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Author name: Vinod Jha

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कुलगाम आतंकी हमला: मजदूरों की हत्या पर भड़के फारुक अब्दुल्ला, कहा- आतंकवाद खत्म हुआ तो मारने वाले कौन?

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद सियासत तेज हो गई है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख फारुक अब्दुल्ला ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने केंद्र प्रशासन के आतंकवाद खत्म होने के दावे पर भी सवाल उठाए हैं. फारुक अब्दुल्ला ने कुलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों की पहचान होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो चुका है, तो ऐसे हमले कौन कर रहा है? बीते 10 दिनों में दक्षिण कश्मीर में यह दूसरी ऐसी घटना है. इससे पहले अनंतनाग में एक हेड कांस्टेबल की हत्या कर दी गई थी और अब कुलगाम में दो मजदूरों को गोली मारकर हत्या कर दी गई है. हाल ही में एक पुलिस कॉन्स्टेबल और दो प्रवासी मजदूरों की हत्या हुई. अगर आतंकवाद खत्म हो गया है तो ये हमलावर कौन हैं? पूरी सीमा सुरक्षित होने का दावा किया जाता है, फिर ये लोग कहां से आ रहे हैं? 2019 के बाद कहा गया था कि हालात बदल जाएंगे, लेकिन क्या आतंकवाद वास्तव में खत्म हुआ है? हम सिर्फ अपने अधिकारों और सम्मान की बहाली चाहते हैं- नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला राज्य का दर्जा बहाली की मांग के बीच उठाया सवाल फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि हर बार जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तेज होती है, उसी दौरान ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. उन्होंने कहा कि इस हमले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाए कि इसके पीछे कौन लोग हैं. कुलगाम में क्या हुआ था? शुक्रवार (31 जुलाई) को कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर आतंकियों ने गोलीबारी कर दी. हमले में दीपक की मौके पर मौत हो गई, जबकि भूपिंदर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया. TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है, ने हमले की जिम्मेदारी ली है. घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. जम्मू कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों का मददगार गिरफ्तार जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के एक संदिग्ध मददगार को गिरफ्तार कर उसके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है. अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान ऐजाज अहमद गनाई के रूप में हुई है. गनाई को पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की एक संयुक्त टीम ने देर रात बारामूला के शीरी इलाके में गोरीवान में एक वाहन जांच चौकी से गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने ऐजाज के पास से एक पिस्तौल, 9 मिमी के 10 कारतूस, एक मैगजीन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है. Also Read: दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग The post कुलगाम आतंकी हमला: मजदूरों की हत्या पर भड़के फारुक अब्दुल्ला, कहा- आतंकवाद खत्म हुआ तो मारने वाले कौन? appeared first on Naya Vichar.

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यूरोपियन टूरिस्ट को लेकर जा रहा विमान पेरू में दुर्घटनाग्रस्त , 13 की मौत

