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Author name: Vinod Jha

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पटना में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ा जनसैलाब, नन्हे रोजेदारों ने तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी

Ramzan 2026 First Jumma: मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान के पहले जुमे के मौके पर राजधानी पटना इबादत और रूहानियत के रंग में रंगा नजर आया. शहर की बड़ी से लेकर मोहल्लों की छोटी मस्जिदों तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही. रोजेदारों ने पूरे एहतराम और अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की तथा मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, भाईचारा और खुशहाली की दुआएं मांगी. फुलवारी शरीफ में नमाज़ियों का सैलाब देखने को मिला, जहां सुबह से ही मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर रौनक बढ़ गई थी. खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा उमड़ी भीड़ फुलवारी शरीफ की ऐतिहासिक और रूहानी पहचान मानी जाने वाली खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी. यहां बड़ी संख्या में रोज़ेदार नमाज़ अदा करने पहुंचे. मस्जिद के अंदर की सभी सफें भर जाने के बाद बाहर तक नमाज़ियों की कतारें लग गईं. लाल मियां की दरगाह परिसर स्थित शाही संगी मस्जिद में भी खासी भीड़ रही. बड़ी खानकाह मस्जिद और नया टोला की जामा मस्जिद में भी नमाज़ियों की तादाद इतनी अधिक थी कि लोगों को सड़क किनारे और खुले स्थानों पर भी सफ बनाकर नमाज़ अदा करनी पड़ी. नया टोला की उरूज आफताब ने रखा पहला रोज़ा फुलवारी शरीफ के नया टोला की रहने वाली पांच साल की उरूज आफताब ने इस साल अपना पहला रोज़ा रखा और पूरे दिन सब्र और हिम्मत के साथ उसे मुकम्मल किया. सुबह सहरी के वक्त वह परिवार के साथ उठीं, सहरी की और रोज़े की नियत की. घर के लोगों को शुरुआत में भरोसा नहीं था कि इतनी छोटी बच्ची पूरा रोज़ा रख पाएगी, लेकिन उरूज ने बिना किसी शिकायत के दिनभर रोज़ा रखा. शाम को इफ्तार के वक्त पूरा परिवार एक साथ बैठा. उरूज आफताब ने खजूर खाकर अपना पहला रोज़ा खोला. घर का माहौल भावुक और खुशनुमा हो गया. सभी ने उसे दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा. मस्जिदों में रही भारी भीड़ राजधानी के अन्य हिस्सों में भी आस्था का वही आलम देखने को मिला. जामा मस्जिद नया टोला में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था. मस्जिद-ए-गौसुलवरा जमालउद्दीन चक दानापुर, मखदूम रास्ती नगर मिल्लत कॉलोनी मस्जिद, अपना घराना छोटी खानकाह, कुर्बान मस्जिद ईसापुर, फेडरल कॉलोनी हारूननगर मस्जिद, शकूर कॉलोनी मस्जिद, आशियाना-दीघा रोड मस्जिद, समनपुरा बाजार मस्जिद, पुरानी मस्जिद ईसापुर, नूरी मस्जिद ईसापुर और गौणपूरा मस्जिद सहित दर्जनों मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी मौजूदगी रही. हर मस्जिद में रमज़ान की फज़ीलत, सब्र, तक़वा और इंसानियत के पैगाम पर बयान किया गया. लोगों ने गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में रमज़ान की अहमियत बयान करते हुए कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, खुदा से करीब होने और जरूरतमंदों की मदद का महीना है. उन्होंने रोज़ेदारों को आपसी भाईचारा मजबूत करने, समाज में अमन कायम रखने और नफरत से दूर रहने की नसीहत दी. नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी. रमजान का पहला जुमा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. फुलवारी शरीफ को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल, स्त्री पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी. प्रमुख मस्जिदों और चौराहों पर पुलिस गश्ती दल लगातार निगरानी करते रहे. Also Read: रोजेदारों ने खोला पहला रोजा, जानें 19 फरवरी से 20 मार्च तक सेहरी और इफ्तार का सही समय The post पटना में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ा जनसैलाब, नन्हे रोजेदारों ने तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी appeared first on Naya Vichar.

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पटना हॉस्टल कांड: धमकी भरे लेटर के बाद NEET छात्रा के घर पर लगे CCTV, जहानाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा

Patna NEET Student Death case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है. अब इस मामले की जांच CBI कर रही है. जांच शुरू होते ही पीड़ित परिवार को धमकी मिलने का मामला सामने आया है. परिवार के जहानाबाद स्थित घर पर दो बार अज्ञात लोगों ने धमकी भरे पत्र फेंके. इन पत्रों में केस को आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी गई. परिवार से चुप रहने को कहा गया. लेटर पर ये भी लिखा गया था कि जैसे बेटी मरी वैसे ही दो दिन में तेरा बेटा भी मरेगा. इससे घर के लोग दहशत में हैं. परिवार ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और CBI को सूचना दी. मामले को गंभीर मानते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. घर में कैमरे लगाए जा रहे हैं. 24 घंटे पुलिस तैनात किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घर पर चौबीसों घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि परिवार की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. घर में लगाए गए चार CCTV सुरक्षा के लिए घर में चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इनका मकसद आसपास की हर गतिविधि रिकॉर्ड करना है. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे धमकी देने वालों तक पहुंचने में मदद मिलेगी. इलाके में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है. लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. CBI की टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है. संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है. परिवार को अब सिर्फ न्याय का इंतजार है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: सस्पेंडेड SI से 4 घंटे तक क्या-क्या पूछी CBI? पप्पू यादव ने पटना SSP पर लगाए आरोप The post पटना हॉस्टल कांड: धमकी भरे लेटर के बाद NEET छात्रा के घर पर लगे CCTV, जहानाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तैनात होंगे लीगल ऑफिसर, 28 को जारी होगा वोटर लिस्ट

