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Author name: Vinod Jha

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पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका नेतृत्व में आने या किसी नेतृत्वक दल का गठन करने का कोई इरादा नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दीपके ने कहा कि मौजूदा समय में लोगों का भरोसा नेतृत्व, चुनाव प्रणाली, न्यायपालिका और मीडिया से कम हुआ है. ऐसे में देश को एक नए नेतृत्वक दल की नहीं, बल्कि जन-आंदोलन की जरूरत है. हमारा नेतृत्व में आने का कोई इरादा नहीं है. जिस तरह लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है, ऐसे समय में नेतृत्वक पार्टी बनाकर क्या करेंगे? देश को जन-आंदोलन की जरूरत है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बोले अभिजीत दीपके- एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं अपने परिवार और पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर दीपके ने कहा कि वह अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप से जुड़े सभी दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं. मैं अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप लेटर से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपनी डिग्री दिखाने का अनुरोध करता हूं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया था सवाल अभिजीत दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके और उनके परिवार के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. तिवारी ने महाराष्ट्र प्रशासन, हिंदुस्तानीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को शिकायतें भेजी हैं. उनका दावा है कि दीपके के पिता भगवानराव दीपके MIDC में जूनियर इंजीनियर थे और उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया. तिवारी ने CJP के अपंजीकृत रहते हुए चंदा लेने और कथित फंडिंग की भी जांच की मांग की है. आरक्षण पर क्या बोले अभिजीत दीपके? आरक्षण के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा मिलने में कोई बुराई नहीं है. उनका मानना है कि सीटें कम होने की शिकायत करने के बजाय प्रशासन से सीटें बढ़ाने की मांग की जानी चाहिए. अगर किसी पिछड़े वर्ग के शिशु को शिक्षा मिल रही है तो इसमें क्या गलत है? हमें आरक्षण का विरोध करने के बजाय शिक्षा में सीटें बढ़ाने की मांग करनी चाहिए. लोग मैनेजमेंट कोटा पर उतना सवाल क्यों नहीं उठाते? कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके झारखंड के छात्रों को दिया समर्थन दिपके ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी तबीयत ठीक होगी, वह खुद झारखंड जाकर छात्रों से मिलेंगे. उन्होंने कहा- हम झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हैं. मैंने उन्हें अपना समर्थन दिया है और कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखें. दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए पहले से साजिश रची गई थी. दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध स्थल के पास पहले से पत्थरों से भरा ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन खड़ी थी. उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मंच के पीछे पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा कर दिया था. इसके पीछे क्या कारण था? 20 जुलाई से पहले वहां एक क्षतिग्रस्त वैन भी खड़ी थी. अगले दिन समाचार आई कि विरोध प्रदर्शन पर पत्थरबाजी हुई. दिल्ली पुलिस ने इसकी पहले से ही योजना बना रखी थी. मैंने अपने आंदोलन की शुरुआत से ही कहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने, विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहर से कुछ लोगों को भेजा जाएगा और मुख्य न्यायाधीश से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए जाएंगे. इन गुंडों ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पहले से ही योजना बना रखी थी. जिस विरोध स्थल पर मुझे बिना जांच के जाने नहीं दिया जा रहा था, वहां 2100 अपराधी खुलेआम घूम रहे थे. यह दिल्ली पुलिस पर एक बड़ा सवालिया निशान है.- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शिक्षा मंत्री और मुआवजे को लेकर प्रशासन पर निशाना दीपके ने कहा कि उनकी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो गई. हालांकि, उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करते. साथ ही उन्होंने दावा किया कि NEET की तैयारी कर रहे जिन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या की, उनके परिवारों को अब तक एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं मिला है. जब दूसरे कामों के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए नियमों का हवाला क्यों दिया जा रहा है? इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठते हैं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके CJP की मांगें आत्महत्या करने वाले NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना. पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना. मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर प्रशासन उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं करती है, तो संगठन एक बार फिर आंदोलन शुरू करेगा. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कुछ मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उनका अब तक पूरी तरह पालन नहीं हुआ है. दिपके ने चेतावनी देते हुए कहा- हम चाहते हैं कि प्रशासन हमारी सहमत मांगों को पूरा करे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमें फिर से धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का विकल्प खुला रहेगा. Also Read:CJP को लेकर IB की सुरक्षा चिंता का दावा, पेपर लीक के मुद्दे से नेतृत्वक बहस तक पहुंचा मामला The post पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा appeared first on Naya Vichar.

