering outside the Foreign Ministry’s representative office in Mashhad on Saturday evening where protesters chant, “Death to Araghchi, the dishonorable compromiser and infiltrator.”
The hardliners have been… pic.twitter.com/VlhvUiCFmA— Iran International English (@IranIntl_En) June 13, 2026
तेहरान समेत कई शहरों में प्रदर्शन
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी तेहरान और अन्य कई इलाकों में भी समझौते के विरोध में प्रदर्शन हुए. वीडियो में प्रदर्शनकारी अमेरिका के साथ बातचीत के लिए सीधे तौर पर अब्बास अराघची को जिम्मेदार ठहराते दिखाई दिए. प्रदर्शनकारियों ने ‘समझौता करने वाले, इस्तीफा दो’ और ‘समझौतावादी मुर्दाबाद’ जैसे नारे भी लगाए.
Hardline Iranians have been protesting throughout the day against Foreign Minister Abbas Araghchi and Parliament Speaker Ghalibaf over the emerging U.S.-Iran deal. Demonstrators chanted “Death to Araghchi, the dishonorable compromiser,” “Araghchi, have shame, stop giving in,” and… pic.twitter.com/PRQrYfTxno
— Open Source Intel (@Osint613) June 13, 2026
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता
लोगों का मानना है कि प्रस्तावित डील ईरान के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं करती. उनका मानना है कि इससे होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की रणनीतिक पकड़ कमजोर पड़ सकती है. उनका आरोप है कि समझौता हासिल करने के लिए ईरानी वार्ताकार अमेरिका के सामने जरूरत से ज्यादा रियायतें दे रहे हैं.
अराघची ने क्या कहा था?
शुक्रवार को प्रशासनी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि बातचीत के तहत तैयार हो रहा समझौता ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का रास्ता खोल सकता है. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन अब पहले जैसा नहीं रहेगा. इसका अर्थ लोगों ने यह लगाया कि होर्मुज खुल जाएगा. हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि यह समुद्री मार्ग ईरान के लिए निरोधक क्षमता के प्रमुख साधनों में से एक रहा है.
ट्रंप और शहबाज शरीफ ने दिए समझौते के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान के साथ एक प्रारूप समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि दोनों पक्ष शांति समझौते के लिए एक ढांचे पर सहमत हो चुके हैं और 24 घंटे के अंदर हस्ताक्षर की तैयारी चल रही है. हालांकि, तेहरान ने इस समयसीमा की पुष्टि नहीं की.
ईरान ने कहा- अभी नहीं होगा हस्ताक्षर
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रशासनी मीडिया से बातचीत में कहा कि समझौते पर तत्काल हस्ताक्षर नहीं होने जा रहे हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कल (रविवार को) नहीं होगा. हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले कुछ दिनों में समझौता संभव हो सकता है.
ये भी पढ़ें:- FIFA WC में कनाडा का मैच छोड़ कैटी पेरी के शो में पहुंचे जस्टिन ट्रूडो, हुई आलोचना तो बोले- कभी-कभी बॉयफ्रेंड…
ये भी पढ़ें:- बंजी जंपिंग के लिए बिना रस्सी बांधे फेंक दिया, 21 साल की लड़की की हुई मौत; Video में कैद हुआ दिल दहलाने वाला हादसा
समझौते में क्या हो सकता है शामिल?
प्रस्तावित पीस डील का अहम मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलना और ईरान पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अलग चरण में बातचीत की जाएगी.
मसौदे में ईरान की अरबों डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने और ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में छूट देने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं. बदले में ईरान को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज को पूरी तरह खोलना होगा. हालांकि, अराघची ने मीडिया से इस डील के पॉइंट्स पर मीडिया को अटकलें लगाने से मना किया था.
The post अमेरिका के साथ पीस डील पर नाराज हुई ईरानी जनता, अपनों के खिलाफ सड़कों पर उतरी; अराघची-गालिबाफ का इस्तीफा मांगा appeared first on Naya Vichar.