यूरोपीय पर्यटकों को नाज्का लाइन्स ले जा रहा एक विमान पेरू के नाज्का शहर के बाहर खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में विमान पर सवार 13 लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी पीटीआई न्यूज एजेंसी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से दी है. नाज्का की एडमिनिस्ट्रेश ने बताया कि विमान ने शनिवार को पास के इका शहर से उड़ान भरी थी और इसका संचालन पेरू की विमानन कंपनी एरोडियाना कर रही थी. कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि वह पिछले 14 वर्षों से सेसना ग्रैंड कैरावान विमानों के माध्यम से ऐसी उड़ानों का संचालन कर रही है जिसमें पर्यटकों को हवाई मार्ग से प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल नाज्का लाइन्स दिखाया जाता है. नाज्का लाइन्स रेगिस्तान की सतह को खुरचकर बनाई गई विशाल भू-आकृतियों का समूह है, जिन्हें सैकड़ों वर्ष पहले पेरू के आदिवासी समुदायों ने बनाया था. ये आकृतियां विभिन्न जानवरों की हैं और इन्हें पूरी तरह केवल विमान या विशेष टावरों से ही देखा जा सकता है. पेरू के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में 18 से 54 वर्ष के सात इतालवी नागरिक, 52 वर्ष के दो स्पेनिश नागरिक और 77 तथा 78 वर्ष के दो जर्मन नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा विमान के पायलट अमेरिको सालाजार और सह-पायलट इरेन्का गुआनिलो डेल कार्पियो की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई. राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, अंतिम निर्णय संबंधित मंत्रालयों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा. पेरू के अधिकारियों ने बताया कि विमान दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. ये भी पढ़ें : ट्रंप ने टाला ईरान पर हमला, कहा- खाड़ी देशों के कहने पर रोकी सैन्य कार्रवाई The post यूरोपियन टूरिस्ट को लेकर जा रहा विमान पेरू में दुर्घटनाग्रस्त , 13 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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नशे के खिलाफ अभियान: बोले पीएम मोदी- सौ रविवार-100 मजबूत कदम, Gen-Z से किया सीधा संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नशा मुक्त युवा, विकसित हिंदुस्तान अभियान की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक चलेगा और हर रविवार देशभर में नशा मुक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इसका मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना है. अभियान की मुख्य बातें अगले 100 हफ्तों तक चलेगा नशा मुक्त युवा अभियान हर रविवार पूरे देश में जागरूकता कार्यक्रम होंगे नशे के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी हजारों करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं युवाओं, परिवारों और शिक्षकों से नशा मुक्ति अभियान में भाग लेने की पीएम मोदी ने अपील की नशा मुक्त हिंदुस्तान और विकसित हिंदुस्तान के निर्माण का लक्ष्य प्रशासन नशे के खिलाफ सख्ती से कर रही कार्रवाई पीएम मोदी ने कहा कि प्रशासन मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है. आज प्रशासन मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है. देश में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है; पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये की मादक वस्तुएं जब्त की गई हैं. यह दर्शाता है कि हमारी प्रशासन मादक पदार्थों के खिलाफ कितनी सख्त है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले पीएम मोदी- हर रविवार होगा नशा मुक्त हिंदुस्तान की ओर एक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और यह अभियान इस संकल्प को और मजबूत करेगा. आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त हिंदुस्तान की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे. पीएम मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने में उनकी सबसे अहम भूमिका होगी. देश को आपकी ऊर्जा, आपकी प्रतिभा और आपकी सोच की जरूरत है. इसलिए नशामुक्त रहना आपके भविष्य और देश दोनों के लिए जरूरी है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारों से की खुलकर बात करने की अपील प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर परिवार का कोई सदस्य नशे की लत का शिकार हो जाए तो उसे सामाजिक बदनामी के डर से छिपाने की बजाय इलाज कराना चाहिए. उन्होंने माता-पिता से बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करने की भी अपील की ताकि वे गलत रास्ते पर जाने से पहले ही संभल सकें. जब कोई युवा नशे की लत का शिकार हो जाता है, तो केवल उस व्यक्ति का ही नुकसान नहीं होता, एक सपना टूट जाता है. शत्रु राष्ट्र साजिश रचते हैं और हमारे युवाओं को नशे के जाल में घसीटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते. हमारे जैसे देश को तबाह करने के उद्देश्य से नशीले पदार्थों की आपूर्ति से मुनाफा कमाना उनकी आतंक-प्रेरित योजनाओं का हिस्सा है. हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए, अगर हमारे घर का कोई बच्चा नशे का शिकार हो गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में न छिपाएं. जरूरत पड़ने पर मदद लें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी की अपील प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और प्रोफेसरों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को नशे के नुकसान के बारे में भी जागरूक करें और कैंपस में नशा मुक्ति अभियान चलाएं. पीएम मोदी ने बताया कि इस अभियान से देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनएसएस और माई हिंदुस्तान के स्वयंसेवकों सहित एक करोड़ से ज्यादा युवा जुड़े हैं. आज स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हुए हैं. यहां तक ​​कि ‘माई हिंदुस्तान’ के लाखों स्वयंसेवक भी जुड़े हुए हैं. एनएसएस के जवान भी हमारे साथ जुड़ गए हैं. विभिन्न क्षेत्रों, संस्थानों और पृष्ठभूमियों के लोग- एक करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं. मैं आप सभी को इस बड़े अभियान के लिए बधाई देता हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री ने युवाओं से अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान किया है, उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना पर विश्वास जाहिर किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप सभी इस महान आंदोलन के नेता हैं. आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि हिंदुस्तान के युवा कितने जागरूक, समझदार और अपने कर्तव्यों के प्रति कितने गंभीर हैं. पीएम मोदी ने कहा कि इस अभियान के तहत हर रविवार को गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनका मकसद नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है. Also Read: दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग The post नशे के खिलाफ अभियान: बोले पीएम मोदी- सौ रविवार-100 मजबूत कदम, Gen-Z से किया सीधा संवाद appeared first on Naya Vichar.

