Bharat Bhushan Tiwari Encounter (आरा से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट)
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ और फायरिंग को लेकर अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं. मुठभेड़ मामले में भरत भूषण तिवारी, जबकि फायरिंग मामले में उसके पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपित किया गया है. पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी पर घर में अवैध हथियार रखने के साथ भरत भूषण तिवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है.
दोनों प्राथमिकी शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज की गयी है. फायरिंग मामले में दर्ज अनुसार भरत भूषण तिवारी के पास अवैध हथियार होने की सूचना मिली थी. इस सूचना के सत्यापन, हथियार की बरामदगी और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम 17 जून की सुबह बिलौटी गांव पहुंची थी. कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की ओर से पुलिस दल पर जानलेवा हमला किया गया. कई राउंड firing भी की गई, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए थे.
दरवाजा खुलते ही तानी पिस्टल
प्राथमिकी के अनुसार हथियार की सूचना पर 17 जून की सुबह करीब 5:10 बजे पुलिस भरत भूषण तिवारी के घर पहुंची थी. पुलिस द्वारा घर की घेराबंदी कर दरवाजा खुलवाया गया. आरोप है कि दरवाजा खुलते ही भरत भूषण तिवारी थानाध्यक्ष को देख कर आक्रोशित हो गया और हाथ में मौजूद पिस्टल से उनपर फायरिंग करने का प्रयास किया. स्थिति को भांपते हुए वे तत्काल पीछे हट गए. इसके बाद भरत भूषण तिवारी घर की छत पर चढ़ गया और पुलिस पर फायरिंग कर दिया. उसमें वे लोग बाल बाल बच गए. बाद में पुलिस टीम ने अपने बचाव में पोजिशन लिया, तो भरत भूषण तिवारी चैलेंज करते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगा.
पुलिस जब भी उसके घर के नजदीक जाने की कोशिश करती, तो वह फायरिंग करने लगता था. उस दौरान उसके पिता और भाई से हथियार के बारे में पूछा गया, तो दोनों खामोश रहे. प्राथमिकी के अनुसार पिता और भाई को भरत भूषण के पास अवैध हथियार होने की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी. पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा उसे संरक्षण दिया जा रहा था और हथियार रखने में सहयोग किया जा रहा था.
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वीडियो हुआ था वायरल
पुलिस ने प्राथमिकी में उल्लेख किया है कि भरत भूषण तिवारी का पूर्व में भी अवैध पिस्टल के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. पुलिस के अनुसार इसी कारण वह काफी आक्रामक और मनबढ़ू हो गया था. कार्रवाई के दौरान वह पुलिस टीम को लगातार चुनौती दे रहा था और गाली-गलौज कर रहा था. जब भी कोई पुलिस कर्मी घर के करीब पहुंचने का प्रयास करता, वह फायरिंग शुरू कर देता था.
चैलेंज कर करता रहा फायरिंग
शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम के साथ भरत भूषण तिवारी की मुठभेड़ के मामले में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गयी है. तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि पुलिस टीम 17 जून की सुबह करीब साढ़े आठ बजे हथियार की बरामदगी और भूषण तिवारी को गिरफ्तारी को लेकर उसके घर बिलौटी पहुंची थी. तब वह पुलिस को देख कर हथियार लहराते बधार की ओर भागने लगा था.
पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और सरेंडर करने को कहा गया. उस पर वह आक्रोशित हो उठा और पुलिस टीम पर गोली चलाने लगा. उसमें पुलिस कर्मी तो बच गये, लेकिन गोली थाने के प्रशासनी वाहन के बोनेट पर जा लगी. इसके बाद थानाध्यक्ष द्वारा भी तत्काल अपनी प्रशासनी पिस्टल से एक चक्र जवाबी फायरिंग की गयी.
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सरेंडर का नाटक कर छकाया
प्राथमिकी के अनुसार एसटीएफ और शाहपुर पुलिस टीम द्वारा बधार में उसे चारों तरफ से घेर लिया गया. उससे बार-बार आत्मसमर्पण करने को कहा जा रहा था, लेकिन वह चालाकी करने लगा. उसने आत्मसमर्पण का दिखावा करते हुए अपनी पिस्टल को कुछ दूरी पर आगे फेंक दे रहा था. लेकिन पुलिस पिस्टल को जब्त करने के लिए आगे बढ़ती, तो और तेजी से लपका कर दोबारा पिस्टल उठा ले रहा था और चैलेंज करते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगता था.
पुलिस को कर रहा था चैलेंज
एफआईआर के मुताबिक वह बाये हाथ में मोबाइल एवं दाहिने हाथ में पिस्टल लेकर गाली देते हुए पुलिस को चैलेंज करता रहा. उसके द्वारा लगातार फायरिंग करने से छन मानस को भी खतरा उत्पन्न होने लगा था. थानाध्यक्ष द्वारा काफी समझाने पर वह सरेंडर करने के तैयार हो गया. पिस्टल भी फेंक दिया. लेकिन एक जवान पिस्टल जब्त करने पहुंचा, तभी उसने लपक पिस्टल उठा लिया और दो राउंड फायरिंग कर दी. उस अचानक जानलेवा हमले के बाद, उसकी ‘टैक्टिकल क्लोज कोर्डनिंग’ कर रहे एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार ने तुरंत मोर्चा संभाला. उन्होंने आत्मरक्षार्थ अपनी प्रशासनी पिस्टल से आरोपित के कमर के नीचे पैर को निशाना बनाकर 4 राउंड फायरिंग की.
गोली लगते ही अभियुक्त जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा. उसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए शाहपुर रेफरल अस्पताल भेजा गया. पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
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