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चेहरे की खोई नमी वापस पाने के लिए ट्राई करें शहद और नारियल तेल का आसान फेस मास्क

Honey Coconut Oil Night Skincare: अगर बदलते मौसम, धूप या बार-बार फेसवॉश करने की वजह से त्वचा रूखी और बेजान लगने लगी है, तो घर में मौजूद दो आसान चीजें आपकी स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बन सकती हैं। शहद और नारियल तेल से तैयार फेस मास्क त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसे पूरी रात चेहरे पर छोड़ने के बजाय सीमित समय तक लगाना बेहतर माना जाता है. रात में शहद और नारियल तेल लगाने से क्या हो सकता है फायदा? शहद एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट माना जाता है, जो त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं, नारियल तेल स्किन की बाहरी परत को मुलायम रखने में सहायक हो सकता है. दोनों को मिलाकर तैयार किया गया फेस मास्क ड्राई स्किन वालों के लिए फायदेमंद महसूस हो सकता है. हालांकि, नारियल तेल हर स्किन टाइप के लिए उपयुक्त नहीं होता. ऑयली या मुंहासे वाली त्वचा में यह कुछ लोगों के रोमछिद्र बंद कर सकता है। इसलिए इसे पूरी रात लगाने के बजाय 15-20 मिनट बाद धो लेना बेहतर रहता है. यह भी पढ़ें: महंगे Blush की छुट्टी, चुकंदर से घर पर बनाएं नेचुरल क्रीम ब्लश कैसे बनाएं फेस मास्क? (PC: AI Image) एक कटोरी में 1 बड़ा चम्मच कच्चा शहद लें. इसमें 1 छोटा चम्मच नारियल तेल मिलाएं. दोनों चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. तब तक मिलाते रहें, जब तक एक स्मूद और क्रीमी मिश्रण तैयार न हो जाए. फेस मास्क तैयार है, अब इसे चेहरे पर लगाया जा सकता है. Honey Coconut Oil फेस मास्क कैसे लगाएं? सबसे पहले चेहरे को माइल्ड फेसवॉश से अच्छी तरह साफ कर लें. तैयार मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से समान रूप से लगाएं। आंखों के आसपास की त्वचा पर इसे लगाने से बचें. फेस मास्क को 15–20 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें और साफ तौलिये से थपथपाकर सुखा लें। जरूरत हो तो अंत में हल्का मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं. यह भी पढ़ें: पलकों को नेचुरली लंबा और मजबूत बनाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स The post चेहरे की खोई नमी वापस पाने के लिए ट्राई करें शहद और नारियल तेल का आसान फेस मास्क appeared first on Naya Vichar.

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रिश्ता अच्छा होने के बाद भी क्यों हो जाती है चीटिंग? जानिए रिसर्च क्या कहता है

Why People Cheat In Relationships: हर रिश्ता भरोसे पर टिका होता है. जब यही भरोसा टूटता है, तो रिश्ता भी कमजोर पड़ने लगता है. अक्सर लोग कहते हैं कि उनसे गलती हो गई या सब कुछ अचानक हो गया. लेकिन रिश्तों पर हुई कई रिसर्च बताती हैं कि हर बार ऐसा नहीं होता. कई बार इसके पीछे अलग-अलग वजहें होती हैं. रिश्ते में धोखा किसे माना जाता है? धोखा सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक रिश्ता बनाने को नहीं कहते. अगर कोई अपने पार्टनर से छिपकर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ , रोमांटिक इमोशनल या शारीरिक रिश्ता बना ले, तो इसे भी बेवफाई माना जाता है. आज के समय में सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैट के जरिए बनने वाले छिपे रिश्ते भी इसमें शामिल हो सकते हैं. क्या चीटिंग अचानक हो जाती है? धोखा देने के बाद कई लोग कहते हैं कि सब कुछ अचानक हो गया. लेकिन साल 2016 में प्रकाशित एक रिसर्च में पता चला कि कुछ लोग बिना ज्यादा सोचे जल्दी फैसला ले लेते हैं. ऐसे लोग कई बार उस समय सही और गलत के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, हालांकि रिसर्च में यह भी कहा गया कि सिर्फ यही वजह नहीं होती. किसी का स्वभाव, खुद पर कितना कंट्रोल है और रिश्ते को लेकर उसकी सोच भी उसके फैसले को प्रभावित कर सकती है. क्या अफेयर के बाद हर किसी को पछतावा होता है? इस सवाल का जवाब भी हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है. साल 2023 में Archives of Sexual Behavior जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कर चुके शादीशुदा लोगों से बात की गई. इस रिसर्च में पता चला कि कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें अपने अफेयर से खुशी मिली और उन्हें अपने फैसले पर ज्यादा पछतावा नहीं हुआ. कुछ लोगों का यह भी कहना था कि उनके अफेयर की वजह से उनकी शादी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति ऐसा ही सोचता है. हर रिश्ता और हर इंसान अलग होता है. यह भी पढ़ें: बिना एक भी रुपये खर्च किए बनाएं यादगार संडे, पार्टनर के साथ करें ये प्यारी चीजें The post रिश्ता अच्छा होने के बाद भी क्यों हो जाती है चीटिंग? जानिए रिसर्च क्या कहता है appeared first on Naya Vichar.