Table of Contents सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को इन 6 प्वाइंट्स में समझें वोटर लिस्ट पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामले निबटायेंगे लीगल ऑफिसर बंगाल प्रशासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख 28 फरवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की कोर्ट ने दी अनुमति एसआईआर के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट तैनात करेगा लीगल ऑफिसर्स Supreme Court Decision: लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में क्या? तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया बंगाल की बड़ी जीत सुप्रीम कोर्ट ने दिया नॉकआउट पंच – तृणमूल कांग्रेस टीएमसी ने फैसले को बताया चुनाव आयोग के लिए झटका Supreme Court Decision on SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य में चल रहे वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने एसआईआर के लिए पर्याप्त संख्या में ‘ए’ ग्रेड के ऑफिसर उपलब्ध नहीं कराने पर बंगाल प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को आदेश दिया कि वे एसआईआर के लिए लीगल ऑफिसर्स की तैनाती करें. साथ ही रिटायर्ड जजों की भी तलाश करें. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपनी बड़ी जीत बतायी है. तृणमूल कांग्रेस ने क्या बयान दिया है, यह भी आपको बतायेंगे, लेकिन उससे पहले जान लें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या-क्या कहा है. सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को इन 6 प्वाइंट्स में समझें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट में शामिल लोगों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए लीगल ऑफिसर नियुक्त करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा- मुख्य सचिव, डीजीपी और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स की बैठक बुलायें. सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी को बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश करने की अनुमति दी. सप्लीमेंट्री लिस्ट बाद में भी जारी की जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेवारत और पूर्व न्यायिक अधिकारी तार्किक विसंगति सूची में शामिल लोगों के दावों और आपत्तियों पर फैसला करेंगे. वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवजीन के लिए ‘ए’ ग्रेड अफसर उपलब्ध नहीं कराने पर सुप्रीम कोर्ट बंगाल प्रशासन से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बंगाल में एसआईआर में मदद के लिए लीगल ऑफिसर्स उपलब्ध करायें और पूर्व जजों की तलाश करें वोटर लिस्ट पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वोटर लिस्ट का प्रकाशन नहीं रुकेगा. कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह 28 फरवरी 2026 को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर सकता है. कहा कि इसके बाद सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी कर सकते हैं. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विवादों से घिरी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए वर्किंग और रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जजों की तैनाती का शुक्रवार को निर्देश दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामले निबटायेंगे लीगल ऑफिसर निर्वाचन आयोग और तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली प्रशासन के बीच ‘दुर्भाग्यपूर्ण आरोप-प्रत्यारोप’ पर खेद जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई नये निर्देश जारी किये. पीठ ने तार्किक विसंगति सूची (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट) में शामिल व्यक्तियों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया. बंगाल प्रशासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों को मुक्त करने और पूर्व जजों को खोजने के लिये कहा. पीठ ने पश्चिम बंगाल प्रशासन द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए ‘ए’ श्रेणी के पर्याप्त अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाया. 28 फरवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की कोर्ट ने दी अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को 28 फरवरी तक राज्य में मतदाताओं की मसौदा सूची प्रकाशित करने की अनुमति दे दी. साथ ही निर्वाचन आयोग को बाद में पूरक सूचियां (सप्लीमेंट्री लिस्ट्स) जारी करने की भी अनुमति दी. एसआईआर के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट तैनात करेगा लीगल ऑफिसर्स पीठ ने पश्चिम बंगाल के जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया कि वे जारी एसआईआर कवायद के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करें. साथ ही यह स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों को न्यायालय के आदेश के समान माना जायेगा. कोर्ट ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को ‘माइक्रो ऑब्जर्वर’ और राज्य प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जायेगी. Supreme Court Decision: लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में क्या? सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को राज्य की मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी समेत सभी हितधारकों की शनिवार तक बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया. वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मेल न होना और मतदाता तथा उनके माता-पिता की आयु में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर होना शामिल है. तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया बंगाल की बड़ी जीत सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के लोगों की बड़ी जीत बताया है. पार्टी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है कि आज का दिन ऐतिहासिक विध्वंस का प्रतीक है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का अहंकार चूर-चूर हो गया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एक बार एक अछूत अधिपति की तरह इधर-उधर घूमते हुए आश्वस्त किया कि उसका शब्द अंतिम था. वह भ्रम टूटकर विस्मृत हो गया है. HUGE VICTORY FOR THE PEOPLE OF BENGAL! Today marks a historic demolition of @ECISVEEP‘s bloated arrogance. The CEC once strutted around like an untouchable overlord, convinced his word was final. That delusion has been shattered into oblivion. Roll observers had been… pic.twitter.com/vRjT2vBHHq — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 20, 2026 सुप्रीम कोर्ट ने दिया नॉकआउट पंच – तृणमूल कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा है कि रोल पर्यवेक्षक