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बसपा परिवार में घमासान : मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है. सिद्धार्थ के पास पहले चार राज्यों की कमान थी, जिसे शनिवार को ही वापस ले लिया गया था. मायावती ने साफ कर दिया कि अब सिद्धार्थ की बसपा में वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है. बार-बार चेतावनी और शर्तों के उल्लंघन का आरोप बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अशोक सिद्धार्थ को पहले भी महाराष्ट्र चुनाव के समय टिकट वितरण में गड़बड़ी करने और प्रदेश अध्यक्ष से तालमेल न रखने के कारण बाहर किया गया था. तब उन्हें इस शर्त पर वापस लिया गया था कि वे दोबारा गलती नहीं दोहराएंगे. उन्हें केवल दूसरे राज्यों का काम सौंपा गया था, लेकिन कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी उनके खिलाफ लगातार अनुशासनहीनता की शिकायतें मिलती रहीं. मीडिया की भ्रामक समाचारों और साजिश पर नाराजगी मायावती ने यह आरोप भी लगाया कि जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद अशोक सिद्धार्थ को उत्तर प्रदेश में नई जिम्मेदारी मिलने की झूठी समाचारें जानबूझकर मीडिया में फैलाई गईं. उनका मानना है कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करने और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के अभियान को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश थी. इसी कारण आंदोलन के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित करने का कड़ा कदम उठाना पड़ा. रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी गाज गिरी इसके साथ ही बसपा प्रमुख ने सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. बेनीवाल के पास पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी थी. मायावती के अनुसार उनके खिलाफ भी लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की शिकायतें आ रही थीं. पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की रक्षा के लिए उनका निष्कासन करना भी अत्यंत आवश्यक हो गया था. रामजी गौतम को नई जिम्मेदारी और संगठन का नया नियम पार्टी के संगठनात्मक फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पुनः पंजाब राज्य का प्रभारी बनाया गया है. वह पंजाब विधानसभा चुनाव और आने वाले लोकसभा चुनाव तक अपनी इस भूमिका को निभाते रहेंगे. बसपा नेतृत्व ने अब यह स्पष्ट नीतिगत फैसला लिया है कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला कोई भी वरिष्ठ पदाधिकारी, जो वर्तमान में दूसरे राज्यों में संगठन का काम संभाल रहा है, उसे उत्तर प्रदेश के अंदर पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. कार्यकर्ताओं से सावधान रहने और मीडिया से निष्पक्षता की अपील अंत में मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे शरारती तत्वों और षडयंत्रकारियों से पूरी तरह सावधान रहें, जो राज्य में बहुजन समाज पार्टी की पूर्ण बहुमत की प्रशासन बनाने के अभियान में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने मीडिया जगत से भी यह विशेष आग्रह किया कि वे बहुजन आंदोलन के खिलाफ रची जा रही साजिशों का जरिया न बनें और भ्रामक समाचारों का प्रचार करने से बचें ताकि सही तथ्य सामने आ सकें. यह भी पढ़े: डीजल चोरी का आतंक: 400 लीटर पार, पुलिस पर सवाल The post बसपा परिवार में घमासान : मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग

सूरत के आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दिपके के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. उन्होंने महाराष्ट्र प्रशासन से उनकी संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच करने की अपील की है. अमित तिवारी का कहना है कि जूनियर इंजीनियर के वेतन से अमेरिका में बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना कई सवाल खड़े करता है. तीन अलग-अलग जगहों पर दर्ज कराई शिकायत अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर तीन संस्थानों में शिकायत की हैं. उन्होंने हिंदुस्तानीय चुनाव आयोग (ECI), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और महाराष्ट्र प्रशासन से जांच की मांग की है. कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड को लेकर उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) से शिकायत की है और इस पर 18% GST लगाने की मांग की है. मैंने तीन अलग-अलग जगहों पर शिकायत दर्ज कराई है. सीजेपी के खिलाफ ईसीआई में शिकायत की गई है. वहीं, कपिल सिबल की ओर से दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड पर जीएसटी को लेकर सीबीआईसी से जांच की मांग की गई है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट सीजेपी के चंदे और पंजीकरण पर सवाल अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि सीजेपी नेतृत्वक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है, फिर भी चंदा स्वीकार कर रही है. उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए का हवाला देते हुए कहा कि नेतृत्वक गतिविधियां चलाने वाले संगठन को नियमानुसार पंजीकरण कराना चाहिए. अगर कोई संगठन नेतृत्वक दल की तरह काम कर रहा है और चंदा ले रहा है, तो उसे कानून के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है. हमने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट भगवानराव दिपके की संपत्ति जांच की मांग आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया कि भगवानराव दिपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे. उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में बच्चों की पढ़ाई का खर्च कैसे संभव हुआ. उन्होंने इसे संभावित रूप से आय से अधिक संपत्ति का मामला बताते हुए जांच की मांग की है. सीजेपी के आंदोलन और टिप्पणियों पर आपत्ति अमित तिवारी ने सीजेपी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत नीट पेपर लीक मुद्दे से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर की गई टिप्पणियां भी शामिल हो गईं, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है. (इनपुट- एएनआई) Also Read: कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK The post अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग appeared first on Naya Vichar.