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Bankipur By Election Result: बिहार की राजनीति में पीके की एंट्री, शुरुआती गणना में बढ़त ; बीजेपी और राजद की रणनीति पर सवाल

Bankipur By Election Result: बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा का गढ़ रही है. इस सीट पर सवर्ण मतदाताओं का बड़ा प्रभाव माना जाता है और भाजपा को हमेशा इसका फायदा मिलता रहा है. लेकिन इस बार जन सुराज के प्रशांत किशोर ने सवर्ण बहुल इलाकों में भी अच्छी बढ़त बनाकर मुकाबले को लगभग एकतरफा कर दिया है. इससे पता चलता है कि भाजपा के परंपरागत वोटों का एक बड़ा हिस्सा जन सुराज की ओर गया है. मुस्लिम-यादव वोटों में भी मिली बढ़त राजद का सबसे मजबूत आधार मुस्लिम-यादव यानी एमवाई वोट बैंक माना जाता है. इस उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता शुरुआती राउंड से ही पीछे रहीं. कई इलाकों में प्रशांत किशोर को ऐसे बूथों पर भी अच्छी बढ़त मिली, जहां पहले राजद का प्रभाव माना जाता था. इससे कहा जा सकता है कि जन सुराज ने मुस्लिम और यादव वोटरों के बीच भी अपनी पकड़ बनाई. जाति से आगे बढ़ने की कोशिश प्रशांत किशोर ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान खुद को किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और बेहतर शासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. यही वजह रही कि उन्हें अलग-अलग समाज के लोगों का समर्थन मिलता दिखाई दिया. भाजपा और राजद दोनों के लिए बड़ा संदेश बांकीपुर का चुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं माना जा रहा था. भाजपा के लिए यह अपना गढ़ बचाने की चुनौती थी, जबकि राजद अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती थी. जन सुराज के प्रदर्शन ने दोनों दलों को यह संकेत दिया है कि बिहार की नेतृत्व में अब नया विकल्प भी तेजी से जगह बना रहा है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें भविष्य की नेतृत्व पर पड़ेगा असर अगर अंतिम नतीजों में भी यही तस्वीर बनी रहती है, तो इसका असर आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पड़ सकता है. भाजपा को अपने पारंपरिक वोट बैंक को और मजबूत करना होगा, जबकि राजद को अपने आधार वोटरों को फिर से एकजुट रखने की चुनौती होगी. दूसरी ओर जन सुराज इस प्रदर्शन के दम पर खुद को बिहार की बड़ी नेतृत्वक ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी. इसे भी पढ़ें: 1995 से बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर, जानिए 1957 से लेकर अब तक कौन-कौन बना विधायक The post Bankipur By Election Result: बिहार की नेतृत्व में पीके की एंट्री, शुरुआती गणना में बढ़त ; बीजेपी और राजद की रणनीति पर सवाल appeared first on Naya Vichar.