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कांग्रेस के टॉपलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा -‘राहुल गांधी ने विदेशी मेहमानों के सामने…’

India AI Impact Summit 2026: राजधानी दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से टॉपलेस प्रदर्शन पर सियासत गर्मा गई है. घटना के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया हिंदुस्तान मंडपम में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हिंदुस्तान की बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता का साक्षी बन रही थी, तब कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय कार्यक्रम में बाधा डालने का रास्ता चुना. उन्होंने आगे कहा कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस “शर्मनाक तरीके” से व्यवहार किया गया और कार्यक्रम में हंगामा किया गया, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला भी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “जब पूरी दुनिया नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में हिंदुस्तान को AI इम्पैक्ट समिट होस्ट करते हुए देख रही थी और टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हमारी बढ़ती ग्लोबल लीडरशिप देख रही थी, तब कांग्रेस पार्टी ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय इवेंट में रुकावट डालने… pic.twitter.com/xhLLBwtehE — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 ‘यह देशद्रोह जैसा कृत्य है’- शिवराज इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है. शिवराज ने कहा “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में सिर्फ अपनी शर्ट नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस किस तरह हिंदुस्तान विरोधी मानसिकता रखती है. यह देशद्रोह जैसा कृत्य है और हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश है.” उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदुस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली है. केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा “मैं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से पूछना चाहता हूं कि क्या उनके लिए नेतृत्व देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की इज्जत से समझौता करने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है?” उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता इस तरह की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगी और इसका जवाब देगी. #WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में सिर्फ़ अपनी शर्ट नहीं उतारी, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया कि कांग्रेस कैसे हिंदुस्तान विरोधी है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की इमेज के साथ छेड़छाड़ है… मैं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन… https://t.co/11QDaPsfJJ pic.twitter.com/CGsTyiIpgh — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 हिंदुस्तान की छवि धूमिल करने की साजिश- संबित पात्रा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा “आज कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने जो किया है, उससे देश के युवाओं, खासकर जेन-ज़ी में आक्रोश है. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस हिंदुस्तान बनाम उन शक्तियों के खिलाफ है, जो हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करना चाहती हैं.”उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन राहुल गांधी के कहने पर किया गया. पात्रा ने कहा कि नई दिल्ली स्थित हिंदुस्तान मंडपम में चल रहे AI समिट के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. ये हैं- कृष्णा हरि जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं, कुंदन यादव बिहार प्रदेश सचिव हैं, अजय कुमार उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और नरसिम्हा यादव राष्ट्रीय समन्वयक हैं. पात्रा ने कहा “इन कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तान मंडपम में पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराया, फिर अंदर जाकर टॉपलेस होकर प्रदर्शन किया. यह सहयोग नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा प्रयोग और कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश है.” #WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, “आज कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के कहने पर जो किया है, उसका आक्रोश हिंदुस्तान के जेन-ज़ी में है… यह प्रेस कॉन्फ्रेंस हिंदुस्तान बनाम उन शक्तियों के खिलाफ है जो कि हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करना चाहते हैं… हिंदुस्तान मंडपम में AI… https://t.co/11QDaPsfJJ pic.twitter.com/YHy7xVwHrE — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 व्यापार समझौते के खिलाफ था विरोध प्रदर्शन- युवा कांग्रेस अध्यक्ष हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इस आयोजन के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ था. उन्होंने कहा कि जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, हिंदुस्तान विरोधी व्यापार समझौता हो रहा हो और युवाओं को बेरोज़गार रखकर नफरत की नेतृत्व में झोंका जा रहा हो, तो फिर खामोश नहीं रहा जा सकता. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक प्रदर्शनी हॉल में पहुंचकर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए. पुलिस ने कुछ देर बाद इन लोगों को वहां से हटाया और हिरासत में ले लिया. The post कांग्रेस के टॉपलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा -‘राहुल गांधी ने विदेशी मेहमानों के सामने…’ appeared first on Naya Vichar.

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आज से लागू हुए AI कंटेंट के नए नियम: डीपफेक पोस्ट 3 घंटे में टेकडाउन करना जरूरी, जानें और क्या बदला

