पिता ने स्त्री थाना में दिया आवेदन, एक नामजद व दो अज्ञात पर केस; मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
नया विचार न्यूज सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार शाम कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना में गुरुवार को पीड़ित नाबालिग छात्रा ने पहली बार अपनी आपबीती सुनाई। नौवीं कक्षा की छात्रा ने आरोप लगाया कि घास काटने के दौरान तीन युवकों ने उसके साथ जबरदस्ती की और विरोध करने पर उसका मुंह दबा दिया। दूसरी ओर, पीड़िता के पिता ने स्त्री थाना में लिखित आवेदन देकर एक नामजद एवं दो अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान तेज कर दिया है। मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पीड़िता का आरोप— “मैं चीखती रही, उन्होंने मुंह दबा दिया”
पीड़िता ने नया विचार न्यूज़ से बातचीत में आरोप लगाया कि मंगलवार शाम वह घर के पास खेत में घास काटने गई थी। उसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और उसके साथ जबरदस्ती करने लगे।
पीड़िता ने कहा, “मैंने विरोध किया और शोर मचाया तो उनमें से एक ने मेरा मुंह दबा दिया। इसके बाद तीनों ने बारी-बारी से मेरे साथ जबरदस्ती की। फिर मैं बेहोश हो गई। मुझे आगे क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं है।”
उसने बताया कि वह एक आरोपित को पहचानती है, जबकि अन्य दो की पहचान नहीं कर सकी। बातचीत के दौरान वह काफी सहमी हुई दिखी और उसने कहा कि उसे न्याय चाहिए।
पीड़िता के इन आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जानी बाकी है।
पिता बोले— “बेटी खेत में बेहोश मिली”
पीड़िता के पिता ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी बेटी घास काटने गई थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर पहले उसकी छोटी और बड़ी बहन उसे खोजने निकलीं। जब उसका पता नहीं चला तो उन्हें भी सूचना दी गई। उस समय वह पास के एक प्लाई बोर्ड कारखाने में काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया, “हम लोग आसपास के खेतों में खोजबीन करने लगे। इसी दौरान जनेर (मक्के) के खेत में बेटी बेहोशी की हालत में मिली। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह अर्धनग्न अवस्था में थी। हम उसे तुरंत घर लाए और स्थानीय डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद मुसरीघरारी थाना को सूचना दी गई। पुलिस के निर्देश पर हम उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर लेकर पहुंचे।”
इलाज में देरी का आरोप
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में इलाज शुरू होने में करीब दो घंटे की देरी हुई।
उन्होंने कहा, “हमें काफी देर तक इधर-उधर भेजा जाता रहा। बाद में पुलिस के पहुंचने के बाद इलाज शुरू हुआ। पूरी रात इलाज चला। अगले दिन पुलिस हमारे घर आई, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आगे की जांच के लिए हमें फिर अपने साथ ले गई।”
स्त्री थाना में आवेदन
पीड़िता के पिता ने स्त्री थाना में लिखित आवेदन देकर एक नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
घटना के समय परिवार के साथ अस्पताल गए एक ग्रामीण ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि अस्पताल में कुछ लोगों ने मीडिया से बात नहीं करने की सलाह दी थी। ग्रामीण ने आशंका जताई कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय बच्चियों को अकेले खेत या सुनसान रास्तों पर भेजने से लोग बच रहे हैं।
पुलिस का पक्ष
मुसरीघरारी थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता के आवेदन के आधार पर स्त्री थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। घटनास्थल से मिले कपड़ों सहित अन्य संभावित साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस ने यह भी कहा कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।
सुरक्षा बढ़ाने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खेतों और सुनसान रास्तों पर शाम के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।