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CJP को लेकर IB की सुरक्षा चिंता का दावा, पेपर लीक के मुद्दे से राजनीतिक बहस तक पहुंचा मामला

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), इसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनका डिजिटल अभियान पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. शुरुआत में यह अभियान पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सामने आया था. इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यंग्यात्मक वीडियो, रील्स और डिजिटल कंटेंट के जरिए यह अभियान बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुंचा. जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनीत सिंह ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने CJP को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई हैं. छात्र मुद्दों से नेतृत्वक बहस तक पहुंचा आंदोलन CJP का शुरुआती फोकस छात्र समस्याओं और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर रहा. लेकिन समय के साथ इस अभियान को लेकर नेतृत्वक बहस भी तेज हो गई. कुछ मीडिया रिपोर्टों और नेतृत्वक विश्लेषकों का कहना है कि आंदोलन बाद में व्यापक नेतृत्वक मुद्दों और प्रशासन विरोधी नारों से जुड़ गया. आलोचकों का आरोप है कि CJP का स्वरूप धीरे-धीरे छात्र हितों तक सीमित न रहकर नेतृत्वक आंदोलन जैसा दिखाई देने लगा. वहीं, समर्थक इसे युवाओं की आवाज और डिजिटल माध्यम से चलाया जा रहा सामाजिक अभियान बताते हैं. डिजिटल पहुंच और प्रभाव को लेकर चर्चा सोशल मीडिया की ताकत के जरिए CJP ने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक अपनी पहुंच बनाई. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवाओं की भागीदारी और तेजी से फैलते कंटेंट ने इस अभियान को चर्चा के केंद्र में ला दिया. CJP को लेकर अब बहस दो हिस्सों में बंटी हुई है. एक ओर समर्थक इसे युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला मंच बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसके नेतृत्वक प्रभाव और संभावित उद्देश्यों पर सवाल उठा रहे हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स हैंडल किया ब्लॉक मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69(A) के तहत CJP के आधिकारिक एक्स हैंडल को हिंदुस्तान में ब्लॉक कर दिया. रिपोर्टों में वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह कार्रवाई इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के इनपुट के आधार पर की गई. इन इनपुट में राष्ट्रीय संप्रभुता, सार्वजनिक व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं के दोबारा आयोजन से पहले संभावित अशांति जैसी चिंताओं का जिक्र किया गया था. अभिजीत दीपके की नेतृत्वक पृष्ठभूमि पर विवाद अभिजीत दीपके की नेतृत्वक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बनी हुई है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह साल 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) में राष्ट्रीय सोशल मीडिया समन्वयक के रूप में कार्य कर चुके हैं. दीपके का कहना है कि उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने से पहले पार्टी छोड़ दी थी. वहीं, कुछ आलोचकों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने CJP को स्वतंत्र छात्र आंदोलन के बजाय नेतृत्वक प्रभाव वाला अभियान बताया. विपक्षी संगठनों की भूमिका को लेकर भी लगे आरोप कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में आरोप लगाया गया कि आंदोलन में विभिन्न विपक्षी दलों, भीम आर्मी और कुछ वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी सक्रिय थे. CJP को लेकर नेतृत्वक बहस भी लगातार जारी है. समर्थक इसे युवाओं द्वारा संचालित एक डिजिटल और सामाजिक अभियान बता रहे हैं. जबकि, आलोचक इसके पीछे नेतृत्वक मकसद होने का आरोप लगाते हैं. RTI कार्यकर्ता ने ECI और CBIC से की शिकायत इसी कड़ी में सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके परिवार से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. उन्होंने महाराष्ट्र प्रशासन, हिंदुस्तानीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को अलग-अलग शिकायतें भेजी हैं. तिवारी का दावा है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनकी मासिक आय 60 से 65 हजार रुपये थी, तो उन्होंने अपने बेटे की अमेरिका में उच्च शिक्षा का खर्च कैसे उठाया. अमित तिवारी ने ECI से शिकायत में आरोप लगाया कि CJP नेतृत्वक दल की तरह काम कर रही है और चंदा स्वीकार कर रही है, जबकि उसका पंजीकरण नहीं है. उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत कार्रवाई की मांग की. वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए कथित एक करोड़ रुपये के फंड को लेकर उन्होंने CBIC से कर देयता (Tax Liability) की जांच का अनुरोध किया है The post CJP को लेकर IB की सुरक्षा चिंता का दावा, पेपर लीक के मुद्दे से नेतृत्वक बहस तक पहुंचा मामला appeared first on Naya Vichar.