New IT Rules: हिंदुस्तान प्रशासन ने आज यानी 20 फरवरी, 2026 से AI से बने कंटेंट को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं. आईटी मंत्रालय ने 10 फरवरी, 2026 को इस बारे में अपडेट दिया था, जो कि IT (Digital Media Ethics Code) Rules 2021 का हिस्सा है. प्रशासन ने साफ-साफ बताया है कि कौन-सा कंटेंट AI या सिंथेटिक माना जाएगा. इस चीज के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदार ठहराया गया है. अब नियमों के बिना ऐसा कंटेंट शेयर करना सीधा आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है. आइए जान लें क्या हैं वो नियम. डीपफेक कंटेंट पर लगेगा लगाम AI Impact Summit में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डीपफेक्स और फेक कंटेंट आजकल समाज में बहुत गड़बड़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ कदम उठाना जरूरी है. उन्होंने वॉटरमार्किंग और सोर्स को ज्यादा पारदर्शी बनाने की बात की. साथ ही ये भी कहा कि ऑनलाइन बच्चों की सेफ्टी का खास ध्यान रखना चाहिए. क्या है SGI कंटेंट? अब नए IT नियमों के हिसाब से Synthetically Generated Content (SGI) यानी AI या कंप्यूटर से बनाया गया कंटेंट काफी अहम हो गया है. असल में, अगर कोई फोटो, वीडियो या कोई कंटेंट ऐसा दिखता है जैसे असली व्यक्ति, जगह या घटना है, लेकिन वो AI या कंप्यूटर की मदद से बनाया गया है, तो उसे SGI माना जाएगा. नया नियम ये भी कहता है कि अगर आप ऐसा कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, तो आपको उसे लेबल (label) या वॉटरमार्क (watermark) करना होगा. इससे सबको पता चल सके कि ये AI से बनाया गया है. नई IT नियमों से 3 बड़े बदलाव लेबल लगाना अब जरूरी है. मतलब अगर आप कोई AI से बनाई हुई फोटो या वीडियो शेयर करते हैं, तो उस पर ‘AI’ का लेबल लगाना पड़ेगा. और हां, एक बार लग गया तो हटा नहीं सकते. सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे टूल्स बनाने होंगे जो चेक कर सकें कि कोई कंटेंट AI से बनाई गई है या नहीं. यानी कोई भी बिना वेरिफिकेशन के AI कंटेंट अपलोड नहीं कर पाएगा. हर तीन महीने में प्लेटफॉर्म्स यूजर्स को चेतावनी देंगे कि अगर AI का गलत इस्तेमाल किया तो आपको जुर्माना या सजा हो सकती है. नई IT नियमों में सख्त मनाही की गई चीजें बच्चों से जुड़ा कोई भी पोर्नोग्राफिक कंटेंट नकली दस्तावेज या फर्जी रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में कोई गड़बड़ी हथियार या गोला-बारूद से जुड़ी चीजें डीपफेक वीडियो या इमेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की बढ़ी जिम्मेदारी अगर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कहती है कि कोई कंटेंट हटाओ, तो उन्हें तीन घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी. पहले ये टाइमलाइन 36 घंटे की थी. नए IT नियमों के तहत अब इसे कम कर दिया गया है. साथ ही, प्लेटफॉर्म्स को कोड का इस्तेमाल करके ये दिखाना होगा कि कंटेंट AI से बनाया गया है. और अगर कोई हिंसक या बच्चों से जुड़ा पोर्नोग्राफिक कंटेंट मिलता है, तो उन्हें 12 घंटे के अंदर जवाब देना होगा. अगर कोई भी SGI या AI कंटेंट के नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीसी, प्रोटेक्शन ऑफ इंडियन सिटिजनशिप एक्ट या POCSO एक्ट के तहत मामला झेलना पड़ सकता है. लेकिन एक बात प्रशासन ने साफ कर दी है, अगर कोई प्लेटफार्म ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल करके SGI तक एक्सेस ब्लॉक करता है, तो इसे IT एक्ट की सेक्शन 79 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. यह भी पढ़ें: AI Impact Summit 2026: गूगल की ओर से हुए ये बड़े ऐलान, यहां जानें सबकुछ The post आज से लागू हुए AI कंटेंट के नए नियम: डीपफेक पोस्ट 3 घंटे में टेकडाउन करना जरूरी, जानें और क्या बदला appeared first on Naya Vichar.

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डर या तैयारी की कमी? बड़ी संख्या में यूपी बोर्ड एग्जाम छोड़ रहे हैं छात्र

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स परीक्षा देते हैं. साल 2025 में करीब 54 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं साल 2024 में करीब 53 लाख स्टूडेंट्स यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे. इस साल भी 52 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं. लेकिन कई स्टूडेंट्स परीक्षा छोड़ रहे हैं.  यूपी बोर्ड परीक्षा कब से हो रही है?  यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी. परीक्षा हर दिन दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 8:30 से 11:45 बजे और दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक होगी.  हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स छोड़ रहे हैं परीक्षा  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की ओर से आयोजित UP बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा 2026 के पहले ही दिन बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे. आंकड़ों के अनुसार तीन लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए. दूसरे दिन भी हजारों स्टूडेंट्स की अनुपस्थिति दर्ज की गई, जिससे बोर्ड और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ी है. पहले दिन इतने छात्र रहे गायब  बोर्ड परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. पहले दिन कुल 52 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत थे, लेकिन इनमें से करीब 3 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए. हाई स्कूल (10वीं) में लगभग 1.7 लाख छात्र अनुपस्थित रहे. इंटरमीडिएट (12वीं) में करीब 1.4 लाख छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे. इस तरह दोनों कक्षाओं को मिलाकर 3 लाख से अधिक छात्रों ने पहले दिन ही एग्जाम छोड़ दिया. दूसरे दिन भी कई स्टूडेंट्स ने छोड़ी परीक्षा  परीक्षा के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में छात्र गैरहाजिर रहे. विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के मुताबिक हजारों छात्र निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे. कड़ी निगरानी और सख्त इंतजाम बोर्ड ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और सख्त चेकिंग की व्यवस्था की गई है. हालांकि, कई स्टूडेंट्स परीक्षा देने नहीं पहुंचें. तैयारी अधूरी होने और परीक्षा के तनाव के कारण ऐसा हो सकता है कि स्टूडेंट्स एग्जाम देने नहीं पहुंचे हों.  यह भी पढ़ें- CBSE मैथ्स पेपर के बाद क्यों रोए छात्र? टीचर्स ने बताया असली वजह The post डर या तैयारी की कमी? बड़ी संख्या में यूपी बोर्ड एग्जाम छोड़ रहे हैं छात्र appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद के खिलाफ दायर याचिका पर सुना दिया फैसला, Video भी देखें

