Karnataka MLC elections : कर्नाटक विधान परिषद (MLC) के चुनाव में क्रॉस-वोटिंग पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालावाड़ी नारायणस्वामी ने कहा कि वो 11 वोट किसे मिले? कांग्रेस को. अगर कांग्रेस ऐसे 11 वोट खरीदकर जीती है, तो यह कांग्रेस के लिए डेमोक्रेसी की जीत है,लेकिन अगर कोई बीजेपी में आकर हमें वोट देता है और जीत जाता है, तो यह असंवैधानिक हो जाता है. उनकी जीत संवैधानिक है; हमारी जीत असंवैधानिक. यह क्या है? बीजेपी ने कर्नाटक में क्रॉस-वोटिंग पर कांग्रेस पर निशाना साधा है.
कर्नाटक में क्रॉस-वोटिंग से बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व नाराज
VIDEO | Bengaluru, Karnataka: “It’s a very serious matter; will be forming a committee today, assess the situation,” says Karnataka BJP president BY Vijayendra on cross-voting in MLC polls.
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— Press Trust of India (@PTI_News) June 19, 2026
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में हुए क्रॉस-वोटिंग से बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व नाराज है. इस चुनाव में 11 विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ वोटिंग कर उसकी हार में भूमिका निभाई. क्रॉस-वोटिंग करने वालों को माफी नहीं मिलेगी यह तय है. इसकी वजह यह है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को तलब किया है. इसके पीछे क्रॉस-वोटिंग की वजह को तलाशना है.विजयेंद्र ने भी इस बात को स्वीकारा है कि उनकी पार्टी और जेडी(एस) के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया. उन्होंने कहा है कि क्रॉस-वोटिंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
11 विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ वोट किया
अबतक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार एनडीए के 11 विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया. क्रॉस-वोटिंग करने वालों में बीजेपी और जेडी(एस) दोनों के विधायक हैं. क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस 5 सीट जीतने में सफल रही. चुनाव में कांग्रेस के टिप्पन्नप्पा कमकनूर, पीवी मोहन, बीके हरिप्रसाद, शिवन्ना बीएस और विनय कार्तिक प्रकाश विजयी रहे. इनके अलावा बीजेपी के लिंगराज पाटिल और रघु आर ने जीत दर्ज की. जेडी(एस) उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा. गोविंदराजू की हार ने सबसे अधिक सवाल खड़े किए हैं. जेडी(एस) के पास विधानसभा में 18 विधायक हैं और उन्हें कम से कम 18 प्रथम वरीयता वोट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें केवल 14 वोट मिले. इससे संकेत मिलता है कि कम से कम चार जेडी(एस) विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया. बीजेपी ने भी गोविंदराजू के समर्थन में वोट करने की अपील अपने विधायकों से की थी, लेकिन उनकी हार से यह स्पष्ट है कि रणनीति विफल रही.
कांग्रेस की विधानपरिषद में ताकत बढ़ी
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव परिणामों के बाद 75 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस की ताकत 34 से बढ़कर 39 हो गई है, जबकि भाजपा के 29 और जेडी(एस) के छह सदस्य रह गए हैं. कांग्रेस ने इसे बीजेपी और जेडी(एस) नेतृत्व के खिलाफ असंतोष का संकेत बताया है. राज्य के मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि यह परिणाम विपक्षी दलों में नेतृत्व के अभाव को दर्शाता है. एनडीए में हुई क्रॉस-वोटिंग और उससे पैदा हुए नेतृत्वक संकट की देश भर में चर्चा हो रही है.
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