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बृजभूषण शरण सिंह को राहत, यौन उत्पीड़न केस में दिल्ली कोर्ट ने किया बरी

स्त्री पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है. अदालत ने उनके खिलाफ लगे आरोपों में उन्हें दोषमुक्त करार देते हुए राहत दी. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया. बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से स्त्री पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने के बाद खुशी जताई. उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को सम्मानपूर्वक बरी किया है. बृजभूषण ने कहा, “मैंने पहले दिन से कहा था कि अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप साबित हो जाए, तो मैं सबसे कड़ी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं. लेकिन आज अदालत ने हमें सम्मान के साथ बरी कर दिया.” बृजभूषण सिंह ने कहा कि उन्हें शुरू से ही भरोसा था कि सच की जीत होगी. उनके मुताबिक, जो बात उन्होंने मामले की शुरुआत में कही थी, वही आज सच साबित हुई. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खुशी का पल है और अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का विश्वास और मजबूत हुआ. बृजभूषण सिंह के बरी होने पर बेटे करण भूषण बोले- ‘यह सच और न्याय की जीत है’ बृजभूषण शरण सिंह के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने के बाद उनके बेटे और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने अदालत के फैसले का स्वागत किया. करण भूषण सिंह ने कहा, “मैं अदालत का धन्यवाद करता हूं. यह सच की जीत है. आज हम पूरे देश के सामने मजबूती से खड़े हैं. उस समय जो नेतृत्वक दल मेरे पिता के खिलाफ बोल रहे थे, क्या अब वे सामने आकर कहेंगे कि उनके साथ गलत हुआ था?” JMM सांसद महुआ माजी बोलीं- स्त्रीओं में निराशा बृजभूषण शरण सिंह के स्त्री पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करती हैं और न्यायपालिका के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहतीं. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस फैसले से कई स्त्रीओं और पहलवानों में निराशा है. महुआ माजी ने कहा कि लोगों के मन में जांच और जुटाए गए सबूतों को लेकर कई सवाल हैं. The post बृजभूषण शरण सिंह को राहत, यौन उत्पीड़न केस में दिल्ली कोर्ट ने किया बरी appeared first on Naya Vichar.

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छोटे कद वालों के लिए परफेक्ट हैं ये 3 क्रूजर बाइक्स, 1.21 लाख रुपये से शुरू होती है कीमत