Table of Contents बाबर के नाम पर मस्जिद का नाम रखने पर रोक की मांग वकील ने वापस ली याचिका, कोर्ट ने किया खारिज Babri Masjid Case: आक्रमणकारी था बाबर वकील ने कोर्ट से की थी ये मांग हिंदुस्तान पर आक्रमण करने वाले के नाम पर मस्जिद निर्माण पर रोक लगे 5 जजों की पीठ ने 2019 में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर दिया था ऐतिहासिक फैसला Babri Masjid Case: हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद के निर्माण पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. शुक्रवार को कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा- यह सुनने के लायक नहीं है. बाबर के नाम पर मस्जिद का नाम रखने पर रोक की मांग याचिकाकर्ता ने मुगल शासक बाबर या बाबरी मस्जिद के नाम पर किसी भी मस्जिद या धार्मिक संरचना के निर्माण या नामकरण पर रोक लगाने का निर्देश देने की अपील देश की सबसे बड़ी अदालत से की थी. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जब यह कहा कि वह इस याचिका सुनवाई के लायक नहीं है, तो पिटीशनर के वकील ने याचिका वापस ले ली. वकील ने वापस ली याचिका, कोर्ट ने किया खारिज पीठ ने कहा कि याचिका वापस लिये जाने के कारण इसे खारिज किया जाता है. पिटीशनर के वकील ने निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर द्वारा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने की घोषणा का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता देश पर हमला करने वाले किसी शासक के नाम पर मस्जिदों के निर्माण के खिलाफ है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Babri Masjid Case: आक्रमणकारी था बाबर वकील ने कहा कि हुमायूं कबीर ने इस तथ्य के बावजूद मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा की थी कि बाबर एक आक्रमणकारी था. कबीर के खिलाफ कुछ कार्रवाई की जानी चाहिए. जब सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिका खारिज करने की घोषणा की, तो वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी. वकील ने कोर्ट से की थी ये मांग याचिका में केंद्र प्रशासन, राज्यों और अन्य प्रशासनों को याचिकाकर्ता के मामले पर विचार करने और समूचे हिंदुस्तान में बाबर या बाबरी मस्जिद या उनसे मिलते-जुलते नामों पर किसी भी मस्जिद या धार्मिक संरचना के निर्माण, स्थापना या नामकरण पर रोक लगाने या प्रतिबंध लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था. हिंदुस्तान पर आक्रमण करने वाले के नाम पर मस्जिद निर्माण पर रोक लगे याचिका में अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वे बाबरी मस्जिद, बाबर या हिंदुस्तान पर आक्रमण करने वाले किसी भी व्यक्ति के नाम पर किसी भी मस्जिद या धार्मिक संरचना के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने के लिए उचित दिशा-निर्देश तैयार करने या परिपत्र और प्रशासनिक आदेश जारी करने पर विचार करें. 5 जजों की पीठ ने 2019 में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर दिया था ऐतिहासिक फैसला नवंबर 2019 में शीर्ष अदालत की 5 जजों की संविधान पीठ ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. कोर्ट ने अयोध्या स्थित विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था. केंद्र प्रशासन को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्देश दिया था. इसे भी पढ़ें शुभेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप : बाबरी मस्जिद के लिए बांग्लादेश से हुई फंडिंग, हुमायूं कबीर ने किया पलटवार भाजपा का ममता बनर्जी पर हमला, शमिक बोले- बिगड़ चुका है बंगाल का माहौल मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर आज करेंगे नयी पार्टी की घोषणा हुमायूं कबीर फरवरी में एक लाख लोगों के साथ ‘कुरान ख्वानी’ का आयोजन करेंगे The post सुप्रीम कोर्ट ने हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद के खिलाफ दायर याचिका पर सुना दिया फैसला, Video भी देखें appeared first on Naya Vichar.