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TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद

BPSC TRE-4 Notification: ‘BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’, यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. छात्र नेता ने क्या कहा? छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. क्यों वापस की गई अधियाचना? छात्र नेता दिलीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अधियाचना में कुछ त्रुटियां थीं, जिसकी वजह से अधियाचना वापस कर दी गई. इस दौरान छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की योग्यता पर सवाल भी खड़ा किया है. BSSC की नई अध्यक्ष को लेकर क्या बोले? इस दौरान छात्र नेता ने बीएसएससी की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी तक बीएसएससी का स्थाई अध्यक्ष ही नहीं था. इस वजह से काम करने में दिक्कत हो रही थी. हमने प्रशासन पर प्रेशर डाला और इसके बाद शोभा अहोतकर को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया गया. मैं उन्हें बचपन से जान रहा हूं. वह दरभंगा की एसपी रह चुकीं हैं. उस समय मैं 9वीं या 10वीं क्लास में था. उस समय से ही उनको जान रहा हूं. अब वह क्या करतीं हैं बीएसएससी के अध्यक्ष के रूप में, यह देखना होगा. आगे उन्होंने यह भी कहा, उम्मीद है कि वह कड़क मिजाज की और ईमानदार हैं तो अच्छा काम भी करेंगी. हम एक अच्छी पदाधिकारी के रूप में उन्हें जानते हैं. हम उनसे मिलने जायेंगे. लेकिन इनसे पहले जो चेयरमैन थे वे नहीं मिलते थे, ऐसे में उम्मीद है कि ये हमसे मिलेंगी. साथ ही छात्र नेता ने सीएम सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने एक अच्छी पदाधिकारी को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया है. शोभा अहोतकर से भी उम्मीद है कि वह बीएसएससी को साफ-सुथरा कर देंगी क्योंकि यह कलंकित है. Also Read:बिहार में रेलवे ट्रैक और पुलों की 24 घंटे होगी मॉनिटरिंग, अधिकारियों और कर्मचारियों को किया गया अलर्ट The post TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: पहले राजा दशरथ बनने पहुंचे थे ये एक्टर, फिर मेकर्स ने थमा दिया विश्वामित्र का रोल, सामने आई वजह