कई बार हाइट कम होने के चलते कुछ लोगों को मोटरसाइकिल चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. भीड़-भाड़ वाले इलाकों में राइड करना काफी मुश्किल हो जाता है. यदि आपका कद छोटा है और आपको एक ऐसी क्रूजर बाइक की तलाश है, जिसे राइडिंग करते समय दोनों पैर आसानी से पहुंच जाएं, तो यहां हम आपके लिए 3 शानदार ऑप्शन लेकर आए हैं. सूची में बजाज, रॉयल एनफील्ड और कावासाकी की बाइक्स हैं, जिन्हें आप अपना साथी बना सकते हैं. इसके अलावा आपको ज्यादा बड़ा बजट भी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि कीमत 1.21 लाख रुपये से शुरू है. आइए सभी बाइकों के बारे में जानते हैं.  बजाज अवेंजर (Bajaj Avenger) सूची में पहले नंबर पर देश की पुरानी और पॉपुलर ब्रांड बजाज का नाम आता है, जिसका क्रूजर बाइक मार्केट में धूम मचाने के लिए जानी जाती हैं. यदि आप कम हाइट वाले हैं और इस कंपनी के फैन हैं, तो बजाज अवेंजर (Bajaj Avenger) आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम 1.21 लाख रुपये है. इसकी सीट हाइट 733 mm है, जो लो-हाइट वालों के लिए परफेक्ट है. इसपर दोनों पैर आसानी से टिक सकते हैं. यह क्रूजर बाइक लॉंग विंडशील्ड और लो-स्लंग स्टास के साथ क्लासिक और अट्रैक्टिव लुक देता है. इसमें 220 सीसी का इंजन मिलता है, जो 19 ps की ताकत और 17.55 nm का टॉर्क जेनरेट करता है.  रॉयल एनफील्ड मेटियोर 350 (Royal Enfield Meteor 350) दूसरे नंबर पर रॉयल एनफील्ड कंपनी की जबरदस्त क्रूजर बाइक मेटियोर 350 को हमने रखा है, जो कम हाइट वालों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है. हाइवे क्रूजिंग के लिए इससे बेस्ट बाइक किफायती बजट में शायद ही मिल सकता है. इंडियन टू-व्हीलर ऑटो मार्केट में इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 2 लाख रुपये है. इसकी सीट हाइट 765 mm है, जिसे छोटे कद वाले लोग ईजी से राइड कर सकते हैं. जाम या मार्केट वाले जगहों पर इसे आसानी से चलाया जा सकता है. इसमें 349 सीसी का इंजन लगा हुआ है, जो 20.2 bhp की ताकत और 27 nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है.  कावासाकी वालकैन एस (Kawasaki Valcone S) लिस्ट में नंबर तीन पर कावासाकी कंपनी की वालकैन एस का नाम है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 8.13 लाख रुपये है. हालांकि, यह बाइक आपकी बजट के हिसाब से ज्यादा हो सकती है, लेकिन लग्जरी और महंगी बाइकों के शौकीन लोगों के लिए बढ़िया ऑप्शन है. इसकी सीट हाइट मात्र 705 mm है, जो छोटे कद वालों के लिए परफेक्ट है. इसका मॉडर्न अर्बन डिजाइन, अलॉय व्हील्स और अंडर बेली एग्जॉस्ट अट्रैक्टिव लुक देते हैं. इसमें 649 सीसी का इंजन मिलता है, जो 61 ps की ताकत और 61 nm का टॉर्क जेनरेट करता है. ये भी पढ़ें:स्मार्ट की, रिवर्स मोड और 4 राइडिंग मोड… जानें इस इलेक्ट्रिक बाइक में और कौन-कौन से फीचर मिलते हैं The post छोटे कद वालों के लिए परफेक्ट हैं ये 3 क्रूजर बाइक्स, 1.21 लाख रुपये से शुरू होती है कीमत appeared first on Naya Vichar.

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आकिब नबी को पहली बार टेस्ट टीम में जगह, बुमराह की जगह शामिल हुए जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज

Auqib Nabi replaces Jasprit Bumrah: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका दौरे की टेस्ट सीरीज में नजर नहीं आएंगे. बाएं घुटने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की मेडिकल टीम ने उन्हें आराम देने की सलाह दी है. बुमराह के बाहर होने के बाद लंबे समय से यह चर्चा थी कि उनकी जगह किस तेज गेंदबाज को टीम में शामिल किया जाएगा. अब इस सवाल का जवाब मिल गया है. जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है. यह पहली बार है जब आकिब नबी को टीम इंडिया की टेस्ट टीम में जगह मिली है. BCCI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए उनके चयन की जानकारी साझा की. बुमराह की जगह संभालेंगे तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के सबसे अहम गेंदबाजों में शामिल हैं. उनके अनुभव और प्रदर्शन को देखते हुए उनकी अनुपस्थिति टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी पर भरोसा जताया है. नबी को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिंदुस्तानीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देने का मौका मिलेगा. टीम में पहले से मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जबकि आकिब नबी को अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने का अवसर मिलेगा. रणजी ट्रॉफी में दिखाया दम आकिब नबी के चयन के पीछे उनका घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन सबसे बड़ी वजह है. जम्मू-कश्मीर के लिए स्पोर्ट्सने वाले इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में कुल 104 विकेट हासिल किए हैं. 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में नबी ने अकेले 60 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उनकी घातक गेंदबाजी के दम पर जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट लेने की क्षमता और लंबे स्पेल डालने की काबिलियत ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया. इंडिया ए के साथ श्रीलंका दौरे पर भी किया था प्रभावित आकिब नबी इससे पहले इंडिया ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी जा चुके हैं. वहां उन्होंने दो चार दिवसीय मुकाबलों में हिस्सा लिया और कुल छह विकेट हासिल किए. विदेशी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का अनुभव उनके लिए श्रीलंका टेस्ट सीरीज में मददगार साबित हो सकता है. श्रीलंका दौरे के लिए बदली हुई हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम जसप्रीत बुमराह के बाहर होने और आकिब नबी के शामिल होने के बाद श्रीलंका दौरे के लिए हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम इस प्रकार है:- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरैल, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकिब नबी, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन. 4 अगस्त को श्रीलंका रवाना होगी टीम इंडिया हिंदुस्तानीय टीम श्रीलंका दौरे के लिए 4 अगस्त को रवाना होगी. दौरे की शुरुआत एक अभ्यास मुकाबले से होगी. टीम इंडिया 7 अगस्त से कोलंबो में तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच स्पोर्ट्सेगी. इसके बाद दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में स्पोर्ट्सा जाएगा. वहीं सीरीज का दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा. आकिब नबी के लिए यह दौरा उनके करियर का बड़ा मौका होगा. घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने पर होंगी. इसे भी पढ़े- आखिर सचिन तेंदुलकर के इस वीडियो में ऐसा क्या था? फ्रेंडशिप डे पर लाखों लोगों ने किया पसंद The post आकिब नबी को पहली बार टेस्ट टीम में जगह, बुमराह की जगह शामिल हुए जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज appeared first on Naya Vichar.

