Chanderi Saree History: मध्य प्रदेश के छोटे-से ऐतिहासिक शहर चंदेरी का नाम लेते ही सबसे पहले जिस चीज का ख्याल आता है, वह है यहां की खूबसूरत चंदेरी सिल्क साड़ी. हल्की बुनावट, महीन कपड़ा और जरी की बारीक कारीगरी इसे दूसरी साड़ियों से अलग पहचान दिलाती है. कभी यह साड़ी राजघरानों और रानियों की शान मानी जाती थी, लेकिन आज इसकी खूबसूरती और शालीनता ने इसे देश ही नहीं, दुनिया भर की स्त्रीओं की पसंद बना दिया है.
फिल्म ‘स्त्री’ की वजह से चंदेरी शहर एक बार फिर चर्चा में आया. हालांकि, इस फिल्म का चंदेरी सिल्क साड़ी के इतिहास से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन इसने लोगों की दिलचस्पी इस ऐतिहासिक शहर और इसकी समृद्ध हथकरघा परंपरा की ओर जरूर बढ़ाई. आइए जानते हैं कि आखिर चंदेरी सिल्क साड़ी की शुरुआत कैसे हुई और सदियों बाद भी इसकी लोकप्रियता क्यों बरकरार है.
चंदेरी सिल्क साड़ी का इतिहास
फैशन के बदलते दौर में भी चंदेरी सिल्क साड़ी का आकर्षण कम नहीं हुआ है. शादी, त्योहार और खास मौकों पर यह आज भी स्त्रीओं की पहली पसंद बनी हुई है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह हल्की होने के बावजूद बेहद रॉयल और एलिगेंट लुक देती है.
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