नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बुधवार को परिवहन मंत्री सह प्रभारी मंत्री बिहार दामोदर राउत और जिलाधिकारी ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने पत्थर घाट, रसलपुर (मोहनपुर), जमुनापुर समेत कई प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जलस्तर, आवागमन, नावों के परिचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान मंत्री और डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। मौके पर मोहिउद्दीननगर के विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले में अब तक करीब 2 लाख 33 हजार 212 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
94 सामुदायिक रसोई में करीब 99 हजार लोगों ने किया भोजन
बाढ़ प्रभावित और विस्थापित लोगों के लिए जिले में 94 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक 98,996 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रशासन ने रसोइयों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमित संचालन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

32,515 पॉलिथीन शीट वितरित
प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 32,515 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। आवश्यकता के अनुसार अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
22 मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य सेवाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच, दवाओं का वितरण और चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।
पशुओं के लिए 17 कैंप, 810 क्विंटल चारा वितरित
बाढ़ प्रभावित पशुओं की देखभाल के लिए 17 पशु राहत एवं शेड कैंप बनाए गए हैं। पशु चिकित्सा के लिए भी 17 कैंप संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 300 पशुओं को चिकित्सा सुविधा और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पशुओं के लिए अब तक करीब 810 क्विंटल भूसा एवं चारा वितरित किया जा चुका है।
227 नावों से राहत और आवागमन
बाढ़ प्रभावित तीन प्रखंडों में लोगों के सुरक्षित आवागमन और राहत-बचाव कार्य के लिए 227 नावों का परिचालन किया जा रहा है। नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य भी किया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जलस्तर व तटबंधों की लगातार निगरानी करने, नावों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने, सामुदायिक रसोई नियमित चलाने और मेडिकल कैंप में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के साथ किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधनों और मानवबल को तैयार रखने को कहा गया।
जिला प्रशासन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर भोजन, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने की बात कही है।