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संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक, इन मुद्दों पर आमने-सामने होंगे सत्तापक्ष और विपक्ष

Parliament Monsoon Session 2026 Date: इस सत्र के दौरान कुल 25 दिनों की अवधि में प्रशासन और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं. साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो सकती है. संसद सत्र की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दी.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की धमाकेदार जीत के बाद होने जा रहा मानूसन सत्र

मानसून सत्र पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी और उसके सहयोगियों की जीत के बाद होने जा रहा है. इसमें पश्चिम बंगाल की जीत भाजपा के लिए सबसे अहम है, क्योंकि वह पहली बार राज्य की सत्ता में आई है.

मानसून सत्र में दिख सकता है तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) में बगावत का असर

तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) में बगावत का असर भी मानसून सत्र में देखने को मिल सकता है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 20 TMC और छह शिवसेना (UBT) सांसदों की उस मांग पर फैसला लेना है, जिसमें उन्होंने अलग गुट के तौर पर मान्यता मांगी है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को तृणमूल के 20 और शिवसेना (UBT) के छह सांसदों की उस मांग पर फैसला लेना है, जिसमें उन्होंने अलग गुट के तौर पर मान्यता मांगी है.

प्रशासन के लिए पिछला सत्र रहा था निराशाजनक

पिछला सत्र प्रशासन के लिए इस लिहाज से निराशाजनक था कि 2029 से लोकसभा एवं विधानसभाओं में स्त्रीओं के लिए आरक्षण लागू करने तथा लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था.

प्रशासन के एजेंडे में शामिल हैं प्रमुख विधेयक

परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill): अप्रैल के विशेष सत्र में दो-तिहाई बहुमत की कमी (352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन 298 मिले थे) के कारण यह पास नहीं हो पाया था. हालांकि, विपक्ष (TMC और शिवसेना-UBT) के आंतरिक समीकरणों और बगावत के बाद बदले नेतृत्वक माहौल में प्रशासन इस ऐतिहासिक विधेयक को दोबारा पास कराने की पूरी कोशिश करेगी.

स्त्री आरक्षण संशोधन विधेयक: 33% स्त्री आरक्षण को पूरी तरह से लागू करने के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या में वृद्धि करने से जुड़ा यह संविधान संशोधन विधेयक भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में है.

130वां संविधान संशोधन विधेयक (PM-CM की अयोग्यता से जुड़ा बिल): इस विधेयक पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. इस विधेयक के अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री जेल में रहते हुए पद पर नहीं रह सकेगा. गिरफ्तारी के 30 दिनों के भीतर जमानत न मिलने पर, 31वें दिन पद छोड़ना होगा.

विपक्ष इन मुद्दों पर प्रशासन को घेरने की तैयारी में

मानसून सत्र काफी हंगामेदार होने के आसार हैं. सत्र में विपक्ष को पेपर लीक और परीक्षा विवाद, 130वें संविधान संशोधन का विरोध, विपक्षी दलों में तोड़-फोड़ और सांसदों का दलबदल, महंगाई और बेरोजगारी, ऑपरेशन सिंदूर, राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन को घेरने की तैयारी में है.

ये भी पढ़ें: रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की तैयारी में कांग्रेस, क्या है पूरा मामला?

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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