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. मोस्ट अवेटेड फिल्म दिवाली 2026 पर रिलीज होगी. इसमें रामायण के किरदार में रणबीर कपूर नजर आएंगे. यश रावण बने हैं और साई पल्लवी ने माता सीता का रोल निभाया है. वहीं राजा दशरथ का किरदार अरुण गोविल निभा रहे हैं. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि अभिनेता अजिंक्य देव ने पहले दशरथ के रोल के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन उन्हें आखिरकार विश्वामित्र का किरदार मिला. Ajinkya Deo Auditioned For Role Of King Dashrath: अजिंक्य देव ने राजा दशरथ के रोल के लिए दिया था ऑडिशन मिड-डे से बातचीत में अजिंक्य देव ने बताया, “शुरुआत में मैंने ‘रामायण’ के लिए ऑडिशन दिया था और उस वक्त मुझे राजा दशरथ के रोल के लिए टेस्ट किया गया था. ये करीब तीन साल पहले की बात है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ी, अरुण गोविल जी इस किरदार से जुड़ गए. मेरे हिसाब से उनसे बेहतर दशरथ कोई नहीं हो सकता था. इसके बाद मेकर्स ने मुझे विश्वामित्र का रोल ऑफर किया, जिसे मैंने बिना देर किए स्वीकार कर लिया, क्योंकि मुझे पता था कि ‘रामायण’ में इस किरदार की कितनी अहमियत है.” Ajinkya Deo On Vishwamitra Role: अजिंक्य देव को ऐसे मिला विश्वामित्र का रोल उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद मेरे कई लुक टेस्ट हुए और हर बार चीजें बेहतर होती गईं. मेकर्स भी मेरे लुक से काफी खुश थे. इतना बड़ा और प्रभावशाली किरदार मिलना मेरे लिए बेहद खास अनुभव था. जैसा कि ‘प्रथम संकल्प’ ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी कहा गया था, इस फिल्म के मुख्य किरदारों का चुनाव खुद भगवान की इच्छा से हुआ है.” Ajinkya Deo Happy Playing Role Of Vishwamitra: विश्वामित्र का किरदार निभाकर खुश हैं अजिंक्य देव एक्टर ने आगे बताया, “सच कहूं तो ये रोल मेरे पास अपने आप आया. मैं तो किसी और किरदार के लिए ऑडिशन दे रहा था, लेकिन आखिर में मुझे विश्वामित्र का रोल मिला. अब लगता है कि यही किरदार मेरी पर्सनैलिटी के हिसाब से सबसे ज्यादा फिट बैठता था और मेरे लिए यही सही चुनाव था.” VFX वाले सीन्स करने पर क्या बोले अजिंक्य देव उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शूटिंग शुरू होने से पहले उन्होंने कई वर्कशॉप्स अटेंड की थीं. VFX वाले सीन्स की शूटिंग को याद करते हुए उन्होंने कहा, “शुरुआत में इस तरह की शूटिंग की आदत डालना आसान नहीं था. कई जगह तय मार्कर्स लगे होते थे और बिल्कुल उसी जगह रुकना पड़ता था, क्योंकि बाद में पूरी विजुअल दुनिया VFX के जरिए तैयार की जानी थी. इसलिए शुरुआत में थोड़ा मुश्किल जरूर लगा, लेकिन धीरे-धीरे सब समझ आने लगा.” ये भी पढ़ें: मॉडर्न साड़ी, सैलून स्टाइल बाल…. रामायण में लारा दत्ता का कैकेयी लुक देख भड़के नेटिजन्स The post Ramayana: पहले राजा दशरथ बनने पहुंचे थे ये एक्टर, फिर मेकर्स ने थमा दिया विश्वामित्र का रोल, सामने आई वजह appeared first on Naya Vichar.

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नाग पंचमी कब मनाई जाएगी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व नाग देवता और भगवान शिव की आराधना को समर्पित है. वर्ष 2026 में नाग पंचमी तीसरे सावन सोमवार के दिन पड़ रही है, जिससे इस पर्व का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से नाग देवता और भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. नाग पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त नाग पंचमी पूजा: 17 अगस्त 2026, सोमवार पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:00 बजे से 8:10 बजे तक पंचमी तिथि प्रारंभ: 16 अगस्त 2026, शाम 4:55 बजे पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त 2026, शाम 5:00 बजे नाग पंचमी का धार्मिक महत्व भगवान शिव अपने गले में वासुकी नाग को धारण करते हैं. इसलिए नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि नाग पंचमी पर नाग देवता की विधिवत पूजा करने तथा शिवलिंग पर जल और कच्चे दूध से अभिषेक करने से कालसर्प दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की मान्यता है. साथ ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.  नाग पंचमी पूजा विधि प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या मुख्य द्वार पर मिट्टी, धातु अथवा चित्र के रूप में नाग देवता की स्थापना करें. नाग देवता तथा शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करें. रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प, धान का लावा (खील) तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें. पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” तथा “ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नः सर्पः प्रचोदयात्॥” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें. अंत में कपूर या दीपक जलाकर नाग देवता और भगवान शिव की आरती करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करें. यह भी पढ़ें: गजानन संकष्टी चतुर्थी आज: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, आरती, चंद्रोदय का समय The post नाग पंचमी कब मनाई जाएगी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK

Cauvery Water Dispute: कावेरी जल बंटवारे को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार रविवार को बेंगलुरु में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बैठक में राज्य की कानूनी और नेतृत्वक रणनीति तय करने पर चर्चा होगी. इसमें सभी नेतृत्वक दलों के नेता, कावेरी बेसिन क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. CWRC के आदेश के बाद बढ़ा विवाद यह बैठक कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के उस निर्देश के बाद बुलाई गई है, जिसमें तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक रोजाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है. आदेश के विरोध में कर्नाटक के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं. बीजेपी, किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थकों ने तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का विरोध किया है. प्रदर्शनकारियों ने राज्य प्रशासन से कर्नाटक के जल हितों की रक्षा करने की मांग की है. मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा है कि राज्य अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल करेगा. डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका कावेरी जल विवाद को लेकर डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पार्टी ने अदालत से कर्नाटक को तत्काल पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है. याचिका में मांग की गई है कि कर्नाटक प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) और कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेशों का पालन करे. डीएमके की प्रमुख मांगें कर्नाटक को प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश का पालन करना चाहिए. पानी की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए. कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण को जल निकासी की निगरानी करने का निर्देश दिया जाए. कावेरी विवाद पर कर्नाटक BJP अध्यक्ष की तमिलनाडु CM से अपील कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कावेरी जल विवाद को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को पत्र लिखा है. उन्होंने दोनों राज्यों से आपसी सहयोग और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. विजयेंद्र ने कहा कि कावेरी कर्नाटक और तमिलनाडु के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है. उन्होंने मेकेदातु परियोजना का समर्थन करने की भी अपील की और कहा कि इससे बेंगलुरु की पेयजल जरूरतें पूरी हो सकती हैं, जबकि तमिलनाडु के हितों का भी ध्यान रखा जा सकता है. उन्होंने दोनों राज्यों के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया. कावेरी विवाद क्या है? कावेरी जल विवाद कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर दशकों पुराना विवाद है. इसमें कर्नाटक और तमिलनाडु मुख्य पक्षकार हैं. खासकर कम बारिश वाले वर्षों में पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव काफी बढ़ जाता है. Also Read: केरल में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 की मौत, कई जिलों में हालात गंभीर The post कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK appeared first on Naya Vichar.

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प्रेम के लिए बदला धर्म, शाहजहां बनी प्रतीक्षा यादव,बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी

UP News: जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो ने प्रेम को अपना जीवनसाथी चुनते हुए धर्म परिवर्तन किया और प्रतीक्षा यादव बन गईं. इसके बाद उन्होंने बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में प्रतापगढ़ निवासी पवन यादव के साथ वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए. विवाह के बाद उन्होंने सनातन धर्म अपनाने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया. अगस्त्य मुनि आश्रम में पूरी हुई धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया जानकारी के अनुसार, जौनपुर के नाहरमऊ गांव निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो शनिवार को अपने प्रेमी पवन यादव के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचीं. यहां आचार्य केके शंखधार ने दोनों के जन्म और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की. दोनों के बालिग होने की पुष्टि के बाद धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई. गंगाजल से आचमन कराने के बाद शाहजहां का नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा गया और फिर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न कराया गया. दोनों जिलों के बीच सिर्फ 12 किलोमीटर की दूरी विवाह के बाद दंपति ने बताया कि भले ही उनके जिले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों गांवों के बीच केवल 12 किलोमीटर की दूरी है. लेकिन दोनों काफी समय से एक दूसरे को चाहते है | समय के साथ उनका प्रेम संबंध गहरा होता गया. प्रतीक्षा ने बताया कि वह बीए पास हैं, जबकि पवन यादव लखनऊ में टूर एंड ट्रेवल्स का व्यवसाय करते हैं. अब दोनों साथ मिलकर नया जीवन शुरू करेंगे. दो साल पहले अधूरी रह गई थी शादी आचार्य केके शंखधार ने बताया कि वर्ष 2024 में भी दोनों विवाह के उद्देश्य से आश्रम पहुंचे थे. उस समय शाहजहां बानो ने अपने भाई को बुलाने की बात कही थी ताकि परिवार की मौजूदगी में शादी हो सके. छोटी बहन की शादी के बाद निभाया अपना वादा आचार्य के अनुसार, भाई ने उस समय शाहजहां से कहा था कि यदि वह दूसरे धर्म में विवाह करेंगी तो छोटी बहन की शादी में परेशानी आ सकती है. इसके बाद दोनों वापस लौट गए थे. बाद में छोटी बहन का निकाह होने के बाद शाहजहां ने परिवार को अपने फैसले की जानकारी दी और अपने वादे के मुताबिक दोबारा आश्रम पहुंचकर धर्म परिवर्तन के बाद पवन यादव से विवाह कर लिया. Also Read: यूपी का रहस्यमयी गांव, जहां खुदाई में निकलते हैं शिवलिंग जैसे पत्थर, सदियों पुरानी मान्यता और भगवान शिव की आस्था का अनोखा केंद्र The post प्रेम के लिए बदला धर्म, शाहजहां बनी प्रतीक्षा यादव,बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी appeared first on Naya Vichar.

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