चाईबासा से भागीरथ महतो की रिपोर्ट
Chaibasa Crime News, पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा तोरलो गांव में शनिवार दोपहर अंधविश्वास के चक्कर में इस घटना को अंजाम दिया गया है. दरअसल एक ही परिवार में बड़े भाई ने डायन-बिसाही के झूठे शक और आपसी विवाद में अपने ही छोटे भाई दोकोल सिंह बिरूवा की गर्भवती पत्नी और उसकी 8 साल की मासूम बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने वाले की पहचान रमाये बिरूवा के रूप में हुई है. इस निर्मम हत्या के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और गांव में मातम पसरा हुआ है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शनिवार देर शाम दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. इस दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित पति दोकोल सिंह और उसके तीन छोटे बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है.
खाना खा रही मासूम बेटी पर पहले किया वार
पीड़ित पति दोकोल सिंह बिरूवा ने रोते हुए बताया कि उसका बड़ा भाई रमाये बिरूवा अक्सर नशे में धुत रहता था और वह उनसे अलग रहता था. शनिवार को भी वह अत्याधिक नशे की हालत में उनके घर में घुस आया. उस वक्त आठवीं क्लास में पढ़ने वाली उनकी मंझली बेटी शर्मिला बिरूवा स्कूल से लौटकर घर के पास बैठकर खाना खा रही थी. उसी वक्त सनकी रमाये ने अचानक मासूम बच्ची की कनपटी पर कुल्हाड़ी से जोरदार हमला कर दिया. बेटी की दर्दनाक चीख सुनकर जब उसकी गर्भवती मां ननिका बिरूवा उसे बचाने के लिए दौड़ी, तो हत्यारे जेठ ने उस पर भी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिया. आरोपी ने स्त्री के सिर और गर्दन पर इतनी बेरहमी से काटा कि दोनों मां-बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस खौफनाक मंजर को देखकर घर के अन्य छोटे बच्चों ने इधर-उधर भागकर और छिपकर बमुश्किल अपनी जान बचाई. दोकोल उस वक्त जंगल में बैल चराने गया था, जब वह वापस लौटा तो उसकी पत्नी और बेटी खून से लथपथ मृत पड़ी थीं.
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नि:संतान होने का गुस्सा और पारिवारिक कलह बनी वजह
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, आरोपी रमाये बिरूवा की शादी को करीब पांच साल बीत जाने के बाद भी संतानहीन है. इसी बात को लेकर वह अक्सर हीनभावना और अंधविश्वास का शिकार रहता था. नशे की हालत में वह आए दिन अपनी पत्नी के साथ भी मारपीट करता था, जिससे तंग आकर उसकी पत्नी अक्सर जान बचाने के लिए भाग जाती थी. छोटे भाई का परिवार उसे आश्रय देता था. इस वजह से आरोपी हमेशा अपने भाई खफा रहता था. शनिवार को इसी खुन्नस और डायन के अंधविश्वास में आकर उसने इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला. वारदात के बाद आरोपी भाई जंगल की तरफ फरार हो गया था, लेकिन रविवार सुबह करीब तीन बजे जैसे ही वह वापस अपने घर लौटा, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने उसे धर दबोचा.
थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान
मामले की पुष्टि करते हुए मंझारी थाना प्रभारी दिलीप सहाय मांझी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत बड़ा तोरलो गांव पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से डायन-बिसाही के अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद से जुड़ा पाया गया है. पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है और मुख्य आरोपी रमाये बिरूवा को कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है.
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