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‘पैट कमिंस ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट को बर्बाद किया’, पॉवर और अथॉरिटी के भूखे; वर्ल्ड कप झटके पर भड़का कंगारू फैन

Pat Cummins: ऑस्ट्रेलियाई टीम का टी20 विश्वकप 2026 में काफी निराशाजनक प्रदर्शन रहा. टीम पहले राउंड- ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई. मिचेल मार्श की अगुवाई में टीम को जिम्बॉब्वे और श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा, जबकि जिम्बॉब्वे और आयरलैंड के मुकाबले में बारिश ने ऑस्ट्रेलिया को घर का रास्ता नापने को मजबूर कर दिया. इस शर्मनाक प्रदर्शन के लिए मिचेल मार्श नहीं बल्कि पैट कमिंस पर निशाना साधा जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के एक प्रशंसक ने कहा कि कमिंस ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बर्बाद कर दिया है. वह अंडररेटेड पॉलिटिशियन हैं, जो पॉवर और अथॉरिटी के भूखे हैं.  फैन ने क्या कहा, कौन से आरोप लगाए? ट्रॉल क्रिकेट अनलिमिटेड नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया एक्स पर ऑस्ट्रेलिया टीम की टी20 विश्वकप 2026 में फजीहत होने के बाद सारा ठीकरा पैट कमिंस पर फोड़ा. उसने लिखा, ‘पैट कमिंस ने काफी हद तक कई तरीकों से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया है, खासकर उस ताकत और अधिकार की वजह से, जो इस वक्त उनके पास है. वह एक महान गेंदबाज हैं और ऑस्ट्रेलिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं, इस पर कोई सवाल नहीं. लेकिन वह एक कम आंके गए पॉलिटिशियन भी हैं, जो अपने निजी और स्वार्थपूर्ण हितों के लिए सत्ता के भूखे हैं.’ यूजर ने अपनी बात के सबूथ के तौर पर लिखा, ‘स्थायी टेस्ट कप्तानी मिलने के बाद से उन्हें पूरी ताकत, अधिकार और दबदबा मिल गया. टेस्ट टीम से जस्टिन लेंगर और टिम पेन को बाहर कराने में उनकी भूमिका रही. वह उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने टीम के साथ सलाह-मशविरा कर यह चाहा कि जस्टिन लैंगर को हटाया जाए, क्योंकि वह बहुत सख्त थे और उनके पास बहुत ज्यादा अधिकार थे, जो पैट्रिक को रास नहीं आता था.’ ट्रॉल क्रिकेट ने आगे कहा, ‘इसके बाद वह रॉनल्ड मैकडोनाल्ड को लाए, जो उनके अंडर केवल एक कठपुतली है. कमिंस ही वह व्यक्ति हैं, जिनकी बड़ी भूमिका जॉर्ज बेली के चेयरमैन ऑफ सेलेक्टर्स बनने में रही और सफेद गेंद क्रिकेट में मिचेल मार्श को उनका डिप्टी बनाने में भी. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लगभग सभी अहम फैसले पैट कमिंस से सलाह लेकर ही किए जाते हैं. आखिरी फैसला उन्हीं का होता है.’ ट्रॉल क्रिकेट ने कहा कि कमिंस भले ही अभी चोटिल हैं, लेकिन वह आईपीएल स्पोर्ट्सेंगे. उन्होंने लिखा, ‘पैट कमिंस यह भी तय करते हैं कि वह कौन-सी सीरीज़ स्पोर्ट्सेंगे और कौन-सी लीग में हिस्सा लेंगे. वह पूरे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन के लिए 100% फिट और उपलब्ध रहेंगे और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी करेंगे. अब लोगों को सच में उनकी इन हरकतों पर सवाल उठाने की जरूरत है.’ Pat Cummins to a large extent has ruined Australian Cricket in many ways cause of the power and authority he holds right now. He is a legendary bowler and one of Australia’s finest cricketers no question on that but he is an underrated politician who is hungry for power for his… pic.twitter.com/DwZlcoOmHC — Troll cricket unlimitedd (@TUnlimitedd) February 17, 2026 हालांकि ट्रॉल क्रिकेट के  इस एनालिसिस पर कई यूजर्स असहमत नजर आए. एक यूजर ने लिखा, ‘मुझे ऐसा नहीं लगता, क्योंकि जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे खराब दौर में थी, तब Pat Cummins आए और उन्होंने टीम को संभाला. उनके नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया ने विश्व क्रिकेट पर फिर से दबदबा बनाया. 2023 वर्ल्डकप जीता, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 जीती, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में पहुंचे, T20 वर्ल्ड कप 2024 में दो हैट्रिक लीं. इन उपलब्धियों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया है.’ I don’t think so because when aus team was at their lowest point then Pat Cummins come , and conquer world cricket by winning wc 23 , wtc 23 , finalist wtc 25 , 2 hat tricks in t20 wc 24 . — StOkE.55 (@jaat36403) February 17, 2026 कमेंट में लोगों ने जताई असहमति दूसरे यूजर ने लिखा, ‘बिलकुल सही कहा. पैट कमिंस ने वही किया, जो बड़े कप्तान और बड़े खिलाड़ी करते हैं. क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में हिंदुस्तान को उसी के घर में, एक लाख से ज्यादा दर्शकों के सामने हराना कोई छोटी बात नहीं है. हिंदुस्तान पूरे टूर्नामेंट में सबसे बेहतरीन टीम था, इसमें कोई शक नहीं. लेकिन फाइनल दबाव का स्पोर्ट्स होता है और उस दिन कमिंस ने कप्तानी, रणनीति और मानसिक मजबूती में बाजी मार ली.’ उसने आगे कहा, ‘नई गेंद से रोहित शर्मा को आउट करना, फील्ड प्लेसमेंट, गेंदबाज़ों का सही इस्तेमाल और खुद रन बनाना. हर मोर्चे पर उन्होंने मैच पलट दिया. यही वजह है कि उस दिन दिल टूटा, लेकिन सम्मान भी पैदा हुआ. क्रिकेट में भावनाएं स्वाभाविक हैं, मगर महान उपलब्धियों को मान देना भी उतना ही जरूरी है. सम्मान बनता है रोना बंद करो.’ Where were you when he defeated India in India in the WC finals. He made us cry that day, India was clearly the best team throughout the WC campaign, beating them in finals in front of the home crowd (over 100,000 fans) is a massive achievement. Respect for him. Stop crying. — DesiByte (@darshinvyas) February 17, 2026 चोटिल कमिंस पर लगे आरोप; उनकी उपलब्धियों के सामने बौने पैट कमिंस को एशेज 2025-26 से पहले से ही चोटिल थे. हालांकि, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की इस सीरीज का तीसरा मैच स्पोर्ट्सा था. कमिंस फिलहाल पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट (लंबर बोन स्ट्रेस) से जूझ रहे हैं. चोट के कारण ही वह टी20 विश्वकप 2026 में टीम में शामिल नहीं हो पाए. उनकी जगह बेन ड्वारशिस को टीम में शामिल किया गया. कमिंस टी20 वर्ल्ड कप के बाद और आईपीएल के पहले खुद के फिट होने की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने अपनी ऑस्ट्रेलियाी टीम को कई उपलब्धियां दिलाई हैं. कमिंस ने एसआरएच को भी आईपीएल चैंपियन बनाया है. ऐसे में इस तरह के आरोप लगाना शायद एक फैन की अति उत्साही टिप्पणी ज्यादा लगती है, न कि किसी वास्तविकता के.  ये भी पढ़ें:- क्या ऑस्ट्रेलिया का हारना पाकिस्तान के लिए शुभ? वायरल दावे की हकीकत जानें ये भी पढ़ें:- ये पाकिस्तानी नहीं सुधरेंगे, सुपर-8 में

