मुख्य बातें
Taratala Warehouse Shed Collapse: कोलकाता: ताराटोला त्रासदी के पांचवें दिन भयावह जानकारी सामने आई है. गोदाम के निर्माण में खामी पहले ही दिन सामने आ गई थी. अब शुरुआती जांच में इस भयावह कारण का खुलासा हुआ है. प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार उस गोदाम में कंक्रीट डालते समय कम से कम वैज्ञानिक पद्धति का भी पालन नहीं किया गया.
लोहे के बीमों में नहीं लगे थे पेंच
कंक्रीट खुले टिनों पर डाली जा रही थी. जांचकर्ताओं की प्रारंभिक रिपोर्ट में इसका जिक्र है. जिन टिनों पर कंक्रीट डाली गई थी, वे पूरी तरह से खुले थे. लोहे के बीमों में पेंच नहीं लगे थे. केवल एक टिन को दूसरे टिन से पेंच से जोड़ा गया था. इसी वजह से टिन कंक्रीट का भार सहन नहीं कर पाए. कंक्रीट डालने के कुछ ही समय बाद सीमेंट-रेत का मिश्रण टिन से फिसलकर नीचे गिर गया.
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8 मिमी की छड़ों का किया गया था इस्तेमाल
बताया जाता है कि तीसरी मंजिल का जो हिस्सा अचानक ढह गया, वह टिन पर कंक्रीट डालने की वजह से हुआ था. विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना ठीक उसी तरह हुई जैसे किसी कच्चे पत्ते पर पानी डालने से वह फिसल जाता है. वेल्डिंग में 8 मिमी की छड़ों का इस्तेमाल किया गया था. माना जा रहा है कि इतनी बड़ी छत की वेल्डिंग के लिए यह पर्याप्त नहीं है. वेल्डिंग में अलग-अलग तरह के लोहे के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया था. लोहे के बीम बीच से गिरकर टूट गए.
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