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Bankipur By Election Result: तीसरे राउंड की गिनती पूरी, 1162 वोटों से आगे निकले प्रशांत किशोर, आरजेडी को मिले केवल 767 वोट

Bankipur By Election Result: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में तीसरे राउंड के बाद जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है. पहले राउंड में वह 862 वोट से आगे थे. दूसरे राउंड के बाद यह अंतर बढ़कर 1161 वोट हो गया और तीसरे राउंड की गिनती के बाद पीके 1162 वोटों से आगे हैं. अब तक की गिनती में जन सुराज के प्रशांत किशोर को 5092 वोट मिले हैं. भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 3870 वोट मिले हैं. राजद की रेखा गुप्ता को सिर्फ 767 वोट मिले हैं. ECI के आंकड़े मुख्य मुकाबले से राजद पीछे तीसरे राउंड के रुझानों से साफ दिख रहा है कि इस समय मुकाबला जन सुराज और भाजपा के बीच सिमटता नजर आ रहा है. राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता काफी पीछे चल रही हैं और फिलहाल मुख्य मुकाबले से बाहर दिखाई दे रही हैं. प्रशांत किशोर के लिए अहम चुनाव यह चुनाव प्रशांत किशोर के नेतृत्वक सफर की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. इससे पहले नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और उससे पहले हुए चार विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. ऐसे में बांकीपुर का चुनाव पार्टी और प्रशांत किशोर दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है. चुनाव प्रचार में क्या कहा था पीके ने? प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान इस उपचुनाव को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रशासन के खिलाफ जनता की राय बताया था. उन्होंने कहा था कि अगर बांकीपुर में भाजपा हारती है तो इसका संदेश बिहार ही नहीं, दिल्ली तक जाएगा. 30 जुलाई को मतदान के बाद आए कई एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर की जीत की संभावना जताई गई थी. एएन कॉलेज में जारी है मतगणना बांकीपुर सीट की मतगणना पटना के एएन कॉलेज में चल रही है. कुल 31 राउंड में वोटों की गिनती पूरी होगी. हर राउंड के बाद चुनाव अधिकारी सभी 25 उम्मीदवारों को मिले वोटों की जानकारी सार्वजनिक कर रहे हैं. इस बार बांकीपुर में 35 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ. इस सीट के इतिहास में सबसे कम मतदान माना जा रहा है. अब सभी की नजर आगे आने वाले राउंड पर है. अंतिम नतीजा पूरी मतगणना खत्म होने के बाद ही घोषित किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: Bankipur By Election Result: बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम आज, प्रशांत किशोर की एंट्री से बदला समीकरण, आज मिलेगा नया विधायक The post Bankipur By Election Result: तीसरे राउंड की गिनती पूरी, 1162 वोटों से आगे निकले प्रशांत किशोर, आरजेडी को मिले केवल 767 वोट appeared first on Naya Vichar.

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Datia By Election Result Live: बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने किया जीत का दावा, कहा- विकास के एजेंडे पर जनता ने लगाई मुहर

Datia By Election Result Live: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में वोटों की गिनती जारी है. इस चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार आमने-सामने है. 30 जुलाई को हुए मतदान में दतिया सीट पर 71.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ The post Datia By Election Result Live: बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने किया जीत का दावा, कहा- विकास के एजेंडे पर जनता ने लगाई मुहर appeared first on Naya Vichar.

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