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टॉक्सिक के धांसू टीजर में इन 5 डायलॉग्स ने मचाया गदर, आप भी हो जाएंगे दीवाने

Toxic Dialogue: ‘केजीएफ’ से पैन इंडिया स्टार बने यश एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने की तैयारी में हैं. उनकी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है. पहले जब फिल्म की झलक सामने आई थी तो बोल्ड सीन्स को लेकर मेकर्स को ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी, लेकिन इस बार कहानी कुछ और है. 1 मिनट 55 सेकंड के इस टीजर ने फैंस को पूरी तरह इम्प्रेस कर दिया है. टीजर में यश का जबरदस्त एक्शन अवतार देखने को मिलता है. एडवांस स्टंट्स और स्टाइलिश प्रेजेंटेशन इसे अलग लेवल पर ले जाते हैं. लेकिन सिर्फ एक्शन ही नहीं, फिल्म के पांच डायलॉग्स भी खूब चर्चा में हैं. आइए बताता हूं… टॉक्सिक के 5 दमदार डायलॉग पहला डायलॉग एक सीन में यश का चेहरा नहीं दिखता, सिर्फ हाथ में जलती सिगरेट नजर आती है. बैकग्राउंड में आवाज गूंजती है, “इस बार जंग अलग है.” दूसरा डायलॉग गनफायर और धमाकों के बीच यश कार के पास शराब की बोतल लिए खड़े नजर आते हैं. तभी सुनाई देता है, “उनकी मक्कारी भी अलग है.” तीसरा डायलॉग ट्रेन, एयरप्लेन और जहाज से जुड़े हाई-वोल्टेज एक्शन के बीच यश का आधा चेहरा दिखता है और डायलॉग आता है, “सबसे टकराना भारी पड़ेगा.” चौथा डायलॉग शोर-शराबे के बीच दुश्मन की आवाज सुनाई देती है, “जिद छोड़ दो… Give up Raya… it’s over.” पांचवां और सबसे दमदार डायलॉग बाथटब में बैठे यश का पूरा लुक सामने आता है. वो ठंडे अंदाज में कहते हैं,“It’s over… when I say it’s over… till then have some manners… f***ng manners.” कब रिलीज होगी ‘टॉक्सिक’? यश की ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगू, मलयालम और अंग्रेजी में भी आएगी. ‘केजीएफ 2’ के बाद यश सीधे इसी फिल्म में नजर आएंगे, इसलिए फैंस की एक्साइटमेंट डबल है. बॉक्स ऑफिस पर बड़ी टक्कर दिलचस्प बात ये है कि 19 मार्च को ही रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ भी रिलीज हो रही है. ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त क्लैश देखने को मिल सकता है. माना जा रहा है कि 2026 की यह सबसे बड़ी टक्कर साबित हो सकती है. यह भी पढे़ें: लंबे समय बाद बडे़ पर्दे पर लौट रहे बॉबी देओल, बंदर में दिखेगा तगड़ा एक्शन ये रहा टॉक्सिक का टीजर The post टॉक्सिक के धांसू टीजर में इन 5 डायलॉग्स ने मचाया गदर, आप भी हो जाएंगे दीवाने appeared first on Naya Vichar.

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क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा?

The Kerala Story 2 : केरला स्टोरी 2 का ट्रेलर हाल ही में जारी हुआ है और जिसके बाद विवाद शुरू हो गया है. केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस मूवी की कड़ी आलोचना की है और इसे प्रोपेगैंडा बताया है. उनका कहना है कि इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सांप्रदायिक सोच को बढ़ाने और समाज में नफरत फैलाने के लिए यह फिल्म लाई जा रही है. दूसरी ओर बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का कहना है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी की बात होती है, लेकिन जब समाज के किसी कट्टरवादी सोच का सच सामने लाया जाता है, तो कांग्रेस उसका विरोध करने लगती है.यह गलत है, समाज में अगर बुराइयां हैं, तो उसे छिपाने की जरूरत क्या है. कैथोलिक चर्च कई बार लव जिहाद की बात कर चुका है. कांग्रेस स्त्रीओं की प्रताड़ना पर आधारित फिल्म का विरोध कर रही है.  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल से सांसद शशि थरूर ने फिल्म को प्रोपेगैंडा बताया है और कहा है कि हमारा समाज ऐसा नहीं है. कुछ लड़कियों के साथ ऐसा हुआ है, लेकिन देशभर में 30-35 घटनाओं से पूरे देश का आकलन सही नहीं है. हमारे यहां सभी धर्म के लोगों को साथ रहने की सीख दी जाती है. केरला स्टोरी 2 को लेकर क्या है विवाद? आपको याद होगा कि 2023 में दि केरला स्टोरी रिलीज हुई थी. इस मूवी के रिलीज होने  के बाद भी काफी विवाद हुआ था. इस फिल्म के बारे में यह दावा किया गया था कि वह सच्ची घटनाओं पर आधारित थी और फिल्म में लव जिहाद का मामला दिखाया गया था. उसमें यह भी बताया गया था कि कैसे हिंदू लड़कियों को आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट में शामिल कर उनका शोषण किया जाता है.   अब केरला स्टोरी 2 रिलीज होने वाली है. यह मूवी 27 फरवरी को रिलीज हो रही है, लेकिन इसके ट्रेलर के आते ही बवाल मच गया है. फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह हैं, जो एक नेशनल अवार्ड विनिंग निर्देशक हैं. फिल्म के बारे में यह दावा किया जा रहा है कि यह सच्ची घटनाओं पर आधारित है. इस फिल्म में लव जिहाद के जरिए लड़कियों को धोखा देने और उन्हें प्रताड़ित करने की बहुत ही इमोशनल दास्तान है. इस फिल्म के समर्थकों का कहना है कि यह सच है और इसे दिखाया जाना चाहिए, जबकि इसके विरोधियों का कहना है कि यह महज समाज में नफरत फैलाने का काम है. यह समाज में हिंदू–मुस्लिम नफरत को बढ़ाने का काम करेगा. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने केरला स्टोरी 2 को समाज में नफरत फैलाने वाला कहा है और कहा है कि इस फिल्म गलत नरेटिव सेट कर रही है और मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश है. यह हिंदू-मुस्लिम एकता पर खतरा है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें हाईकोर्ट पहुंचा मामला? केरला स्टोरी 2 का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है. श्रीदेव नंबूदरी नाम के एक व्यक्ति ने केरल हाई कोर्ट में केरला स्टोरी 2 के खिलाफ केस दायर किया है और यह बताया है कि इस फिल्म में केरल को जिस तरीके से दिखाया गया है, वह बहुत ही चिंताजनक है. नंबूदरी ने फिल्म के रिलीज को चैलेंज किया है और बताया है कि इसके रिलीज से क्षेत्रीय सद्‌भाव पर असर पड़ सकता है. पिटीशन दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने फिल्म के प्रोड्‌यूसर, इंफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को नोटिस जारी किया है. कोर्ट इस मामले की सुनवाई 24 फरवरी को करने वाला है. फिल्म को चेतावनी की तरह दिखाना बना गुस्से की वजह केरला स्टोरी 2 को एक चेतावनी के अंदाज में दिखाया गया है. ट्रेलर में देश के तीन अलग–अलग हिस्सों की कहानी दिखाई जाती है, जिसमें यह बताया जाता है कि हिंदू लड़कियों को मुसलमान लड़के प्रेमजाल में फंसाकर उनसे शादी करते हैं और फिर उन्हें जबरन मुसलमान बनाया जाता है. फिल्म में कई इमोशनल दृश्य भी है, जो लड़कियों के सपने टूटने जैसा है, मसलन उन्हें रील बनाने से रोकना, जबरदस्ती बीफ खिलाना और मन भर जाने पर उनका दूसरे से रेप करवाना. इस तरह के दृश्य लोगों के मन में आक्रोश भरते हैं. फिल्म के समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष इस तरह के दृश्य से आक्रोशित होता है. ये भी पढ़ें : क्या आप जानते हैं देश में कितने आईएएस 5 साल में चुने गए और बिहार के कितने ललना डीएम हुए? स्त्री के पायजामे का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश ही माना जाएगा, हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया विकसित हिंदुस्तान के सपने की ओर हनुमान कूद है एआई इंपैक्ट समिट? The post क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा? appeared first on Naya Vichar.

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